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उत्तर प्रदेश देशी मदिरा को बोतलों में भरने की नियमावली, 2022 (प्रथम संशोधन-2025 तक यथासंशोधित)

 1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 1]

(1) यह नियमावली उत्तर प्रदेश देशी मदिरा को बोतलों में भरने की नियमावली, 2022 कही जायेगी;

(2) यह दिनांक 1 अप्रैल, 2022 से प्रवृत्त हुयी समझी जायेगी।

2. परिभाषाएं

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 2-3]

जब तक विषय या सन्दर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो इस नियमावली में—

(क) “अधिनियम” का तात्पर्य समय-समय पर यथा संशोधित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम 1910 से है;

(ख) “समिश्रण” का तात्पर्य दो या दो से अधिक स्प्रिट अथवा भिन्न-भिन्न मद्यसारिक सान्द्रता अथवा भिन्न-भिन्न गुणवत्ता अथवा श्रेणी की शराब को एक साथ मिश्रित करने से है;

(ग) “बन्ध पत्र” का तात्पर्य तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या विनियम द्वारा या तद्धीन प्राधिकृत या अपेक्षित बाध्यता से है;

(घ) “बंधित भांडागार” का तात्पर्य ऐसे अनुमोदित भण्डागार से है, जिसका प्रयोग, ऐसे गोदाम से निकासी के समय प्रतिफल शुल्क के भुगतान के लिये बंध पत्र के अधीन वहाँ पर लाये गये उत्पाद शुल्क योग्य पदार्थों के भण्डारण के लिये किया जाता है;

(ड.) “रंजन एवं परिष्करण” का तात्पर्य स्प्रिट या अवनतिकृत स्प्रिट में रंजक तथा वासक द्रव्य मिलाने से है;

(च) “देशी मदिरा” का तात्पर्य तनु या तीव्र मद्यसार युक्त सादी या मसोलदार स्प्रिट से है जो एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ई.एन.ए.) से विनिर्मित की गयी है;

(छ) “आबकारी वर्ष” का तात्पर्य दिनांक 01 अप्रैल से प्रारम्भ होने वाले और अगले कैलेण्डर वर्ष के 31 मार्च तक समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष से है;

(ज)”प्रपत्र” का तात्पर्य इस नियमावली से संलग्न प्रपत्र से है;

(झ) “लाइसेंस” का तात्पर्य इस नियमावली के अधीन प्रदान किये गये लाइसेंस से है;

(ञ) “लाइसेंस प्राधिकारी” का तात्पर्य आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश से है;

(ट) “लाइसेंस फीस” का तात्पर्य देशी मदिरा की बोतल भराई के अनन्य विशेषाधिकार के लिये लाइसेंस प्रदान किये जाने के निमित्त प्रतिफल से है, जो लाइसेंसधारी द्वारा, उसको लाइसेंस प्रदान किये जाने के पूर्व, ऐसी दरों पर, जैसा कि समय-समय पर आबकारी आयुक्त द्वारा राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से निर्धारित किया जाय, राजकीय कोषागार में ई-पेमेन्ट के माध्यम से संदत्त की जायेगी;

(ठ) “प्रभारी अधिकारी” का तात्पर्य आबकारी विभाग के ऐसे अधिकारी से है, जो सहायक आबकारी आयुक्त की श्रेणी से नीचे का न हो, जो आबकारी आयुक्त द्वारा निर्देशाधीन लाइसेंस कार्य संचालन हेतु नियुक्त किया गया हो;

(ड) “सादी स्प्रिट” का तात्पर्य ऐसी स्प्रिट से है जिसमें कोई सुवासक न मिलाया गया हो और जिसमें कोई रंजक अथवा सुवासक द्रव्य अथवा अन्य पदार्थ या अवयव न मिलाया गया हो;

(ढ़) “पोर्टल” का तात्पर्य विशेष रूप से निर्मित इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म पर मदिरा निर्माण की प्रक्रिया से लेकर इसके वितरण के अन्तिम अवस्था तक की सूचनाओं को विहित प्रारूप में अपलोड करने के प्रयोजन से है;

(ण) “प्रापक” का तात्पर्य ऐसे पात्र से है, जिसमें भभका (स्टिल) की वर्तुलाकार नली गिरती है;

(त) “स्प्रिट का तनुकरण” का तात्पर्य उच्च तीव्रता की ई.एन.ए. में पानी मिलाकर तनु करने से है;

(थ) “सुरक्षा कूट””का तात्पर्य आबकारी विभाग द्वारा यथा अनुमोदित सुरक्षा कोड से है, जो प्रत्येक कार्टन (केस) तथा बोतल अथवा किसी अन्य आधानपर प्रतिफल शुल्क के भुगतान के प्रमाणस्वरूप चस्पा किया जायेगा;

(द) “मसालेदार स्प्रिट” का तात्पर्य सादी स्प्रिट में सुवासकों एवं मसालों को मिलाने के पश्चात् प्राप्त स्प्रिट से है;

(ध) “राज्य” का तात्पर्य उत्तर प्रदेश राज्य से है;

(न) “तीव्रता” का तात्पर्य देशी मदिरा की ऐसी तीव्रता से है, जैसा कि समय-समय पर राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से आबकारी आयुक्त द्वारा नियत की जाय और जो एल्कोहल मीटर से उपदर्शित होती हो;

(प) “बोतल में बन्द करना” का तात्पर्य बिक्रय के प्रयोजनार्थ मदिरा को किसी कुण्ड अथवा टैंक से बोतल या समान पात्र में अन्तरित करने से है। बोतल में बन्द करने के अन्तर्गत बोतल में फिर से भी बन्द करना सम्मिलित है;

(फ) “माप” का तात्पर्य किसी पात्र, आधान, कुण्ड अथवा टैंक में रखी गयी या उनमें से ली गयी स्प्रिट की मात्रा अवधारित करना अथवा किसी कुण्ड या अन्य पात्र की क्षमता अवधारित करना है;

(ब) “कुण्ड” का तात्पर्य ऐसे स्थिर पात्र से है, जो मदिरा के भंडारण के लिये प्रयुक्त होता है;

(भ) “भांडागार” का तात्पर्य देशी शराब की बोतल भराई के लिये लाइसेंस प्राप्त परिसर के ऐसे भाग से है, जिसमें आबकारी नियंत्रण में निकासी एवं उपभोग योग्य स्थिति में स्प्रिट को भंडारित किया जाता है।

