( नोट:- समेकित नियमावली में संशोधनों का समावेश करने में पूर्ण सावधानी बरती गयी है तथापि सन्दर्भ हेतु सरकारी गजट का ही प्रयोग किया जाये)

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ

(एक) यह नियमावली उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2002 कही जायेगी।

(दो) यह गजट में प्रकाशित होने के दिनांक से प्रवृत्त होगी।

2. परिभाषाएं

जब तक विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो इस नियमावली मे :-

(क) “अधिनियम” का तात्पर्य समय-समय पर यथा संशोधित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 से है;

(ख) “अतिरिक्त प्रतिफल फीस” का तात्पर्य देशी शराब/यू.पी.एम.एल. के आगणित फुटकर मूल्य को 5 रूपये के अगले गुणक तक पूर्णाकिंत किये जाने के फलस्वरूप प्राप्त अन्तर की धनराशि से है, जो देशी शराब/यू.पी.एम.एल. की थोक लाइसेंस से आपूर्ति से पूर्व आबकारी आयुक्त द्वारा यथाविहित रीति में लाइसेंसधारी द्वारा संदेय होगी किन्तु अतिरिक्त प्रतिफल फीस की यह धनराशि, फुटकर लाइसेंसधारी द्वारा संदेय लाइसेंस फीस के सापेक्ष समायोजित नहीं की जायेगी;

(ग) “वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा” का तात्पर्य आबकारी आयुक्त द्वारा जारी सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों के अनुसरण में लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा नियत और लाइसेंसधारी द्वारा फुटकर बिक्री के प्रयोजनार्थ आबकारी वर्ष में अपनी फुटकर दुकान के लिए उसके द्वारा उठाई जाने वाली प्रत्याभूत तीव्र देशी शराब (36 प्रतिशत वी/वी के रुप में) की मात्रा से है। तथापि, यदि आबकारी वर्ष के प्रारम्भ के पश्चात् कोई लाइसेंस दिया जाता है, तो आबकारी वर्ष में शेष दिनों की संख्या के अनुसार अनुपातिक रूप से उनकी न्यूनतम वार्षिक प्रत्याभूत मात्रा को घटा दिया जायेगा;

(घ) “बेसिक लाइसेंस फीस” का तात्पर्य अधिनियम की धारा 24 के अधीन देशी शराब की फुटकर बिक्री के एकान्तिक विशेषाधिकार हेतु सम्पूर्ण आबकारी वर्ष या उसके भाग के लिए लाइसेंस प्रदान किए जाने के निमित्त प्रतिफल के उस भाग से है, जो लाइसेंसधारी के रूप में चयनित व्यक्ति द्वारा, उसको लाइसेंस प्रदान किए जाने के पूर्व, ऐसी दरों पर, जैसा कि समय-समय पर राज्य सरकार के परामर्श से आबकारी आयुक्त द्वारा अधिसूचित की जाय, भुगतान किया जाय।

परन्तु यह कि यदि व्यवस्थापन मध्य सत्र में होता है, तो बेसिक लाइसेंस फीस अवशेष अवधि के न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के समानुपातिक होगी,

(ङ) “प्रतिफल फीस” का तात्पर्य आबकारी अधिनियम की धारा-30 के अधीन राज्य सरकार द्वारा देशी शराब की संद्रता के अनुसार प्रति लीटर की दर से निर्धारित फीस से है, जो देशी शराब की आपूर्ति करने से पूर्व लाइसेंसधारी द्वारा सरकारी कोषागार में जमा की जायेगी;

(च) “देशी शराब” का तात्पर्य ऐसी देशी स्प्रिट से है, जो शीरा आधारित एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल अथवा अनाज आधारित एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल से निर्मित हो और जिसकी अल्कोहलिक तीव्रता एवं गुणवत्ता राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर नियत की जाये;

(छ) “दैनिक बेसिक लाइसेंस फीस” का तात्पर्य दुकान की नियत वार्षिक बेसिक लाइसेंस फीस के 1/365 वॉ भाग से है;

(ज) “दैनिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा” का तात्पर्य दुकान की नियत वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के 1/365 वॉ भाग से है,

(झ) निकाल दिया गया।

(ञ) “आबकारी वर्ष” का तात्पर्य 1 अप्रैल से प्रारम्भ होकर आगामी कलेन्डर वर्ष के 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष से है;

(ट) “परिवार” का तात्पर्य दम्पत्ति (पति या पत्नी), आश्रित पुत्रों, अविवाहित पुत्रियों और आश्रित माता-पिता से है और वे इसमें शामिल हैं;

(ठ) “प्रपत्र”का तात्पर्य इस नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र से है;

(ड) “अधिक्रम” का तात्पर्य ई-लाटरी में लाइसेंसधारी के चयन के लिये कम्प्युटर आधारित यादृच्छिकिकरण की प्रक्रिया के माध्यम से दुकान आवंटन के आधार हेतु तात्यपरित दुकानों की बेसिक लाइसेंस फीस के अवरोही क्रम से है;

(ढ) “व्यक्ति”का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो इक्कीस वर्ष की आयु से अन्यून, भारत का नागरिक हो;

(ण) “लाइसेंस प्राधिकारी” का तात्पर्य जिले के कलेक्टर से है;

(त) “लाइसेंस फीस” का तात्पर्य बेसिक लाइसेंस फीस के अतिरिक्त, आबकारी अधिनियम की धारा 24 के अधीन देशी शराब की फुटकर बिक्री के एकान्तिक विशेषाधिकार के लिए लाइसेंस प्रदान किए जाने के लिए प्रतिफल के शेष भाग से है, जो लाइसेंसधारी द्वारा देय होगी। यह धनराशि दुकान के लिए नियत वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा पर उदग्रहणीय प्रतिफल फीस के बराबर होगी जिसकी दर समय- समय पर राज्य सरकार द्वारा विनिश्चित की जायेगी;

परन्तु यदि व्यवस्थापन मध्य सत्र में होता है, तो यह अवशेष अवधि की न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा में निहित प्रतिफल फीस के बराबर होगी;

(थ) “लाइसेंस फीस की मासिक किस्त” का तात्पर्य बेसिक लाइसेंस फीस के अतिरिक्त देय निर्धारित मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा में निहित प्रतिफल फीस से है जो प्रत्येक माह देय होगी। लाइसेंसधारी द्वारा एक माह में उठाई गई देशी शराब की मात्रा में निहित प्रतिफल फीस का समायोजन नियमावली के उपबन्धों के अधीन रहते हुए लाइसेंस फीस की मासिक किस्त के सापेक्ष किया जायेगा;

(द) “मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा” अथवा “मासिक एम.जी.क्यू.” का तात्पर्य वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के 1/12 भाग से है;

(ध) “एम.जी.आर.(सी.एल .- बीयर)”का तात्पर्य आबकारी आयुक्त द्वारा जारी सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों के अनुसार लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा आबकारी वर्ष हेतु यथा नियत न्यूनतम राजस्व से है जिसको सी.एल.-5सीसी लाइसेंस प्राप्त लाइसेंसधारी द्वारा मासिक/त्रैमासिक आधार पर, जैसा कि विहित किया जाय, राजकोष में जमा करना अनिवार्य होगा और जिसका समायोजन लाइसेंसधारी द्वारा अपनी दुकान पर बीयर की फुटकर बिक्री हेतु थोक लाइसेंस से बीयर (वाइन एवं एल.ए.बी. को छोड़कर) की ली गयी निकासी में सन्निहित राजस्व के सापेक्ष अनुमन्य होगा;

(न) “पोर्टल” का तात्पर्य विनिर्दिष्ट रूप से निर्मित इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म, जिस पर मदिरा निर्माण एवं इसके वितरण की समाप्य अवस्था तक की प्रक्रिया से सम्बन्धित सूचनाओं को विहित प्रारूप में अपलोड किये जाने के प्रयोजन से है;

(प) “प्रतिभूति धनराशि” का तात्पर्य बेसिक लाइसेंस फीस को छोड़कर लाइसेंस फीस के 1/10 भाग के बराबर धनराशि से है जो जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिवरीकृत ई-बैंक गारण्टी के रूप में अथवा आबकारी आयुक्त द्वारा यथा विहित किसी अन्य लिखत के माध्यम से या किसी अन्य रीति से जमा की जायेगी और जो राज्य सरकार के समस्त दावों और देयों के अन्तिम व्यवस्थापन के पश्चात वापस किये जाने योग्य होगी;

परन्तु यह कि नवीकरण की स्थिति में, पूर्व में नकद या राष्ट्रीय बचत पत्र (एन0एस0सी0) अथवा बैंक गारंटी के माध्यम से जमा की गयी प्रतिभूति तब तक मान्य होगी, जब तक इसकी वापसी न कर दी जाय;

(फ) “व्यवस्थापन” का तात्पर्य आवेदक के पक्ष में दुकानों का आवंटन (ई-नवीकरण, ई-लाटरी या ई-निविदा के माध्यम से, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाय) करने और अन्य औपचारिकताओं को पूर्ण किये जाने पर संपूर्ण आबकारी वर्ष अथवा इसके किसी भाग हेतु लाइसेंस प्रदान किये जाने से है। आगामी वर्ष के लिये दुकानों का व्यवस्थापन विगत वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व किया जा सकता है।

(ब) “ऋणशोधन क्षमता” का तात्पर्य फुटकर लाइसेंस की स्वीकृति के लिये आवेदन करने हेतु आवेदक के लिये निर्धारित वित्तीय अर्हता के मानदण्ड से है;

(भ) “उत्तर प्रदेश निर्मित शराब (यू.पी.एम.एल.)” का तात्पर्य ग्रेन एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल से विनिर्मित ऐसी अल्कोहलीय सांद्रता एवं गुणवत्ता वाली देशी स्प्रिट से है, जैसा कि समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा नियत की जाय।

