(नोट:- समेकित नियमावली में संशोधनों का समावेश करने में पूर्ण सावधानी बरती गयी है तथापि सन्दर्भ हेतु सरकारी गजट का ही प्रयोग किया जाये)

उत्तर प्रदेश आबकारी (विदेशी मदिरा बंधित गोदाम के लाइसेंसों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2011 (दसवाँ संशोधन, 2024 तक यथासंशोधित)

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्म

[मूल 2011]

(एक) यह नियमावली उत्तर प्रदेश आबकारी (विदेशी मदिरा बंधित गोदाम के लाइसेंसों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2011 कही जायेगी।

(दो) यह तुरन्त प्रवृत्त होगी।

2. परिभाषायें

[दसवाँ संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

जब तक विषय या संदर्भ से कोई बात प्रतिकूल न हो, इस नियमावली में –

(एक) “अधिनियम” का तात्पर्य समय-समय पर यथा संशोधित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 से है;

(दो) “जिला आबकारी अधिकारी” का तात्पर्य आबकारी विभाग के ऐसे अधिकारी से है, जो सहायक आबकारी आयुक्त से निम्न श्रेणी अथवा राजस्व विभाग के उप जिलाधिकारी से निम्न श्रेणी का अधिकारी न हो और उक्त अधिनियम की धारा 10 की उप धारा (2) के खण्ड (ख) के अधीन सम्यक रूप से नियुक्त एवं निहित शक्तियाँ प्राप्त हों;

(तीन) “आबकारी वर्ष” का तात्पर्य किसी कैलेण्डर वर्ष के एक अप्रैल से प्रारम्भ होने वाली 12 माह की अवधि से है;

(चार) “प्रपत्र” का तात्पर्य इस नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र से है;

(पॉच) “विदेशी मदिरा का तात्पर्य” भारत निर्मित विदेशी मदिरा(आई.एम.एफ.एल.), बीयर, वाइन एवं कम तीब्रता के मादक पेय (एल ए बी) से है;

(छ:) “लाइसेंसधारी” का तात्पर्य अन्य राज्यों की ऐसी आसवनी, यवासवनी, द्राक्षासवनी या बोतल भराई इकाई से है, जिसे प्रपत्र बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2ए, बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2एए, बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2बी, बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2सी या बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2डी में विदेशी मदिरा के बंधित गोदाम चलाने की स्वीकृति दी गई हो;

(सात) “लाइसेंस प्राधिकारी” का तात्पर्य आबकारी आयुक्त से है;

(आठ) “लाइसेंस फीस” का तात्पर्य अधिनियम की धारा 24क के अधीन थोक विदेशी मदिरा के अनन्य विशेषाधिकार के लिये लाइसेंस प्रदान किये जाने के लिये प्रतिफल से है, जो लाइसेंसधारी द्वारा, उसको लाइसेंस प्रदान किये जाने के पूर्व, ऐसी दरों पर, जैसा कि समय-समय पर आबकारी आयुक्त द्वारा राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से निर्धारित किया जाये, राजकीय कोषागार में ई-पेमेन्ट के माध्यम से जमा की जायेगी।

(नौ) “प्रभारी अधिकारी” का तात्पर्य आबकारी आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट आबकारी विभाग के ऐसे अधिकारी से है, जो आबकारी निरीक्षक से नीचे की श्रेणी का न हो;

(दस) “प्रतिभूति धनराशि” का तात्पर्य आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित ऐसी धनराशि से है जो आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पक्ष में गिरवीकृत सावधि जमा रसीद के माध्यम से अथवा ई-पेमेन्ट के माध्यम से जमा की जायेगी और जो राज्य सरकार के पूर्ण दावों और देयों के प्रतिफल के अधीन लाईसेंसों के अन्तिम व्यवस्थापन के बाद प्रतिदेय होगी।

(ग्यारह) “प्रतिफल फीस” का तात्पर्य आबकारी अधिनियम की धारा 30 के अधीन विदेशी मदिरा, वाइन, बियर और कम तीव्रता के मादक पेय पर राज्य सरकार द्वारा यथानिर्धारित फीस से है, जो आपूर्ति से पूर्व लाइसेंसधारी द्वारा कोषागार में जमा की जाएगी।

(बारह) “अतिरिक्त प्रतिफल फीस” का तात्पर्य अधिकतम फुटकर मूल्य को 10 के गुणांक में अगले स्तर पर लाने के फलस्वरूप प्राप्त अन्तर की धनराशि से है, जो अतिरिक्त एक्स आसवनी/एक्स यवासवनी मूल्य के रूप में लाइसेंस प्राप्त बंधित गोदाम के स्तर पर संदेय होगी और बंधित गोदाम के
लाइसेंसधारी द्वारा थोक आपूर्तिकर्ता से वसूली योग्य होगी तथा जो बाद में थोक आपूर्तिकर्ता द्वारा फुटकर लाइसेंसधारी से अधिकतम थोक मूल्य के अलावा वसूल की जा सकेगी।

(तेरह) “आयात परमिट फीस” का तात्पर्य उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर के किसी राज्य अथवा संघ राज्य क्षेत्र अथवा विदेश से आयात की गयी विदेशी मदिरा, वाइन, बीयर एवं एल0ए0बी0 पर अधिरोपित की जाने वाली फीस से है।

3. लाइसेंस की स्वीकृति

[दसवाँ संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) आबकारी आयुक्त या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी, जो संयुक्त आबकारी आयुक्त से निम्न श्रेणी का न हो, के द्वारा विदेशी मदिरा के बंधित गोदाम के लिये विदेशी मदिरा के थोक विक्रय का लाइसेंस निर्धारित संलग्न प्रारूप (बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2ए, (बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2एए, बी0 डब्लू0एफ0एल0-2बी, बी0डब्लू0एफ0एल0-2सी, बी0डब्लू0एफ0एल0 -2डी) लाइसेंस शुल्क का भुगतान किये जाने, प्रतिभूति धनराशि जमा किये जाने और आबकारी आयुक्त के पक्ष में प्रपत्र बी0डब्ल्यू0एफ0एल0-3 में सामान्य बन्ध-पत्र निष्पादित किये जाने पर स्वीकृत/नवीकृत किया जायेगा:

परन्तु यह कि रुपये तीन हजार से अधिक एम०आर०पी० (प्रति बोतल) वाले भारत निर्मित विदेशी मदिरा के स्कॉच एवं सिंगल माल्ट ब्राण्डों की बिक्री हेतु बी0 डब्लू0 एफ0एल0-2एए लाइसेंस, राज्य सरकार द्वारा यथानियत लाइसेंस फीस जमा करने पर जारी किये जायेगें। यह लाइसेंस ऐसे व्यक्तियों/फर्मों/कम्पनियों को दिये जायेगें, जिनके पास सम्बन्धित उत्पादकों के प्राधिकार पत्र होगें। इस प्रकार के लाइसेंस में सभी प्रकारों सहित अधिकतम कुल दस ब्राण्डों की बिक्री की अनुमति दी जायेगी।

(2) विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय के थोक विक्रय के लिये विदेशी मदिरा के बंधित गोदाम का लाइसेंस, लाइसेंस प्राप्त अन्य राज्यों की आसवनियों, यवासवनियों, द्राक्षासवनियों को दिया जायेगा। अन्य राज्य के बाटलिंग प्लान्ट का लाइसेंसधारक भी लाइसेंस के लिये अर्ह होगा परन्तु ऐसे लाइसेंसधारक की बाटलिंग इकाई निम्नलिखित मानदण्डों को पूरा करती हो :-

(एक) बाटलिंग इकाई की वार्षिक कारबार व्यापारावर्त रुपये 100 करोड़ (राजस्व/ आबकारी शुल्क सहित) से कम न हो;

(दो) बाटलिंग इकाई की वार्षिक उत्पादन क्षमता, पाँच लाख केसेस से कम न हो;

(तीन) बाटलिंग इकाई का कारबार कम से कम 03 राज्यों में हो, जिसमें प्रत्येक की जनसंख्या एक करोड़ से कम न हो;

(3) लाइसेंस की स्वीकृति हेतु आवेदन प्रपत्र बी0 डबलू0 एफ0 एल0-1 में किया जायेगा। यदि राज्य के बाहर की कोई इकाई विभिन्न जिलों में बाण्ड लेना चाहे तो प्रत्येक जिले हेतु पृथक-पृथक लाइसेंस फीस प्रभारित की जायेगी।

(4) प्रतिभूति धनराशि आबकारी आयुक्त द्वारा राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से निर्धारित की जायेगी, जो आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पक्ष में गिरवीकृत सावधि जमा रसीद के रूप में अथवा ई-पेमेन्ट के माध्यम से जमा की जायेगी।

(5) लाइसेंस फीस, लाइसेंसधारी द्वारा ई-पेमेन्ट के माध्यम से सरकारी कोषागार में जमा की जायेगी।

(6) लाइसेंस की अवधि एक आबकारी वर्ष अथवा उसके आंशिक भाग के लिए होगी, जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत किया गया हो।

(7) लाइसेंसधारी को लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति को अन्तरित करने अथवा उप-पट्टे पर देने की अनुमति नहीं होगी।

(8) राज्य के बाहर की कोई इकाई, जिसकी अन्य राज्यों में कई इकाईयां हो, जो उत्तर प्रदेश में बाण्ड लाइसेंस लेकर अपनी विभिन्न इकाईयों एवं राज्य में स्थित अपने एफ0एल0-1 और एफ0एल0-1ए लाइसेंसों को सम्मिलित करते हुए एक मास्टर वेयर हाउस से इकाईयों से विनिर्मित आई0 एम0 एफ0एल0/बीयर/वाइन/कम तीव्रता के मादक पेय की बिक्री एक ही परिसर से करना चाहती हों, को प्रत्येक इकाई के लिये विहित लाइसेंस फीस प्रभारित करने के पश्चात् अनुमति प्रदान की जायेगी।

