Table of Contents

(नोट:- समेकित नियमावली में संशोधनों का समावेश करने में पूर्ण सावधानी बरती गयी है तथापि सन्दर्भ हेतु सरकारी गजट का ही प्रयोग किया जाये)

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ

(एक) यह नियमावली उत्तर प्रदेश आबकारी (विदेशी मदिरा की माडल शाप के लिये फुटकर अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2003 कही जायगी।

(दो) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी।

2. परिभाषाएं

(1) जब तक विषय या संदर्भ से कोई बात प्रतिकूल न हो, इस नियमावली में—

(क) ‘‘अधिनियम’’ का तात्पर्य समय-समय पर यथा संशोधित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 से है;

(ख) ‘‘अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क’’ का तात्पर्य विदेशी मदिरा एवं बियर के अधिकतम फुटकर मूल्य को 10 रुपये के अगले गुणांक तक पूर्णांकित किये जाने के फलस्वरूप प्राप्त अन्तर की धनराशि से है, जो आसवनी/यवासवनी स्तर पर संदेय होगी तथा आसवनी/यवासवनी द्वारा थोक आपूर्तिकर्ता से एक्स डिस्टिलरी लागत/एक्स ब्रिवरी लागत के अतिरिक्त वसूलनीय होगी एवं जो थोक आपूर्तिकर्ता द्वारा फुटकर लाइसेंसधारी से अधिकतम थोक लागत के अतिरिक्त वसूल की जा सकेगी;

(ग) ‘‘प्रतिफल शुल्क’’ का तात्पर्य आबकारी अधिनियम की धारा 30 के अधीन विदेशी मदिरा, बियर, वाइन और कम तीव्रता के मादक पेय हेतु राज्य सरकार द्वारा यथानिर्धारित शुल्क से है, जो विदेशी मदिरा, बियर, वाइन और कम तीव्रता के मादक पेय की आपूर्ति से पूर्व लाइसेंसधारी द्वारा सरकारी कोषागार में जमा की जाएगी;

(घ) ‘‘दैनिक लाइसेंस फीस’’ का तात्पर्य सम्पूर्ण वर्ष के लिए निर्धारित लाइसेंस फीस के 1/365 वें भाग से है;

(ङ) निकाल दिया गया।

(च) ‘‘आबकारी वर्ष’’ का तात्पर्य दिनांक एक अप्रैल से प्रारम्भ होकर आगामी कैलेण्डर वर्ष के 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष से है;

(छ) ‘‘परिवार’’ का तात्पर्य इसमें दम्पति (पति या पत्नी), आश्रित पुत्र/पुत्रों, अविवाहित पुत्री/पुत्रियां और आश्रित माता-पिता सम्मिलित हैं;

(ज) ‘‘विदेशी मदिरा’’ का तात्पर्य भारत में आयातित स्प्रिट या मदिरा अथवा भारत में बनाई गई स्प्रिट या मदिरा से है और इस प्रकार परिष्कृत या रंजित स्प्रिट या मदिरा जिससे कि वह सुगंध या रंग में भारत में आयातित मदिरा के सदृश्य हो और उसमें माल्ट स्प्रिट, व्हिस्की, रम, ब्राण्डी, जिन, बोदका, वाइन और मदिरा (लिक्युअर) सम्मिलित हैं और इसमें भारत में किण्वित बीयर, ड्राट बीयर तथा कम तीव्रता के मादक पेय भी सम्मिलित है;

(झ) ‘‘प्रपत्र’’ का तात्पर्य इस नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र से है;

(ञ) ‘‘अधिक्रम’’ का तात्पर्य ई-लाटरी प्रक्रिया के माध्यम से लाइसेंसधारी के चयन के लिये कम्प्यूटर आधारित यादृच्छिकीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से दुकान आवंटन के आधार हेतु तात्पर्यित लाइसेंस फीस के अवरोही क्रम से है।

(ट) ‘‘व्यक्ति’’ का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो आवेदन करने के समय इक्कीस वर्ष की आयु से अन्यून, भारत का नागरिक हो;

(ठ) ‘‘लाइसेंस फीस’’ का तात्पर्य किसी माडल शाप में विदेशी मदिरा, बियर, वाइन, कम तीव्रता के मादक पेय के विक्रय के लिये एकान्तिक विशेषाधिकार के लाइसेंस प्रदान करने के प्रतिफल स्वरूप निकायवार यथानियत किसी धनराशि से है और बार की सुविधायें प्रदान करने के लिये, समय समय पर निर्धारित अतिरिक्त लाइसेंस फीस इसमें सम्मिलित होगी;

परन्तु यदि ऐसी दुकान का व्यवस्थापन/पुनर्व्यवस्थापन मध्य सत्र में अवशेष अवधि के लिये किया जाता है, तो दुकान के लिए लाइसेंस फीस की देयताओं का निर्धारण वर्ष की शेष आबकारी अवधि के समानुपातिक किया जायेगा;

(ड) ‘‘लाइसेंस प्राधिकारी’’ का तात्पर्य जिले के कलेक्टर से है;

(ढ) ‘‘पोर्टल’’ का तात्पर्य मदिरा विनिर्मित करने से लेकर उसके वितरण के अन्तिम स्तर तक की प्रक्रिया से सम्बन्धित विहित प्रपत्र में सूचना अपलोड किये जाने के प्रयोजनार्थ विनिर्दिष्ट रूप से सृजित इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म से है;

(ण) ‘‘मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व’’ का तात्पर्य आबकारी आयुक्त द्वारा जारी सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों के अनुसार लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा नियत और लाइसेंसधारी द्वारा फुटकर बिक्री के प्रयोजनार्थ किसी आबकारी वर्ष के किसी माह में अपनी फुटकर दुकान के लिये उठाये जाने हेतु प्रत्याभूत विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन और कम तीव्रता के मादक पेय से प्राप्त समतुल्य राजस्व से है;

(त) ‘‘प्रतिभूति धनराशि’’ का तात्पर्य लाइसेंस फीस के अनुसार राज्य सरकार द्वारा यथा निर्धारित धनराशि से है, जो जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिरवीकृत सावधि जमा रसीद के माध्यम से अथवा ई-पेमेन्ट के माध्यम से जमा की जायेगी तथा जो राज्य सरकार के समस्त दावों और देयों के अन्तिम निस्तारण के पश्चात् वापस किये जाने योग्य है;

परन्तु नवीकरण की स्थिति में पूर्व में नगद/ई-पेमेन्ट अथवा राष्ट्रीय बचत पत्र अथवा बैंक गारंटी के माध्यम से जमा की गयी प्रतिभूति तब तक स्वीकार्य होगी, जब तक इसकी वापसी न कर दी जाय;