(2) इस नियमावली में अपरिभाषित किन्तु अधिनियम में परिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में क्रमशः उनके लिए समनुदेशित हों।

3. फुटकर बिक्री के लिए लाइसेंस का व्यवस्थापन

(क) इस नियमावली के उपबन्धों और निर्धारित बेसिक लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि के भुगतान के अध्यधीन, देशी शराब की बिक्री के लिए फुटकर दुकान का लाइसेंस नियम-10 के अनुसार चयनित आवेदक के पक्ष में स्वीकृत कर, इसे व्यवस्थित अथवा पुनर्व्यवस्थित किया जायेगा।

(ख) भू-गृहादि के अन्दर और उसके बाहर दोनों ही प्रकार से उपभोग के लिए आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर यथा अनुमोदित ऐसे पात्रों में देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये लाइसेंस प्रपत्र दे0श0-5सी में प्रदान किया जायेगा।

(ग) ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016 और सक्षम प्राधिकारी अथवा किसी सक्षम न्यायालय द्वारा निर्गत किसी अन्य मार्गदर्शक सिद्धांतों/नियमों/ निर्देशों के अनुसार दुकानों पर मदिरा का उपभोग किये जाने के बाद खाली हुये पात्रों के निस्तारण का दायित्व दुकान के लाइसेंसधारी/ विक्रेता /आसवक का होगा।

(घ) ऐसी देशी शराब की फुटकर दुकानों जिनके 3 कि.मी. की परिधि में कोई कम्पोजिट शॉप अथवा मॉडल शॉप न हो, को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट शर्तों और निबंधनों के अध्यधीन बीयर की फुटकर बिक्री करने की अनुमति, लाइसेंसधारी द्वारा आवेदन करने पर पर प्रदान की जा सकेगी। ऐसी देशी मदिरा दुकानों पर बीयर की बिक्री अनुमन्य किये जाने पर लाइसेंसधारी को प्रारुप सी.एल.- 5 सी.सी. में लाइसेंस प्रदान किया जायेगा। उक्त प्रयोजन हेतु लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा जिला में सी.एल.- 5सीसी लाइसेंस हेतु अर्ह देशी मदिरा दुकानों की सूची प्रकाशित करते हुये इच्छुक देशी मदिरा लाइसेंसधारियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किये जायेंगे। ऐसी दुकानों पर बीयर की बिक्री के संबंध में न्यूनतम प्रत्याभूत वार्षिक राजस्व(एम.जी.आर.)नियत किया जायेगा। यह न्यूनतम प्रत्याभूत वार्षिक राजस्व, राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जिला में प्रति कम्पोजिट दुकान बियर के एक विशिष्ट प्रतिशत के रुप विनिर्दिष्ट किया जायेगा। इसे एम.जी.आर. (सी.एल.- बीयर) कहा जायेगा जो जिला में अतिरिक्त रूप से अधिरोपित किया जायेगा। बीयर की बिक्री की अनुमन्यता हेतु ऐसी दुकानों से अतिरिक्त लाइसेंस फीस, जो राज्य सरकार द्वारा यथा विहित रीति से आगणित होगी, ली जायेगी। सी.एल .- 5सी.सी. दुकानों पर बीयर का उपभोग अनुमन्य होगा जिसके लिये कोई अतिरिक्त शुल्क प्रभारित नही किया जायेगा। सी.एल .- 5सीसी दुकानों हेतु नियत बीयर की बिक्री से संबंधित लाइसेंस फीस और एम.जी.आर. (सी.एल.बीयर) का लेखा प्रत्येक स्तर पर रखा जाना अनिवार्य होगा। सी.एल .- 5सीसी दुकानों हेतु बीयर की बिक्री से संबंधित लाइसेंस फीस के 10 प्रतिशत के समतुल्य प्रतिभूति भी नियमानुसार अतिरिक्त रूप से जमा करायी जायेगी। देशी मदिरा हेतु प्रतिभूति की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी।

4. फुटकर दुकानों की संख्या और स्थिति के निर्धारण की शक्ति

राज्य सरकार या आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर निर्गत सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों के अधीन लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा दुकानों की संख्या निर्धारित की जायेगी। दुकानों की प्रास्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दुकान को भू-टैग एवं जियो फेन्स किया जायेगा। दुकानों की स्थिति समय-समय पर यथासंशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या और स्थिति नियमावली, 1968 के उपबन्धों के अनुसार होगी।

परन्तु राज्य सरकार या आबकारी आयुक्त द्वारा किसी आबकारी वर्ष में जिले के लाइसेंस प्राधिकारी की मांग पर नई दुकानों का सृजन किया जा सकता है।

5. लाइसेंस की अवधि

लाइसेंस की अवधि एक आबकारी वर्ष अथवा उसके भाग, जिसके लिये लाइसेंस प्रदान किया गया है, होगी, किन्तु अगले आबकारी वर्ष हेतु लाइसेंसधारी का चयन इस नियमावली के नियम-10 के अनुसार किया जायेगा।

6. लाइसेंस की स्वीकृति

सरकार द्वारा समय-समय पर यथा विनिर्दिष्ट समय-सीमा एवं इन नियमों के उपबन्धों के अनुसार, बेसिक लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि का भुगतान करने पर लाइसेंस निर्गत किया जायेगा। बेसिक लाइसेंस फीस अधिमानतः राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट ई- पेमेन्ट प्लेटफॉर्म के माध्यम से जमा की जायेगी और प्रतिभूति धनराशि आबकारी आयुक्त द्वारा विहित रीति से जमा की जायेगी।

सी.एल.- 5सीसी लाइसेंस प्रदान करने के पूर्व सी.एल.- 5सी लाइसेंसधारी को राज्य सरकार द्वारा अवधारित प्रक्रिया के अनुसार आगणित बीयर की बिक्री हेतु लाइसेंस फीस एवं प्रतिभूति धनराशि भी जमा करना अनिवार्य होगा।

लाइसेंसधारी के लिये यह अनिवार्य होगा कि वह सी.एल.- 5सी लाइसेंस के संबंध में उस जिले के जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय में, आवश्यक मूल्य का ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र अथवा प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी धारित सम्पत्ति प्रमाण- पत्र की मूलप्रति अथवा किसी अन्य जिला आबकारी अधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करे, जहाँ से उसे लाइसेंस स्वीकृत किया गया है।

7. लाइसेंस स्वीकृति के लिये आवेदन

(क) जब कभी किसी नवसृजित अथवा अव्यवस्थित दुकान का व्यवस्थापन आवश्यक हो, लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा, उस दुकान/दुकानों का दैनिक समाचार पत्रों, जिनका उस क्षेत्र में परिचालन हो और जिले की वेबसाइट पर व्यापक प्रचार कराया जायेगा और राज्य सरकार द्वारा अवधारित रीति से आवेदन पत्र आमंत्रित किया जायेगा।

(ख) देशी मदिरा की फुटकर दुकानों की सूची, जिनके लाइसेंस की स्वीकृति कलेक्टर द्वारा प्रस्तावित हो , की सूची दुकानवार बेसिक लाइसेंस फीस, वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा, लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि सहित कलेक्टर के कार्यालय, तहसील कार्यालय, जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय और प्रभार के उप आबकारी आयुक्त कार्यालय में प्रदर्शित की जायेगी। यह सूचना जिला की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जायेगी।

(ग) लाइसेंस की स्वीकृति के लिए आवेदन समाचार पत्रों में अथवा वेबसाईट पर अधिसूचित विज्ञप्ति में दी गई समय-सारिणी के अनुसार विहित रीति से जमा किये जायेंगे।

प्रत्येक आवेदन पत्र के सापेक्ष आवेदक द्वारा अप्रतिदेय प्रसंस्करण फीस का भुगतान राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर यथानिर्धारित दर से आनलाइन किया जायेगा।

(घ) आवेदन पत्र प्राप्ति के लिए निर्धारित किया जाने वाला अन्तिम दिनांक, किसी समाचार पत्रों एवं संबंधित जिले की वेबसाइट में जारी किए गए विज्ञापन में यथा नियत दिवसों से पूर्व नहीं होगा।

8. आवेदकों के लिये पात्रता की शर्तें

फुटकर देशी शराब की दुकानों के लाइसेंस के लिए आवेदकों को अपनी पात्रता सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी, अर्थात्-

(क) आवेदक एक ऐसा व्यक्ति होना चाहिये जो भारत का नागरिक हो।

भागीदार वाली फर्म अथवा कम्पनी फुटकर लाइसेंस स्वीकृति हेतु पात्र नहीं होंगी। इसी प्रकार थोक विक्रेता या आसवनी/मदिरा विनिर्माता भी किसी प्रकार की फुटकर दुकान का लाइसेंसधारण करने हेतु पात्र नहीं होंगे।

दुकान के आवंटन के पश्चात् आवेदक की प्रास्थिति में कोई परिवर्तन अनुमन्य नहीं होगा। लाइसेंसधारी की मृत्यु की दशा में लाइसेंसधारी द्वारा प्रस्तुत किये गये नामनिर्देशन शपथ पत्र (यदि कोई हो) के अनुसार उल्लिखित विधिक वारिसों/परिवार के सदस्यों/निकट सम्बन्धियों के नाम, यदि अन्यथा अपात्र न हों, लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंस धारक बने रहने के लिये नामनिर्देशन शपथ पत्र में उल्लिखित वरीयता के अनुसार विचारित किये जायेंगे।

परन्तु यह कि यदि मृतक लाइसेंसधारी के नामनिर्देशन शपथ पत्र की अनुपलब्धता की स्थिति में उसका विधिक वारिस, यदि अन्यथा पात्र हो, तो वह लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारक बना रह सकता है।

(ख) आवेदक, आवेदन पत्र प्राप्त किये जाने के लिये नियत अवधि के प्रथम दिवस पर इक्कीस वर्ष की आयु से अधिक हो।