परन्तु यह कि विभिन्न इकाईयों के पारेषण, उन परिसरों में पृथक-पृथक भण्डारित किये जायेगे:

परन्तु यह और कि प्रपत्र वि0म0-2 एवं वि0म0-2ख में लाइसेंसधारण करने व कोई थोक लाइसेंसधारक, एकल मांग पत्र के अन्तर्गत भारत निर्मित विदेशी मदिरा/बीयर/वाइन/कम तीब्रता के मादक पेय के विभिन्न ब्राण्डों की आपूर्ति ऐसे मास्टर वेयरहाउस से प्राप्त कर सकता है।

प्रपत्र बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2ए, बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2एए, बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2बी, बी0 डब्लू0 एफ0एल0-2सी, बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2डी, एवं मास्टर वेयरहाउस में लाइसेंस का नवीकरण, आबकारी आयुक्त अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी, राज्य सरकार द्वारा विहित निबन्धन एवं शर्तों के अध्यधीन कर सकता है।

(9) नवीकरण की स्थिति में पूर्व में नकद अथवा राष्ट्रीय बचत पत्र/गिरवीकृत सावधि जमा रसीद/बैंक गारंटी के माध्यम से जमा की गयी प्रतिभूति तब तक स्वीकार्य होगी, जब तक इसकी वापसी न कर दी जाय।

(10) राज्य के बाहर की कोई इकाई, जिसकी अन्य राज्यों में कई इकाइयाँ/बाटलिंग इकाइयाँ हो, जिसके माध्यम से उत्तर प्रदेश के एक जिला/विभिन्न जिलों में बाण्ड लाइसेंस प्राप्त किये गये हो, उनके लेबुलों एवं एम०आर०पी० का अनुमोदन उत्पादक/बाटलिंग इकाई द्वारा बाण्डवार कराया जायेगा।

4. लाइसेंस फीस

[दसवाँ संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

एक वर्ष से अनधिक और प्रदान किये जाने की तिथि से आगामी 31 मार्च तक की अवधि के लिये उत्तर प्रदेश के बाहर निर्मित एवं बोतल में भरी गई भारत निर्मित विदेशी मदिरा के लिये बी0 डब्ल्यू0 एफ0 एल-2ए, बी0 डब्ल्यू0 एफ0 एल-2एए उत्तर प्रदेश के बाहर निर्मित एवं बोतल में भरी गयी बीयर के लिए बी0डब्ल्यू0एफ0एल0-2बी, उत्तर प्रदेश के बाहर निर्मित एवं बोतल में भरी गयी वाइन के लिये बी0डब्ल्यू0 एफ0 एल0-2सी तथा उत्तर प्रदेश से बाहर निर्मित तथा बोतल में भरी गयी कम तीव्रता के मादक पेय के लाइसेंस के लिये बी0 डब्ल्यू0 एफ0 एल0-2 डी प्रपत्र में लाइसेंस, निर्धारित लाइसेंस शुल्क जैसा कि राज्य सरकार या आबकारीआयुक्, उत्तर प्रदेश समय समय पर निर्धारित करेंगे, जमा करने के उपरान्त लाइसेंस प्रदान या नवीनीकृत किया जा सकता है।

5. विदेशी शराब की प्राप्ति

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन व कम तीव्रता के मादक पेय, उत्तर प्रदेश के बाहर की अपनी आसवनी, यवासवनी, द्राक्षसवनी या बॉटलिंग इकाई से बन्ध पत्र के लाइसेंसधारक द्वारा प्राप्त की जा सकती है, जिसके लिए नियमावली के अधीन लाइसेंसधारक को अपने जिले से सम्बन्धित जिला आबकारी अधिकारी या सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त द्वारा परमिट निर्धारित संलग्न प्रारुप एफ.एल.22 प्रपत्र पर जारी किया गया हो।

6. बंधित गोदाम में विदेशी शराब का आयात

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2ए, बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2एए बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2बी, बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2सी, या बी0 डब्लू0 एफ0 एल0-2डी के प्रपत्र में लाइसेंस धारक, कोई व्यक्ति आयातित जिला के कलेक्टर को आयात के लिये निम्न विवरण विर्निदिष्ट करते हुये एक आवेदन-पत्र प्रस्तुत करेगा :-

(एक) भारत में निर्मित विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन और कम तीव्रता के मादक पेय के आयात की जाने वाली ब्राण्डवार मात्रा का विवरण;

(दो) आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन व कम तीव्रता के मादक पेय के प्रत्येक ब्राण्ड का पंजीयन संख्या तथा अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य और आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा लेबुल अनुमोदन का प्रमाण-पत्र;

(तीन) आसवनी, यवासवनी, द्राक्षासवनी या बॉटलिंग इकाई के नाम जहाँ से विदेशी मदिरा, बीयर वाइन और कम तीव्रता के मादक पेय की श्रेणी और प्रत्येक ब्राण्ड के बल्क लीटरों और बोतलों/कैंन्स के विवरण के साथ, आयात किया जाना है;

(चार) लाइसेंस धारक द्वारा जमा किये गये आयात परमिट शुल्क एवं प्रतिफल शुल्क के साथ समस्त प्रकार के देयों आदि का प्रमाण और साथ ही जमाकर्ता की प्रति का मूल चालान;

(पाँच) परेषण का मार्ग और उत्तर प्रदेश के सम्बन्धित प्रवेश बिन्दु का नाम और दिनांक, जिसके द्वारा परेषण बंधित गोदाम तक पहुचेगा।

(2) जिलाधिकारी या जिला आबकारी अधिकारी यदि अन्यथा कोई कारण विपरीत न हो तो एफ0एल0- 22 प्रारूप में चार प्रतियों में आयात परमिट तैयार करेगा। प्रथम प्रति आयात करने वाले लाइसेंस धारक को दे दी जायेगी, दूसरी प्रति निर्यात करने वाली आसवनी/यवासवनी/द्राक्षासवनी या बंधित गोदाम के आबकारी अधिकारी को तत्काल प्रेषित की जायेगी। तृतीय प्रति राज्य के प्रवेश बिन्दु के सम्बन्धित जनपद के जिला आबकारी अधिकारी को प्रेषित की जायेगी और चौथी प्रति परेषण के पहुँचने पर सत्यापन व अभिलेखार्थ रखी जायेगी। परमिट की प्रविष्टि आयात के रजिस्टर में भी की जायेगी और परमिट की वैधता परमिट में विर्निदिष्ट दिनांक तक मानी जायेगी।

7. मदिरा की प्राप्ति

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

बंधित गोदाम में कोई भी मदिरा तब तक प्राप्त नहीं की जायेगी, जब तक निर्यात या परिवहन करने वाली आसवनी, यवासवनी, द्राक्षसवनी या बॉटलिंग इकाई के प्रभारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया पास साथ न हो।

8. मदिरा का सत्यापन

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

बंधित गोदाम में किसी परेषण के पहुँचने पर तुरन्त ही प्रभारी अधिकारी को सूचित किया जायेगा और जब तक कि प्रभारी अधिकारी द्वारा उसकी जाँच तथा सत्यापन, पास से न कर लिया जाये तथा उसके परिणाम को उस प्रयोजनार्थ अनुरक्षित रजिस्टर बी0 डब्लू0 एफ0एल0-4 में तथा उस निर्यात पास जिसके अन्तर्गत ऐसा परेषण आया हो, पर भी अंकित न कर दिया जाय, तब तक परेषण बंधित गोदाम के भण्डारागार में संचित नहीं किया जायेगा परेषण की प्राप्ति से सम्बन्धित प्रविष्टियों तथा प्रभारी अधिकारी के हस्ताक्षर सहित पास की एक प्रति उस अधिकारी को जिसने पास जारी किया हो, तुरन्त वापस कर दी जायेगी और प्रविष्टियों के साथ दूसरी प्रति बंधित गोदाम के अभिलेख के लिये रखी जायेगी।

परेषण से सम्बन्धित प्रविष्टियों को उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग द्वारा यथा विहित पोर्टल पर भरा जायेगा।

9. संग्रहण या अभिवहन में हुई हानि

[अष्टम् संशोधन, 2022 द्वारा प्रतिस्थापित]

बंधित गोदाम में संग्रह की गयी या इसके अभिवहन के दौरान अग्नि, दुर्घटना, चोरी अथवा किसी भी अन्य कारण से होने वाले क्षय हानि या क्षति के लिये कोई भत्ता स्वीकृत नही किया जायेगा। अभिवहन अथवा संग्रहण में हुयी हानि को बंधित गोदाम से निकासी किया हुआ माना जायेगा।

10. मदिरा का संग्रह

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

जब तक आबकारी आयुक्त अन्यथा आदेश न दें समस्त शराब बंधित गोदाम में सील बन्द कॉच की बोतलों /कैन्स/टेट्रापैक में संग्रहण की जायेगी।

परन्तु यह कि राज्य सरकार द्वारा यथाविहित फीस जमा करने पर अगले वर्ष की विक्री के लिये विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन और कम तीव्रता के मादक पेय के अग्रिम संग्रह हेतु बांड लाइसेंसो पर अस्थायी गोदाम परिसर देने की अनुज्ञा आबकारी आयुक्त द्वारा दी जा सकती है।

नियम-11 गोदाम से निकासी

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) बंधित गोदाम से कोई भी शराब की निकासी तब तक नहीं की जायेगी, जब तक उस पर निर्धारित दर पर प्रतिफलशुल्क का भुगतान न कर दिया गया हो तथा आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड मदिरा की बोतलों/पेटियों पर न लगाये गये हो।

(2) परिवहन को शासित करने वाले नियमों के अनुसार राज्य में किसी अन्य बंधित गोदाम को विदेशी शराब की निकासी जी.पी.एस. सिस्टम(ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) में वाहनों से ही की जा सकती है।

