(नोट:- समेकित नियमावली में संशोधनों का समावेश करने में पूर्ण सावधानी बरती गयी है तथापि सन्दर्भ हेतु सरकारी गजट का ही प्रयोग किया जाये)

1. संक्षिप्त नाम व प्रारंभ

[मूल 2002]

(एक) यह नियमावली उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब की थोक बिकी के लिये लाइसेसों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2002 कही जायेगी।

(दो) यह गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रवृत्त होगी।

2. परिभाषायें

[अठारहवाँ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]

जब तक विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो इस नियमावली में,

(क) “अधिनियम” का तात्पर्य समय-समय पर यथा संशोधित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम 1910 से है,

(ख) “अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क” का तात्पर्य देशी मदिरा के अधिकतम खुदरा मूल्य को दो रूपये के अगले गुणक तक पूर्णांकित किये जाने के फलस्वरूप प्राप्त अन्‍तर की धनराशि से है जो आसवनी स्तर पर देय होगी।

आसवनी द्वारा थोक पूर्तिकर्ता से एक्स डिस्टलरी प्राइस के अतिरिक्त प्रभार्य होगी एवं जो थोक पूर्तिकर्ता द्वारा देशी मदिरा के फुटकर लासेंसधारी से अधिकतम थोक मूल्य के अतिरिक्त प्रभार्य होगी।

(ग) “कम्पनी” का तात्पर्य कम्पनी अधिनियम 1913 के अधीन रजिस्ट्रीककृत किसी कम्पनी से है,

(घ) “प्रतिफल शुल्क” का तात्पर्य कम्पनी अधिनियम की धारा-30 के अधीन राज्य सरकार द्वारा देशी मदिरा की तीव्रता के अनुसार प्रति लीटर की दर से निर्धारित फीस से है, जो देशी मदिरा की आपूर्ति से पूर्व लाइसेंसधारी द्वारा सरकारी कोषागार में जमा की जायेगी।

(ङ) “देशी स्पिरिट” 25 प्रतिशत (सुवासित), 36 प्रतिशत ( मसाला), 28 प्रतिशत (मसाला) और 42.8 प्रतिशत (मसाला) के रुप में ऐसी अल्कोहलीय सांद्रता के एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल से विनिर्मित देशी स्पिरिट और उत्तर प्रदेश विनिर्मित मदिरा (यू.पी.एम.एल.) (मसाला सहित) भी सम्मिलित है जिसमें ऐसी मद्यसारिक सान्द्रता होगी जैसा कि आबकारी आयुक्त द्वारा समय समय पर राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन से नियत किया जाय।

(च) “आबकारी वर्ष” का तात्पर्य 1 अप्रैल से प्रारम्भ होकर आगामी कलेन्डर वर्ष के 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष से है,

(छ) “परिवार” का तात्पर्य दम्पत्ति (पति या पत्नी), आश्रित पुत्र ( पुत्रों), अविवाहित पुत्री ( पुत्रियों) से है और आश्रित माता-पिता सम्मिलित हैं,

(ज) “प्रपत्र” का तात्पर्य इस नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र से है,

(झ) “व्यक्ति” का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो लाइसेंस प्रदान किये जाने के लिये आवेदन करने के समय अन्यून इक्कीस वर्ष की आयु का भारत का नागरिक हो,

(ञ) “लाइसेंस फीस” का तात्पर्य अधिनियम की धारा – 24 के अधीन देशी मदिरा के विक्रय के एकान्तिक विशेषाधिकार के लिये लाइसेंस प्रदान किये जाने के प्रतिफल से है जो लाइसेंसधारी द्वारा उसको लाइसेंस प्रदान किये जाने के पूर्व, ऐसी दरों पर, जैसी कि राज्य सरकार की स्वीकृति से आबकारी आयुक्त द्वारा अधिसूचित किया जाय,

(ट) “लाइसेंस प्राधिकारी” का तात्पर्य आबकारी आयुक्त से है,

(ठ) “भागीदारी फर्म” का तात्पर्य भागीदारी अधिनियम 1932 के अधीन रजिस्ट्रीकृत फर्म से है,

(ड) “पोर्टल” का तात्पर्य विनिर्दिष्ट रूप से निर्मित इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म, जिस पर मदिरा निर्माण की प्रक्रिया से लेकर इसके वितरण के अन्तिम अवस्था तक की सूचनाओं को विहित प्रारूप में अपलोड किया जायेगा, से है,