(2) इस नियमावली में अपरिभाषित किन्तु अधिनियम में परिभाषित शब्दों और पदों के वहीं अर्थ होंगे, जो अधिनियम में क्रमशः उनके लिये समनुदेशित हों।

3. लाइसेंस की स्वीकृति

[प्रथम संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 12.03.2026, पृष्ठ 2–3]

(1) बोतलों में भरने का लाइसेंस, प्रपत्र सी0एल0बी0-1 में आबकारी आयुक्त द्वारा निम्न को स्वीकृत किया जा सकता है :-

(क) आसवक (डिस्टिलर) को देशी मदिरा की बोतल भराई के लिए;

(ख) पी०डी०-33 लाइसेंस धारण करने वाली ऐसी कम्पनी या इकाई, जिसका न्यूनतम 50 करोड़ रूपये का विनिधान तथा न्यूनतम 40 के0एल0 पी.डी. प्रतिदिन की क्षमता हो, को पच्चीस लाख रूपये की बैंक प्रत्याभूति सहित शपथ पत्र द्वारा यह आश्वासन प्रतिबद्धता प्रदान करने पर कि उसे देशी मदिरा की बोतल भराई हेतु सी0एल0बी0-1 लाइसेंस स्वीकृत किये जाने के दिनांक से दो वर्षो के भीतर स्वीकृत क्षमता का पैंतीस रुपया प्रति कि०ली० जमा कर पेय आसवनी अधिष्ठापित करना होगा। यदि उक्त इकाई विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर पेय आसवनी स्थापित करने में विफल रहती है तो पूर्वोक्त बैंक प्रत्याभूति, आबकारी आयुक्त द्वारा राज्य सरकार के पक्ष में समपहृतकर ली जायेगी और बोतल भराई लाइसेंस, आसवनी प्रवर्तित किये जाने तक निलम्बित अवस्था में रहेगा;

(2) प्रपत्र सी0एल0बी0-1 में लाइसेंसधारक, बोतल में भरने के अपने विशेषाधिकार को पूर्णतः या उसके आंशिक भाग को निम्नलिखित को समनुदेशित कर सकता है :-

(क) उत्तर प्रदेश के अन्य आसवक;

(ख) भारत में अन्य राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के किसी आसवक;

परन्तु यह कि ऐसा कोई समनुदेशिती इस रूप में किसी अधिकार का तब तक प्रयोग नहीं करेगा जब तक कि सी0एल0बी0-1 लाइसेंस धारक द्वारा दिए गए आवेदन पत्र पर आबकारी आयुक्त द्वारा उसे प्रपत्र सी0एल0बी0-2 में लाइसेंस स्वीकृत न कर दिया गया हो;

(3) किसी आसवक को बोतल में भरने हेतु सी0एल0बी0-2 में लाइसेंस, आबकारी आयुक्त द्वारा निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन प्रदान किया जा सकता है:-

(क) कोई आसवक, बोतल में भरी गई स्प्रिंट के लेबलों पर आबकारी आयुक्त का अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात् अपना ब्राण्ड नाम लिखने का हकदार होगा;

(ख) आबकारी आयुक्त की विशेष अनुज्ञा के अधीन के सिवाय और उसके अनुसार रंगना, समिश्रण करण(ब्लेडिंग), सुवासित करना या तीव्रतावरोह करना निषिद्ध होगा।

4. लाइसेंस फीस

[प्रथम संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 12.03.2026, पृष्ठ 3–4]

इस नियमावली के नियम 7(2) में लाइसेंस फीस/ नवीकरण शुल्क के दिये गये आगणन विधि के अनुसार आगणित लाइसेंस फीस का संदाय किये जाने पर आबकारी वर्ष या उसके आंशिक भाग के लिए प्रपत्र सी0एल0बी0-1 अथवा सी0एल0बी0-2 में लाइसेंस प्रदान किया जा सकता है:

परन्तु यह कि प्रपत्र सी0एल0बी0-2 में नये लाइसेंसी स्वीकृति फ्रेंचाइजी फीस, जैसा कि नियम 7(2) में विहित की गयी है, भी आबकारी वर्ष के आंशिक भाग के लिए संदेय होगी;

परन्तु यह और कि प्रपत्र सी0एल0बी0-1 या सी0एल0बी0-2 लाइसेंस के लिए न्यूनतम लाइसेंस फीस दो लाख रुपये होगी।

5. आवेदन किए जाने की प्रक्रिया

[प्रथम संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 12.03.2026, पृष्ठ 4–5]

(1) नियम-3 के अधीन बोतल भराई लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाला कोई व्यक्ति आवेदन पत्र को अभिहित पोर्टल पर अपलोड करेगा और वह आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित विवरण आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश को प्रस्तुत करेगा, अर्थात् :-

(क) सी0एल0बी0-1 लाइसेंस के मामले में राज्य में वैध आसवनी लाइसेंस, अथवा

(ख) वैध पी0डी0-33 लाइसेंस तथा नियम-3 (1) (ख) में निर्धारित मानदण्डों को पूर्ण करने के प्रमाण में अभिलेखीय साक्ष्य;

(ग) सी0एल0बी0-2 लाइसेंस के मामले में, राज्य अथवा अन्य राज्य अथवा संघ राज्य क्षेत्र में वैध आसवनी लाइसेंस;

(घ) अक्षांश एवं देशान्तर दर्शाते हुए जियो टैगिंग सहित स्थान और भू-गृहादि, जिसमें बोतल की भराई की जायेगी;

(ड.) अभिलेख की प्रति जिसमें प्रस्तावित स्थल अथवा क्षेत्र पर आवेदक का अधिकार, हक एवं हित प्रदर्शित हो;

(च) सप्ताह या माह के अधिकतम संख्या दिवस, जिसके दौरान बोतल भराई की जायेगी।

(छ) तीन प्रतियों में भू-गृहादि का एक विस्तृत नक्शा जिसमें विभिन्न कक्ष या उपकक्ष तथा उसमें सभी स्थायी फिक्चर्स दिखाये गये हो;

(ज) इस आशय का शपथ पत्र कि उस पर कोई लोक या राजकीय देयता का बकाया नहीं है।

(झ) आवेदित वर्ष में भरी जाने वाली बोतलों की कुल संख्या के संबंध में एक घोषणा पत्र ।