(थ) ‘‘ऋणशोधन क्षमता’’ का तात्पर्य फुटकर लाइसेंस की स्वीकृति के लिये आवेदन करने हेतु आवेदक के लिये निर्धारित वित्तीय अर्हता के मानदण्ड से है;

(द) राज्य का तात्पर्य उत्तर प्रदेश राज्य से है;

(ध) ‘‘व्यवस्थापन’’ का तात्पर्य नवीकरण, ई-लाटरी अथवा ई-टेण्डर के माध्यम से दुकानों के व्यवस्थापन अथवा पुनर्व्यवस्थापन से है, जो समाचार पत्र एवं आबकारी विभाग की वेबसाइट के माध्यम से पूर्व नोटिस एवं संसूचना देकर सप्ताह के किसी दिन में हो सकता है। आगामी वर्ष के लिये दुकानों का व्यवस्थापन विगत वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व किया जा सकता है।

(2) इस नियमावली में परिभाषित किन्तु अधिनियम में परिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में क्रमशः उनके लिये समनुदेशित हैं।

3. फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन

(क) विदेशी मदिरा, बियर, वाइन और कम तीव्रता के मादक पेय की फुटकर बिक्री के लिये इस नियमावली के उपबन्धों के अधीन रहते हुये और माडल शॉप की लाइसेंस फीस और प्रतिमूति धनराशि के संदाय के अधीन रहते हुये उसमें यथा विनिर्दिष्ट नियत लाइसेंस फीस पद्धति द्वारा अथवा प्रस्ताव आमंत्रित कर व्यवस्थापन या पुनर्व्यस्थापन किया जायेगा।

(ख) परिसर के बाहर और परिसर में विदेशी मदिरा/ बियर/ वाइन/एल00बी0 के मुहरबन्द बोतलों/कैन्स/टेट्रा पैक्स की फुटकर बिक्री और परिसर में उपमोग के लिये ड्रॉट बीयर की फुटकर बिक्री के लिये लाइसेंस प्रपत्र वि00 4 (क) में स्वीकृत किया जायेगा और ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016 के अनुसार दुकानों पर उपभोग किये जाने के पश्चात् खाली हुई पेट/शीशे की बोतलों, कैन्स और टेट्रा-पैक्स एवं उन पर प्रयुक्त ढ़क्कनों को नष्ट करके निस्तारण करने का उत्तरदायित्व अनुज्ञापी/विक्रेता/आसवक का होगा।

(ग) सम्पूर्ण आबकारी वर्ष या उसके किसी भाग के लिये समय-समय पर राज्य सरकार के परामर्श से आबकारी आयुक्त उक्त अधिनियम की धारा-24 क के अधीन लाइसेंस फीस निर्धारित करेगा।

परन्तु यदि ऐसी दुकान का व्यवस्थापन/ पुनर्व्यवस्थापन मध्य सत्र में अवशेष अवधि के लिये किया जाता है, तो दुकान के लिए लाइसेंस फीस का अवधारण वर्ष की बाकी अवधि के अनुपात में किया जायेगा।

(घ) जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिरवीकृत राष्ट्रीय बचत पत्र/सावधि जमा रसीद के माध्यम से अथवा ई-पेमेंट द्वारा जमा प्रतिभूति धनराशि राज्य सरकार के समस्त दावों और देयों के अन्तिम निस्तारण के पश्चात् प्रतिसंदेय होगी।

4. माडल शाप के लिये आवेदन-पत्र

(क) जब कभी किसी क्षेत्र या स्थान में नया लाइसेंस स्वीकृत करना प्रस्तावित हो, लाइसेंस प्राधिकारी, दैनिक समाचार पत्रों, जिनका उस क्षेत्र में सर्वाधिक परिचालन हो, के माध्यम से व्यापक प्रचार करने और आबकारी विभाग की वेबसाइट (www.upexciseportal.in) के साथ-साथ जिला की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के पश्चात इस प्रयोजनार्थ आवेदन आमंत्रित करेगा।

(ख) माडल शाप्स, जिनकी लाइसेंस की स्वीकृति कलेक्टर द्वारा प्रस्तावित हो, को जिला आबकारी अधिकारी द्वारा एन०आई०सी० द्वारा विकसित किये गये शाप मास्टर पर अपलोड किया जायेगा, जिसके साथ दुकानवार लाइसेंस फीस, प्रतिभूति धनराशि और धरोहर धनराशि को प्रदर्शित करने वाली सूची कलेक्टर-कार्यालय, तहसील कार्यालय और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय और प्रभारी उप आबकारी आयुक्त कार्यालय में प्रदर्शित की जायेगी। यह सूचना आबकारी विभाग की वेबसाइट (www.upexciseportal.in) के साथ साथ प्रत्येक जिला की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जायेगा।

(ग) लाइसेंस की स्वीकृति के लिए आवेदन, समाचार-पत्रों में विज्ञापित समय अनुसूची के अनुसार ऑनलाइन जमा किये जायेंगे

(एक) ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र अथवा प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा निर्गत सम्पत्ति स्वामित्व प्रमाण-पत्र (दो) पैन कार्ड, (तीन) गतवर्ष की आयकर विवरणी की छायाप्रति (चार) विहित प्रारुप में शपथ पत्र (पॉच) धरोहर धनराशि के बैंक ड्राफ्ट की स्कैन कॉपी, जो सम्बन्धित दुकान के जिला के जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में जारी हों, को अपलोड करना अनिवार्य होगा।

राज्य सरकार द्वारा यथानिर्धारित दर से प्रसंस्करण फीस व उस पर देय मूल्य संवर्धित कर/माल और सेवा कर का भुगतान आन लाइन किया जायेगा।

(घ) आवेदन प्राप्ति के लिए नियत किया जाने वाला अन्तिम दिनांक, समाचार पत्रों और आबकारी विभाग की वेबसाइट (www.upexciseportal.in) में किए गए विज्ञापन में यथानियत दिनों की संख्या से पहले न होगा।

5. माडल शाप का परिसर

माडल शाप का परिसर नगर के व्यवसायिक क्षेत्र व अन्य क्षेत्रों, जो नगर निकाय की भॉति विकसित हो, में होगा। परन्तु माडल शाप के लिये अन्य आवश्यकतायें पूर्ण हों। माडल शाप का परिसर कम से कम छः सौ वर्गफुट कार्पेट क्षेत्र का होगा। यह पूर्णतः वातानुकूलित होना चाहिये। माडल शाप में प्रसाधन अनिवार्य है। पार्किंग के लिये पर्याप्त स्थान होना चाहिये। स्वच्छता के मानकों का पालन किया जाना आवश्यक होगा।