(ढ) “प्रतिभूति धनराशि” का तात्पर्य लाइसेंस फीस के 1/10 भाग के बराबर धनराशि से है जो आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पक्ष में गिरवीकृत होगी, ई-बैंक गारंटी के माध्यम से जमा की जाएगी और जो राज्य सरकार के समस्त दावों और देयों के अन्तरिम व्यवस्थापन के बाद वापसी योग्य होगी,

परन्तु यह कि नवीकरण की स्थिति में पूर्व में नकद अथवा राष्ट्रीय बचत पत्र अथवा बैंक गारंटी के माध्यम से जमा की गयी प्रतिभूति तब तक स्वीकार्य होगी, जब तक इसकी वापसी न कर दी जाय,

(ण) “ऋणशोधन क्षमता” का तात्पर्य थोक लाइसेंस की स्वीकृति के लिये आवेदन करने हेतु आवेदक के लिये निर्धारित वित्तीय पात्रता के मानदण्ड से है,

(त) “उत्तर प्रदेश निर्मित मदिरा (यू0पी0एम0एल0)”-ग्रेन एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल (ई0एन0ए0) से विनिर्मित ऐसी अल्कोहलीय सांद्रता वाली देशी स्प्रिट सम्मिलित है, जैसा कि समय-समय पर राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से आबकारी आयुक्त द्वारा नियत की जाय।

3. लाइसेंस की अवधि

[चतुर्थ संशोधन, 2009 द्वारा प्रतिस्थापित]

लाइसेंस की अवधि एक आबकारी वर्ष अथवा उसके भाग, जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत किया गया है होगी, किन्तु अनुज्ञापन अनुज्ञापी की इच्छा पर अगले वर्ष के लिए ऐसे निबंधन और शर्तों जैसा राज्य सरकार विनिश्चित करे, पर नवीनीकरण अथवा विस्तारित किया जा सकेगा।

4. लाइसेंस की स्वीकृति

[अठारहवाँ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1)(क) देशी शराब की थोक बिक्री के लिये लाइसेंस, इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंस फीस की अपेक्षित धनराशि से अन्यून कुल मालियत के ऋणशोधन क्षमता प्रमाण -पत्र अथवा प्राधिकृत आयकर मूल्यांकन द्वारा निर्गत सम्पत्ति का स्वामित्व प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने तथा लाइसेंस फीस के भुगतान और अधिमानतः ई- भुगतान प्लेटफार्म के माध्यम से और आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पक्ष में गिरवीकृत प्रतिभूति धनराशि ई-बैंक गारंटी के माध्यम से जमा करने पर प्रत्येक जिले में प्रपत्र सी0एल0-2 में आवेदक के आवेदन करने पर प्रदान किया जायेगा।

(ख) प्रपत्र सी0एल0-2 में देशी मदिरा की थोक बिक्री हेतु लाइसेंस का नवीकरण राज्य सरकार द्वारा विहित निबन्धन एवं शर्तों के अध्यधीन सम्बन्धित जोन के संयुक्त आबकारी आयुक्त की पूर्व स्वीकृति से सम्बन्धित प्रभार के उप आबकारी आयुक्त द्वारा किया जा सकेगा।

लाइसेंसधारी को इस आशय का रु. 10/- के नॉनजुडीशियल स्टाम्प पेपर पर नोटेराइज्ड शपथ पत्र भी देना होगा कि:-

(एक) वह सम्बन्धित वर्ष हेतु निर्धारित समस्त देयतायें देने को तैयार है तथा उसके लाइसेंस के वर्तमान परिसर, स्थान की चौहद्दी में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

(दो) उक्त थोक लाइसेंस के लिये आवश्यक सभी अर्हतायें रखता है; और

(तीन) वर्तमान लाइसेंस को पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से संचालित करेगा और कोई ऐसा कार्य नहीं करेगा जिससे गम्भीर अनियमितता अथवा लाइसेंस निरस्तीकरण की स्थिति उत्पन्न हो। लाइसेंस की शर्तों का पालन न करने अथवा शपथ पत्र में उल्लिखित तथ्यों के विपरीत कार्य करने की दशा में नवीनीकरण निरस्त कर दिया जाये तथा लाइसेंस निमित्तण सम्बन्धित की जमा प्रतिभूति धनराशि का 50 प्रतिशत एवं आगामी वर्ष हेतु जमा नवीकरण एवं लाइसेंस फीस, राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर ली जायेगी।