(3) बंधित शराब गोदाम से राज्य के एफ0एल0-2 व एफ0एल0-2बी थोक विक्रेताओं को प्रतिफल शुल्क के भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से करने पर निकासी दी जायेगी। बंधित गोदाम से मदिरा की निकासी का लेखा प्रपत्र बी0डब्ल्यू0एफ0एल0-6 रजिस्टर में रखा जायेगा और आबकारी विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। आवेदनपत्र- प्रपत्र बी0डब्ल्यू0एफ0एल0-5 में मदिरा की श्रेणी के अनुसार निर्धारित प्रतिफल फीस जमा होने के प्रमाण स्वरुप ई-ट्रेजरी चालान के साथ प्रस्तुत करने पर निकासी दी जायेगी।

(4) कोई मदिरा तब तक गोदाम से नही हटाई जायेगी जब तक शुल्क के भुगतान के प्रमाण के रूप में सुरक्षा कोड के चस्पा होने का परीक्षण प्रभारी अधिकारी द्वारा न कर लिया गया हो और उसके द्वारा प्रपत्र बी0डब्ल्यू0एफ0एल0-7 में पास जारी न कर दिया गया हो। पास तीन प्रतियों में तैयार किया जायेगा। पास की एक प्रति विदेशी मदिरा के थोक विक्रेता को सौंपी जायेगी, दूसरी प्रति उस जिले के जिला आबकारी अधिकारी को अग्रसारित की जायेगी, जिसमें थोक विक्रय की दुकान स्थित है और तीसरी प्रति अभिलेखार्थ रखी जायेगी।

(5) बाण्ड लाइसेंसो से एक वाहन के माध्यम से किसी एक जिले के एक से अधिक थोक लाइसेंसो को एक श्रेणी की मदिरा के परेषण की अनुमति दी जायेंगी।

12. बंधित गोदाम का भवन

[मूल 2011]

(1) लाइसेंसधारी बंधित गोदाम में विदेशी मदिरा की आपूर्ति, संग्रहण, संचालन तथा निकासी से सम्बन्धित भवन तथा समस्त उपकरण उपलब्ध करायेगा। बंधित गोदाम का परिसर उस जिले के कलेक्टर द्वारा अनुमोदित होगा, जिसमें वह स्थित है।

(2) बंधित गोदाम का भवन या कमरे मैसनरी पत्थर या ईटों से बने होंगे। भवन या कमरों की खिड़कियों में अन्यून 20 मिली मीटर मोटे अनधिक 110 मिली मीटर दूरी पर लगे हुये कम से कम 50 मिली मीटर की गहराई तक मैसनरी या ईटों में जड़ी हुई धातु वर्धीय लोहे की छड़े लगी होगी। प्रत्येक खिड़की के अन्दर छड़ों से मजबूत तार की अनधिक 25 मिली मीटर व्यास वाली जाली लगी होगी। गोदाम के भवन या मुख्य कमरे और प्रत्येक संग्रहण कमरे में केवल एक प्रवेश द्वार होगा, जो गोदाम के अहाते में खुलना चाहिये और प्रत्येक का दरवाजा आबकारी विभाग के ताले द्वारा सुरक्षित कर दिया जायेगा।

प्रतिबन्ध यह है कि आबकारी आयुक्त नियम में विहित अपेक्षाओं से किसी विशिष्ट मामलों में छूट ऐसी शर्तों पर और ऐसी सीमा तक जिसे वह निर्दिष्ट करें, दे सकते हैं।

13. उपस्थिति के घंटे

[मूल 2011]

बंधित गोदाम के कार्य की देख-रेख के लिये तैनात प्रभारी अधिकारी की उपस्थिति के घंटे प्रभार का उप आबकारी आयुक्त नियत करेगा।

14. बंधित गोदाम का नियंत्रण

[दसवाँ संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) आबकारी विभाग के अधिकारियों, लाइसेंस प्राधिकारी की अनुमति से, राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों, लाइसेंसधारी, उसके अभिकर्ताओं या सेवकों के अलावा किसी को भी, बंधित गोदाम में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

(2) लाइसेंसधारी एक सक्षम व्यक्ति को अपना अभिकर्ता के रूप में नियुक्त करेगा। जिसकी नियुक्ति प्रभार के उप आबकारी आयुक्त के अनुमोदन के अध्यधीन होगी। अन्य कर्मचारियों को बंधित गोदाम के प्रभारी अधिकारी की सिफारिश पर राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर ऐसी फीस जैसा की विहित किया जाये के संदाय पर जिला आबकारी अधिकारी द्वारा जारी कर सेवायोजित किया जायेगा।

(3) लाइसेंसधारी प्रभारी अधिकारी को एक सूची प्रस्तुत करेगा, जिसमें अभिकर्ता तथा समस्त सेवायोजित कर्मचारियों के नाम होंगे जिनकी अपने कर्तव्यों के कारण बंधित गोदाम में प्रवेश करने की अपेक्षा की जाये।

(4) प्रभारी अधिकारी प्रपत्र बी०डब्लू0एफ0एल0-8 में एक सूची तैयार करेगा, जिसमें लाइसेंसधारी द्वारा प्रस्तुत गोदाम के समस्त कर्मचारियों के व्योरे होंगे और उसकी एक प्रति उप आबकारी आयुक्त प्रभार को भेजेगा।

(5) बंधित गोदाम में प्रवेश करने वाले और बाहर जाने वाले समस्त व्यक्तियों की प्रभारी अधिकारी के निदेश के अधीन उनकी तलाशी ली जायेगी।

(6) यदि लाइसेंसधारी की जानकारी में यह बात आये कि उसके द्वारा सेवा योजित किसी व्यक्ति ने अधिनियम तथा तद्धीन बनाये गये नियमों के उपबन्धों अथवा उसके द्वारा किये गये वचनबद्धता का उल्लंघन किया है तो प्रभारी आबकारी अधिकारी के माध्यम से सम्बन्धित उप आबकारी आयुक्त को उस मामले की सूचना देगा तथा ऐसे व्यक्ति को सेवा योजन में बनाये रखने के सम्बन्ध में पश्चातवर्ती अधिकारी के निर्देशों का पालन करना उसका कर्तव्य होगा।

(7) यदि लाइसेंसधारी का कोई कर्मचारी या अभिकर्ता अधिनियम या तदधीन बनाये गये नियमों के उपबंधो को भंग करता है तो उसे सम्बन्धित लाइसेंसधारी के कर्मचारी या अभिकर्ता के रूप में रोक दिया जायेगा।

(8) बंधित गोदाम का प्रभारी अधिकारी किसी ऐसे व्यक्ति को जिसके सम्बन्ध में उसे यह विश्वास करने का कारण हो कि उसने अधिनियम तथा तद्धीन बनाये गये नियमों के उपबंधों का कोई उल्लंघन किया है अथवा उसके द्वारा कोई उल्लंघन किया जाने वाला है अथवा जो मनोन्मत्त या उच्छृंखल है, भू- गृहादि से बेदखल तथा अलग कर सकता है। इस नियम के अधीन समस्त कार्यवाही उसके द्वारा अपने उच्चाधिकारी की सूचना के लिये अपनी सरकारी
डायरी में तुरन्त अभिलिखित की जायेगी।

(9) लाइसेंसधारी पूर्व या विद्यमान आबकारी विधियों के अधीन या ऐसी विधि, जिसे आगे अधिनियमित किया जाये, के अधीन बंधित गोदाम से विदेशी मदिरा/ बीयर/वाइन/कम तीव्रता के मादक पेय निकासी करने के संबंध में बंधित गोदाम के प्रबन्ध मामले के लिये आबकारी आयुक्त द्वारा दिये गये समस्त सामान्य या विशेष अनुदेशों द्वारा आबद्ध होगा और मदिरा के संग्रह एवं निकासी के लिये अपने द्वारा सेवायोजित सभी व्यक्तियों से समस्त ऐसे नियमों का पालन करायेगा।

15. मदिरा का मूल्य

[मूल 2011]

लाइसेंसधारी थोक विक्रेताओं से एक्स बांड मूल्य (जो एम0आर0पी० निर्धारण के समय पर आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत किया गया था) से अधिक नहीं प्रभारित करेगा। वह प्रतिफल फीस व अन्य कर यदि कोई हो तो, थोक विक्रेता से प्रभारित करेगा।

16. निलम्बन, निरस्तीकरण तथा शास्तियां

[षष्ठ्म संशोधन, 2020 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंस को निलम्बित या निरस्त कर सकता है और प्रतिभूति धनराशि को समपहृत कर सकता है और जुर्माना अधिरोपित कर सकता है :-

(क) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर से शराब की कोई ऐसी बोतल या पात्र, विक्रय करते हुये पाया जाय, जिस पर आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड न लगा हो।

(ख) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में किसी अन्य प्रकार की मदिरा या मादक औषधि पायी जाती है जिसके लिये लाइसेंस प्रदान नहीं किया गया है।

(ग) यदि लाइसेंसधारी थोक विक्रेता से आबकारी आयुक्त के समक्ष ब्रांड रजिस्ट्रेशन के समय निर्धारित की गयी एक्स बांड मूल्य, यदि कोई हो, प्रतिफल शुल्क और अन्य करों और शुल्कों को छोड़कर से अधिक मूल्य प्रभारित करता है।

(घ) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में कोई अनधिकृत सुरक्षा कोड यन्त्र, स्प्रिट, रंग, सुगन्ध आदि पाया जाता है।

(ङ) यदि लाइसेंसधारी द्वारा अभिलेखों में त्रुटिपूर्ण अथवा कपटपूर्ण प्रविष्टियॉ की गयी हों जिसके परिणाम स्वरूप राजस्व की हानि हुई हो।

(च) यदि अधिनियम या नियमों के उपबन्धों के विरूद्ध  लाइसेंसधारी के कब्जे में कोई मदिरा या मादक औषधि पायी जाय।

(छ) यदि लाइसेंसधारी मदिरा की आपूर्ति हेतु उसके मूल्य के साथ कर, यदि कोई हो, सहित मांग पत्र के प्राप्त होने के 48 घण्टें के अन्दर आपूर्ति नहीं कर पाता।