(2) यदि जाँच के पश्चात् आबकारी आयुक्त का यह समाधान हो जाय कि आवेदक अपेक्षित लाइसेंस धारण करने योग्य है तथा जिस भू – गृहादि में वह बोतलों में भराई कार्य करना चाहता है वह उपयुक्त है तो वह ऐसे व्यक्ति को लाइसेंस प्रदान कर सकता है। ऐसा प्रत्येक लाइसेंसधारी एक लाख रूपये की ई-बैंक गारंटी के रूप में, जो आबकारी आयुक्त के पदनाम से गिरवीकृत हो, प्रतिभूति के रूप में लाइसेंस जारी करने के पूर्व जमा करेगा। लाइसेंसधारी को उन पर उपगत होने वाला व्याज, जब वह देय हो जाय, आहरित करने की अनुज्ञा दी जायेगी।

6. लाइसेंस संचालित करने के लिए बंधपत्र एवं प्रतिभूति

[प्रथम संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 12.03.2026, पृष्ठ 5–6]

लाइसेंसधारी प्रपत्र सी0एल0बी0 में एक बन्ध पत्र आबकारी आयुक्त द्वारा नियत की गयी प्रतिभूति के साथ निष्पादित करेगा। प्रतिभूति या तो नकदी में या ब्याज वाहक प्रतिभूति, धनराशि आबकारी आयुक्त को गिरवीकृत ई-बैंक गारंटी के रूप में दी जायेगी। यदि किसी समय आबकारी आयुक्त किसी कारण से यह समझता हो कि इस प्रकार नियत की गयी धनराशि अपर्याप्त या अत्यधिक है, तो वह उसे बढ़ा या घटा सकता है।

7. बोतल भरने के लाइसेंस का नवीकरण

[प्रथम संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 12.03.2026, पृष्ठ 6–7]

(1) बोतल भरने के लाइसेंस का नवीकरण करने के लिए आवेदन आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश को प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को या उसके पूर्व प्रपत्र सी0एल0बी0-3 में दिया जायेगा। जब तक शुल्क या उसका कोई आंशिक भाग बकाया न हो, या कोई अन्य पर्याप्त कारण न हो, आबकारी आयुक्त द्वारा प्रपत्र सी0एल0बी0-1 अथवा सी0एल0बी0-2 में बोतल भरने के लाइसेंस को आगामी आबकारी वर्ष के लिए नवीकृत किया जा सकता है, किन्तु लाइसेंस सम्बन्धित पी0डी0-2/ पी0डी0-33 लाइसेंस की वैधता की अवधि तक ही वैध रहेगा।

(2) किसी वर्ष के लिए लाइसेंस फीस/नवीकरण के लिए आसवनी द्वारा आबकारी वर्ष में भरी जाने वाली बोतलों पर निम्नलिखित दर से लाइसेंस/नवीकरण शुल्क संदेय होगी :-

क्र. सं. लाइसेंस का प्रकार देशी मदिरा/यू.पी.एम.एल.
1 सी.एल.बी.-1 04 पैसा प्रति 200 एम.एल.
2 सी.एल.बी.-2 06 पैसा प्रति 200 एम.एल.

उपरोक्त उल्लिखित दर पर बोतल भराई शुल्क बोतल भराई के समय जमा कराया जायेगा।

परन्तु यह कि नवीकरण शुल्क के रूप में जमा की गई धनराशि किसी भी स्थिति में प्रतिदेय या समायोज्य नहीं होगी।

परन्तु यह और कि सी.एल.बी .- 1 या सी.एल.बी .-2 लाइसेंस के लिए न्यूनतम लाइसेंस शुल्क /नवीकरण शुल्क दो लाख रूपये होगा।

परन्तु यह भी कि नवीकरण शुल्क/लाइसेंस शुल्क के आधे के बराबर फ्रेंचाइजी शुल्क और अतिरिक्त नवीकरण शुल्क के आधार पर आगणित अतिरिक्त फ्रेंचाइजी शुल्क, यदि कोई हो, सीएलबी-2 लाइसेंस के नवीकरण के लिए भी संदेय होगा।

8. लाइसेंस की निबन्धन और शर्तें

[प्रथम संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 12.03.2026, पृष्ठ 7–9]

प्रपत्र सी०एल०बी०-1 तथा सी0एल0बी-2 में प्रदान किया गया प्रत्येक लाइसेंस, निम्नलिखित निबंधन एवं शर्तों के अध्यधीन होगा :-

(1) लाइसेंसधारी, बोतल में भराई कार्य उसी भू-गृहादि में करेगा जो आबकारी आयुक्त अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा पूर्वानुमोदित हो और लाइसेंस पर सम्यक् रूप से पृष्ठांकित हो । उक्त भू- गृहादि का प्रयोग देशी मदिरा को बोतल में भरने एवं उसे भंडारित करने के सिवाय किसी अन्य प्रयोजन के लिये नहीं किया जायेगा;

(2) लाइसेंसधारी, उक्त भू-गृहादि में आबकारी आयुक्त के पूर्व अनुमोदन के बिना कोई परिवर्धन या परिवर्तन नहीं करेगा। इस प्रकार के सभी परिवर्धन एवं परिवर्तन लाइसेंसधारी द्वारा प्रस्तुत नक्शे एवं नीलेमुद्रण पर दर्शाये जायेंगे;

(3) बोतल में भराई कार्य इस प्रयोजनार्थ अलग किये गये, पृथक कक्ष (कक्षों) में किया जायेगा। लाइसेंसधारी, मदिरा के भंडारण के लिये भराई कक्ष (कक्षों) में बोतल भराई के कुण्ड परिनिर्मित करेगा । वह भराई कक्ष (कक्षों) में छानने, भराई करने या इससे सम्बन्धित प्रक्रिया के लिए आवश्यक उपकरण स्थापित करें;

(4) बोतलों में भरी गयी मदिरा, पृथक कक्ष (कक्षों) में रखी जायेगी;

(5) प्रत्येक कक्ष के बाहर एक तख्ती लगायी जायेगी जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा जायेगा कि कक्ष का प्रयोग किस प्रयोजन के लिए किया जा रहा है;

(6) सिवाय आबकारी आयुक्त के विशेष अनुज्ञा के और उसके अनुसार सम्मिश्रण या तीव्रतावरोह निषिद्ध है;

(7) सिवाय आबकारी आयुक्त की विशेष अनुज्ञा के और उसके अनुसार देशी मदिरा में कोई सुवास पैदा करने वाला या रंजन करने वाला पदार्थ अथवा कोई अन्य पदार्थ मिलाना निषिद्ध है;