(ग) आवेदक व्यतिक्रमी न हो अथवा उसका नाम काली सूची में न डाला गया हो, या अधिनियम या तद्धीन बनायी गयी नियमावली के उपबन्धों के अधीन आबकारी लाइसेंस धारण करने से विवर्जित न किया गया हो। कोई व्यक्ति, जो किसी आबकारी अपराध के लिए दोषसिद्ध पाया गया हो, लाइसेंस धारण करने से विवर्जित किया जायेगा/रहेगा जब तक कि उसे सक्षम न्यायालय द्वारा पूर्णतः और अन्तिम रूप से दोषमुक्त न कर दिया गया हो;

(गग) आवेदक एक दुकान के लिए मात्र एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाने के लिए पात्र होगा। एक ही आवेदक का एक दुकान पर एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर अतिरिक्त आवेदन निरस्त कर दिये जायेंगे।

(घ) आवेदक, निम्नलिखित की पुष्टि में पब्लिक नोटरी द्वारा सम्यक रूप से अभिप्रमाणित शपथपत्र प्रस्तुत करेगा/करेगी, अर्थात:-

(एक) यह कि समय-समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या एवं स्थिति नियमावली, 1968 के उपबन्धों के अनुकूल उस स्थान पर दुकान खोलने हेतु उपयुक्त परिसर रखता है अथवा किराए पर उस स्थान पर उपयुक्त परिसर का प्रबन्ध कर सकता है।

(दो) यह कि उसकी दुकान के प्रस्तावित परिसर के निर्माण में किसी विधि अथवा नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है;

(तीन) यह कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनकी कोई अपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है और संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 या स्वापक ओषधि एवं मनःप्रभावी अधिनियम 1985 के अधीन दण्डनीय किसी अपराध या किसी अन्य संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध के लिए दोषसिद्ध न किया गया है;

(चार) यह कि लाइसेंसधारी के रूप में चयनित हो जाने की दशा में जिला, जहाँ का वह निवासी है, के जिला कलेक्टर या सम्बन्धित जिला के पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरी के पुलिस आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट, सहायक पुलिस आयुक्त रैंक के अनिम्न अधिकारी द्वारा जारी इस आशय का प्रमाण-पत्र लाइसेंस जारी होने के पूर्व प्रस्तुत करेगा/करेगी कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का चरित्र अच्छा है एवं उनकी कोई अपराधिक पृष्ठभूमि या आपराधिक इतिहास नहीं है।

(पाँच) यह कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को बिक्रीकर्ता या प्रतिनिधि के रूप में नियोजित नहीं करेगा/करेगी, जिसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी, या जो किसी संक्रामक रोग से ग्रसित हो या 21 वर्ष से कम आयु का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी, जिला आबकारी अधिकारी से राज्य सरकार द्वारा समय समय पर यथाविहित फीस के संदाय के उपरान्त प्राधिकृत बिक्रेता/प्राधिकृत प्रतिनिधि का फोटोयुक्त नौकरनामा प्राप्त करेगा/करेगी।

(छः) यह कि उस पर कोई लोक या राजकीय देयता का बकाया नहीं है।

(सात) यह कि वह ऋणशोधक्षम है और आवश्यक निधि रखता है या उसने कारोबार के संचालन के लिए आवश्यक निधि का प्रबन्ध कर लिया है, जिसका  ब्योरा, यदि अपेक्षित होगा, लाइसेंस प्राधिकारी को उपलब्ध करा देगा।

(आठ) यह कि यह सक्रिय रूप से माफिया गतिविधियों, असामाजिक कार्यों एवं संगठित अपराधिक गतिविधियों में लिप्त नहीं है। यदि लाइसेंस प्राप्त हो जाने के उपरान्त भी यह प्रमाणित हो जाता है कि वह उपरिवर्णित गतिविधियों में लिप्त है तो उसे प्रदान किया गया लाइसेंस निरस्त कर दिया जाये।

(नौ) यह कि आवेदक बार काउसिंल में रजिस्ट्रीकृत अधिवक्ता नहीं है। यदि लाइसेंस प्राप्त कर लेने के पश्चात उसे बार काउसिंल में रजिस्ट्रीकृत अधिवक्ता पाया जाता है तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जायेगा।

(दस) निकाल दिया गया।

(ग्यारह) निकाल दिया गया।

(बारह) केन्द्र सरकार अथवा किसी राज्य सरकार का कर्मचारी भी लाइसेंस स्वीकृति हेतु आवेदन प्रस्तुत करने के लिये अपात्र होगा।

(ङ) निकाल दिया गया।

(च) यह कि आवेदक वैध ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र या प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा निर्गत सम्पत्ति स्वामित्व प्रमाण-पत्र का धारक हो तथा उसकी ऋणशोधन क्षमता/ प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा निर्गत सम्पति स्वामित्व प्रमाण पत्र की मालियत जिला में आवेदित दुकान का लाइसेंस प्रदान करने के लिए निर्धारित बेसिक लाइसेंस फीस एवं लाइसेंस फीस के योग की धनराशि के 1/6 भाग से कम नही होना चाहिये;

9. लाईसेंस के लिये जिला स्तरीय समिति

देशी शराब की फुटकर बिक्री के लाइसेंसधारियों के चयन हेतु एक जिला स्तरीय समिति होगी। समिति में निम्‍नलिखित सदस्य होगें अर्थात् :-

(एक) जिले का कलेक्टर अध्यक्ष
(दो) सम्बन्धित जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्‍नरी के पुलिस आयुक्‍त द्वारा नामनिर्दिष्ट एक अधिकारी, जो सहायक पुलिस आयुक्‍त की रैंक से नीचे का न हो, सदस्य
(तीन) आबकारी आयुक्‍त द्वारा नामित आबकारी विभाग का एक राजपत्रित अधिकारी सदस्य
(चार) जिले का जिला आबकारी अधिकारी सदस्य/सचिव

10. लाईसेंसधारी का चयन

(क) (1) किसी दुकान के लिये लाइसेंसधारी का चयन ई-लाटरी, ई-नवीनीकरण तथा ई-टेण्डर की तीन प्रक्रियाओं में से किया जायेगा जो राज्य सरकार द्वारा उस विशिष्ट वर्ष हेतु विनिर्दिष्ट हो।

परन्तु यह कि अधिनियम की धारा-36-क के अधीन किसी लाइसेंसधारी को लाइसेंस के नवीकरण का अधिकार नहीं होगा।

(2) राज्य सरकार द्वारा किसी विशिष्ट वर्ष हेतु नवीकरण विनिर्दिष्ट न किये जाने की स्थिति में लाइसेंसधारियों का दुकानवार चयन, आनलाइन आवेदन आमंत्रित कर राज्य सरकार द्वारा यथा विनिर्दिष्ट ई-लाटरी अथवा/एवं ई-टेण्डर की प्रक्रिया के माध्यम से किया जायेगा। यदि राज्य सरकार द्वारा ई नवीकरण विनिर्दिष्ट किया जाता है किन्तु लाइसेंसधारी द्वारा नवीनीकरण का अनुरोध नहीं किया जाता है अथवा लाइसेंसधारी नवीकरण हेतु पात्र नहीं पाया जाता है तो ऐसी स्थिति में भी पूर्वोलिखित ई-लाटरी अथवा/एवं ई-टेण्डर प्रक्रिया अपनायी जायेगी। जिला आबकारी अधिकारी, आनलाइन प्राप्त आवेदनों की संवीक्षा करेगा और समस्त ग्राह्य एवं अग्राह्य आवेदनों की सूची, अग्राह्यता के कारणों को वर्णित करते हुए तैयार करेगा और इस सूची को ई-लाटरी एवं ई-टेण्डर हेतु नियम-9 में यथाउल्लिखित जिला स्तरीय लाइसेंस समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

(3) यदि दुकान का नवीकरण कर दिया गया हो, की स्थिति में और नवीनीकरण शुल्क जमा करने के पश्चात यदि किसी लाइसेंस धारी की मृत्यु हो जाती है और उसके किसी विधिक वारिस अथवा नामनिर्देशिती द्वारा उक्त लाइसेंस के संचालन हेतु आवेदन नहीं दिया जाता है अथवा किसी वारिस नामनिर्देशिती को इस हेतु पात्र नहीं पाया जाता है तो नवीकरण हेतु जमा धनराशि, प्रासेसिंग फीस को छोड़कर विधिक वारिस के पक्ष में प्रतिदाय कर दी जायेगी।

(ख) ई-लॉटरी की स्थिति में पात्र आवेदकों में से दुकानवार लाइसेंसधारी का चयन नियम-2(1)(ड) में यथा परिभाषित प्रत्येक श्रेणी में अधिक्रम के अनुसार देशी शराब की दुकान, माडल शाप, कम्पोजिट शाप और भांग की दुकान श्रेणियों के अनुक्रम कम्प्युटर आधारित यादृच्छि विन्यास के माध्यम से किया जायेगा।

(ग) यदि लाइसेंसधारी का चयन ई-टेण्डर के माध्यम से किया जाता है तो टेण्डर/आफर आमंत्रित करने की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट की जायेगी।

(घ) संपूर्ण राज्य में किसी भी व्यक्ति के सभी श्रेणी की देशी शराब की दुकान, माडल शाप, कम्पोजिट शाप एवं भांग दुकानों सहित दो से अधिक दुकानें आवंटित नहीं की जायेंगी।

परन्तु यह कि नवीनीकरण/नामांतरण के मामलों में पूर्वाक्त निर्बंधन विधिक वारिस/परिवार के सदस्य/निकट संबंधी के पक्ष में लागू नहीं होगा।

परन्तु यह और कि किसी आवेदक के पक्ष में संपूर्ण राज्य में दो या दो से अधिक दुकानों के नवीकरण होने अथवा दो या दो से अधिक दुकानें पूर्व से व्यवस्थित होने की स्थिति में, वह ई-लाटरी/ई-टेण्डर के माध्यम से अतिरिक्त दुकानों के चयन हेतु पात्र नहीं होगा/होगी।