(ज) यदि लाइसेंसधारी लाइसेंस प्रपत्र की किसी शर्त का उल्लंघन करता है।

(झ) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में मदिरा का जलापमिश्रण या अन्य पदार्थ का मिश्रण/तनुकरण पाया जाता है/उच्च श्रेणी की मदिरा से निम्न श्रेणी की मदिरा का अपमिश्रण पाया जाता है तो विधि के अन्य सुसंगत उपबंधों के अधीन कार्यवाही भी की जायेगी।

(2) यदि उपखण्ड (1) में उल्लिखित अनियमिततायें पायी गई तो लाइसेंस प्राधिकारी, लाइसेंस तत्काल निलम्बित करेगा और लाइसेंस के निरस्तीकरण और प्रतिभूति धनराशि के समपहरण हेतु कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। लाइसेंसधारी नोटिस प्राप्त होने के 7 दिन के अन्दर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध करायेगा। तत्पश्चात् लाइसेंस प्राधिकारी, समुचित आदेश, जैसा वह ठीक समझे, पारित करेगा।

(3) उपनियम (2) की प्रक्रिया अपनाने के बाद लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंसधारी से, उसके या उसके विक्रय सहायक द्वारा की गयी त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों या
अनियमितताओं के फलस्वरूप हुई आबकारी राजस्व की क्षति की वसूली करेगा।

(4) बाण्ड लाइसेंसों पर प्रशमन योग्य उल्लंघन की स्थिति में निम्नानुसार न्यूनतम प्रशमन शुल्क आरोपित की जायेगी-

क0सं0 उल्लंघन का प्रकार प्रथम
बार (रू0 में)
द्वितीय
बार (रू0 में)
तृतीय बार
(रू0 में)
1 2 3 4 5
1 बिक्री में वृद्धि हेतु फुटकर लाइसेंसधारी को प्रलोभन देना। 10,000 20,000 50,000
2 स्टॉक लेखानुसार न पाया
जाना।
20,000 30,000 50,000
3 इण्डेन्ट रजिस्टर उचित ढंग से अनुरक्षित न किया
जाना।
10,000 20,000 50,000
4

लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर नियमानुसार निर्धारित बोर्ड न लगा होना। बोर्ड पर आवश्यक सूचनायें अंकित न होना।

10,000 15,000 20,000
5 सी0सी0टी0वी0 की समुचित व्यवस्था न होना अथवा इसका कार्य न करना 10,000 20,000 30,000
7 निर्धारित न्यूनतम स्टॉक न पाया जाना। 20,000 30,000 50,000
8 लाइसेंस प्रस्तुत न होना। 5,000 10,000 30,000
 9 अप्राधिकृत विक्रेता द्वारा
लाइसेंस का संचालन किया जाना।
5,000 10,000 20,000
10 साफ-सफाई की उचित व्यवस्था न होना। 5,000 10,000 15,000
11 परिसर का अनुमोदित न
होना।
10,000 25,000 50,000
12 बिना अनुमति के परिसर
का विस्तार करना।
10,000 20,000 30,000
13 फुटकर दुकानवार दी गयी निकासी की ब्राण्डवार, धारितावार, तीव्रतावार और मासिक पैकेजिंगवार सूचना समय से प्रेषित न किया जाना। 10,000 20,000 50,000
 14 यदि स्टाक रजिस्टर मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं किया जाता है। 20,000 25,000 30,000
 15 यदि स्टाक रजिस्टर अपूर्ण पाया जाता है। 10,000 15,000 20,000
 16

किसी विशेष दुकान हेतु निर्गत मदिरा दूसरी दुकान पर सद्भावी कारणों से पायी जाती है।

25,000 50,000 लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही
17 अन्य कोई अनियमितता, जो क्रमांक 01-16 तक पर न अंकित हो 2,000 5,000 10,000

प्रशमन योग्य अनियमितताओं के मामले में उप आबकारी आयुक्त तथा उससे उच्च श्रेणी के अधिकारियों को अनियमितता का प्रशमन करने तथा प्रशमन शुल्क स्वीकृत करने का हक होगा।

17. स्टाक लेना तथा छीजन

[द्वितीय संशोधन, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित]

प्रत्येक महीने के अन्तिम कार्य दिवस को उस दिन का समस्त लेन-देन होने के पश्चात् प्रभारी अधिकारी, बंधित गोदाम में संग्रह की गयी विदेशी मदिरा का स्टाक लेगा और उसे विहित रजिस्टर बी०डब्लू0एफ0एल0-9 में दर्ज, करेगा। गोदाम के लेन-देन के सम्बन्ध में रजिस्टर के संक्षिप्त सार प्रपत्र बी०डब्लू०एफ0एल0-10 में सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त को प्रत्येक अगले महीने के प्रथम दिवस को प्रेषित की जायेगी। अनुज्ञापी संबंधित
सूचना को एम0आई०एस० (मैनेजमेन्ट इनफारमेशन सिस्टम) के माध्यम से विहित पोर्टल पर नियत अन्तराल पर अपलोड करेगा।

18. अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य का अनुमोदन तथा ब्राण्ड रजिस्ट्रीकरण व लेबुल अनुमोदन

[सप्तम् संशोधन, 2021 द्वारा प्रतिस्थापित]

लाइसेंसधारी ब्राण्ड रजिस्ट्रीकरण, लेबुल अनुमोदन, अधिकतम् थोक विक्रय मूल्य व अधिकतम् फुटकर विक्रय मूल्य के अनुमोदन हेतु लेबुल, समस्त ब्राण्डों तथा एक्स बाण्ड दर की विस्तृत सूची आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेगा। वर्ष के दौरान थोक विक्रय मूल्य और अधिकतम् फुटकर विक्रय मूल्य में कोई परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होगा जब तक विशिष्टतया आबकारी आयुक्त द्वारा अनुज्ञात नही किया जाय। आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित अधिकतम् फुटकर विक्रय मूल्य बोतलों के लेबुलों पर मुद्रित करायेगा।

19. विखण्डन

[मूल 2011]

सरकारी अधिसूचनासंख्या 192/तेरह-60, दिनांक 05 अप्रैल 1929 (समय-समय पर संशोधित) द्वारा प्रकाशित नियमावली उपरोक्त सीमा तक उपांतरित मानी जायेगी।

बी0डब्लू0एफ0एल0-2ए (विदेशी मदिरा बंधित गोदाम)

शर्तें

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

1. उक्त बंधित गोदाम से विदेशी मदिरा की निकासी राज्य के किसी अन्य बंधित गोदाम को बन्ध-पत्र या राज्य के किसी थोक विक्रेता एफ0एल0-2 लाइसेंसधारी को देय प्रतिफल शुल्क व अन्य प्रभारों के भुगतान करने के पश्चात् ही दी जायेगी।

2. उक्त बंधित गोदाम से आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा समय-समय पर यथानिर्धारित तीव्रता की ही विदेशी मदिरा की निकासी दी जायेगी।

3. बंधित गोदाम का प्रभारी अधिकारी, सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त की पूर्व स्वीकृति से, आयुक्त के आदेश के रहने पर भी, ऐसी विदेशी मदिरा, जिसे वह उपभोग के लिए संदिग्ध समझता है और जिसका अविलम्ब नमूना भेजकर परीक्षण कराया जाना आवश्यक है, की निकासी रोकने के लिए सक्षम है।

4. लाइसेंसधारी थोक विक्रेताओं द्वारा किये गये विशिष्ट ब्रान्डों की मांगों और आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये गोदाम पर ऐसे ब्राण्डों के न्यूनतम स्टॉक को अनुरक्षित रखेगा।

5. गोदाम में विदेशी मदिरा के समुचित अनुरक्षण का उत्तरदायित्व लाइसेंसधारी का होगा। लाइसेंसधारी रैकों की पर्याप्त संख्या, आल्मारियों, बक्से और अन्य उपस्कर, भंडारण स्टाक के लिये जो आवश्यक हो, उपलब्ध करायेगा और उस पर प्रभारी अधिकारी के ताले के साथ अपना भी ताला लगायेगा।

6. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर जैसा अवधारित किया जाये बोतल/फ्लास्क/असेप्टिक ब्रिक पैक की धारिता में विदेशी मदिरा की आपूर्ति करेगा।

7. बोतलों पर लगाये गये लेबुलों पर समय-समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश विदेशी मदिरा भराई नियमावली, 1969 में विहित समस्त आवश्यक मुद्रित अपेक्षाएं होंगी। लाइसेंसधारी आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड के लागू करने के लिये उचित प्रबन्ध करेगा। मदिरा के किसी भी बोतल/असेप्टिक ब्रिक पैक की बिक्री नहीं की जायेगी, जिस पर आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा न हो।

8. लाइसेंसधारी को उप आबकारी आयुक्त प्रभार द्वारा अनुमोदित अधिकृत प्रतिनिधि बंधित गोदाम में रखना होगा तथा बंधित गोदाम से निकासी और विदेशी मदिरा के आने वाले परेषण माल के लिये चढ़ाने व उतारने का प्रबन्ध करेगा। गोदाम में आई0पी0 एड्रेस युक्त कैमरा लगा होगा। गोदाम अग्निशमन संयत्रों से सज्जित होना चहिये।

9. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम में विदेशी मदिरा की प्राप्ति, निकासी की गई तथा अवशेष स्टाक की मात्रा का सही-सही लेखा-जोखा रखेगा। दैनिक रजिस्टर के निर्धारित प्रपत्र में मदिरा का सही-सही लेखा रखा जायेगा।