6. लाइसेंस की अवधि

लाइसेंस की अवधि एक आबकारी वर्ष अथवा उसके भाग, जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत किया गया है, होगी, किन्तु अगले आबकारी वर्ष हेतु लाइसेंसधारी का चयन इस नियमावली के नियम-9 के अनुसार किया जायेगा।

7. लाइसेंस का प्रदान किया जाना

इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंस, अधिमानतः ई-पेमेन्ट प्लेटफार्म, और सम्बंधित जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिरवीकृत सावधि जमा रसीद के माध्यम से अथवा ई-पेमेन्ट के माध्यम से प्रतिभूति धनराशि जमा करने पर लाइसेंस निर्गत किया जायेगा:

परन्तु नवीकरण की स्थिति में पूर्व में नगद/ई-पेमेन्ट अथवा राष्ट्रीय बचत पत्र अथवा बैंक गारण्टी के माध्यम से जमा प्रतिभूति तब तक स्वीकार्य होगी जब तक इसकी वापसी न कर दी जाये। लाइसेंसधारी से यह अपेक्षा की जायेगी कि वह उस जिले में ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र अथवा प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी निजी सम्पत्ति प्रमाण-पत्र की मूलप्रति प्रस्तुत करे, जहॉँ से उसे लाइसेंस स्वीकृति के समय जारी किया गया है।

8. आवेदक की पात्रता की शर्तें

माडल शाप के लाइसेंस के लिये पात्र आवेदकों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होगी-अर्थात्-

(क) आवेदन, एक व्यक्ति द्वारा हो जो भारत का नागरिक हो:

परन्तु नवीकरण की स्थिति में सह-आवेदक, यदि कोई हो, जो भारत का नागरिक हो, भी अनुज्ञात होगा।

भागीदार वाली फर्म अथवा कम्पनी माडल शाप के लाइसेंस की स्वीकृति के लिये अर्ह नहीं होगी। इसी प्रकार थोक विक्रेता अथवा आसवनी/यवासवनी तथा मदिरा/बीयर निर्माता भी किसी माडल शाप का लाइसेंस धारण करने के लिये पात्र नहीं होगा;

दुकान के आवंटन के पश्चात् आवेदक की प्रास्थिति में कोई परिवर्तन अनुज्ञात नहीं होगा। लाइसेंसधारी की मृत्यु की दशा में लाइसेंसधारी द्वारा दिये गये नामनिर्देशन शपथ पत्र (यदि कोई हो) के अनुसार विधिक वारिसों/परिवार के सदस्यों/निकट सम्बन्धियों के नाम, यदि अन्यथा अपात्र न हों, लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारक बने रहने के लिये नामनिर्देशन शपथ पत्र में उल्लिखित वरीयता के अनुसार विचारित किये जायेंगे: परन्तु मृतक लाइसेंसधारी के नामनिर्देशन शपथ पत्र की अनुपलब्धता की स्थिति में उसका विधिक वारिस यदि अन्यथा पात्र हो, लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारक बना रह सकता है।

परन्तु यह और कि यदि संयुक्त रूप से दो व्यक्तियों द्वारा लाइसेंस प्राप्त किया गया हो, तो किसी एक भागीदार की मृत्यु की स्थिति में जीवित व्यक्ति एवं उपर्युक्तानुसार चयनित मृत लाइसेंसधारी का नामनिर्देशिती अथवा विधिक वारिस, यदि अन्यथा पात्र हों, लाइसेंसधारक बना रह सकता है। दोनों व्यक्तियों के विधिक उत्तरदायित्वों में कोई भेद नहीं किया जायेगा, जो संयुक्त रुप से और अलग-अलग उत्तरदायी होंगे;

परन्तु यह और भी कि पूर्ववर्ती वर्षों से नवीकृत होती आ रहीं दो लाइसेंसों वाली दुकानों के मामले में नवीकरण के पूर्व ही किसी एक लाइसेंधारी की मृत्यु हो जाती है तथा उसके विधिक वारिस अथवा नामनिर्देशिती आवेदन नही देता है अथवा वह अनुपयुक्त पाया जाता है तो, आवेदन पत्र प्राप्त होने पर अन्य जीवित लाइसेंधारी के पक्ष में सम्बन्धित वर्ष हेतु दुकान की संपूर्ण प्रतिभूति, विहित दिनांक तक जमा करने के निर्बंधन के साथ दुकान का नवीकरण किया जाना अनुमन्य होगा। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर उस वर्ष की जमा प्रतिभूति नियमानुसार वापस की जायेगी।

परन्तु यह और भी कि यदि पूर्ववर्ती वर्षो से नवीकृत होती आ रहीं दो जीवित लाइसेंधारी वाली दुकानों का नवीकरण केवल दोनों ही लाइसेंधारियों के मध्य नवीकरण हेतु सहमति की दशा में ही किया जायेगा। सहमति न होने की दशा में नवीकरण किया जाना अनुमन्य नही होगा।

(ख) आवेदन पत्र प्राप्त किये जाने के लिये नियत अवधि के प्रथम दिवस पर इक्कीस वर्ष की आयु से अधिक हो;

(ग) अधिनियम के उपबन्धों या तद्धीन बनायी गयी किसी नियमावली के अधीन आबकारी लाइसेंस धारण करने करने के लिये व्यतिक्रमी/काली सूची में न हो या विवर्जित न किया गया हो। कोई व्यक्ति, जो आबकारी अपराध के लिये दोषसिद्ध पाया गया हो, लाइसेंस धारण करने से स्वतः विवर्जित हो जायेगा जब तक कि उसे सक्षम न्यायालय द्वारा पूर्णतः और अन्तिम रूप से दोषमुक्त न किया गया हो;

(गग) आवेदक किसी एक दुकान के लिए स्वयं के नाम से मात्र एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाने के लिए पात्र होगा:

परन्तु नवीकरण की स्थिति में आवेदक एवं सह-आवेदक दोनों पात्र होगें और नवीकरण हेतु दोनों की सहमति आवश्यक होगी;

(घ) निम्नलिखित की पुष्टि में पब्लिक नोटरी द्वारा सम्यक रूप से सत्यापित शपथ-पत्र प्रस्तुत करेगा, अर्थात :-

(एक) यह कि उसके पास समय-समय पर यथासंशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी की दुकानों की संख्या एवं स्थिति नियमावली, 1968 के उपबन्धों के अनुसार उस स्थान पर माडल शाप खोलने हेतु उपयुक्त परिसर है अथवा उसने किराये पर उस स्थान पर उपयुक्त परिसर का प्रबन्ध किया है;

(दो) यह कि उसके दुकान का प्रस्तावित परिसर किसी विधि अथवा नियमों का उल्लंघन करके निर्मित नहीं किया गया है;

(तीन) यह कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनकी कोई अपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है और संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनिमय, 1910 या स्वापक ओषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अधीन दण्डनीय किसी अपराध या किसी अन्य संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध के लिये दोषसिद्ध नहीं किया गया हो;