(8) विशेष परिस्थितियों में, भारत निर्मित विदेशी मदिरा को बोतल में भरने के लिए आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित बोतल भराई कक्ष को, आबकारी आयुक्त की पूर्व स्वीकृति से देशी मदिरा की बोतल भराई केलिए प्रयोग किया जा सकेगा,

परन्तु यह कि किसी भी दशा में देशी मदिरा की बोतल भराई के समय भारत निर्मित विदेशी मदिरा की बोतल भराई नही की जायेगी;

(9) लाइसेंसधारी, देशी मदिरा को ऐसी क्षमता एवं तीव्रता की बोतलों या अन्य संधानों में भराई करेगा जैसा कि आबकारी आयुक्त द्वारा राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन से विहित किया जाये;

(10)लाइसेंसधारी, आबकारी आयुक्त द्वारा देशी मदिरा की बोतल भराई के लिए प्रयुक्त बोतलों या अन्य संधानों के संबंध में जारी निदेशों का अनुपालन करेगा;

(11) टेट्रा पैक के लेबुलों पर वर्ष के अंतिम दो अंक सहित अक्षर “यू०पी०ई०” अधिमुद्रित किया जाएगा;

(12) बोतलों को भरने के तुरंत बाद, बोतलबंद मदिरा के भंडारण कक्ष में निकालने से पूर्व उनमें सुरक्षा कोड चस्पा करने के साथ कार्क, कैप्सूल तथा लेबल लगा दिया जाएगा। बोतलों में भराई की प्रत्येक प्रक्रिया की एक विशिष्ट क्रम संख्या दी जायेगी, जिसे बैच नंबर के रूप में जाना जाता है, और यह बैच नम्बर लेबल पर लिख दिया जायेगा। आबकारी विभाग के अभिहित पोर्टल पर प्रतिदिन एक डिजिटल रिकॉर्ड भी ऑनलाइन अनुरक्षित किया जायेगा और प्रस्तुत किया जाएगा;

(13) बोतलों पर लेबल इस प्रकार चिपकाये जायेंगे जिससे कि वे सरलता से पहचाने जा सके। बोतलों पर उभारे गये या बालुकाक्षेपित शब्दों, अक्षरों तथा अंको पर लेबल नही चिपकाया जाएगा;

(14) लाइसेंसधारी, उत्तर प्रदेश में विक्रय की जाने वाली देशी मदिरा के लेबुलों पर अधिकतम फुटकर मूल्य इस प्रकार मुद्रित करेगा जो सरलता से दृश्य हो;

(15) बॉटलिंग इकाई, ठोस अपशिष्टों के पुनर्चक्रण और प्रबंधन के लिए ऐसी समस्त व्यवस्थाएं करेगा जैसा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 में विहित किया गया है।

9. सुरक्षा कोड का अनुप्रयोग

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 6]

लाइसेंसधारी प्रत्येक कार्टन (केस) तथा बोतल अथवा किसी अन्य पात्र पर प्रतिफल फीस के संदाय के प्रमाण स्वरुप आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड बोतल भराई के तुरन्त बाद देशी शराब की निकासी के पूर्व लगायेगा। ये समस्त अभिलेख डिजिटल रुप में भी अनुरक्षित किये जायेंगे और आबकारी विभाग के अभिहित पोर्टल पर प्रतिदिनआनलाइन अपलोड किये जायेंगे। लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा इस निमित्त जारी किए गए निदेश के अनुपालन के लिए समस्त आवश्यक व्यवस्था करेगा।

10. बोतल भराई संक्रिया

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 6-7]

बोतल भराई संक्रिया निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन होगी :-

(1) बोतलों में मदिरा की भराई सिवाय आबकारी निरीक्षक तथा लाइसेंसधारी के किसी प्रतिनिधि की संयुक्त उपस्थिति के आई0पी० पते के साथ सी0सी0टी0वी0 कैमरे की निगरानी में नही की जायेगी। बोतल में भराई कार्य आवश्यकताओं के अनुसार लगातार किया जा सकता है;

(2) आबकारी आयुक्त बोतल भराई से सम्बन्धित संक्रियाओं के समुचित पर्यवेक्षण के लिए आवश्यक आबकारी कर्मियों की संख्या विनिश्चित करेगा और उसका विनिश्चय लाइसेंसधारी के लिये बाध्यकारी होगा;

(3) लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त के समाधान पर्यन्त आबकारी कर्मचारीवर्ग के लिए देशी मदिरा को बोतलों में भरने के लिए बंधित भण्डागार के निकट कर्मचारीवर्ग के प्रत्येक सदस्य के प्रतिमाह वेतन के अनधिक दस प्रतिशत किराये पर क्वार्टरों की व्यवस्था करेगा;

(4) लाइसेंसधारी क्वार्टरों तथा उनसे लगे साज-सामान को समुचित रूप से मरम्मत करके रखने के लिए बाध्य होगा तथा उसमें निवास करने वाले किसी अधिकारी को उसके प्रयोग या उसके उपभोग में न तो बाधा पहुँचायेगा न परेशान करेगा। यदि लाइसेंसधारी के पास आवासीय सुविधा उपलब्ध नहीं है तो वह आस-पास के मुहल्ले या कस्बे में आवास की व्यवस्था पद के अनुसार करेगा और उसके किराए का भुगतान करेगा। आवास या किराए के स्थान की पर्याप्तता के विवाद के मामले में उक्त मामला आबकारी आयुक्त को निर्दिष्ट किया जाएगा और उसका विनिश्चय समस्त संबंधितों के लिए बाध्यकारी होगा;

(5) देशी शराब को बोतल में भरने के लिए बंधित भाण्डागार का प्रभारी आबकारी निरीक्षक, जब तक कि अन्यथा निदेश न दिया जाये, तब तक आसवनी के सहायक आबकारी आयुक्त के पर्यवेक्षण मेंकार्य करेगा और उसके साथ पत्र व्यवहार करेगा। बोतल भराई संक्रिया से सम्बन्धित समस्त सामान्य मामलों में लाइसेंसधारी को चाहिए कि वह प्रथमतः प्रभारी आबकारी निरीक्षक को आवेदन करे जो, यदि आवश्यक हो, उच्च आदेश प्राप्त करेगा;