(ङ) ई-लाटरी अथवा ई-नवीकरण अथवा ई-टेण्डर के माध्यम से लाइसेंसधारी के रूप में चयनित व्यक्ति को बेसिक लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट समयसारिणी एवं रीति के अनुसार जमा करना, तथा समस्त अन्य विनिर्दिष्ट औपचारिकतायें पूरी करना तथा विनिर्दिष्ट समयावधि के भीतर उपयुक्त दुकान परिसर की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। यदि लाइसेंसधारी के रूप में चयनित व्यक्ति द्वारा उपर्युक्त का अनुपालन नहीं किया जाता है तो लाइसेंस प्राधिकारी आवंटन/लाइसेंस को निरस्त कर देगा और दुकान के पुर्नव्यवस्थापन हेतु राज्य सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट आवश्यक कदम उठायेगा।

(च) यदि किसी विशिष्ट दुकान के लिए यथा स्थिति ई- लाटरी, ई-नवीकरण अथवा ई-टेण्डर प्रक्रिया में कोई आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हो या किसी दुकान के लिए कोई अभ्यर्थी उपयुक्त नहीं पाया जाये तो लाइसेंस प्राधिकारी दुकान के पुर्नव्यवस्थापन हेतु राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट प्रक्रिया के माध्यम से तत्काल कदम उठायेगा।

11.व्यवस्थित की गयी दुकानों का विवरण

जिला आबकारी अधिकारी दुकान/दुकानों के व्यवस्थापन के पश्चात आबकारी आयुक्त द्वारा विहित अवधि में व्यवस्थित की गयी दुकान/दुकानों का विवरण आबकारी आयुक्त को भेजेगा और लाइसेंसधारियों के नाम और पते, दुकानों की जियो टैग स्थिति, प्रतिभूति धनराशि, वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा, लाइसेंस फीस एवं बेसिक लाइसेंस फीस के रुप में जमा की गयी धनराशि का विवरण आबकारी विभाग के विहित पोर्टल पर पर अपलोड करेगा।

12. बेसिक लाइसेंस फीस एवं प्रतिभूति धनराशि का भुगतान

यदि किसी आवेदक का चयन नियम-10 के अनुसार लाइसेंसधारी के रूप में किया जाता है, तो वह अपने चयन के दिनांक से तीन कार्य दिवसों के भीतर बेसिक लाइसेंस फीस की सम्पूर्ण धनराशि अनिवार्यतः जमा करेगा/करेगी। उसे प्रतिभूति धनराशि एवं अन्य देयकों का भी भुगतान राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट समयावधि एवं रीति के अनुसार किस्तों में करना होगा:

परन्तु यह कि यदि प्रतिभूति धनराशि विहित अवधि के भीतर जमा नही की जाती है तो, रु. 2000/- प्रति दिवस की दर से शास्ति अधिरोपित होगी। शास्ति सहित प्रतिभूति धनराशि जमा करने हेतु विहित अवधि के अतिरिक्त मात्र 15 अतिरिक्त कार्य दिवस की अवधि अनुमन्य होगी :

परन्तु यह और कि यदि आवेदक विहित समयावधि के भीतर बेसिक लाइसेंस फीस या प्रतिभूति धनराशि जमा करने में विफल रहता है तो लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा उसका चयन निरस्त कर दिया जायेगा और समस्त जमा धनराशियों को समपहृत कर लिया
जायेगा।

परन्तु यह भी कि नवीकरण की स्थिति में पूर्व में नकद या राष्ट्रीय बचत पत्र (एन0एस0सी0) अथवा सावधि जमा रसीद अथवा बैंक गारंटी के माध्यम से जमा की गयी प्रतिभूति तब तक मान्य होगी, जब तक इसकी वापसी न कर दी जाय।

13. शराब/बीयर का उठान

(क) इस नियमावली के अधीन लाइसेंसधारी देशी शराब के लागत मूल्य का पूर्ण भुगतान, अधिमानतः किसी ई- पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से जिसके अन्तर्गत सभी कर, शुल्क, फीस (अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क सहित) और उपकर जो समय-समय पर उद्ग्रहीत किये जायें, करने के पश्चात् जनपद के किसी थोक लाइसेंसधारी से देशी शराब की आपूर्ति प्राप्त करेगा/करेगी । लाइसेंसधारी मांग पत्र कम से कम 72 घंटे पूर्व जिले में उस थोक लाइसेंसधारी को प्रस्तुत करेगा, जिससे वह देशी शराब की आपूर्ति प्राप्त करना चाहता है।

सी.एल.- 5सी.सी. लाइसेंसधारी को अपनी दुकान हेतु यथा विहित मासिक/ त्रैमासिक एम.जी.आर.(सी.एल .- बीयर) के सापेक्ष समायोजन हेतु जिला के किसी एफ.एल .- 2बी थोक लाइसेंसधारी से बीयर की आपूर्ति, बीयर के लागत मूल्य का पूर्ण भुगतान, अधिमानतः किसी ई- पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से जिसके अन्तर्गत सभी कर, शुल्क, फीस (अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क सहित) और उपकर जो समय-समय पर उद्गृहीत किये जायें, करने के पश्चात् प्राप्‍त करना अनिवार्य होगा। लाइसेंसधारी मांग पत्र, कम से कम 72 घंटे पूर्व जिला के उस थोक लाइसेंसधारी को प्रस्तुत करेगा/करेगी जिससे वह बीयर की आपूर्ति चाहता है।

(ख) किसी जिला में एक से अधिक थोक लाइसेंसधारी होने की दशा में राज्य-सरकार द्वारा किसी एक थोक लाइसेंसधारी से उठान की सीमा तय की जा सकती है।

(ग) देशी मदिरा फुटकर दुकानों द्वारा किसी एक आसवनी के समस्त ब्राण्डों (समस्त सी.एल.बी .- 1 एवं सी.एल.बी .- 2 में उत्पादित) की मदिरा की निकासी अपने एम.जी.क्यू. के ऐसे अधिकतम प्रतिशत तक जैसा कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट किया जाय तक ही ली जायेगी। मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के उठान के उपरांत अधिक ली गयी निकासी पर यह उपबंध लागू नहीं होगा। इस उपबंध का पालन न करने पर न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा तक की निकासी में अनियमित रूप से ली गयी निकासी की मात्रा पर राज्य सरकार द्वारा विहित दर से शुल्क लाइसेंसधारी द्वारा जमा किया जायेगा।

(घ) (एक) यदि सी.एल.- 5सी.सी. लाइसेंसधारी किसी माह/त्रैमास में दुकान हेतु बीयर के विहित मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के समतुल्य संबंधित थोक लाइसेंस से आवश्यक बीयर की निकासी लेने में विफल रहता है तो उसे सम्बन्धित माह/त्रैमास के बकाया राजस्व के समतुल्य अतिरिक्त प्रतिभूति धनराशि गिरवीकृत सावधि जमा रसीद के रूप मे जिला आबकारी अधिकारी को 10 दिवस के अंदर जमा करना होगा, जिसका पालन न करने पर लाइसेंस निरस्त कर दुकान के पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही की जायेगी और बकाया राजस्व की नियमानुसार वसूली की प्रकिया आरम्भ की जायेगी। दुकान पर अविक्रीत स्टाक भी जब्त कर लिया जायेगा:

परन्तु यह कि संबंधित माह/त्रैमास के बकाया राजस्व के समतुल्य अतिरिक्त प्रतिभूति समयांतर्गत जमा करने की दशा और मदिरा उठाने में विलम्ब हेतु विहित प्रशमन शुल्क सहित विलम्बमर्षण के पश्चात लाइसेंसधारी को गत माह/त्रैमास के बकाया राजस्व और चालू माह के न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के समतुल्य निकासी लिया जाना अनुमन्य होगा;

(दो) इस प्रकार जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति की सावधि जमा रसीद, अगले माह के मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व सहित गत माह त्रैमास में इस प्रकार हुयी कमी के बराबर मदिरा का उठान किये जाने के पश्चात् अन्य कोई बकाया शेष न रहने की स्थिति में जिला आबकारी अधिकारी द्वारा अविलम्ब वापस कर दी जायेगी;

(तीन) यदि लाइसेंसधारी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले एक या अधिक माहों की मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के बराबर मदिरा का उठान करने में विफल रहता है तो उसके द्वारा जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति एवं प्रतिभूति को राजस्व की ऐसी कमी के सापेक्ष समायोजित किया जायेगा और शेष प्रतिभूति वापस कर दी जायेगी;

यदि जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति और प्रतिभूति, राजस्व में कमी के सापेक्ष समायोजन के लिए अपर्याप्त हो तो शेष राजस्व की वसूली उस प्रकार से की जायेगी मानों यह भू-राजस्व का बकाया हो;

14. लाइसेंस फीस की मासिक किस्त का भुगतान और विफलता के परिणाम

(क) लाइसेंसधारी को माह के अन्तिम दिनांक तक लाइसेंस फीस की मासिक किस्त जमा करनी होगी, तथापि उसके द्वारा सम्बन्धित माह के दौरान उठायी गयी देशी शराब की मात्रा/संख्या में निहित प्रतिफल शुल्क को, इस नियमावली के उपबन्धों के अधीन लाइसेंस फीस की मासिक किस्त में समायोजित किया जायेगा।

परन्तु यह कि लाइसेंसधारी द्वारा मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा का पूर्ण रूप से उठान न किये जाने की स्थिति में लाइसेंसधारी को, न उठाये गये न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा में सन्निहित प्रतिफल शुल्क व इसमें सन्निहित 36 प्रतिशत वी0/वी0 तीव्रता की देशी मदिरा के 200 एम0एल0 की बोतलों की संख्या पर देय अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क जमा करना आवश्यक होगा।