(चार) यह कि लाइसेंसधारी के रूप में उसके चयनित हो जाने की दशा में जिला, जहाँ का निवासी है, के जिला कलेक्टर या सम्बन्धित जिला के पुलिस अधीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरी के पुलिस आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट, सहायक पुलिस आयुक्त की पंक्ति के अनिम्न अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र लाइसेंस निर्गत होने के पूर्व यह दर्शाते हुये प्रस्तुत करना होगा कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यो का नैतिक चरित्र अच्छा है एवं उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि या आपराधिक अभिलेख नहीं है;

(पॉच) यह कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को विक्रेता या प्रतिनिधि के रूप में नियोजित नहीं करेगा जिसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी, जैसा कि उपरोक्त खण्ड-(तीन) में उल्लिखित है या जो किसी संक्रामक या छुआ-छूत रोग से ग्रसित हो या इक्कीस वर्ष से कम आयु का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी जिला आबकारी अधिकारी से राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर यथाविहित फीस संदाय करने पर अपने प्राधिकृत विक्रेता/प्रतिनिधि का फोटोयुक्त नौकरनामा प्राप्त करेगा;

(छः) यह कि उस पर किसी सार्वजनिक देयों का या सरकारी देयों का बकाया नहीं है;

(सात) यह कि वह ऋणशोधक्षम है और आवश्यक निधि रखता है या कारोबार के संचालन के लिये आवश्यक निधि का प्रबन्ध कर लिया है, जिसका ब्यौरा, यदि अपेक्षित होगा, तो लाइसेंस प्राधिकारी को उपलब्ध करा देगा;

(आठ) यह कि आवेदक बार काउसिंल से रजिस्ट्रीकृत अधिवक्ता नहीं है। यदि लाइसेंस प्राप्त कर लेने के पश्चात् उसे बार काउसिंल में रजिस्ट्रीकृत अधिवक्ता पाया जाता है तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जायेगा। राज्य सरकार का कर्मचारी लाइसेंस स्वीकृति हेतु आवेदन करने के लिये भी अनर्ह होगा;

(नौ) यह कि लाइसेंसधारी के रुप में चयन हो जाने पर ऐसे चयन के 48 घंटे के भीतर धरोहर धनराशि का बैंक ड्रॉफ्ट, जिसे आन-लाइन आवेदन के साथ अपलोड किया गया हो, को जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय में जमा कर दिया जायेगा;

(दस) यह कि उसने धरोहर धनराशि के बैंक ड्राफ्ट का प्रयोग इस चरण में किसी अन्य दुकान के आवेदन हेतु नही किया है;

(ङ) राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से आबकारी आयुक्त द्वारा यथा निर्धारित धरोहर धनराशि का बैंक ड्रॉफ्ट, जो सम्बन्धित दुकान के जिला के जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में जारी हो, की स्कैन प्रति आनलाइन आवेदन के साथ आवेदक द्वारा अपलोड की जायेगी।

लाइसेंसधारी के रूप में चयन हो जाने की दशा में धरोहर धनराशि का बैंक ड्राफ्ट चयन के पश्चात् अड़तालीस घंटे के भीतर सम्बन्धित जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय में जमा करना आवश्यक होगा, जिसे आवेदक को सभी देयताओं के भुगतान के पश्चात् वापस कर दिया जायेगा;

(च) यह कि आवेदक ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र या किसी प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी निजी सम्पत्ति प्रमाण-पत्र का धारक हो एवं ऋणशोधन क्षमता तथा प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी निजी सम्पति प्रमाण पत्र की क्षमता जिला में आवेदित दुकान का लाइसेंस प्रदान करने के लिए अवधारित लाइसेंस फीस की धनराशि से कम नही होगी;

परन्तु नवीकरण की स्थिति में गत वर्ष के व्यवस्थापन के दौरान प्रस्तुत किये गये ऋणशोधन क्षमता प्रमाण-पत्र अथवा प्राधिकृत किसी आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी सम्पत्ति स्वामित्व प्रमाण पत्र, यदि यह विधिमान्य एवं अपेक्षित धनराशि के लिए है, प्रतिग्राहय होंगे।

9. लाइसेंसधारी का चयन

(1)(क) किसी दुकान के लिए लाइसेंसधारी का चयन ई-लाटरी, ई-नवीकरण तथा ई-टेण्डर की तीन प्रक्रियाओं में से किया जायेगा जो उस विशिष्ट वर्ष हेतु विनिर्दिष्ट हो।

(ख) राज्य सरकार द्वारा किसी विशिष्ट वर्ष हेतु नवीकरण की प्रक्रिया विनिर्दिष्ट न किये जाने की स्थिति में लाइसेंसधारियों का दुकानवार चयन, आनलाइन आवेदन आमंत्रित कर राज्य सरकार द्वारा यथा विनिर्दिष्ट ई-लाटरी अथवा/तथा ई-टेण्डर की प्रक्रिया के माध्यम से किया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा ई-नवीकरण विनिर्दिष्ट किया जाता है किन्तु लाइसेंसधारी द्वारा नवीकरण का अनुरोध नहीं किया जाता या नवीकरण हेतु पात्र नहीं पाया जाता है तो, ऐसी स्थिति में भी पूर्वोल्लिखित ई-लाटरी अथवा/तथा ई-टेण्डर प्रक्रिया अपनायी जायेगी। जिला आबकारी अधिकारी, आनलाइन प्राप्त आवेदनों की संवीक्षा करेगा और ग्राह्य एवं अग्राह्य आवेदनों की सूची, अग्राह्यता के कारणों को वर्णित करते हुए तैयार करेगा और इस सूची को ई-लाटरी एवं ई-टेण्डर हेतु जिला स्तरीय लाइसेंस समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा, जो निम्नानुसार होगी:-

(एक)

जिला का कलेक्टर

अध्यक्ष

(दो)

सम्बन्धित जिला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरी के पुलिस आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट एक अधिकारी, जो सहायक पुलिस आयुक्त के अनिम्न रैंक का हो।

सदस्य

(तीन)

आबकारी आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट आबकारी विभाग का एक राजपत्रित अधिकारी

सदस्य

(चार)

जिला का जिला आबकारी अधिकारी

सदस्य/सचिव

(ग) यदि दुकान का नवीकरण कर दिया गया हो और नवीकरण शुल्क जमा करने के पश्चात यदि किसी लाइसेंस धारी की मृत्यु हो जाती है और उसके किसी विधिक वारिस अथवा नामनिर्देशिती द्वारा उक्त लाइसेंस के संचालन हेतु आवेदन नहीं दिया जाता है अथवा किसी वारिस/नामनिर्देशिती को इस हेतु पात्र नहीं पाया जाता है तो नवीकरण हेतु जमा धनराशि (प्रासेसिंग फीस को छोड़कर) विधिक वारिस को प्रतिदाय कर दिया जायेगा।