लेखा रजिस्टर के समस्त पृष्ठों पर सम्बन्धित जिला आबकारी अधिकारी के रबर सील के साथ लगाकर पृष्ठ संख्या अंकित की जायेगी। विदेशी मदिरा की प्राप्ति व निकासी सहित पृष्ठों व पन्नों को समुचित ढंग से रखा जायेगा तथा आबकारी विभाग के प्राधिकारियों द्वारा निरीक्षण के समय मांगने पर हर समय प्रस्तुत किया जायेगा। सम्बन्धित ब्यौरों का एम.आई.एस. मैनेजमेन्ट इन्फार्मेशन सिस्टम आबकारी विभाग के विहित पोर्टल पर नियमित अन्तराल पर अपलोड किया जायेगा।

10. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम से मदिरा की निकासी के लिये तथा बंधित गोदाम के समुचित प्रबन्ध के लिये समस्त सामान्य नियमों का पालन करने के लिये बाध्य होगा।

11. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर दिये गये निर्देशों के अनुसार ब्रान्डों के रजिस्ट्रेशन के लिये रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ अनुमोदित
अधिकतम् थोक व अधिकतम फुटकर बिक्री की दरें, एक्स बाण्ड मूल्य, ब्राण्डों की विस्तृत सूची आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेगा। लाइसेंसधारी किसी लेबुल को प्रयोग करने से पूर्व प्रतिवर्ष चार प्रतियों में आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रत्येक लेबुल धारितावार के अनुमोदित शुल्क के साथ ई-ट्रेजरी चालान की प्रति संलग्न करके संबंधित जिले के जिला आबकारी अधिकारी, जो उसके अनुमोदन के लिए आबकारी आयुक्त को प्रेषित करेगा, अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य की दर में कोई परिवर्तन वर्ष के मध्य में तब तक नहीं की जायेगी जब तक कि विशेष रुप से आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमति प्रदान न कर दी जाय।

12. उत्तर प्रदेश में आयात की जाने वाली विदेशी मदिरा की पेटियों (कार्टन) की समस्त छः सतहों (फेस) पर गाढे लाल रंग की डेढ़ इंच चौड़ी पट्टी पर कम से कम एक इंच आकार के काले रंग के अक्षरों में “फार सेल इन यूपी” मुद्रित कराया जायेगा।

13. लाइसेंसधारी संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 (अधिनियम 4 सन् 1910) और तद्धीन बनाये गये नियमों और आदेशों के उपबंधों के अधीन इस लाइसेंस की शर्तों का पालन करेगा।

14. यदि लाइसेंस निर्धारित अवधि के पूर्व ही निरस्त किया जाता है या निर्धारित अवधि बीत जाने के पश्चात् नवीकृत नहीं होता है तो लाइसेंसधारी बंधित गोदाम के प्रभारी अधिकारी को बचे हुये शराब के थोक स्टाक की सूचना देगा और आबकारी आयुक्त द्वारा दिये गये निर्देशों के अधीन केवल बचे हुये स्टाक का निस्तारण करेगा।

15. लाइसेंसप्राप्त परिसर 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 02 अक्टूबर (गॉधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 03 ऐसे अतिरिक्त दिनों जैसा कि जिलाधिकारी द्वारा बन्दी के लिये अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिये समस्त दिनों में 9.00 बजे प्रातः से लेकर 8.00 बजे सायं तक खुला रहेगा। लाइसेंसिंग प्राधिकारी/जिलाधिकारी संबंधित विधियों के अधीन कानून व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन सम्बन्धी क्रिया-कलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी के आदेश दे सकता है। उक्त दिनांक व दिनों में दुकान की बन्दी के लिये कोई क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी।

16. जिलों के एफ0एल0-2 लाइसेंसधारियों से विदेशी मदिरा की थोक आपूर्ति हेतु मांग-पत्र प्राप्त होने पर आपूर्ति प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्धान्त के अनुसार की जायेगी,जिसमें विफल होने पर लाइसेंसधारी के विरूद्ध दाण्डिक कार्यवाही की जा सकती है।

17. बंधित गोदाम से निकासी होने वाले समस्त ब्रान्डों की बोतलों के लेबुलों पर 1×1 सेंटीमीटर के दृश्य शब्दों में अधिकतम फुटकर बिक्री मूल्य अंकित होना अनिवार्य है। लेबुलों पर बिना अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य अंकित किये हुये मदिरा की बिक्री प्रतिबन्धित है।

18. लाइसेंसधारी अपने गोदाम परिसर से मदिरा की सील्ड पेटियों का उठान उन पर लगे सुरक्षा कोड की स्कैनिंग करने के पश्चात सुनिश्चित करेगा।

19. लाइसेंसधारी अपनी थोक दुकान पर मदिरा की बिक्री के लिये विक्रेताओं की सूची आबकारी आयुक्त/ आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करेगा। वह तद्रुसार विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

बी0डब्लू0एफ0एल0-2एए

(रूपया तीन हजार से अधिक एम.आर.पी. (प्रति बोतल) वाली समस्त प्रकार की भारत निर्मित विदेशी मदिरा के स्काच और सिंगल माल्ट ब्रान्ड सहित अधिकतम 5 ब्रान्डो की बिक्री हेतु विदेशी मदिरा बंधित गोदाम स्थापित करने व चलाने का लाइसेंस)

शर्तें

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा अंतः स्थापित]

1. उक्त बंधित गोदाम से ऊपर यथा उल्लिखित भारत निर्मित विदेशी मदिरा की निकासी राज्य के किसी एफ0एल0-2 लाइसेंसधारी को देय प्रतिफल शुल्क व अन्य प्रभारों के पूर्व भुगतान पर दी जायेगी।

2. उक्त बंधित गोदाम से आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा समय-समय पर जैसा नियत किया जाये तीव्रता की ही ऊपर यथा उल्लिखित भारत निर्मित विदेशी मदिरा की निकासी दी जायेगी।

3. बंधित गोदाम का प्रभारी अधिकारी, सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त की पूर्व स्वीकृति से, आबकारी आयुक्त के आदेश के लम्बित रहने पर भी, ऐसी भारत निर्मित विदेशी मदिरा, जिसे वह उपभोग के लिए संदिग्ध समझता है और जिसका अविलम्ब नमूना भेजकर परीक्षण कराया जान अपेक्षित है, की निकासी रोकने के लिए सक्षम है।

4. लाइसेंसधारी थोक बिक्रेताओं द्वारा किये गये विशिष्ट ब्रान्डों की मांगों और आवश्यकताओं के दृष्टिगत गोदाम पर ऐसे ब्राण्डों के न्यूनतम स्टॉक को अनुरक्षित रखेगा।

5. गोदाम में विहित भारत निर्मित विदेशी मदिरा के समुचित अनुरक्षण तथा संग्रहण का उत्तरदायित्व लाइसेंसधारी का होगा। लाइसेंसधारी रैकों की पर्याप्त संख्या, आल्मारियों, बक्से और अन्य उपस्कर, भंडारण स्टाक के लिये जो आवश्यक हो, उपलब्ध करायेगा और उस पर प्रभारी अधिकारी के ताले के साथ अपना भी ताला लगायेगा।

6. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर निश्चित बोतल/ फ्लास्क/असेप्टिक ब्रिक पैक की धारिता में विहित भारत निर्मित विदेशी मदिरा की आपूर्ति करेगा।

7. बोतलों पर लगाये गये लेबुलों पर समय-समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश विदेशी मदिरा भराई नियमावली, 1969 में यथा विहित समस्त आवश्यक अपेक्षाएं मुद्रित होंगी। लाइसेंसधारी बाण्ड परिसरों में आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड के लागू करने के लिये उचित प्रबन्ध करेगा। मदिरा के किसी भी बोतल/असेप्टिक ब्रिक पैक की बिक्री तब तक नहीं की जायेगी, जब तक उस पर आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा न हो।

8. लाइसेंसधारी को उप आबकारी आयुक्त प्रभार द्वारा अनुमोदित अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त कराना अपेक्षित होगा तथा बंधित गोदाम से निकासी और विदेशी मदिरा के आने वाले परेषण माल के लिये चढ़ाने व उतारने का प्रबन्ध करेगा। गोदाम में आई0पी0 एड्रेस युक्त कैमरा लगा होगा तथा अग्निशामक उपस्करों से सज्जित होना चाहिये।

9. लाइसेंसधारी ऐसे बंधित गोदाम में विहित भारत निर्मित विदेशी मदिरा की प्राप्ति, निकासी की गई तथा अवशेष स्टाक की मात्रा का सही-सही लेखा रखेगा। लेखा को ठीक प्रकार से विहित प्रपत्र में एक रजिस्टर में दैनिक रुप से अद्यतन रखा जायेगा। लेखा रजिस्टर के पृष्ठों पर सम्बन्धित जिला आबकारी अधिकारी के रबर सील के साथ लगाकर पृष्ठ संख्या अंकित की जायेगी। विदेशी मदिरा की प्राप्ति व निकासी सहित पृष्ठों व पन्नों को समुचित ढंग से रखा जायेगा तथा आबकारी विभाग के प्राधिकारियों द्वारा निरीक्षण के लिये हर समय प्रकट किया जायेगा। सम्बन्धित विवरण का एम.आई.एस. (मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम) विहित पोर्टल पर नियत अन्तराल पर अपलोड किया जायेगा।

10. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम से विदेशी मदिरा की निकासी के लिये तथा उसके समुचित प्रबन्ध के लिये समस्त सामान्य नियमों का पालन करने के लिये बाध्य होगा।

11. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर दिये गये निदेशों के अनुसार ब्रान्डों के रजिस्ट्रेशन के लिये रजिस्ट्रीकरण शुल्क के साथ अनुमोदित अधिकतम् थोक व अधिकतम फुटकर बिक्री की दरें,एक्स बाण्ड मूल्य, ब्राण्डों की विस्तृत सूची आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेगा। लाइसेंसधारी किसी लेबुल को प्रयोग करने से पूर्व प्रतिवर्ष चार प्रतियों में आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर यथाविहित प्रत्येक लेबुल धारितावार के अनुमोदित शुल्क के साथ ई-ट्रेजरी चालान की प्रति संलग्न करके संबंधित जिले के जिला आबकारी अधिकारी, जो उसके अनुमोदन के लिए आबकारी आयुक्त को अग्रेषित करेगा। अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य में कोई परिवर्तन / प्रवर्तन वर्ष के दौरान तब तक नहीं की जायेगी जब तक कि विशेष रुप से आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमति प्रदान न कर दी जाय।