(6) देशी शराब को बोतल में भरने के लिए बंधित भाण्डागार में नियुक्त निरीक्षकों की पारी (शिफ्ट) और उपस्थिति के घंटे सहायक आबकारी आयुक्त द्वारा नियत किए जाएंगे;

(7) बोतल में भराई से सम्बन्धित संक्रिया पृथक-पृथक कक्षों में संचालित की जायेगी जो भराई कक्ष कहे जायेंगे जो इस प्रयोजन के लिए भू-गृहादि के भीतर देशी मदिरा भण्डार के निकट होगा। इन कक्षों में लाइसेंसधारी छानने, भराई करने या इससे सम्बन्धित किसी भी प्रक्रिया के लिए आवश्यक उपकरण स्थापित कर सकता है। बोतल भराई करने के कक्षों में देशी मदिरा का भण्डारण करने के लिए बोतल भराई कुण्ड परिनिर्मित किये जायेंगे। बोतल में भरी मदिरा पृथक-पृथक कक्षों में भण्डारित की जायेगी;

समस्त कक्ष भलीभांति हवादार होंगे। खिडकियॉ और रोशनदानों में मजबूत लोहे के छड़ लगाये जायेंगे, जो सीमेन्ट से जड़े होंगे और उनमें तार की जाली लगायी जायेगी, जाली के छिद्र 25 मि0मि0 से अधिक बडे नहीं होंगे। प्रत्येक कक्ष के बाहर एक पट्ट लगाया जायेगा जिस पर स्पष्ट रुप से जिस उद्देश्य के लिए कक्ष का प्रयोग किया जा रहा है, अंकित किया जायेगा। सभी कमरे लाइसेंसधारी और आबकारी निरीक्षक के पृथक-पृथक ताले और चाबी के अधीन रहेंगे;

(8) किसी आसवनी में बोतल भराई के लिए अपेक्षित मदिरा मापी जायेगी तथा मदिरा कक्षों में स्थाई रुप से लगाये गये पाइप द्वारा जिसमें काक को तथा जिसपर आबकारी का ताला या डिजिटल लॉक लगा हो या आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों/साधनों से बन्द हो बोतल भराई कक्ष में लायी जायेगी;

(9) देशी मदिरा की बोतल भराई के लिए बंधितभाण्डागार पर तैनात आबकारी कर्मचारी वर्ग हेतु अनुज्ञात अवकाश दिवस निम्नलिखित है :-

रविवार, गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), गुड फ्राइडे, महात्मा गांधी का जन्मदिन (2 अक्टूबर), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), क्रिसमस दिवस (25 दिसंबर), होली (होली जलाने के बाद का दिन), जन्माष्टमी, दशहरा (प्रमुख दिन) दिवाली (प्रमुख दिन), इदुल फितर (प्रमुख दिन) इदुल-जुहा, मोहर्रम (10 वां दिन) और शबे-ए-बारात

अन्य राजपत्रित अवकाश की अनुज्ञा तभी दी जायेगी, यदि लाइसेंसधारी विशेष आधारों पर आबकारी आयुक्त की स्वीकृति से स्वंय बंद करता है।

11. देशी स्प्रिट का रासायनिक विश्लेषण

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 7]

(1) आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत विभागीय प्रयोगशाला अथवा अन्य प्रयोगशाला द्वारा सही तीव्रता के विश्लेषण और घोषणा के लिए लाइसेंसधारी बंधित भांडागार के प्रभारी अधिकारी को प्रत्येक बैच से विभिन्न क्षमता की बोतलों में भराई के पश्चात् समुचित संख्या में देशी मदिरा की बोतलें निःशुल्क देगा;

(2) यदि आपूर्ति की गई विशेष बैच की देशी मदिरा की तीव्रता में कोई भिन्नता पाई जाती है, तो लाइसेंसधारी उस बैच में विनिर्मित मात्रा पर उदग्रहणीय प्रतिफल फीस के अंतर की धनराशि के साथ-साथ ऐसे प्रतिफल शुल्क के अंतर की धनराशि के अधिकतम दो गुना तक की शास्ति का संदाय करने के लिए उत्तरदायी होगा;

12. कुण्डों एवं रिसीवर की शर्ते

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 7]

संयंत्र में टंकी और रिसीवर को ऐसे स्थापित किया जायेगा कि उनकी अन्तवस्तु का प्रमापन तथा मापन सही तरीके से कियाजा सके।

13. कक्षों एवं पात्रों का चिन्हांकन एवं क्रमांकन

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 7-8]

(1) लाइसेंसधारी अपने संयत्र के समस्त कक्षों की बाहरी दीवारों अथवा स्थान को रंग से रंगेगा;

(2) लाइसेंसधारी बाटलिंग संयत्र के पात्रों को ऐसी रीति से पेंट एवं अंकन भी करेगा जैसा कि आबकारी आयुक्त द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाये।

14. भंडारण के लिए पात्र

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 8]

गोल पात्रों के सिवाय किसी बाटलिंग प्लाट में कोई देशी मदिरा भंडारित नही की जायेगी। देशी मदिरा वाले प्रत्येक पात्र में एक सीरियल नंबर चित्रित या उत्कीर्ण होगा, और इस तरह के प्रत्येक पात्र का बाहरी हिस्सा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

15. देशी मदिरा बोतल भराई संयत्र में दोनों आयतन एवं तीव्रता द्वारा स्प्रिट की बोतल भराई तथा मापन हेतु इलेक्ट्रानिक उपकरणों की प्रतिष्ठापना, उपयोग एवं अनुरक्षण

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 8-9]

(1) बाटलर आबकारी आयुक्त के समाधान के अनुसार बाटलिंग कक्ष में स्वचालित/अर्द्ध स्वचालित बाटलिंग लाइनें स्थापित करेगा;

(2) लाइसेंसधारी स्प्रिट से भरे हुए किसी पात्र के अवगाह स्थान अथवा स्तर को न तो परिवर्तित करेगा एवं नही किसी पात्र में स्प्रिट की प्रमाप लेने के लिए प्रभारी अधिकारी को धोखा देने अथवा गुमराह करने के लिए किसी अन्य साधन का प्रयोग करेगा;

(3) (क) देशी मदिरा बोतल भराई संयत्र में कम से कम दो मास फ्लोमीटर होंगे, जिनमें से एक समिश्रित देशी मदिरा की प्राप्ति के लिए तथा दूसरा वांछित तीव्रता और माप में पेय देशी मदिरा की बोतल भराई सुनिश्चित करने के लिए होगा। ;