(ख) लाइसेंसधारी से अपेक्षा की जायेगी कि वह अगले माह के प्रथम दिनांक के सायं 5 बजे तक स्वयं पर देय लाइसेंस फीस की गणना व सत्यापन हेतु अपने द्वारा उठायी गयी देशी शराब व जमा की गयी लाइसेंस फीस का विवरण देते हुये अपना लेखा और लाइसेंस फीस पासबुक जिला आबकारी अधिकारी को प्रस्तुत कर दे।

(ग) लाइसेंसधारी द्वारा उठायी गयी देशी शराब में निहित प्रतिफल शुल्क के सम्यक समायोजन के पश्चात लाइसेंस फीस में कोई कमी होने की स्थिति में अथवा यदि वह लाइसेंस फीस की कमी की पूर्ति करने में विफल रहता है, तब जिला आबकारी अधिकारी लाइसेंस फीस की अवशेष अधिशेष धनराशि को लाइसेंसधारी द्वारा जमा प्रतिभूति धनराशि में से समायोजित कर लेगा एवं प्रतिभूति धनराशि में आयी कमी को नकद जमा कराने हेतु लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा लाइसेंसधारी को नोटिस देने के पश्चात् उसे सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुये कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इस कार्यवाही की अधिकतम समय सीमा माह के प्रारम्भ से दस कार्य दिवस होगी। अपेक्षित प्रतिभूति धनराशि की पुनः पूर्ति न करने की दशा में नियत अवधि व्यतीत हो जाने पर प्रश्नगत लाइसेंस, लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया जायेगा।

मसान्त के पश्चात् आगामी माह में देशी शराब की मात्रा उठाने हेतु प्रतिभूति धनराशि की घाटे की पुनःपूर्ति करने की अनुज्ञा नही प्रदान की जायेगी।

(घ) (1) अपने मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा का अंश, जिसे वह उठाने में सक्षम न हो, उसी प्रकार के अन्य लाइसेंसधारी या लाइसेंसधारियों को अन्तरित करना चाहने वाले लाइसेंसधारी को किसी आबकारी जिला के भीतर मासिक आधार पर ऐसे अंश (कोटा) का अन्तरण करने की अनुज्ञा प्रदान की जा सकती है।

(2) अन्तरणकर्ता लाइसेंसधारी अंतरिती लाइसेंसधारी की सहमति से जिला के जिला आबकारी अधिकारी से अनुरोध करेगा। अन्तरण की निबन्धनों का विनिश्चय, दोनों अन्तरणकर्ता और अंतरिती लाइसेंसधारियों द्वारा पारस्परिक रुप से किया जायेगा।

(3) अन्तरणकर्ता लाइसेंसधारी के अनुरोध का अनुमोदन किये जाने पर उसके द्वारा अंतरित किये जाने हेतु करारकृत कोटा को उसके मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा में से घटा दिया जायेगा और उसे उठा लिया गया समझा जायेगा तथा उसे अंतरिती लाइसेंसधारी के लेखा में अंतरित मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के रूप में जोड़ दिया जायेगा। यह मात्रा अंतरिती लाइसेंसधारी के मूल मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के अतिरिक्त होगी और उसका मूल कोटा उठाये जाने से सम्बन्धित उसका दायित्व प्रभावित नही होगा।

(4) राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से आबकारी आयुक्त द्वारा कोटा यथाविहित अंतरण फीस, अंतरणकर्ता लाइसेंसधारी द्वारा ऐसा अनुरोध किये जाने के समय संदेय होगी।

परन्तु यह कि इस उपबंध के अधीन अंतरित कुल कोटा, अंतरणकर्ता लाइसेंसधारी के मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। उसी प्रकार से अंतरिती लाइसेंसधारी अपने मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के 20 प्रतिशत से अधिक ऐसा अंतरित कोटा प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा।

15. न्यूनतम मासिक प्रत्याभूत मात्रा से अधिक देशी शराब की उठान और लाइसेंस फीस के जमा अवशेष का उपार्जन

(1) अनुज्ञापी न्यूनतम गारंटी मात्रा से बढ़कर किसी तीव्रता की देशी शराब का उठान कर सकता है, जिसके लिये अनुज्ञापी कोई अतिरिक्त बेसिक लाइसेंस फीस के भुगतान के लिये दायी नहीं होगा।

(2) निकाल दिया गया।

(3) निकाल दिया गया।

16. अधिकतम फुटकर मूल्‍य

(1) देशी शराब के एसेप्टिक ब्रिक पैक के लेबिलों पर तथा बीयर की बोतलों/कैनों पर राज्य सरकार की अनुमति से आबकारी आयुक्त द्वारा यथा नियत अधिकतम फुटकर बिक्री मूल्य अंकित होगा। लाइसेंसधारी, लेबिलों पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य उपभोक्ताओं पर प्रभारित नहीं करेगा। अधिकतम फुटकर बिक्री मूल्य से अधिक मूल्य प्रभारित किये जाने की दशा में उसके विरुद्ध नियम-21 के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

(2) प्रत्येक दुकान पर डिजिटल पेमेन्ट की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।

(3) मदिरा की बिक्री विभाग द्वारा विहित पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से की जायेगी।

17. बिक्री की अवधि और दुकानों की बन्दी

लाइसेंस प्राप्त परिसर, 14 अप्रैल (अम्बेदकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गाँधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बन्दी हेतु यथा अधिसूचित तीन और दिवसों के अतिरिक्त, सभी दिवसों पर मध्यान्ह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक बिक्री के लिए खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के उपबन्धों के अधीन कानून और व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रियाकलापों के कारण भी दुकान की बन्दी का आदेश दे सकता है। उपरोक्त आधार पर दुकान की बन्दी के लिए कोई प्रतिकर नही प्रदान किया जायेगा।

परन्तु यह कि विशेष अवसरों पर कतिपय अवधि के लिए बिक्री के घंटों में, जैसा कि राज्य सरकार उचित समझे, परिवर्तन किया जा सकेगा।

18. लाइसेंस की समाप्ति पर बचे अवशेष स्‍टॉक का निस्‍तारण

(1) लाइसेंस अवधि की समाप्ति पर लाइसेंसधारी, देशी शराब/यू.पी.एम.एल./बीयर की अविक्रीत पायी गयी मात्रा की ब्राण्डवार, धारितावार, तीव्रतावार, एवं पैकेजिंगवार घोषणा जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष अगले दिन 12:00 बजे तक करेगा और ऐसे स्टाक के संबंध में कार्यवाही अथवा निस्तारण राज्य सरकार द्वारा यथा विहित रीति से किया जायेगा।

(2) निकाल दिया गया।

19. अनुज्ञापन का अभ्यर्पण

अनुज्ञापी, अधिनियम की धारा 36 के उपबन्धों के अधीन अपने अनुज्ञापन का अभ्यर्पण लाइसेंस प्राधिकारी को कम से कम एक मास की लिखित नोटिस देकर कर सकता है। ऐसा आवेदन प्राप्त होने पर लाइसेंस प्राधिकारी, उसकी जमा प्रतिभूति से समस्त अवशेष आबकारी देयों की वसूली करने की कार्यवाही करेगा और आबकारी आयुक्त का आदेश प्राप्त कर अतिशेष धनराशि वापस करेगा। लाइसेंस प्राधिकारी, आबकारी वर्ष की शेष अवधि के लिये दुकान के पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही भी आरम्भ करेगा।

20. दुकानों का अन्तरिम व्यवस्थापन

(क) यदि लाइसेंस को इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसरण में निलम्बित, निरस्त या समर्पित किया जाता है और यदि किसी कारण से दुकान का व्यवस्थापन उपनियम-(ग) के अनुसार कराया जाना शेष हो तब लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा दुकान का दैनिक व्यवस्थापन, देशी शराब अथवा देशी शराब एवं बीयर की पृथक पृथक दैनिक बेसिक लाइसेंस फीस/लाइसेंस फीस का आकलन करने के पशचात् राज्य सरकार द्वारा विहित रीति से किया जायेगा। यह व्यवस्थापन दुकानों के लिये ई-टेण्डर आमंत्रित करने की प्रक्रिया के समान प्रक्रिया द्वारा ऑफर आमंत्रित कर ( दुकान की विहित देयताओं के बराबर आधार मूल्य रखते हुए ) उच्च्तम ऑफर के आधार पर एक बार में अधिकतम 14 दिनों के लिये या नियमित व्यवस्थापन के दिनांक तक, जो भी पहले हो, तक के लिये किया जायेगा। लगातार 2 बार ऑफर मांगने की प्रक्रिया में भी यदि विहित देयताओं के समतुल्य आफर प्राप्त नहीं होता है तब तीसरे चरण में राजस्वहित में विहित देयताओं से कम के आफर भी स्वीकार किये जाने का अधिकार लाइसेंस प्राधिकारी को होगा। किसी भी स्थिति में विहित देयताओं के 80 प्रतिशत से कम के आफर स्वीकार नहीं किये जायेंगे। एक दुकान के लिये दो या दो से अधिक समान आफर प्राप्त होने पर सार्वजनिक मैनुअल लाटरी के माध्यम से व्यवस्थापन कराया जायेगा। ऐसे लाइसेंसधारी को दैनिक लाइसेंस फीस की दर के अनुसार अन्तरिम व्यवस्थापन की अवधि के लिए प्रतिभूति धनराशि जमा करना भी अपेक्षित होगा। लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा किसी दुकान का ऐसा व्यवस्थापन दो से अधिक बार किया जा सकता है परन्तु ऐसी स्थिति में आबकारी आयुक्त को सूचित किया जाना अनिवार्य होगा।