12. उत्तर प्रदेश में आयात की जाने वाली विहित भारत निर्मित विदेशी मदिरा की पेटियों (कार्टन) की समस्त छः सतहों (फेस) पर गाढे लाल रंग की डेढ़ इंच चौड़ी पट्टी पर कम से कम एक इंच आकार के काले रंग के अक्षरों में “फार सेल इन यूपी”मुद्रित कराया जायेगा।

13. लाइसेंसधारी इस लाइसेंस की शर्तें और संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 (संयुक्त प्रान्त अधिनियम 4 सन् 1910) के उपबंधों और तद्धीन बनाये गये नियमों और आदेशों का पालन करेगा।

14. यदि लाइसेंस की चालू रहने की अवधि के दौरान रद्द कर दिया जाता है या इसके अवसान पर नवीकृत नही किया जाता है तो लाइसेंसधारी तत्काल प्रभारी अधिकारी को बंधित गोदाम में बचे हुये भारत निर्मित विदेशी मदिरा के थोक स्टाक की संसूचना देगा और आबकारी आयुक्त द्वारा दिये गये निर्देशों के अधीन केवल बचे हुये स्टाक का निस्तारण करेगा।

15. लाइसेंसप्राप्त परिसर, 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 02 अक्टूबर (गॉधी जयन्ती),26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 03 ऐसे अतिरिक्त दिनों जैसा कि कलेक्टर द्वारा अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिये समस्त दिनों में प्रातः 9.00 बजे से सायं 8.00 बजे तक खुला रहेगा। लाइसेंसिंग प्राधिकारी/कलेक्टर सुसंगत विधियों के उपबन्धों के अधीन कानून व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन सम्बन्धी क्रिया-कलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी के लिये आदेश दे सकता है। उपरोक्त दिनांक व दिनों में दुकान की बन्दी के लिये कोई प्रतिकर देय नहीं होगी

16. जिलों के एफ0एल0-2 लाइसेंसधारियों से विदेशी मदिरा की थोक आपूर्ति हेतु मांग-पत्र प्राप्त होने पर आपूर्ति प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्धान्त पर सुनिश्चित की जायेगी,जिसमें विफल होने पर लाइसेंसधारी के विरूद्ध दाण्डिक कार्यवाही की जा सकती है।

17. बोतलों पर चिपकाये गये लेबलों पर बान्ड से निकासी होने वाली मदिराओं के प्रत्येक ब्राण्डों हेतु नियत मानक बोतलों के लेबलों के उपयुक्त स्थान पर 1×1 सेंटीमीटर के दृश्य मोटे फोंट में अधिकतम फुटकर मूल्य अंकित होंगी लेबलों पर मुद्रित एम0आर0पी0 के बिना किसी बिक्री की अनुमति नही है।

18. लाइसेंसधारी अपने भाण्डार परिसर से सील्ड पेटियों डिब्बों में लगे उन पर सुरक्षा कोड की स्कैनिंग करने और पोर्टल की प्रक्रिया का पालन करने के पश्चात विहित भारत निर्मित विदेशी मदिरा का प्रेषण सुनिश्चित करेगा।

19. लाइसेंसधारी अपने थोक दुकान से मदिरा की बिक्री के लिये बिक्रीकर्ता की सूची आबकारी आयुक्त /आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करेगा, जो तद्रुसार विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

बी0डब्लू0एफ0एल0-2बी (बीयर बंधित गोदाम)

शर्तें

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

1.उक्त बंधित गोदाम से बीयर की निकासी राज्य के किसी अन्य बंधित गोदाम को बंध-पत्र, या राज्य के किसी थोक विक्रेता एफ0एल0-2बी लाइसेंसधारी को देय प्रतिफल शुल्क व अन्य प्रभारों के भुगतान करने के पश्चात् ही दी जायेगी।

2.उक्त बंधित गोदाम से आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा समय-समय पर ऐसे (5 वीवी से 8 वीवी) निर्धारित तीव्रता की ही बीयर की निकासी दी जायेगी।

3. लाइसेंसधारी गोदाम के प्रभारी अधिकारी, सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त की पूर्व स्वीकृति से, आयुक्त के आदेश के रहने पर भी, ऐसी बीयर जिसे वह उपभोग के लिए संदिग्ध समझता है और जिसका अविलम्ब नमूना भेजकर परीक्षण कराया जाना आवश्यक है, की निकासी रोकने के लिए सक्षम है।

4. लाइसेंसधारी थोक विक्रेताओं द्वारा किये गये विशिष्ट ब्रांडो की मांगो और आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये गोदाम पर ऐसे ब्रांडों के न्यूनतम स्टाँक को अनुरक्षित रखेगा।

5.गोदाम में बीयर के समुचित अनुरक्षण का उत्तरदायित्व लाइसेंसधारी का होगा। लाइसेंसधारी रैकों की पर्याप्त संख्या, आलमारियाँ, बॉक्सों और अन्य उपस्कर भंडारण स्टाँक के लिये, जो आवश्यक हो, उपलब्ध करायेगा और उस पर प्रभारी अधिकारी के ताले के साथ अपना भी ताला लगायेगा।

6. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर निर्देशित बोतल/केन्स की धारिता में बीयर की आपूर्ति करेगा।

7.बोतलों पर लगाये गये लेबुलों पर समय-समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश विदेशी मदिरा भराई नियमावली, 1969 में विहित समस्त आवश्यक मुद्रित अपेक्षाएं होंगी। लाइसेंसधारी सुरक्षा कोड हेतु आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड लागू करने के लिये उचित प्रबंध करेगा। बीयर के किसी भी बोतल/केन्स की बिक्री तब तक नहीं की जायेगी, जब तक उस पर आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा न हो।

8.लाइसेंसधारी को उप आबकारी आयुक्त प्रभार द्वारा अनुमोदित प्राधिकृत प्रतिनिधि बंधित गोदाम में रखना होगा तथा बंधित गोदाम से निकासी और बीयर के आने वाले माल के लिये चढ़ाने व उतारने का प्रबंध करना होगा। गोदाम में आई0पी0 एड्रेस युक्त कैमरा लगा होगा। गोदाम अग्निशमन सयंत्रों से सज्जित होना चाहिये।

9. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम में बीयर की प्राप्ति, निकासी की गई तथा अवशेष स्टॉक की मात्रा का सही-सही लेखा- जोखा रखेगा। दैनिक रजिस्टर के विहित प्रपत्र में बीयर का सही-सही लेखा रखा जायेगा। लेखा रजिस्टर के पृष्ठों पर सम्बन्धित जिला आबकारी अधिकारी के रबर सील के साथ लगाकर पृष्ठ संख्या अंकित की जायेगी। बीयर की प्राप्ति व निकासी के पासों के पृष्ठों व पन्नों को समुचित ढंग से रखा जायेगा तथा आबकारी विभाग के प्राधिकारियों द्वारा निरीक्षण के समय मांगने पर हर समय प्रस्तुत किया जायेगा। सम्बन्धित विवरण का एम0आई0एस0 (मैनेजमेन्ट इन्फार्मेशन सिस्टम) विहित पोर्टल पर नियत अन्तराल पर अपलोड किया जायेगा।

10. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम से बीयर की निकासी के लिये तथा बंधित गोदाम के समुचित प्रबन्ध के लिये सभी सामान्य नियम के पालन करने के लिये बाध्य होगा।

11. लाइसेंसधारी, आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर दिये गये निदेशों के अनुसार ब्रांडों के रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ अनुमोदित अधिकतम् थोक व अधिकतम् फुटकर विक्री की दरें, एक्स बांड मूल्य, ब्रांडों की विस्तृत सूची आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेगा। लाइसेंसधारी किसी लेबुल को प्रयोग करने से पूर्व प्रतिवर्ष चार प्रतियों में आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रत्येक लेबुल धारितावार के अनुमोदन शुल्क के साथ ई-ट्रेजरी चालान/ई-पेमेन्ट की प्रति संलग्न करके सम्बन्धित जिले के जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा, जो उसके अनुमोदन के लिये आबकारी आयुक्त को प्रेषित करेगा। अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य की दर में कोई परिवर्तन वर्ष के मध्य में तब तक नहीं किया जायेगा, जब तक कि विशेष रूप से आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमति प्रदान न की जाये।

12. लाइसेंसधारी संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 (उत्तर प्रदेश अधिनियम-संख्या 4 सन् 1910) और इनके अन्तर्गत बनाये गये नियमों और आदेशों के उपबंधों के अधीन व इस लाइसेंस की शर्तो का पालन करेगा।

13. यदि लाइसेंस निर्धारित अवधि के पूर्व ही निरस्त किया जाता है या निर्धारित अवधि बीत जाने के पश्चात् नवीकृत नहीं होता है तो लाइसेंसधारी बंधित गोदाम के प्रभारी अधिकारी को बचे हुये बीयर के थोक स्टाक की सूचना देगा और आबकारी आयुक्त द्वारा दिये गये निदेशों के अधीन बचे हुये स्टॉक का निस्तारण करेगा।

14. लाइसेंसप्राप्त परिसर 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयन्ती),26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 3 ऐसे अतिरिक्त दिनों जैसा कि जिलाधिकारी द्वारा बन्दी के लिये अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिये समस्त दिनों में 9.00 बजे प्रातः से लेकर 8.00 बजे सायं तक खुला रहेगा। लाइसेंसिग प्राधिकारी/ जिलाधिकारी सम्बन्धित विधियों के अधीन कानून व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन सम्बन्धी क्रिया-कलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी के आदेश दे सकता है। उक्त दिनांक व दिनों में दुकान की बन्दी के लिये कोई क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी।