(ख) समस्त भण्डारण कुण्डों तथा बोतल भराई कुण्डों पर रडार आधारित लेबिल ट्रांसमीटर इन टैंकों में भण्डारित स्प्रिट के स्तर को रिकार्ड करने के लिए लगाये जायेंगे;

(ग) देशी मदिरा बोतल भराई संयत्र में दो इलेक्ट्रानिक बाटल काउन्टर्स होंगे। पहला स्वाचालित भरने वाली इकाई के ठीक बाद बाटलिंग लाइन पर स्थापित किया जायेगा और दूसरा भी सुरक्षा कोड चिपकाने के ठीक बाद उसी लाइन पर होगा। सम्बन्धित डिस्टलर/बाटलर इन बाटल काउन्टर्स को अपनी लागत पर देशी मदिरा बाटलिंग संयत्र में प्रतिष्ठापित और रख-रखाव करेंगे;

(घ) मास फ्लोमीटर, रडार आधारित लेबिल ट्रांसमीटर, सेंसर आधारित इलेक्ट्रानिक बाटल काउन्टर्स और अन्य उपकरणों /सहायक उपस्करों की प्रतिष्ठापना और उपयोग से सम्बन्धित तकनीकी विशिष्टताओं और मार्गदर्शी सिद्धान्तों का विवरण और इन उपकरणों के माध्यम से माप, रिकार्ड और संग्रहीत किये जाने के लिए अपेक्षित विनिर्दिष्ट मानकों को आबकारी आयुक्त द्वारा समय समय पर जारी किये गये मानक संचालन प्रक्रिया (एस0ओ0पी) में विहित किये जायेंगे;

(ड़) देशी मदिरा बोतल भराई संयत्र का लाइसेंसधारी इन इलेक्ट्रानिक उपकरणों और अन्य सहायक उपस्करों के नियमित अनुरक्षण के लिए उत्तरदायी होगा। देशी मदिरा बोतल भराई संयत्र के लेखा में प्रदर्शित संयत्र में प्राप्त, संयत्र से निर्गत एवं संयत्र में अवशेष देशी मदिरा की मात्रा एवं तीव्रता, इन उपकरणों से प्रभारी अधिकारी एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों को नियमित आधार पर उपलब्ध होगी। बोतल भराई संयत्र के प्रभारी अधिकारी/अथवा किसी निरीक्षणकर्ता अधिकारी द्वारा इन उपकरणों की खराबी का पता लगने पर तत्काल ठीक कर लिया जायेगा तथा उप आबकारी आयुक्त को इसके विषय में सूचित कर दिया जायेगा। इन उपकरणों के इसके अभिहित मानक के अनुरुप मरम्मत होने तक संयंत्र का संचालन निलंबित रहेगा;

(च) देशी मदिरा बोतल भराई संयत्र का प्रभारी अधिकारी देशी मदिरा के बोतल भराई संयत्र में प्रयुक्त समस्त मॉस फ्लोमीटर का कैलीब्रेशन, आबकारी वर्ष में एक बार आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत किसी निर्दिष्ट संस्था से सुनिश्चित करायेगा और ऐसे कैलीब्रेशन का प्रमाण-पत्र कम से कम तीन वर्षों तक परिरक्षित किया जायेगा;

(छ) बोतल भराई संयत्र पर परेषण के पहुंचने पर तुरन्त प्रभारी अधिकारी उक्त देशी मदिरा को मास फ्लोमीटर के माध्यम से प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रबन्ध करेगा। प्रभारी अधिकारी मास फ्लोमीटर द्वारा प्रदर्शित आंकड़ो के आधार पर आयातित अथवा परिवहन की गयी देशी मदिरा की मात्रा और तीव्रता को अभिलिखित करेगा। मास फ्लो मीटर से आंकड़ा प्राप्त करने की प्रक्रिया यथा विहित एस0ओ0पी0 द्वारा निर्देशित होगी। वह परेषण के अवरण पास पर मात्रा एवं तीव्रता को पृष्ठांकित भी करेगा। आबकारी सत्यापन प्रमाण पत्र (ई0वी0सी0) के प्रपत्र में प्राप्त प्राविष्टियों के साथ पास की एक प्रति, तुरन्त अधिकारी को वापस कर दी जायेगी, जिसने पारेषण निर्गत किया था तथा दूसरी प्रति, प्रविष्टियों सहित संयत्र में रखी जायेगी;

(ज) किसी बोतल भराई संयत्र में एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल या ग्रेन एक्सट्रा न्युट्रल एल्कोहल या रिड्यूस्ड एल्कोहल को आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित कुण्डों या किन्ही अन्य पात्रों में भण्डारित किया जायेगा। टंकियों में स्प्रिट के स्तर को अभिलिखित करने के लिए समस्त भण्डारण कुण्ड और रिडक्शन कुण्ड पर राडार आधारित लेबिल ट्रांसमीटर भी लगेंगे और स्प्रिट की मात्रा बल्क लीटर में प्रदर्शित करने के लिए इस सम्बन्ध में प्राधिकृत प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित अद्यतन “लेवल वाल्यूम” तालिका के अनुसार प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (पी0एल0सी0) लेबिल ट्रान्समीटर से जुड़ेगा;

(4) लाइसेंसधारी राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर इन उपकरणों को प्रतिष्ठापित करेगा।

16. अन्य आसवनियों से स्प्रिट लाये जानेके लिए अनुज्ञा

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 9]

(1) आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश से लिखित अनुज्ञा और वैध परमिट या पास के आवरण के सिवाय किसी लाइसेंसधारी को बोतल भराई संयत्र में स्प्रिट लाये जाने की अनुमति नहीं होगी। राज्य के बाहर की आसवनियों से निर्गत स्प्रिट का परेषण, सम्बंधित राज्य के सुसंगत पासेस से आच्छादित होगा, जबकि राज्य के भीतर स्थित आसवनियों से निर्गत स्प्रिट का परेषण, पी0डी0-25/पी0डी0-26 पासेज से आच्छादित होगा;

(2) लाइसेंसधारी बोतल भराई संयत्र में अन्य आसवनियों से स्प्रिट/एक्स्ट्रा न्युट्रल एल्कोहल/ग्रेन एक्स्ट्रा न्युट्रल एल्कोहल की आपूर्ति हेतु अनुज्ञा प्रदान करने के लिए आबकारी आयुक्त को आवेदन करेगा। आवेदन प्रभारी अधिकारी की सम्यक् संस्तुति के साथ प्रपत्र सी0एल0बी-20 में किया जायेगा।