थोक लाइसेंस अथवा बाण्ड लाइसेंस के लाइसेंसधारियों में से आगामी वर्ष के लिए नवीनीकरण हेतु इच्छुक लाइसेंसधारी द्वारा नवीनीकरण प्रार्थना पत्र ऑनलाइन प्रस्तुत किया जायेगा, निर्धारित शपथ पत्र एवं संबंधित जिला आबकारी अधिकारी द्वारा निर्गत अनापत्ति प्रमाण पत्र अपलोड किया जायेगा तथा नवीनीकरण शुल्क की धनराशि को ऑनलाइन जमा किया जायेगा। आवेदन पत्र प्राप्त होने की तिथि से 07 कार्य दिवस के अंदर लाइसेंस प्राधिकारी अथवा अधिकृत प्राधिकारी द्वारा नवीनीकरण पर निर्णय लेते हुये संबंधित इच्छुक लाइसेंसधारी को संबंधित लाइसेंस की हेतु निर्धारित लाइसेंस फीस धनराशि 03 कार्य दिवस के अंदर जमा करने का निर्देश दिया जायेगा। प्रतिभूति धनराशि के अंतर की धनराशि लाइसेंसधारी द्वारा नवीनीकरण की स्वीकृति की तिथि से 15 दिन तक जमा की जा सकेगी।

प्रतिभूति का अंतर निर्धारित अवधि तक न जमा करने पर रु. 2000/- प्रति दिवस की दर से अर्थ दण्ड आरोपित होगा। अर्थ दण्ड सहित मात्र 15 दिवस की अवधि प्रतिभूति का अंतर जमा करने हेतु अनुमन्य होगी और इस अतिरिक्त अवधि में भी प्रतिभूति का अंतर जमा न करने पर नवीनीकरण निरस्त कर दिया जायेगा ।

लाइसेंसधारी द्वारा उपरोक्तानुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करने अथवा प्रतिभूति के अंतर की धनराशि अनुमन्य समयांतर्गत न जमा करने अथवा उसके द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र का पालन न करने पर उसका नवीनीकरण निरस्त कर दिया जायेगा तथा उसकी सम्‍बन्धित वर्ष की प्रतिभूति का 50 प्रतिशत एवं आगामी वर्ष की नवीनीकरण फीस राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर ली जायेगी।

नवीकरण की स्थिति में पूर्व में नकद अथवा राष्ट्रीय बचत पत्र / बैंक गारंटी के माध्यम से जमा की गयी प्रतिभूति तब तक स्वीकार्य होगी, जब तक इसकी वापसी न कर दी जाय और गत वर्ष के व्यवस्थापन के दौरान ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र अथवा किसी आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी सम्पत्ति स्वामित्व प्रमाण पत्र, यदि विधिमान्य एवं अपेक्षित धनराशि के लिए है, प्रतिग्राह्य होंगे।

(2) लाइसेंसधारी को, किसी अन्य व्यक्ति को लाइसेंस अन्तरित करने या शिकमी करने की अनुमति न होगी।

5. लाइसेंस की स्वीकृति के लिये आवेदन पत्र

[दशम् संशोधन, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित]

लाइसेंस की स्वीकृति के लिये आवेदन आबकारी आयुक्त द्वारा इस प्रयोजनार्थ विहित प्रारूप में अधिमानतः आन लाइन किया जायेगा ।

6. लाइसेंस हेतु पात्रता

[अठारहवाँ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) देशी मदिरा के थोक बिक्री की दुकानों के लिये लाइसेंस प्रत्येक जिला के लिये देशी मदिरा उत्पादक आसवनियों को दिया जा सकेगा।

(2) देशी मदिरा के थोक बिक्री की दुकानों के लिये लाइसेंस प्रत्येक जिला के लिये एक या एक से अधिक संख्या में निम्नलिखित को भी दिया जा सकेगा:-

(क) भारत का नागरिक हों।

अथवा

भागीदारी वाली फर्म, जिसमें दो से अधिक भागीदार न हो, जो भारत के नागरिक हों।

(3) लाइसेंस प्रदान किये जाने के पश्चात् भागीदार में कोई परिवर्तन अनुज्ञा न होगा, किन्तु यदि लाइसेंस किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त किया गया हो, तो उसकी मृत्यु की दशा में लाइसेंसधारी द्वारा दिये गये नामनिर्देशन शपथ पत्र (यदि कोई हो) के अनुसार भागीदार का नाम परिवर्तित किया जायेगा, निकटरूप सम्बन्धियों के नाम, यदि अन्यथा अपात्र न हों, लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारक के रूप में बने रहने के लिये नामनिर्देशन शपथ पत्र में उल्लिखित अधिमानी क्रम के अनुसार विचार किया जायेगा।

परन्तु यह और कि दो जीवित लाइसेंसधारियों के लिए लाइसेंसों का नवीकरण जिनका पूर्व वर्षों से नवीकरण किया गया है, लाइसेंस का नवीकरण तभी किया जायेगा जब दोनों लाइसेंसधारी नवीकरण के लिए सहमत हो ऐसी सहमति न होने की दशा में नवीकरण अनुज्ञेय नही होगा।