15. जिलों के एफ0एल0-2बी लाइसेंसधारी से बीयर की थोक आपूर्ति हेतु मांग-पत्र प्राप्त होने पर आपूर्ति प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्धांत के अनुसार की जायेगी, ऐसा न करने पर लाइसेंसधारी दण्ड का भागी होगा।

16. बंधित गोदाम से निकासी होने वाले समस्त ब्रान्डों की बोतलों/केन्स के लेबुलों पर 1×1 सेन्टीमीटर के दृश्य शब्दों में अधिकतम फुटकर बिक्री मूल्य अंकित होना अनिवार्य है। लेबुलों पर बिना अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य अंकित किये हुये बीयर की बिक्री प्रतिबन्धित है।

17. लाइसेंसधारी अपने गोदाम परिसर से मदिरा की सील्ड पेटियों का उठान उन पर लगे सुरक्षा कोड की स्कैनिंग करने के पश्चात् सुनिश्चित करेगा।

18. उत्तर प्रदेश में आयात की जाने वाली बीयर की पेटियों (कार्टन) की समस्त छः सतहों (फेस) पर गाढे लाल रंग की डेढ़ इंच चौड़ी पट्टी पर कम से कम एक इंच आकार के काले रंग के अक्षरों में “फार सेल इन यूपी” मुद्रित कराया जायेगा।

19. लाइसेंसधारी अपनी थोक दुकान पर मदिरा बिक्री के लिये विक्रेताओं की सूची आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करेगा। वह तद्रुसार विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

बी0डब्लू0एफ0एल0-2सी (वाइन बंधित गोदाम)

शर्तें

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

1. उक्त बंधित गोदाम से वाइन की निकासी राज्य के किसी अन्य बंधित गोदाम को बंध-पत्र, या राज्य के किसी थोक विक्रेता एफ0एल0-2 लाइसेंसधारी को देय प्रतिफल शुल्क व अन्य प्रभारों के भुगतान करने के पश्चात् ही दी जायेगी।

2. उक्त बंधित गोदाम से आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा समय-समय पर निर्धारित तीव्रता की ही वाइन की निकासी दी जायेगी।

3. बंधित गोदाम के प्रभारी अधिकारी, सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त की पूर्व स्वीकृति से, आयुक्त के आदेश के रहने पर भी, ऐसी वाइन जिसे वह उपभोग के लिए संदिग्ध समझता है और जिसका अविलम्ब नमूना भेजकर परीक्षण कराया जाना आवश्यक है, की निकासी रोकने के लिए सक्षम है।

4. लाइसेंसधारी थोक विक्रेताओं द्वारा किये गये विशिष्ट ब्रांडो की मांगो और आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये गोदाम पर ऐसे ब्रांडों के न्यूनतम स्टाक को अनुरक्षित रखेगा।

5. गोदाम में वाइन के समुचित अनुरक्षण का उत्तरदायित्व लाइसेंसधारी का होगा। लाइसेंसधारी रैको की पर्याप्त संख्या में आलमारियॉ, बक्सें और अन्य उपस्कर भंडारण स्टाक के लिये, जो आवश्यक हो, उपलब्ध करायेगा और उस पर प्रभारी अधिकारी के ताले के साथ अपना भी ताला लगायेगा।

6. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर निर्देशित बोतल/फ्लास्क /पात्र की धारिता में वाइन की आपूर्ति करेगा।

7. बोतलों पर लगाये गये लेबुलों पर समय-समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश विदेशी मदिरा भराई नियमावली, 1969 में विहित समस्त आवश्यक मुद्रित अपेक्षाएं होंगी। लाइसेंसधारी सुरक्षा कोड के लिए गोदाम परिसर में आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड लागू करने के लिये उचित प्रबंध करेगा। वाइन की किसी भी बोतल की बिक्री तब तक नहीं की जायेगी, जब तक उस पर आबकारी
विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा न हो।

8. लाइसेंसधारी को उप आबकारी आयुक्त प्रभार द्वारा अनुमोदित प्राधिकृत प्रतिनिधि बंधित गोदाम में रखना होगा तथा बंधित गोदाम से निकासी और वाइन के आने वाले माल के लिये चढ़ाने व उतारने का प्रबंध करेगा। गोदाम में आई0पी0 एड्रेस युक्त कैमरा लगा होगा। गोदाम अग्निशमन सयंत्रों से सज्जित होना चाहिए।

9. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम में वाइन की प्राप्ति, निकासी की गई तथा अवशेष स्टाक की मात्रा का सही-सही लेखा-जोखा रखेगा। दैनिक रजिस्टर के निर्धारित प्रपत्र में वाइन का सही-सही लेखा रखा जायेगा। लेखा रजिस्टर के पृष्ठों पर सम्बन्धित जिला आबकारी अधिकारी के रबर सील के साथ लगाकर पृष्ठ संख्या अंकित की जायेगी। वाइन की प्राप्ति व निकासी के पासों के पृष्ठों व पन्नों को समुचित ढंग से रखा जायेगा तथा आबकारी विभाग के प्राधिकारियों द्वारा निरीक्षण के समय मांगने पर हर समय प्रस्तुत किया जायेगा। सम्बन्धित विवरण का एम0आई0एस0(मैनेजमेन्ट इन्फार्मेशन सिस्टम) विहित पोर्टल पर नियत अन्तराल पर अपलोड किया जायेगा।

10. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम से वाइन की निकासी के लिये तथा बंधित गोदाम के समुचित प्रबन्ध के लिये समस्त सामान्य नियमों का पालन करने के लिये बाध्य होगा।

11. लाइसेंसधारी, आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर दिये गये निदेशों के अनुसार ब्रांडो के रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ अनुमोदित अधिकतम् थोक व अधिकतम् फुटकर बिक्री की दरें, एक्स बांड मूल्य, ब्रांडो की विस्तृत सूची आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेगा। लाइसेंसधारी किसी लेबुल को प्रयोग करने से पूर्व प्रतिवर्ष चार प्रतियों में आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर यथाविहित प्रत्येक लेबुल धारितावार के अनुमोदन शुल्क के साथ ई-ट्रेजरी चालान की प्रति संलग्न करके सम्बन्धित जिले के जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा, जो उसके अनुमोदन के लिये आबकारी आयुक्त को प्रेषित करेगा। अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य की दर में कोई परिवर्तन वर्ष के मध्य में तब तक नहीं किया जायेगा, जब तक कि विशेष रूप से आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमति प्रदान न की जाये।

12- लाइसेंसधारी संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 (संयुक्त प्रान्त अधिनियम सख्या 4 सन् 1910) और इनके अन्तर्गत बनाये गये नियमों और आदेशो के उपबंधों के अधीन व इस लाइसेंस की शर्तो का पालन करेगा।

13- यदि लाइसेंस निर्धारित अवधि के पूर्व ही निरस्त किया जाता है या निर्धारित अवधि बीत जाने के पश्चात् नवीकृत नहीं होता है तो लाइसेंसधारी बंधित गोदाम के प्रभारी अधिकारी को बचे हुये वाइन के थोक स्टॉक की सूचना देगा और आबकारी आयुक्त द्वारा दिये गये निदेशों के अधीन बचे हुये स्टाक का निस्तारण करेगा।

14. लाइसेंसप्राप्त परिसर 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 3 ऐसे अतिरिक्त दिनों जैसा कि जिलाधिकारी द्वारा बन्दी के लिये अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिये समस्त दिनों में 9.00 बजे प्रातः से लेकर 8.00 बजे सायं तक खुला रहेगा। लाइसेंसिंग प्राधिकारी/ जिलाधिकारी सम्बन्धित विधियों के अधीन कानून व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन सम्बन्धी क्रिया-कलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी के आदेश दे सकता है। उक्त दिनांक व दिनों में दुकान की बन्दी के लिये कोई क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी।

15. जिलों के एफ0एल0-2 लाइसेंसधारी से वाइन की थोक आपूर्ति हेतु मांग-पत्र प्राप्त होने पर आपूर्ति प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्धान्त के अनुसार की जायेगी, ऐसा न करने पर लाइसेंसधारी दण्ड का भागी होगा।

16. बंधित गोदाम से निकासी होने वाले समस्त ब्रांडों की बोतलों के लेबुलों पर 1×1 सेन्टीमीटर के दृश्य शब्दों में अधिकतम फुटकर बिक्री मूल्य अंकित होना अनिवार्य है। लेबुलों पर बिना अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य अंकित किये हुये वाइन की बिक्री प्रतिबन्धित है।

17- लाइसेंसधारी अपने गोदाम परिसर से मदिरा की सील्ड पेटियों का उठान उन पर लगे सुरक्षा कोड की स्कैनिंग करने के पश्चात् सुनिश्चित करेगा।

18- उत्तर प्रदेश में आयात की जाने वाली वाइन की पेटियों (कार्टन) की समस्त छः सतहों (फेस) पर गाढ़े लाल रंग की डेढ़ इंच चौड़ी पट्टी पर कम से कम एक इंच आकार के काले रंग के अक्षरों में “फार सेल इन यूपी” मुद्रित कराया जायेगा।

19-लाइसेंसधारी अपनी थोक दुकान पर मदिरा बिक्री के लिये विक्रेताओं की सूची आबकारी आयुक्त/ आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करेगा। वह तद्रुसार विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

बी0डब्लू0एफ0एल0-2डी (कम तीव्रता के मादक पेय बंधित गोदाम)

शर्तें

[नवम् संशोधन, 2023 द्वारा प्रतिस्थापित]

1. उक्त बंधित गोदाम से कम तीव्रता के मादक पेय की निकासी, राज्य के किसी अन्य बंधित गोदाम को बंध-पत्र या राज्य के किसी थोक विक्रेता एफ0एल0-2बी लाइसेंसधारी को देय प्रतिफल शुल्क व अन्य प्रभारों के भुगतान करने के पश्चात् ही दी जायेगी।