17. रजिस्टर और विवरण

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 9-10]

बोतल भराई संयत्र का प्रभारी अधिकारी निम्नलिखित रजिस्टरों का अनुरक्षण करना सुनिश्चित करेगा :-

(1) (क) प्रपत्र सी0एल0बी0-4 रजिस्टर, जिसमें लाइसेंसधारी बोतल में भरने के लिए प्राप्त तथा निर्गत की गयी मदिरा की मात्रा, उसका विवरण तथा उसकी तीव्रता प्रविष्ट करेगा;

(ख) प्रपत्र सी0एल0बी0-5 रजिस्टर, जिसमें लाइसेंसधारी स्वयं द्वारा कृत बोतल भराई संक्रिया को प्रविष्ट करेगा;

(ग) प्रपत्र सी0एल0बी0-6 रजिस्टर, जिसमें लाइसेंसधारी, लाइसेंस प्राप्त भू-गृहादि में बोतल भराई और भण्डारित की गयी देशी मदिरा का दैनिक लेखा प्रविष्ट करेगा;

(घ) प्रपत्र सी0एल0बी0-7 खाता बही, जिसमें लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त भू-गृहादि में समस्त संव्यवहार का सारांश प्रविष्ट करेगा;

(ड.) प्रपत्र सी0एल0बी0-8 रजिस्टर, जिसमें लाइसेंसधारी किसी माह की समाप्ति पर मदिरा की बल्क(जो बोतल में न भरी गई हो) तथा बोतल में भरी गई मदिरा के स्टाक की प्रविष्ट करेगा;

(च) प्रपत्र सी0एल0बी0-9 विवरण जिसमें भंडारण और बोतल भराई /छीजन दर्शाया जायेगा;

(छ) प्रपत्र सी0एल0बी0-10 आवेदन, जो अग्रिम जमा के सापेक्ष देशी मदिरा निर्गत किये जाने के लिये होगा;

(ज) प्रपत्र सी0एल0बी0-11 पास बोतल भराई बंधित भांडागार से थोक लाइसेंस (सी.एल .- 2) को देशी मदिरा की निकासी किये जाने से आच्छादित होगा;

(झ) प्रपत्र सी0एल0बी0-12 में कुण्ड प्रमाप रजिस्टर;

(ञ) प्रपत्र सी0एल0बी0-13 में कुण्डवार डिप बुक;

(ट) प्रपत्र सी0एल0बी0-14 में मांगपत्र रजिस्टर;

(ठ) प्रपत्र सी0एल0बी0-15 में प्रभारी अधिकारी की दैनिक डायरी;

(ड) प्रपत्र सी0एल0बी0-16 में निरीक्षण पुस्तिका;

(ढ़) प्रपत्र सी0एल0बी0-17 में त्रुटि रजिस्टर;

(ण) प्रपत्र सी0एल0बी0-18 में प्रतिफल फीस के अग्रिम भुगतान का रजिस्टर;

(त) प्रपत्र सी0एल0बी0-19 में दैनिक निकासी रजिस्टर;

(थ) लाइसेंस प्राप्त बॉटलिंग भू-गृहादि में अन्य आसवनियों से स्प्रिट/ईएनए की आपूर्ति हेतु अनुज्ञा प्रदान करने के लिये प्रपत्र सी0एल0बी0-20 में आवेदन;

(2) लाइसेंसधारी प्रपत्र सी0एल0बी0-15 में प्रभारी अधिकारी की दैनिक डायरी के सिवाय पूर्वोक्त रजिस्टरों में लेखा भी अनुरक्षित रखेगा;

(3) ये प्रपत्र डिजिटल रूप में भी अनुरक्षित किये जायेंगे तथा आबकारी विभाग के अभिहित पोर्टल पर प्रतिदिन आनलाईन प्रस्तुत किये जायेंगे।

18. अन्य निर्बन्धन

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 10-11]

सी0एल0बी0-1 अथवा सी0एल0बी0-2 लाइसेंस के अधीन देशी मदिरा को बोतल में भरने के लिए निम्नलिखित अतिरिक्त विशेष शर्तें लागू होंगी :-

(1) प्रत्येक कलेण्डर मास के अन्तिम कार्य दिवस को, उस दिन के समस्त संव्यवहार किये जाने के पश्चात्, प्रभारी आबकारी निरीक्षक, बोतल भराई भाण्डागार में बोतलों में न भरी गयी तथा बोतलों में भरी गई देशी मदिरा के अथवा अन्य प्रकार की स्प्रिट जैसा भी मामला हो के स्टाक को बोतल भराई भांडागार में भंडारित करेगा, उसे विहित रजिस्टर में प्रविष्ट करेगा और बोतल भराई की संक्रियाओं तथा बंधित भंडागार में भंडारण करने में हुई स्प्रिट के छीजन को सुनिश्चित करेगा;

(2) (क) बोतल भराई तथा भंडारण करने में वास्तविक हानि के लिए एक मास की अवधि के दौरान भंडारित देशी मदिरा की कुल मात्रा पर 0.8% तक की छूट दी जा सकती है। लाइसेंसधारी, माह में 0.8% से अधिक छीजन पर 36% आयतन/आयतन तीव्रताके अनुसार प्रति बल्क लीटर हेतु उद्ग्रहणीय प्रतिफल शुल्क के आधार पर आगणित प्रतिफल शुल्क के संदाय हेतु उत्तरदायी होगा;

(ख) जब छीजन, विहित सीमा से अधिक न हो, तो प्रभारी अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही करने की आवश्यकता नहीं है, किन्तु यदि मासिक स्टाक उठान के समय छीजन अधिक पायी जाय तो प्रभारी अधिकारी, अगले मास की पांचवीं तारीख तक सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त को प्रपत्र सी0एल0बी0-9 में एक विवरण प्रेषित करेगा, जिसमें छीजन की वास्तविक मात्रा तथा लाइसेंसधारी द्वारा अतिरिक्त छीजन पर संदत्त किये जाने वाला प्रतिफल फीस दर्शित होगा। विवरण प्राप्त होने पर उप आबकारी आयुक्त, देशी मदिरा पर दायी प्रतिफल फीस की दर पर लाइसेंसधारी से प्रतिफल शुल्क वसूल करेगा;