(2) ई-लाटरी की स्थिति में पात्र आवेदकों में से नियम-(2)(1)(त्र) में यथापरिभाषित प्रत्येक श्रेणी में अधिक्रम के अनुसार देशी मदिरा दुकानों, माडल शाप, कम्पोजिट दुकानों तथा भांग की दुकानों के क्रम में दुकानवार लाइसेंसधारी का चयन कम्प्यूटर आधारित यादृच्छिक विन्यास के माध्यम से किया जायेगा।

(3) यदि लाइसेंसधारी का चयन ई-टेण्डर के माध्यम से किया जाता है तो टेण्डर/आफर आमंत्रित करने की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट की जायेगी।

(4) सम्पूर्ण राज्य में किसी व्यक्ति को सभी श्रेणी की देशी मदिरा दुकानों, माडल शाप, कम्पोजिट दुकानों एवं भांग की दुकानों सहित दो से अधिक दुकानें आवंटित नहीं की जायेंगी।

(2) ई-लाटरी की स्थिति में पात्र आवेदकों में से नियम-(2)(1)(त्र) में यथापरिभाषित प्रत्येक श्रेणी में अधिक्रम के अनुसार देशी मदिरा दुकानों, माडल शाप, कम्पोजिट दुकानों तथा भांग की दुकानों के क्रम में दुकानवार लाइसेंसधारी का चयन कम्प्यूटर आधारित यादृच्छिक विन्यास के माध्यम से किया जायेगा।

(3) यदि लाइसेंसधारी का चयन ई-टेण्डर के माध्यम से किया जाता है तो टेण्डर/आफर आमंत्रित करने की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट की जायेगी।

(4) सम्पूर्ण राज्य में किसी व्यक्ति को सभी श्रेणी की देशी मदिरा दुकानों, माडल शाप, कम्पोजिट दुकानों एवं भांग की दुकानों सहित दो से अधिक दुकानें आवंटित नहीं की जायेंगी।

परन्तु यह कि नवीकरण/नामांतरण के मामलों में पूर्वोक्त निर्बन्धन विधिक वारिस/परिवार के सदस्य/निकट सम्बन्धी के पक्ष में लागू नहीं होगा।

परन्तु यह और कि यदि किसी आवेदक के पक्ष में राज्य में दो या दो से अधिक दुकानों का नवीकरण किया गया हो अथवा पहले से ही व्यवस्थापित हो, वह ई-लाटरी/ ई-टेण्डर के माध्यम से दुकानों के अग्रतर आवंटन हेतु पात्र नहीं होगा/होगी।

(5) ई-लाटरी अथवा ई-नवीकरण अथवा ई-टेण्डर के माध्यम से लाइसेंसधारी के रूप में चयनित व्यक्ति के लिए लाइसेंस फीस और प्रतिभूति राज्य सरकार द्वारा समय-सारिणी में एवं विनिर्दिष्ट रीति से जमा करना तथा अन्य सभी विनिर्दिष्ट औपचारिकताएं पूरी करना तथा विहित समयावधि के भीतर उपयुक्त दुकान परिसर की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। यदि चयनित व्यक्ति उपर्युक्त्त का अनुपालन नहीं करता है तो लाइसेंस प्राधिकारी

आवंटन/लाइसेंस को निरस्त कर देगा और दुकान के पुर्नव्यवस्थापन हेतु राज्य सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट आवश्यक कदम उठायेगा।

(6) यदि किसी विशिष्ट दुकान के लिए यथा स्थिति ई-लाटरी, ई-नवीनीकरण अथवा ई-टेण्डर प्रक्रिया में कोई आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हो या किसी दुकान के लिए कोई अभ्यर्थी उपयुक्त नहीं पाया जाये तो लाइसेंस प्राधिकारी दुकान के पुर्नव्यवस्थापन हेतु राज्य सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट प्रकिया के माध्यम से तत्काल कदम उठायेगा।

10. लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि का भुगतान

यदि किसी आवेदक को लाइसेंसधारी के रुप में चयनित किया जाता है तो अपने चयन की सूचना की प्राप्ति के तीन कार्य दिवसों के भीतर लाइसेंस फीस की सम्पूर्ण धनराशि जमा करेगा। उससे यह अपेक्षा की जायेगी कि वह प्रतिभूति धनराशि का आधा भाग अपने चयन होने की सूचना के दस कार्यदिवसों के भीतर और अवशेष प्रतिभूति धनराशि अपने चयन होने की सूचना के बीस कार्य दिवसों के भीतर जमा कर दे। आवेदक द्वारा लाइसेंस फीस का समस्त भुगतान अधिमानतः ई-पेमेन्ट के माध्यम से किया जायेगा एवं प्रतिभूति धनराशि जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिरवीकृत सावधि जमा रसीद के माध्यम से अथवा ई-पेमेन्ट के माध्यम से जमा की जायेगी। परन्तु नवीकरण की स्थिति में पूर्व में नकद अथवा राष्ट्रीय बचत-पत्र अथवा बैंक गारंटी के माध्यम से जमा की गयी प्रतिभूति तब तक स्वीकार्य होगी, जब तक इसकी वापसी न कर दी जाय।

परन्तु यह कि प्रतिभूति धनराशि विहित अवधि के भीतर जमा नही की जाती है तो, रु. 2000/- प्रति दिवस की दर से शास्ति अधिरोपित होगी। शास्ति सहित प्रतिभूति धनराशि जमा करने हेतु मात्र 15 दिवस की अवधि अनुमन्य होगी।

परन्तु यह और कि यदि आवेदक नियत समयावधि के भीतर लाइसेंस फीस या प्रतिभूति धनराशि जमा करने में विफल रहता है तो उसका चयन निरस्त हो जायेगा;

अनुवर्ती वर्ष में दुकान का लाइसेंस, लाईसेंसधारी की इच्छा पर राज्य सरकार द्वारा यथा निर्धारित मानदण्ड के अनुसार नवीकृत किया जा सकेगा। नवीकरण हेतु लाइसेंस फीस एवं प्रतिभूति के अन्तर की धनराशि राज्य सरकार द्वारा यथा विनिर्दिष्ट निर्धारित अवधि में जमा की जायेगी:

परन्तु यह कि प्रतिभूति धनराशि विहित अवधि के भीतर जमा नही की जाती है तो, रु. 2000/- प्रति दिवस की दर से शास्ति अधिरोपित होगी। शास्ति सहित प्रतिभूति धनराशि जमा करने हेतु मात्र 15 दिवस की अवधि अनुमन्य होगी।