2. उक्त बंधित गोदाम से आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा समय-समय पर निर्धारित तीव्रता की ही कम तीव्रता के मादक पेय की निकासी दी जायेगी।

3. बंधित गोदाम के प्रभारी अधिकारी, सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त की पूर्व स्वीकृति से, आयुक्त के आदेश के रहने पर भी, ऐसी कम तीव्रता के मादक पेय जिसे वह उपभोग के लिए संदिग्ध समझता है और जिसका अविलम्ब नमूना भेजकर परीक्षण कराया जाना आवश्यक है, की निकासी रोकने के लिए सक्षम है।

4. लाइसेंसधारी थोक विक्रेताओं द्वारा किये गये विशिष्ट ब्रांडो की मांगो और आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये गोदाम पर ऐसे ब्रांडों के न्यूनतम स्टॉक को अनुरक्षित रखेगा।

5. गोदाम में कम तीव्रता के मादक पेय के समुचित अनुरक्षण का उत्तरदायित्व लाइसेंसधारी का होगा। लाइसेंसधारी रैंको की पर्याप्त संख्या में आलमारियाँ, बक्सों और अन्य उपस्कर भंडारण स्टाक के लिये, जो आवश्यक हो, उपलब्ध करायेगा और उस पर प्रभारी अधिकारी के ताले के साथ अपना भी ताला लगायेगा।

6. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर निर्देशित बोतल/फ्लास्क/कैन्स की धारिता में कम तीव्रता के मादक पेय की आपूर्ति करेगा।
7. बोतलों पर लगाये गये लेबुलों पर समय-समय पर यथासंशोधित उत्तर प्रदेश विदेशी मदिरा भराई नियमावली, 1969 में विहित समस्त आवश्यक मुद्रित अपेक्षाएं होंगी। लाइसेंसधारी गोदाम के परिसर में आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड लागू करने हेतु उचित प्रबंध करेगा। कम तीव्रता के मादक पेय के किसी भी बोतल की बिक्री तब तक नहीं की जायेगी, जब तक उस पर आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा न हो।

8. लाइसेंसधारी को उप आबकारी आयुक्त प्रभार द्वारा अनुमोदित प्राधिकृत प्रतिनिधि बंधित गोदाम में रखना होगा तथा बंधित गोदाम से निकासी और कम तीव्रता के मादक पेय के आने वाले माल के लिये चढ़ाने व उतारने का प्रबंध करेगा। गोदाम में आई0पी0 एड्रेस युक्त कैमरा लगा होगा। गोदाम अग्निशमन सयंत्रो से सज्जित होना चाहिये।

9. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम में कम तीव्रता के मादक पेय की प्राप्ति, निकासी की गई तथा अवशेष स्टॉक की मात्रा का सही- सही लेखा-जोखा रखेगा।दैनिक रजिस्टर के निर्धारित प्रपत्र में कम तीव्रता के मादक पेय का सही-सही लेखा रखा जायेगा। लेखा रजिस्टर के पृष्ठों पर सम्बन्धित जिला आबकारी अधिकारी के रबर सील के साथ लगाकर पृष्ठ संख्या अंकित की जायेगी। कम तीव्रता के मादक पेय की प्राप्ति व निकासी के पासों के पृष्ठों व पन्नों को समुचित ढंग से रखा जायेगा तथा आबकारी विभाग के प्राधिकारियों द्वारा निरीक्षण के समय मांगने पर हर समय प्रस्तुत किया जायेगा। सम्बन्धित विवरण का एम0आई0एस0 (मैनेजमेन्ट इन्फार्मेशन सिस्टम) विहित पोर्टल पर नियत अन्तराल पर अपलोड किया जायेगा।

10. लाइसेंसधारी बंधित गोदाम से कम तीव्रता के मादक पेय की निकासी के लिये तथा बंधित गोदाम के समुचित प्रबन्ध के लिये समस्त सामान्य नियमों के पालन करने के लिये बाध्य होगा।

11. लाइसेंसधारी, आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर दिये गये निदेशों के अनुसार ब्रांडों के रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ अनुमोदित अधिकतम् थोक व अधिकतम् फुटकर विक्री की दरें, एक्स बांड मूल्य, ब्रांडों की विस्तृत सूची आबकारी आयुक्त को प्रस्तुत करेगा। लाइसेंसधारी किसी लेबुल को प्रयोग करने से पूर्व प्रतिवर्ष चार प्रतियों में आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर यथाविहित प्रत्येक लेबुल धारितावार के अनुमोदन शुल्क के साथ ई-ट्रेजरी चालान की प्रति संलग्न करके सम्बन्धित जिले के जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा, जो उसके अनुमोदन के लिये आबकारी आयुक्त को प्रेषित करेगा। अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्य की दर में कोई परिवर्तन वर्ष के मध्य में तब तक नहीं किया जायेगा, जब तक कि विशेष रूप से आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमति प्रदान न की जाये।

12. लाइसेंसधारी संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम 1910 (संयुक्त प्रान्त अधिनियम संख्या 4 सन् 1910) और इनके अन्तर्गत बनाये गये नियमों और आदेशों के उपबन्धों के अधीन व इस लाइसेंस की शर्तों का पालन करेगा।

13. यदि लाइसेंस निर्धारित अवधि के पूर्व ही निरस्त किया जाता है या निर्धारित अवधि बीत जाने के पश्चात् नवीकृत नहीं होता है तो लाइसेंसधारी बंधित गोदाम के प्रभारी अधिकारी को बचे हुये कम तीव्रता के मादक पेय के थोक स्टॉक की सूचना देगा और आबकारी आयुक्त द्वारा दिये गये निदेशों के अधीन बचे हुये स्टॉक का निस्तारण करेगा।

14. लाइसेंसप्राप्त परिसर 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) 2 अक्टूबर (गांधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 3 ऐसे अतिरिक्त दिनों जैसा कि जिलाधिकारी द्वारा बन्दी के लिये अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिये समस्त दिनों में 9.00 बजे प्रातः से लेकर 8.00 बजे सायं तक खुला रहेगा। लाइसेंसिंग प्राधिकारी/ जिलाधिकारी सम्बन्धित विधियों के अधीन कानून व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन सम्बन्धी क्रिया-
कलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी के आदेश दे सकता है। उक्त दिनांक व दिनों में दुकान की बन्दी के लिये कोई क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी।

15. जिलों के एफ0एल0.2बी लाइसेंसधारियों से कम तीव्रता के मादक पेय की थोक आपूर्ति हेतु माँग.पत्र प्राप्त होने पर आपूर्ति प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्धान्त के अनुसार की जायेगी। ऐसा न करने पर लाइसेंसधारी दण्ड का भागी होगा।

16. बंधित गोदाम से निकासी होने वाले समस्त ब्रांडों की बोतलों के लेबलों पर 1×1 सेन्टीमीटर के दृश्य शब्दों में अधिकतम फुटकर बिक्री मूल्य अंकित होना अनिवार्य है। लेबुलों पर बिना अधिकतम फुटकर बिक्रय मूल्य अंकित किये हुये कम तीव्रता के मादक पेय की बिक्री प्रतिबन्धित है।

17. लाइसेंसधारी अपने गोदाम परिसर से मदिरा की सील्ड पेटियों का उठान उन पर लगे सुरक्षा कोड की स्कैनिंग करने के पश्चात् सुनिश्चित करेगा।

18. उत्तर प्रदेश में आयात की जाने वाली कम तीव्रता के मादक पेय की पेटियों (कार्टन) की समस्त छः सतहों (फेस) पर गाढ़े लाल रंग की डेढ़ इंच चौड़ी पट्टी पर कम से कम एक इंच आकार के काले रंग के अक्षरों में “फार सेल इन यूपी” मुद्रित कराया जायेगा।

19. लाइसेंसधारी अपनी थोक दुकान पर मदिरा बिक्री के लिये विक्रेताओं की सूची आबकारी आयुक्त/ आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करेगा। वह तद्रुसार विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

(प्रथम संशोधन से लेकर अब तक के संशोधनों की सम्‍पूर्ण सूची)

Rules Gazette DateEffective fromAmendmentsDownload
BWFL-2 Rules-2024 (10th amendment)18/01/202501/04/2024Rule 2, 3, 4 and 14View
BWFL-2 Rules-2023 (9th amendment)03/10/202301/04/2023Rule 3, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 14, Form BWFL-2A, Form BWFL-2AA, Form BWFL-2B, Form BWFL-2C and Form BWFL-2DView
BWFL-2 Rules-2022 (8th amendment)25/07/2022date of publication in the gazetteRule 3, 6, 9, 11, Form BWFL-2A, Form BWFL-2B, Form BWFL-2C, Form BWFL-2D and Form FL-22View
BWFL-2 Rules-2021 (7th amendment)31/05/2021date of publication in the gazetteRule 3, 10 and 18View
BWFL-2 Rules-2020 (6th amendment)20/04/2020date of publication in the gazetteRule 2, 3, 5, 16, Form BWFL-2A, Form BWFL-2B, Form BWFL-2C and Form BWFL-2D View
BWFL-2 Rules-2019 (5th amendment)01/10/2019date of publication in the gazetteRule 2, 3, 16, BWFL-2A, BWFL-2B, BWFL-2C and BWFL-2DView
BWFL-2 Rules-2019 (4th amendment)25/03/201901/04/2019Rule 2, 3 and 16View
BWFL-2 Rules-2018 (3rd amendment)27/08/2018date of publication in the gazetteRule 3View
BWFL-2 Rules-2018 (2nd amendment)23/03/201801/04/2018Rule 2, 3, 6, 10, 11, 16, 17, 18, Form BWFL-2A, Form BWFL-2B, Form BWFL-2C and Form BWFL-2DView
BWFL-2 Rules-2011 (1st amendment)31/03/2011come into force at onceRule 2 and Form BWFL-2A View
BWFL-2 Rules-201128/02/2011come into force at onceView