(ख) निकाल दिया गया।

(ग) इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार किसी लाईसेंस के निरस्तीकरण या अभ्यर्पण के मामलें में दुकान का मध्य-सत्र में नियमित व्यवस्थापन, नियम-10 के अधीन, लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा शीघ्रातिशीघ्र सार्वजनिक विज्ञापन देकर ई-टेण्डर प्रणाली के माध्यम से कराया जायेगा। ई-टेण्डर प्रणाली के माध्यम से टेण्डर/ ऑफर मांगने की राज्य सरकार द्वारा विहित प्रक्रिया लागू की जायेगी। मध्य सत्र में व्यवस्थापित की जाने वाली दुकानों के लिए ई-निविदा प्रक्रिया में एकल निविदा भी स्वीकार की जायेगी।

21. लाइसेंस का निलम्‍बन/निरस्‍तीकरण व प्रशमन और शास्तियॉ

(1) लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंस को निलम्बित या निरस्त कर सकता है-

(क) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में देशी शराब की कोई बोतल/टेट्रा पैक या पात्र पाया जाय, जिस पर शुल्क का भुगतान नहीं किया गया हो और जिस पर आबकारी आयुक्त द्वारा सम्यक रूप से अनुमोदित शुल्क के भुगतान के प्रमाण के रूप में आबकारी विभाग द्वारा सम्यक रुप से अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा नहीं किया गया हो।

(ख) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में किसी अन्य प्रकार की शराब या मादक ओषधि की बोतल या पात्र (जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत नहीं किया गया है) की बोतल या पात्र पाये जाते है।

(ग) अधिनियम व नियमों के उपबन्धों के विरुद्ध लाइसेंसधारी के कब्जे में यदि कोई मदिरा या मादक औषधि पायी जाती है।

(घ) यदि लाइसेंसधारी द्वारा आवेदन के समय प्रस्तुत शपथ पत्र त्रुटिपूर्ण पाया जाता है और उसमें किया गया कथन असत्य पाया जाता है।

(ङ) यदि यह पाया जाता है कि लाइसेंसधारी फर्जी नाम से प्राप्त किया गया है या लाइसेंसधारी किसी अन्य व्यक्ति के नाम में लाइसेंस धारण किये हुये है।

(च) यदि लाइसेंसधारी लाइसेंस फीस की मासिक किस्त या प्रतिभूति धनराशि में कमी की पूर्ति विहित अवधि में जमा करने में विफल रहता है।

(छ) यदि लाइसेंसधारी अधिनियम में या किसी संज्ञेय और गैर जमानती अपराध में या स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 या भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 482 से 489 अथवा भारतीय न्याय संहिता 2023 की समतुल्य धाराओं के अधीन दण्डनीय अपराध में दोषसिद्ध किया जाता है।

(ज) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में कैरामल, रंग, सुगंधि, होलोग्राम/श्रिंक स्लीव अथवा बार कोड, लेबुल, कैप्सूल, मुहर अथवा अन्य अवैध सामग्री पायी जाती है।

(झ) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में मदिरा का जलापमिश्रण/ या अन्य पदार्थ का मिश्रण/तनुकरण पाया जाता है/उच्च श्रेणी की मदिरा से निम्न श्रेणी की मदिरा का अपमिश्रण पाया जाता है तो विधि के अन्य सुसंगत उपबन्धों के अधीन कार्यवाही भी की जायेगी।

(2) पूर्वोक्त स्थितियों में लाइसेंस प्राधिकारी तत्काल लाइसेंस को निलम्बित कर देगा और लाइसेंस के निरस्तीकरण और प्रतिभूति के समपहरण के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। लाइसेंसधारी नोटिस की प्राप्ति के 7 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करेगा। तत्पश्चात् लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंसधारी को सुने जाने का युक्ति-युक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात् उपयुक्त आदेश पारित करेगा।

परन्तु यह कि पूर्वोक्त नियम-21(1) के उप प्रस्तर (च) में यथा उल्लिखित सुसंगत विषयों से संबंधित लाइसेंस का निलम्बन और निरस्तीकरण की प्रक्रिया, नियम-14 के अनुसार निष्पादित की जायेगी।

(3) लाइसेंस निरस्त किये जाने की दशा में उसके द्वारा जमा की गई बेसिक लाइसेंस फीस, लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि सरकार के पक्ष में समपहृत हो जायेगी और लाइसेंसधारी कोई प्रतिकर या वापसी के दावे का हकदार न होगा। ऐसे लाइसेंसधारी को काली सूची में भी डाला जा सकता है तथा उसे अन्य कोई आबकारी लाइसेंसधारण करने से विवर्जित किया जा सकता है।

(4) फुटकर लाइसेंसों पर प्रशमन योग्य उल्लंघन के प्रकरणों में निम्नानुसार न्यूनतम प्रशमन शुल्क अधिरोपणीय होगा:-

क्र० सं० उल्लंघन का प्रकार प्रथम बार

(रु० में)

द्वितीय बार

(रु० में)

तृतीय बार

(रु० में)

1 2 3 4 5
1 निर्धारित समय से पूर्व अथवा पश्चात् दुकान का खुला पाया जाना। 2,500 3,000 5,000
2 अनाधिकृत विक्रेता द्वारा बिकी करते हुये पाया जाना। 5,000 7,000 10,000
3 स्टाक रजिस्टर माँगने पर न प्रस्तुत करना। 10,000 15,000 20,000
4 स्टाक रजिस्टर अद्यतन न भरा जाना। 10,000 15,000 20,000
5 बेतलों और पौव्वों या उनके लेबुलों, सुरक्षा प्रणाली अथवा बार कोड पिल्फर प्रूफ कैप या सील से बिगाड़ कराना। 10,000 15,000 20,000
6 बिक्री में वृद्धि हेतु ग्राहक को प्रलोभन देना, जुआ अथवा नृत्य का आयोजन करना। 5,000 7,000 10,000
7 ड्यूटी पेड स्टाक को अनधिकृत परिसर गोदाम में संचित करना। 20,000 25,000 30,000
8 लेखानुसार मात्रा से अधिक ड्यूटी पेड स्टाक का पाया जाना। 25,000 30,000 50,000
9 खुली मदिरा की बिक्री किया जाना 5,000 10,000 15,000
10 मद्य निषेध दिवसों / बन्दी के दिनों में मदिरा की बिक्री किया जाना 30,000 40,000 50,000
11 बिना अनुमति परिसर में परिवर्तन करना। 20,000 25,000 30,000
12 निर्धारित एम०आर०पी० से अधिक दर पर मदिरा का विक्रय। 75,000 1,50,000 लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही
13 लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर नियमानुसार साइन बोर्ड में आवश्यक सूचना अंकित न करना अथवा त्रुटिपूर्ण ढंग से अंकित करना 5,000 10,000 20,000
14 दुकान में सफाई की समुचित व्यवस्था न पाया जाना। 2,000 5,000 10,000
15 किसी एक विशेष दुकान हेतु निर्गत मदिरा का दूसरी दुकान पर पाया जाना। 25000 50000 लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही
16 अन्य कोई अनियमितता, जो क्रमांक 01 से 15 तक पर अंकित न हो। 2,000 5,000 10,000

22. विखण्डन और अपवाद

(1)  समय-समय पर यथा संशोधित उत्‍तर प्रदेश आबकारी देशी शराब की फुटकर बिक्री के अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2001, जो आबकारी आयुक्‍त की अधिसूचना संख्या 10805/दस-97बी/संसाधन/ दिनांक 08 मार्च, 2001 के साथ प्रकाशित की गयी एतद्द्वारा विखण्डित की जाती है।

(2)  ऐसे विखंडन के होते हुये भी उप नियम (1) में निर्दिष्ट नियम के उपबंधों के अधीन देशी शराब की दुकान या दुकानों के समूहों के लिये वित्तीय वर्ष 2001-02 के लिए पहले से निष्पादित व्यवस्थापन विद्यमान रहेगा और 31 मार्च, 2002 तक लागू रहेगा।

सी.एल.- 5 सी.

(भूगृहादि पर और उसके बाहर उपभोग के लिए मुहरबन्द असेप्टिक ब्रिक पैक में राज्य सरकार द्वारा विहित तीव्रताओं, धारताओं एवं गुणवत्ता की देशी शराब एवं यू.पी.एम.एल. की फुटकर बिक्री के लिए लाइसेंस)

निबन्धन एवं शर्तें

1. नियम-13 के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंसधारी मूल्य एवं प्रतिफल शुल्क एवं अन्य शुल्क अधिमानतः ई- पेमेन्ट के द्वारा जमा करने के पश्चात् देशी शराब का उठान थोक लाइसेंस सी0एल0-2 के गोदाम से करेगा/करेगी।

2. नियम-14 के उपबन्धों के अनुसार, लाइसेंसधारी को लाइसेंस फीस की मासिक किस्त, माह के अन्तिम दिनांक तक जमा करनी होगी।

3. देशी शराब/यू.पी.एम.एल.) के असेप्टिक ब्रिक पैक के लेबुलों पर दायी ओर शीर्ष पर 1X1 सेंटीमीटर के स्पष्ट दृश्यमान बोल्ड फांट में अधिकतम् फुटकर मूल्य मुद्रित होगा। फुटकर लाइसेंसधारी छपे हुए अधिकतम् फुटकर मूल्य से अधिक नहीं वसूल करेगा/करेगी।

4. भूगृहादि पर और उसके बाहर उपभोग के लिए मुहरबन्द असेप्टिक ब्रिक पैक में देशी शराब/यू.पी.एम.एल. की बिक्री उसी दुकान से होगी। परिसर के एक भाग को अलग रखा जायेगा, जहाँ केवल उपभोग के लिए अनुमति होगी। परिसर में उपभोग के लिए भी खुली देशी शराब/ यू.पी.एम.एल. नहीं परोसी जायेगी तथा ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2016 के अनुसार दुकानों पर उपभोग किये जाने के पश्चात् खाली हुई असेप्टिक ब्रिक पैक के निस्तारण की जिम्मेदारी दुकान के विक्रेता/लाइसेंसधारी एवं आसवक की होगी।