परन्तु यह और कि यदि वह नियत समयावधि के भीतर लाइसेंस फीस या प्रतिभूति धनराशि जमा करने में विफल रहता है तो उसके लाइसेंस का नवीकरण निरस्त हो जायेगा;

परन्तु यह भी कि ई लाटरी/ई टेण्डर के माध्यम से लाइसेंस व्यवस्थित होने की दशा में, उसकी धरोहर धनराशि तथा लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि, यदि उसके द्वारा जमा की गयी है, तथा लाइसेंस के नवीकृत होने की दशा में उसकी गत वर्ष की जमा प्रतिभूति का 15 प्रतिशत तथा नवीकरण फीस व लाइसेंस फीस, यदि उसके द्वारा जमा की गयी हो, राज्य सरकार के पक्ष में समपहृत कर ली जायेगी और उक्त दुकान को तत्काल सरकार द्वारा यथाविहित रीति से पुनर्व्यवस्थापित कर दिया जायेगा।

11. व्यवस्थित की गयी दुकान का विवरण

जिला आबकारी अधिकारी, व्यवस्थापन के 15 दिन अथवा 15 अप्रैल, जो भी बाद में हो, के भीतर व्यवस्थित की गयी दुकानों का विवरण आबकारी आयुक्त को भेजेगा, जिसमें लाइसेसधारियों के नाम और पते, दुकानों की जियो टैगिंग और जियो फेन्सिंग, प्रतिभूति धनराशि एवं लाइसेंस फीस के रूप में जमा की गयी राशि का विवरण आबकारी विभाग की वेबसाइट (www. -upexcise.in) पर अपलोड किये जाने के अतिरिक्त विहित रजिस्टर में दर्ज किया जायेगा।

12. मदिरा/बीयर का उठान

(क) इस नियमावली के अधीन लाइसेंसधारी विदशी मदिरा और बियर के लागत मूल्य का पूर्ण भुगतान, जिसके अन्तर्गत सभी कर, प्रतिफल शुल्क (अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क सहित), जो समय-समय पर उद्ग्रहीत किये जाय, जमा करने के पश्चात् जिले के किसी थोक लाइसेंसधारी (वि00-2/2ख) से विदेशी मदिरा और बियर के समस्त प्रचलित रजिस्ट्रीकृत ब्राण्डों की पर्याप्त आपूर्ति प्राप्त करेगा। यदि सम्बन्धित जिला में (वि00-2/वि00-2ख) लाइसेंस स्वीकृत नहीं है, तो लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त की पूर्वानुमति से अन्य जिला जिलों के थोक बिक्री लाइसेंस (वि00-2/वि00-2ख) से विदेशी शराब (वाइन सहित) और बीयर और कम तीव्रता के साथ मादक पेय के साथ आपूर्ति प्राप्त करेगा। किसी जिला में अपर्याप्त आपूर्ति की स्थिति में जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी आयुक्त से आदेश प्राप्त कर 24 घण्टे के अन्दर आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

(ख) लाइसेंसधारी को, उपभोक्ताओं की मौसमी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ बाजार में नकली, आपूर्ति के किन्ही अवसरों को दूर करने हेतु स्थिर तथा निरन्तर गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए लगातार विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय (एल00बी0) का उठान करना अनिवार्य होगा। उसे निरन्तर, पोर्टल पर लिखित मॉगपत्र अथवा संदेश थोक विक्रेता को प्रस्तुत करना होगा। उपरोक्त आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु लाइसेंसधारी को कम से कम शासन द्वारा विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय (एल00बी0) का किसी माह हेतु निर्धारित प्रतिफल शुल्क के समतुल्य की विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय (एल00बी0) की मात्रा का उठान करना बाध्यकारी होगा;

(ग) (एक) यदि लाइसेंसधारी किसी माह में कम से कम अपने मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के समतुल्य मदिरा (विदेशी मदिरा, बियर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय) का उठान करने में विफल रहता है तो उससे सम्बन्धित माह के बकाया राजस्व के समतुल्य 10 दिवस के भीतर अतिरिक्त प्रतिभूति जमा करने की अपेक्षा की जायेगी, जिसमें विफल रहने पर लाइसेंस स्वतः निरस्त हो जायेगा और बकाया राजस्व की नियमानुसार वसूली की अग्रतर कार्यवाही आरम्भ की जायेगी। दुकान पर अविक्रीत स्टाक जब्त कर लिया जायेगा।

(दो) अतिरिक्त प्रतिभूति नियत समय के भीतर जमा करने और गत माह के मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व में कमी के बराबर मदिरा उठाने में विलम्ब मर्षण के पश्चात् लाइसेंसधारी को गतमाह के बकाया राजस्व के साथ चालू माह के न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व का उठान अनुमन्य होगा।

(तीन) इस प्रकार जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति, अगले माह के मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व सहित गत माह में इस प्रकार हुयी कमी के बराबर मदिरा का उठान किये जाने के पश्चात् वापस कर दी जायेगी।

(चार) यदि लाइसेंसधारी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले एक या अधिक माह के मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के बराबर मदिरा का उठान करने में विफल रहता है तो उसके द्वारा जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति एवं प्रतिभूति राजस्व की ऐसी कमी के सापेक्ष समायोजित कर ली जायेगी और शेष प्रतिभूति वापस कर दी जायेगी।

यदि जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति और प्रतिभूति राजस्व में कमी के सापेक्ष समायोजन के लिए अपर्याप्त हो तो शेष राजस्व की वसूली उसी प्रकार से की जायेगी मानों यह भू-राजस्व का बकाया हो।

(घ) (एक) अपनी दुकान के मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व का आंशिक भाग, जिसे वह उठाने में सक्षम न हो, अन्य दुकान अथवा दुकानों को अन्तरित करना चाहने वाले लाइसेंसधारी को, किसी आबकारी जिला के भीतर मासिक आधार पर ऐसे अंश (कोटा) का ऐसा अंतरण करने की अनुज्ञा प्रदान की जा सकती है।

परन्तु यह कि संबंधित माह/त्रैमास के बकाया राजस्व के समतुल्य अतिरिक्त प्रतिभूति समयांतर्गत जमा करने की दशा में अगले माह हेतु निर्धारित राजस्व के समतुल्य उठान और पिछले माह/त्रैमास तक के बकाया राजस्व के समतुल्य उठान लाइसेंसधारी द्वारा किया जा सकेगा। किसी माह/त्रैमास के लिए अवधारित कुल राजस्व के समतुल्य उठान कर लिये जाने पर पूर्व में जमा अतिरिक्त प्रतिभूति जिला आबकारी अधिकारी द्वारा अन्य कोई बकाया शेष न रहने की स्थिति में तुरन्त वापस कर दी जायेगी। अगले माह/त्रैमास में पिछले माह/त्रैमास के बकाया राजस्व सहित अपेक्षित राजस्व के समतुल्य उठान न करने पर प्रशमन की कार्यवाही की जायेगी।