(ग) राज्य सरकार बोतल भराई के बंधित भांडागार में भंडारित किसी मदिरा/स्प्रिट की आग या चोरी या माप या प्रूफ अथवा अन्य किसी कारण जो भी हो, से नुकसान, हानि या क्षति के लिए उत्तरदायी नही होगी। आग या अन्य दुर्घटना की स्थिति में, प्रभारी अधिकारी दिन या रात किसी भी समय भू-गृहादि को खोलने के लिए तुरंत उपस्थित रहेगा;

(3) देशी मदिरा की बोतल भराई हेतु बंधित भांडागार केवल उन व्यक्तियों के प्रवेश तथा निकास के लिए खुलेगा, जिनको उनके अन्दर काम हो। आबकारी विभाग के अधिकारियों तथा अन्य सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, लाइसेंसधारी, उसके सेवकों तथा ऐसे लाइसेंसप्राप्त विक्रेताओं को, जो क्रय करने के लिए आये हों, के अलावा अन्य किसी को किसी भी बहाने लाइसेंसप्राप्त भू-गृहादि में प्रवेश करने की अनुज्ञा नहीं दी जायेगी।लाइसेंसधारी द्वारा सेवायोजित समस्त व्यक्तियों के नामों के सम्बन्ध में एक रजिस्टर रखा जायेगा। लाइसेंसधारी के समस्त कर्मचारियों का प्रभार के उप आबकारी आयुक्त द्वारा प्रतिवर्ष अनुमोदन किया जायेगा;

(4) देशी मदिरा की बोतल भराई के लिए बंधित भांडागार में प्रवेश करने वाले समस्त व्यक्ति, अपने आचरण के सम्बन्ध में और भांडागार के भीतर कार्यवाहियों के लिए आबकारी निरीक्षकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के अधीन होंगे और वे भू-गृहादि से निकासी के समय आबकारी निरीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ आधिकारियों के विवेक पर तलाशी हेतु उत्तरदायीं होंगे;

(5) यदि लाइसेंसधारी के संज्ञान में यह बात आती है कि उसके द्वारा सेवायोजित किसी व्यक्ति ने आबकारी विधियों का या अपने द्वारा कृत वचन-बंधों का उल्लंघन किया है, तो यह उसका कर्तव्य होगा कि वह सहायक आबकारी आयुक्त को मामले की रिपोर्ट करे और ऐसे व्यक्ति को सेवा में बनाये रखने से सम्बन्धित निर्देशों का पालन करे;

(6) देशी मदिरा की बोतल भराई हेतु बंधित भांडागार के आबकारी निरीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी किसी ऐसे व्यक्ति को, जिसके सम्बन्ध में उसे यह विश्वास करने का कारण हो कि उसने इन नियमों या आबकारी अधिनियम के किसी उपबंध का उल्लंघन किया है या करने वाला है, जो या तो नशे में है या अनुशासनहीन है, भू-गृहादि से निकाल एवं बहिष्कृत कर सकता है। इस नियम के अधीन कृत समस्त कार्यवाहियाँ, उसके द्वारा तत्काल लिखित रूप
में, अपनी सरकारी डायरी में अपने वरिष्ठों के सूचनार्थ अभिलिखित की जायेंगी;

(7) लाइसेंसधारी देशी मदिरा की बोतल भराई हेतु बंधित भांडागार के प्रबन्ध हेतु और वहाँ से देशी मदिरा की निकासी हेतु समस्त सामान्य नियमों, जो पहले से ही प्रवृत्त हों या जो विद्यमान आबकारी विधियों या एतद्पश्चात् अधिनियमित की जाने वाली किन्हीं अन्य विधियों के अधीन विहित की जायं से या किसी बंधित भण्डागार के सम्बन्ध में आबकारी आयुक्त द्वारा जारी किये गये विशेष आदेशों से बाध्य होगा और वह अपने द्वारा मदिरा बोतल भराई या मदिरा निकासी आदि में सेवायोजित समस्त व्यक्तियों से ऐसे समस्त नियमों का पालन करायेगा;

(8) कोई देशी मदिरा, इस निमित्त सशक्त अधिकारी द्वारा स्वीकृत प्रपत्र सी0एल0बी0-11 में पास के सिवाय हटायी नहीं जायेगी। पास, प्रतिफल फीस एवं अन्य संदेय फीस जैसा भी मामला हो, के पूर्ण संदाय करने के प्रमाण पर जारी किया जायेगा। यह तीन प्रतियों में होगा, एक प्रति लाइसेंसधारी को परिवहन को आवरित करने के लिए दी जायेगी, दूसरी प्रति गन्तव्य जिले के जिला आबकारी अधिकारी को अग्रसारित की जायेगी और तीसरी प्रति, अभिलेख के लिए रख ली जायेगी। अभिहित पोर्टल पर दैनिक आनलाइन डिजिटल अभिलेख भी अनुरक्षित एवं प्रस्तुत किया जायेगा;

(9) बोतल भरी गयी देशी मदिरा की सम्पूर्ण मात्रा का परिवहन एक परेषण में किया जायेगा और अभिवहन में विभाजित नहीं किया जायेगा तथा परेषण का संचालन सी0एल0बी0-11पास में विनिर्दिष्ट मार्ग से विचलित नहीं किया जायेगा। इसका व्यतिक्रमण किये जाने पर लाइसेंसधारी पर अधिनियम अथवा अन्य सुसंगत नियम के अधीन कठोर शास्ति अधिरोपित की जायेगी;

(10) यदि कोई लाइसेंसधारी विधिमान्य पास पर एक से अधिक बार परेषण का अभिवहन करने के लिए पास का कपट एवं छद्म पूर्ण प्रयोग करने में लिप्त पाया जाता है तो आसवनी का प्रभारी अधिकारी और साथ ही साथ लाइसेंसधारी कठोर दण्ड के भागी होंगे।

19. देशी मदिरा की निकासी

[मूल 2022 — उ.प्र. गजट, असाधारण, दिनांक 03.10.2022, पृष्ठ 11]

प्रतिफल फीस एवं यथा स्थिति अन्य संदेय फीस का पूर्ण संदाय करने पर देशी मदिरा की बोतल भराई के बंधित भांडागार से केवल बोतल में भरी गयी देशी मदिरा की निकासी, देशी मदिरा के थोक लाइसेंसधारी को की जा सकती है।