5. विहित तीब्रता और मात्रा की देशी शराब/ यू.पी.एम.एल. की बिक्री मुहरबन्द असेप्टिक ब्रिक पैक में की जायेगी, जिस पर शुल्क के भुगतान के प्रमाण के रूप में आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा हो।

6. लाइसेंसधारी, लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा विहित प्रपत्र और रजिस्टर में नियमित और सही-सही दैनिक लेखा रखेगा, और वह उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के विहित पोर्टल पर भी डाटा अपलोड प्रेषित करेगा/करेगी और जब कभी सक्षम निरीक्षण प्राधिकारी द्वारा मांगा जायेगा, तो उक्त लेखा रजिस्टर को प्रस्तुत करेगा/करेगी। लाइसेंसधारी बिक्री इत्यादि का लेखा भी प्रस्तुत करेगा/करेगी और यथा अपेक्षित सामग्री और दस्तावेजों की सुविधा देगा और उन्हें उपलब्ध करायेगा/करायेगी।

7. देशी शराब/यू.पी.एम.एल. की बिक्री को छोड़कर जिसके लिए कि लाइसेंस दिया गया है, लाइसेंसधारी को लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई अन्य कारबार चलाने की अनुमति नहीं होगी।

8. लाइसेंस प्राप्त परिसर, 14 अप्रैल(आंबेडकर जयन्ती), 15अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2अक्टूबर (गॉधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और तीन ऐसे अतिरिक्त दिनो जैसा कि लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बन्दी के लिए अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिए सभी दिवसों पर प्रातः 10 से रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के अधीन कानून और व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रिया कलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी का आदेश दे सकता है। उपरोक्त दिवसों पर से दुकान की बन्दी के लिए कोई प्रतिफल देय नहीं होगा।

परन्तु यह कि विशेष अवसरों पर कतिपय अवधि के लिए बिक्री के घंटों में, जैसा कि राज्य सरकार उचित समझे, परिवर्तन किया जा सकेगा।

9. लाइसेंसधारी देशी शराब/ यू.पी.एम.एल. के सम्पूर्ण स्टाक का भण्डारण केवल लाइसेंस प्राप्त परिसर में ही करेगा/करेगी। वह ट्रैक एण्ड ट्रेस प्रणाली के अन्तर्गत विहित सुरक्षा कोड के अनुसार बोतलों की स्कैनिंग के लिये दुकान पर यथाविनिर्दिष्ट पी.ओ.एस. (प्वाइंट ऑफ सेल) यंत्र रखेगा और इसी यंत्र के माध्यम से माल की बिक्री करेगा/करेगी।

10. लाइसेंसधारी, दुकान के प्रवेश द्वार पर आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित किये गये प्रारूप एवं आकार में एक सहज दृश्य साइनबोर्ड लगाएगा, जिसके ऊपर लाइसेंसधारी का नाम, पदनाम, दुकान की अवस्थिति, लाइसेंस की अवधि, दुकान खुलने व बंद होने का समय और लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा विहित अन्य सूचनाएँ भी मोटे अक्षरों में अंकित की जायेंगी। साईन बोर्ड में निम्नलिखित सूचना को प्रदर्शित करना होगा:-

” >दुकान के बाहर या सार्वजनिक स्थान पर शराब का उपभोग वर्जित है। इस संबंध में कोई भी उल्लंघन दण्डनीय होगा।

> शराब पीकर गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता है। कृपया शराब पीकर गाड़ी न चलायें।”

11. लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर पर्याप्त संख्या में बेंचों, तख्तों, कुर्सियों और मेजों सहित समुचित रूप से बैठने की व्यवस्था कर सकता है। लाइसेंसधारी उपभोक्ता को गिलास, पानी, बर्फ, सोडा, स्नैक्स व विभिन्न पके हुये खाद्य पदार्थो को उपलब्ध करा सकेगा।

12. लाइसेंसधारी, किसी भी व्यक्ति को विक्रेता के रूप में सेवायोजित नहीं करेगा, जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या किसी संक्रामक रोग से ग्रस्त हो या आपराधिक, पृष्ठभूमि का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी को सरकार द्वारा समय-समय पर यथाविहित शुल्क के संदाय पर विक्रेताओं हेतु जिला आबकारी अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त नौकरनामा प्राप्त करना होगा और जब निरीक्षणकर्ता प्राधिकारियों द्वारा मांगा जाये तो, उसे प्रस्तुत करना होगा।

13. लाइसेंसधारी किसी भी व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा विहित सीमा से अधिक देशी शराब/ यू.पी.एम.एल. नहीं बेंचेगा जब तक कि इस प्रकार की अनुज्ञा लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा सुसंगत विधि और नियमों के अधीन क्रेता को न प्रदान की गयी हो।

14. किसी ऐसे व्यक्ति को बिक्री नहीं की जायेगी जो 21वर्ष से कम आयु का हो या अधिकारी जो वर्दी में हो।

15. लाइसेंसधारी द्वारा किसी भी दशा में बोतलों और पात्रों या उनके लेबुलों, सुरक्षा कोड, पिल्फरप्रूफ कैप (चोरी रोधक ढक्कनों) या मोहरों से बिगाड़ करना, विकृत करना सर्वथा निषिद्ध है।

16. लाइसेंसधारी अपने लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई भी दुग्ध, शर्करा (चाश्री), रंग, सुगंधि (अर्क), सुरक्षा कोड निर्माण करने वाला यंत्र, लेबुल, कैप्सूल, मुहर या कोई अपायकर सामग्री नहीं रखेगा।

17. लाइसेंसधारी या उसके विक्रेता के लिए दुकान की गद्दी पर या उस स्थान से 5 फिट की दूरी पर जहाँ विक्रय के लिए देशी शराब/ यू.पी.एम.एल. भण्डारित की गई है, पानी का रखना सर्वथा निषिद्ध है।

18. लाइसेंसधारी परिसर की समुचित देख-रेख और सफाई, जिसमें नालियों आदि की सफाई भी सम्मिलित है, के लिए उत्तरदायी होगा।

19. परिसर के भीतर प्रयुक्त सभी कुल्हड, पत्तलों आदि को कूड़े के लिए निर्मित खाली स्थानों या इस प्रयोजनार्थ रखे गए ढक्कनदार कूड़ेदानों में तत्काल हटा कर डाल दिया जायेगा, जिसे कि विक्रय के विहित घण्टों के दौरान कम से कम दो बार साफ किया जायेगा।

20. लाइसेंसधारी/विक्रेता और उसके परिवार के सिवाय परिसर, जिसमें दुकान स्थित है, का प्रयोग आवास के स्थान के रूप में नहीं किया जायेगा।

21. लाइसेंसधारी द्वारा अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए खरीददारों को प्रलोभन देना या आकर्षित करना सर्वथा निषिद्ध है। द्युत या नृत्य कार्यक्रम कराना भी सर्वथा निषिद्ध है।

22. लाइसेंसधारी, लाइसेंस की समाप्ति पर अतिरिक्त शेष स्टॉक के निस्तारण के लिए जिला आबकारी अधिकारी को रिपोर्ट करेगा/करेगी, जिसे नियम-18 के अनुसार निस्तारित किया जायेगा।

23. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त या लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर निर्गत सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों का पालन करेगा/करेगी।

24. लाइसेंसधारी अपनी दुकान पर मदिरा की बिक्री करने के लिये विक्रेताओं की सूची जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। जिला आबकारी अधिकारी तदनुसार नियत फीस के संदाय के पश्चात् विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

25. लाइसेंसधारी द्वारा दुकान के अन्दर तथा दुकान के बाहर का दृश्य कैपचर एवं संरक्षित किया जाना सुनिश्चित करने हेतु अनिवार्य रुप से दो सी.सी.टी.वी. कैमरा स्थापित किया जायेगा।

26. लाइसेंसधारी द्वारा मदिरा की बिक्री पी0ओ0एस0 मशीन के माध्यम से की जायेगी।

27. लाइसेंसधारी द्वारा मदिरा की दुकान पर डिजिटल पेमेन्ट के विकल्प की सुविधा अनिवार्य रुप से रखनी होगी।

सी.एल .- 5सी.सी.

(सी.एल.- 5सी लाइसेंस के साथ पठित)

(सी.एल .- 5सी लाइसेंस प्राप्त परिसर में भूगृहादि पर और उसके बाहर उपभोग के लिए मुहरबन्द बोतलों एवं कैनों में राज्य सरकार द्वारा विहित तीव्रताओं, धारिताओं एवं गुणवत्ता की बीयर की फुटकर बिक्री के लिए लाइसेंस)

बीयर की बिक्री के संबंध में निबन्धन एवं शर्तें

1. नियम-13 के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंसधारी मूल्य एवं प्रतिफल शुल्क एवं अन्य कर अधिमानतः ई-पेमेन्ट के द्वारा जमा करने के पश्चात् बीयर का उठान थोक अनुज्ञापन एफ.एल .- 2बी के गोदाम से करेगा/करेगी।

2. नियम-13 के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंसधारी को एम.जी.आर .- सीएल-बीयर की मासिक/त्रैमासिक किस्त माह की अन्तिम तिथि तक जमा करनी होगी अथवा इसका समायोजन समतुल्य राजस्व के बीयर की निकासी से कराया जाना अनिवार्य होगा।

3. बीयर की बोतलों/कैनों के लेबुलों पर दायी ओर शीर्ष पर 1X1 सेंटीमीटर के स्पष्ट दृश्यमान बोल्ड फांट में अधिकतम् फुटकर मूल्य मुद्रित होगा। फुटकर लाइसेंसधारी छपे हुए अधिकतम् फुटकर मूल्य से अधिक नहीं वसूल करेगा।
4. भूगृहादि पर और उसके बाहर उपभोग के लिए मुहरबन्द बोतलों एवं कैनों में बीयर की बिक्री उसी गद्दी से होगी। परिसर के एक अंश को अलग रखा जायेगा, जहाँ केवल उपभोग के लिए अनुमति होगी। परिसर में उपभोग के लिए खुली बीयर नहीं परोसी जायेगी तथा ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम, 2016 के अनुसार दुकानों पर उपभोग किये जाने के पश्चात् खाली हुई बोतलों/कैनों/पात्रों के निस्तारण की जिम्मेदारी दुकान के विक्रेता/लाइसेंसधारी की होगी।