(दो) अंतरणकर्ता लाइसेंसधारी, अंतरिती लाइसेंसधारी की सहमति से जिला के जिला आबकारी अधिकारी से अनुरोध करेगा। अंतरण की निबन्धनों का विनिश्चय, दोनों अंतरणकर्ता और अंतरिती लाइसेंसधारियों द्वारा पारस्परिक रुप से किया जायेगा।

(तीन) अंतरणकर्ता लाइसेंसधारी के अनुरोध का अनुमोदन किये जाने पर उसके द्वारा अंतरित किये जाने हेतु करारकृत कोटा को उसके मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व में से घटा दिया जायेगा और उसे उठा लिया गया समझा जायेगा तथा उसे अंतरिती लाइसेंधारी के लेखा में अंतरित मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के रुप में जोड़ दिया जायेगा। यह मात्रा अंतरिती लाइसेंसधारी के मूल मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के अतिरिक्त होगी और उसका मूल कोटा उठाये जाने से सम्बन्धित उसका दायित्व प्रभावित नहीं होगा:

परन्तु यह कि इस उपबन्ध के अधीन अंतरित कुल कोटा, अंतरणकर्ता लाइसेंसधारी के मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

13. अधिकतम फुटकर मूल्य

विदेशी शराब की बोतलों के लेबिलों पर राज्य सरकार की अनुमति से आबकारी आयुक्त द्वारा यथा निर्धारित अधिकतम् बिक्री मूल्य अंकित होगा। लाइसेंसधारी बोतलों के लेबिलों पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य उपभोक्ताओं से नहीं लेगा। अधिकतम फुटकर मूल्य (एम.आर.पी.) से अधिक मूल्य प्रभारित किये जाने की दशा में वह नियम-17 के अधीन दण्डनीय होगा।

14. बिक्री के घन्टे एवं दुकानों की बन्दी

अनुज्ञापित परिसर, 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गॉधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा निश्चित तीन और दिवसों के अतिरिक्त, सभी दिवसों पर मध्यान्ह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक बिक्री के लिए खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी कानून और व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित गतिविधियों के लिए सम्बन्धित कानून के प्राविधानों के अधीन दुकान की बन्दी का आदेश दे सकता है। उपरोक्त आधार पर दुकान की बन्दी के लिए कोई प्रतिकर देय नहीं होगा:

परन्तु यह कि विशेष अवसरों पर कतिपय अवधि के लिए बिक्री के घंटों में, जैसा कि राज्य सरकार उचित समझे, परिवर्तन किया जा सकेगा।

15. लाइसेंस की अवधि की समाप्ति पर अबिक्रीत स्टाक

लाइसेंस की अवधि की समाप्ति पर अवशेष और अविक्रीत पायी गयी विदेशी मदिरा/बीयर/वाइन/कम तीव्रता के मादक पेय की मात्रा के अतिशेष की घोषणा, लाइसेंसधारी ब्राण्डवार, धारितावार, तीव्रतावार एवं पैकेजिंगवार जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष अगले दिन 12 बजे तक की जायेगी और लाइसेंस की समाप्ति के अगले दिन 5.00 बजे अपरान्ह तक जिला के थोक बिक्रेता को वापस की जायेगी। अवशेष स्टाक का रजिस्टर पृथक से अनुरक्षित किया जायेगा। साथ ही अवशेष स्टाक को जिला आबकारी अधिकारी द्वारा पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। ऐसे स्टाक का निस्तारण राज्य सरकार द्वारा यथा विहित रीति से किया जायेगा।

16. लाइसेन्स का अभ्यर्पण

कोई लाइसेन्सधारी अधिनियम की धारा 36 के उपबन्धों के अधीन लाइसेन्स प्राधिकारी को कम से कम एक माह की लिखित नोटिस के पश्चात् अपना लाइसेन्स अभ्यर्पित कर सकता है। ऐसे आवेदन की प्राप्ति पर लाइसेन्स प्राधिकारी उसकी जमा प्रतिभूति से समस्त अवशेष आबकारी देयों की वसूली करने की कार्यवाही करेगा और आबकारी आयुक्त का आदेश प्राप्त करने के पश्चात् अधिशेष धनराशि वापस करेगा। लाइसेन्स प्राधिकारी आबकारी वर्ष की शेष अवधि के लिय बिना विलम्ब के दुकान के पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही भी करेगा।

17. लाइसेंस का प्रशमन, निलम्बन व निरस्तीकरण

(1) लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंस को निलम्बित या निरस्त कर सकता है-

(क) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में कोई ऐसी बोतल/केन/टेट्रा पैक पाई जाती है, जिस पर प्रतिफल फीस का भुगतान नहीं किया गया है और जिस पर आबकारी विभाग द्वारा सम्यक रूप से अनुमोदित सुरक्षा कोड प्रतिफल फीस भुगतान के प्रमाण के रूप में नहीं लगाया है।

(ख) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में किसी अन्य प्रकार की मदिरा या मादक ओषाधि (जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत नहीं किया गया है) पाई जाती है।

(ग) यदि अधिनियम या नियगों के उपबन्धों के विरूद्ध लाइसेंसधारी के कब्जे से कोई मदिरा या मादक ओषाधि पायी जाती है।

(घ) यदि लाइसेंसधारी द्वारा आवेदन के समय प्रस्तुत शपथ-पत्र त्रुटिपूर्ण पाया जाता है और उसमें दिया गया कथन असत्य पाया जाता है।

(ङ) यदि लाइसेंसधारी अधिनियम के अधीन दण्डनीय किसी अपराध में या किसी संज्ञेय और गैर जमानती अपराध में या स्वापक ओषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 या भारतीय दण्ड संहिता की धारा 482 से 489 के अधीन अपराध में दोषसिद्ध किया गया है।

(च) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में कोई ऐसी बोतल/कन्टेनर पाया जाता है जिस पर अधिकतम फुटकर मूल्य अंकित नहीं है, या

(छः) यदि यह पाया जाता है कि लाइसेंस असत्य नाम से प्राप्त किया गया है या लाइसेंसधारी किसी अन्य व्यक्ति की ओर से लाइसेंस धारण किये हुये है।

(ज) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में कैरामल, रंग, सुगंधि, श्रिंक स्लीव अथवा बार कोड, लेबुल, कैप्सूल, मुहर अथवा अन्य अवैध सामग्री पायी जाती है।