5. विहित तीब्रता और मात्रा की बीयर की बिक्री मुहरबन्द बोतलों/कैनों में की जायेगी, जिस पर शुल्क के भुगतान के प्रमाण के रूप में आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा हो।

6. लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा विहित प्रपत्र और रजिस्टर में नियमित और सही-सही दैनिक लेखा रखेगा, और वह उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के विहित पोर्टल पर भी सूचना प्रेषित/अपलोड करेगा/करेगी और जब कभी सक्षम निरीक्षण प्राधिकारी द्वारा मांगा जायेगा, तो उक्त लेखा रजिस्टर को प्रस्तुत करेगा/करेगी। लाइसेंसधारी बिक्री इत्यादि का लेखा भी प्रस्तुत करेगा और यथा अपेक्षित सामग्री और दस्तावेजों की सुविधा देगा और उन्हें उपलब्ध करायेगा/करायेगी।

7. देशी शराब/यू.पी.एम.एल./बीयर की बिक्री को छोड़कर जिसके लिए कि लाइसेंस दिया गया है, लाइसेंसधारी को लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई अन्य कारबार चलाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

8. लाइसेंस प्राप्त परिसर, 14 अप्रैल(आंबेडकर जयन्ती), 15अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2अक्टूबर (गॉधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और तीन ऐसे अतिरिक्त दिनो जैसा कि लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बन्दी के लिए अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिए सभी दिवसों पर प्रातः 10 से रात्रि 10बजे तक खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के अधीन कानून और व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रिया कलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी का आदेश दे सकता है। उपरोक्त दिवसों पर से दुकान की बन्दी के लिए कोई प्रतिफल देय नहीं होगा।

परन्तु यह कि विशेष अवसरों पर कतिपय अवधि के लिए बिक्री के घंटों में, जैसा कि राज्य सरकार उचित समझे, परिवर्तन किया जा सकेगा।

9. लाइसेंसधारी देशी शराब/यू.पी.एम.एल./बीयर के सम्पूर्ण स्टाक का भण्डारण केवल लाइसेंस प्राप्त परिसर में ही करेगा/करेगी । वह ट्रैक एण्ड ट्रेस प्रणाली के अन्तर्गत विहित सुरक्षा कोड के अनुसार बोतलों की स्कैनिंग के लिये दुकान पर यथाविनिर्दिष्ट पी0ओ0 एस0(प्वाइंट ऑफ सेल) यंत्र रखेगा और इसी यंत्र के माध्यम से बिक्री करेगा/करेगी।

10. लाइसेंसधारी दुकान के प्रवेश द्वार पर आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित किये गये प्रपत्र साइज में एक सहज दृश्य साइनबोर्ड लगाएगा, जिसके ऊपर लाइसेंसधारी का नाम, पदनाम, दुकान की अवस्थिति, लाइसेंस की अवधि, दुकान खुलने व बंद होने का समय और लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा विहित अन्य सूचनाएँ भी मोटे अक्षरों में अंकित की जायेंगी। साईन बोर्ड में निम्नलिखित सूचना को प्रदर्शित करना होगा :-

“> दुकान के बाहर या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना वर्जित है। इस संबंध में कोई भी उल्लंघन दण्डनीय होगा।

> शराब पीकर गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता है। कृपया शराब पीकर गाड़ी न चलायें।”

11. लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर पर्याप्त संख्या में बेंचों, तख्तों, कुर्सियों और मेजों सहित समुचित रूप से बैठने की व्यवस्था कर सकता है। लाइसेंसधारी द्वारा उपभोक्ता को गिलास, पानी, बर्फ, सोडा, स्नैक्स व विभिन्न खाद्य पदार्थो को पका कर उपलब्ध करा सकेगा।

12. लाइसेंसधारी किसी भी व्यक्ति को विक्रेता के रूप में सेवायोजित नहीं करेगा/करेगी जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या किसी संक्रामक रोग से ग्रस्त हो या आपराधिक, पृष्ठभूमि का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी को सरकार द्वारा समय-समय पर यथाविहित शुल्क के संदाय पर विक्रेताओं हेतु जिला आबकारी अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त नौकरनामा प्राप्त करना होगा और जब निरीक्षणकर्ता प्राधिकारियों द्वारा मांगा जाये तो, उसे प्रस्तुत करना होगा।

13. लाइसेंसधारी किसी भी व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा विहित सीमा से अधिक देशी शराब/यू.पी. एम.एल./बीयर नहीं बेंचेगा जब तक कि इस प्रकार की अनुज्ञा सुसंगत विधि/नियमों के अधीन लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा क्रेता को न प्रदान की गयी हो।

14. किसी ऐसे व्यक्ति को बिक्री नहीं की जायेगी जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या अधिकारी जो वर्दी में हो।

15. लाइसेंसधारी द्वारा किसी भी दशा में बोतलों और पात्रों या उनके लेबुलों, सुरक्षा कोड, पिल्फरप्रूफ कैप (चोरी रोधक ढक्कनों) या मोहरों से बिगाड़ करना, विकृत करना सर्वथा निषिद्ध है।

16. लाइसेंसधारी अपने लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई भी दुग्ध, शर्करा (चाश्नी), रंग, सुगंधि (अर्क), सुरक्षा कोड निर्माण करने वाला यंत्र, लेबुल, कैप्सूल, मुहर या कोई अपायकर सामग्री नहीं रखेगा।

17. लाइसेंसधारी या उसके विक्रेता के लिए दुकान की गद्दी पर या उस स्थान से 5 फिट की दूरी पर जहाँ विक्रय के लिए देशी शराब/यू.पी.एम.एल./बीयर भण्डारित की गई है, पानी का रखना सर्वथा निषिद्ध है।

18. लाइसेंसधारी परिसर की समुचित देख-रेख और सफाई, जिसमें नालियों आदि की सफाई भी सम्मिलित है, के लिए उत्तरदायी होगा।

19. परिसर के भीतर प्रयुक्त सभी कुल्हड, पत्तलों आदि को कूडे के लिए निर्मित खाली स्थानों या इस प्रयोजनार्थ रखे गए ढक्कनदार कूड़ेदानों में तत्काल हटा कर डाल दिया जायेगा, जिसे कि विक्रय के निर्धारित घण्टों के दौरान कम से कम दो बार साफ किया जायेगा।

20. लाइसेंसधारी/ विक्रेता और उसके परिवार के सिवाय परिसर, जिसमें दुकान स्थित है, का प्रयोग आवास के स्थान के रूप में नहीं किया जायेगा।

21. लाइसेंसधारी द्वारा अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए खरीददारों को प्रलोभन देना या आकर्षित करना सर्वथा निषिद्ध है। द्युत या नृत्य कार्यक्रम कराना भी सर्वथा निषिद्ध है।

22. लाइसेंसधारी लाइसेंस अवधि की समाप्ति पर अतिरिक्त शेष स्टाक के निस्तारण के लिए जिला आबकारी अधिकारी को रिपोर्ट करेगा/करेगी, जिसे नियम-18 के अनुसार निस्तारित किया जायेगा।

23. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त या लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर निर्गत सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों का पालन करेगा/करेगी।

24. लाइसेंसधारी अपनी दुकान पर मदिरा की बिक्री करने के लिये विक्रेताओं की सूची जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा/ करेगी । जिला आबकारी अधिकारी तदनुसार नियत फीस के संदाय के पश्चात् विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

25. लाइसेंसधारी द्वारा दुकान के अन्दर तथा दुकान के बाहर का दृश्य कैपचर एवं संरक्षित किया जाना सुनिश्चित किये जाने हेतु अनिवार्य रुप से दो सी0सी0टी0वी0 कैमरा स्थापित किया जायेगा।

26. लाइसेंसधारी द्वारा मदिरा की बिक्री पी0ओ0एस0 मशीन के माध्यम से अनिवार्य रुप से की जायेगी।

27. लाइसेंसधारी द्वारा मदिरा की दुकान पर डिजिटल पेमेन्ट की सुविधा अनिवार्य रुप से रखनी होगी।

Footnotes
  1. सरकारी गजट उत्तर प्रदेश, असाधारण, भाग-1, खण्ड (क), दिनांक मार्च 14, 2002 में प्रकाशित। ↩
  2. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 2–7)। ↩
  3. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 7–8)। ↩
  4. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (ग्यारहवाँ संशोधन) नियमावली, 2019 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ–6)। ↩
  5. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (अठारहवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ–2)। ↩
  6. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ–9)। ↩
  7. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ–9-10)। ↩
  8. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ–11-15)। ↩
  9. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (पंद्रहवाँ संशोधन) नियमावली, 2022 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ–10)। ↩
  10. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 15–17)। ↩
  11. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 18)। ↩
  12. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 18-19)। ↩
  13. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 20-22)। ↩
  14. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिए अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (चौदहवाँ संशोधन) नियमावली, 2021 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 5–7)। ↩
  15. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (नवम् संशोधन) नियमावली, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 17–18)। ↩
  16. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 22)। ↩
  17. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (सोलहवाँ संशोधन) नियमावली, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ–14)। ↩
  18. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 23)। ↩
  19. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 23–25)। ↩
  20. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 25–28)। ↩
  21. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 28–35)। ↩
  22. उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की फुटकर बिक्री के लिये अनुज्ञापनों का व्यवस्थापन) (उन्नीसवाँ संशोधन) नियमावली, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित (देखें पृष्ठ 42–45)। ↩