(झ) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में मदिरा का जलापमिश्रण या अन्य पदार्थ का मिश्रण/तनुकरण पाया जाता है/उच्च श्रेणी की मदिरा से निम्न श्रेणी की मदिरा का अपमिश्रण पाया जाता है, तो विधि के अन्य सुसंगत उपबंधों के अधीन कार्यवही भी की जायेगी।

(2) पूर्वोक्त उप नियम-1 (क से झ) तक की स्थिति में लाइसेंस प्राधिकारी तत्काल लाइसेंस निलम्बित कर देगा और लाइसेंस के निरस्तीकरण और प्रतिमूति जमा को समपहृत करने के लिये कारण बताओ नोटिस भी तामिंल करेगा। लाइसेंसधारी अपना स्पष्टीकरण नोटिस की प्राप्ति के 7 दिन के भीतर प्रस्तुत करेगा। तत्पश्चात् लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंसधारी को यदि वह ऐसा चाहे तो सुनवाई का समुचित अवसर देने के पश्चात् उपयुक्त आदेश पारित करेगा।

(3) लाइसेंसधारी इस नियम के अधीन लाइसेंस के निलम्बन या निरस्तीकरण के किसी प्रतिकर या प्रतिसंदाय का दावा करने का हकदार नहीं होगा।

(4) यदि लाइसेंस निरस्त किया जाता है तो लाइसेंसधारी को काली सूची में भी डाला जा सकता है तथा उसे कोई आबकारी लाइसेंस धारण करने से विवर्जित किया जा सकता है।

(1) निकाल दिया गया है।

(2) निकाल दिया गया।

(5) फुटकर लाइसेंसों पर प्रशमन योग्य उल्लंघन के प्रकरणों में निम्नानुसार न्यूनतम प्रशमन शुल्क अधिरोपणीय होगाः-

क्रमांक

उल्लंघन का प्रकार

प्रथम बार

(रु० में)

द्वितीय बार

(रु० में)

तृतीय बार

(रु० में)

1

2

3

4

5

1

निर्धारित समय से पूर्व अथवा पश्चात् दुकान का खुला पाया जाना।

2,500

3,000

5,000

2

अनाधिकृत विक्रेता द्वारा बिकी करते हुये पाया जाना।

5,000

7,000

10,000

3

स्टाक रजिस्टर माँगने पर न प्रस्तुत करना।

10,000

15,000

20,000

4

स्टाक रजिस्टर अद्यतन न भरा जाना।

10,000

15,000

20,000

5

बेतलों और पौव्वों या उनके लेबुलों, सुरक्षा प्रणाली अथवा बार कोड पिल्फर प्रूफ कैप या सील से बिगाड़ कराना।

10,000

15,000

20,000

6

बिक्री में वृद्धि हेतु ग्राहक को प्रलोभन देना, जुआ अथवा नृत्य का आयोजन करना।

5,000

7,000

10,000

7

ड्यूटी पेड स्टाक को अनधिकृत परिसर गोदाम में संचित करना।

20,000

25,000

30,000

8

लेखानुसार मात्रा से अधिक ड्यूटी पेड स्टाक का पाया जाना।

25,000

30,000

50,000

9

खुली मदिरा की बिक्री किया जाना

5,000

10,000

15,000

10

मद्य निषेध दिवसों/ बन्दी के दिनों में मदिरा की बिक्री किया जाना

30,000

40,000

50,000

11

बिना अनुमति परिसर में परिवर्तन करना।

20,000

25,000

30,000

12

निर्धारित एम०आर०पी० से अधिक दर पर मदिरा का विक्रय।

75,000

1,50,000

लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्यवाही

13

अनुज्ञापित परिसर के बाहर नियमानुसार साइन बोर्ड में आवश्यक सूचना अंकित न करना अथवा त्रुटिपूर्ण ढंग से अंकित करना

5,000

10,000

20,000

14

दुकान में सफाई की समुचित व्यवस्था न पाया जाना।

2,000

5,000

10,000

15

किसी एक विशेष दुकान हेतु निर्गत मदिरा का दूसरी दुकान पर (सद्भावी कारणों से) पाया जाना।

25000

50000

लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्यवाही

16

कम से कम पूर्ववर्ती वर्ष के प्रत्येक त्रैमास में उठाई गयी विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं एल00बी0 की मात्रा में निहित प्रतिफल शुल्क के समतुल्य विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं एल00बी0 के त्रैमासिक उठान में किये गये विलम्ब की स्थिति में

50000

50000

लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्यवाही

17

अन्य कोई अनियमितता, जो क्रमांक 01 से 16 तक के अधीन उल्लिखित न हो।

2,000

5,000

10,000

18. अन्तरिम एवं मध्य-सत्र में व्यवस्थापन

यदि लाइसेंस को इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसरण में निलम्बित, निरस्त या समर्पित किया जाता है या यदि किसी अन्य कारण से दुकान का व्यवस्थापन होना रह गया हो तो लाइसेंस प्राधिकारी सरकार के पूर्वानुमोदन से आबकारी आयुक्त द्वारा यथाअधिसूचित दरों पर दैनिक लाइसेंस फीस का भुगतान किये जाने पर दुकान का अन्तरिम व्यवस्थापन उच्चतम आफर पर एक बार में अधिकतम 14 दिनों की अवधि के लिये या नियमित व्यवस्थापन के दिनांक तक, जो भी पहले हो, कर सकता है। एक दुकान के लिये दो या दो से अधिक समान आफर प्राप्त होने के मामले में व्यवस्थापन सार्वजनिक मैनुअल लाटरी के माध्यम से किया जायेगा। ऐसे लाइसेंसधारी को प्रतिदिन की लाइसेंस फीस की दर के अनुसार अन्तरिम व्यवस्थापन की अवधि के लिए प्रतिभूति धनराशि जमा करना होगा। लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा किसी दुकान का ऐसा व्यवस्थापन दो से अधिक बार किया जा सकता है परन्तु ऐसी स्थिति में आबकारी आयुक्त को सूचित करना अनिवार्य होगा।

(ख) इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार किसी लाईसेंस के निरस्तीकरण या अभ्यर्पण के मामलें में दुकान का मध्य-सत्र में नियमित व्यवस्थापन लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा शीघ्रातिशीघ्र सार्वजनिक विज्ञापन देकर ई-निविदा प्रणाली के माध्यम से कराया जायेगा। उक्त व्यवस्थापन की सूचना आबकारी आयुक्त को तत्काल प्रेषित किया जाना होगा।

मध्य सत्र में व्यवस्थापित की जाने वाली दुकानों के लिए ई-निविदा प्रक्रिया में एकल निविदा भी स्वीकार किये जायेगें। पूर्वोक्त व्यवस्थापन की सूचना, आबकारी आयुक्त को तत्काल प्रेषित किया जाना होगा।