परन्तु यह कि मृतक लाइसेंसधारी के नामनिर्देशन शपथ पत्र की अनुपलब्धता की स्थिति में उसका विधिक वारिस लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारक बना रह सकता है। यदि संयुक्त रूप से दो व्यक्तियों द्वारा लाइसेंस प्राप्त किया गया हो, तो किसी एक व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में, उत्तरजीवी व्यक्ति एवं उपर्युक्तानुसार चयनित मृत लाइसेंसधारी का नामनिर्देशिती अथवा विधिक वारिस, यदि अन्यथा पात्र हों, लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारी बना रह सकता है। दोनों व्यक्तियों के
विधिक उत्तरदायित्वों में कोई भेद नहीं किया जायेगा और दोनो सम्मिलित रूप से अलग-अलग उत्तरदायी होगे।

परन्तु यह और कि दो लाइसेंसधारियों के थोक लाइसेंस के मामले में जिनका पूर्व वर्षों में नवीकरण किया गया है, यदि किसी एक ऐसे लाइसेंसधारी की नवीकरण से पूर्व मृत्यु हो जाती है और उसके विधिक वारिस अथवा नाम निर्देशिती द्वारा आवेदन पत्र दिया जाता है अथवा यदि वह अनुपयुक्त पाया जाता है तो आवेदन प्राप्‍त होने पर लाइसेंस का नवीकरण किये जाने की अनुमति आगामी वर्ष हेतु विनिर्दिष्ट दिनांक तक लाइसेंस की सम्पूर्ण प्रतिभूति धनराशि जमा करने की शर्त के साथ अन्य उत्तरजीवी लाइसेंसधारी के पक्ष में किये जाने की अनुमति दी जायेगी। वर्ष के अंत में पूर्व वर्ष हेतु जमा की गयी प्रतिभूति धनराशि नियमानुसार लौटा दी जायेगी।

(4) आवेदक, आबकारी राजस्व का बकायेदार या काली सूची में सम्मिलित न हो या अधिनियम के अधीन बनाई गई किसी नियमावली के उपबन्धों के अधीन आबकारी लाइसेंस धारण करने से विवर्जित न किया गया हो।

(5) (एक) आवेदक राज्य में देशी मदिरा, विदेशी मदिरा, बीयर तथा माडल शाप की फुटकर बिक्री की दुकानों का कोई लाइसेंस नहीं रखता हो;

(दो) आवेदक, ऋणशोधन क्षमता प्रमाण-पत्र अथवा प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी सम्पत्ति स्वामित्व प्रमाण पत्र का धारक हो और उसकी ऋणशोधन क्षमता संबधित लाइसेंस के लाइसेंस फीस के समतुल्य धनराशि से कम नही होनी चाहिए।

(6) आवेदक को निम्नलिखित की पुष्टि में पब्लिक नोटरी द्वारा सम्यक् रूप से सत्यापित शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा, अर्थात्:

(एक) यह कि समय-समय पर संशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी की दुकानों की संख्या एवं स्थिति नियमावली, 1968 के उपबन्धों के अनुसार उस स्थान पर दुकान खोलने हेतु उपयुक्त परिसर रखता है अथवा उस स्थान पर किराये पर उपयुक्त परिसर का प्रबन्ध कर सकता है।

(दो) यह कि उसके दुकान के प्रस्तावित परिसर के निर्माण में किसी विधि अथवा नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है।

(तीन) यह कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों और आसवनी के प्रबन्धकों / निदेशकों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है तथा उनको संयुक्त प्राप्त आबकारी अधिनियम 1910 या स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 अथवा किसी अन्य संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध में दण्डित नहीं किया गया है।

(चार) यह कि आवेदक सम्बन्धित जिला के जिला कलक्टर/ सम्बन्धित जिला के पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिशनरी के पुलिस आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट एक अधिकारी, जो सहायक पुलिस आयुक्त से अनिम्न रैंक का हो, द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र आवेदन करते समय प्रस्तुत करेगा कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का चरित्र अच्छा है एवं उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि या आपराधिक इतिहास नहीं है;

(पाँच) यह कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को बिक्रीकर्ता या प्रतिनिधि के रूप में नियोजित नहीं करेगा, जिसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि हो जैसा कि उपरोक्त उपखण्ड (तीन) में उल्लिखित है या जो किसी संक्रामक रोग से ग्रसित हो या 21 वर्ष से कम आयु का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी को आबकारी आयुक्त/आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी से, राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर यथाविहित फीस का संदाय करके अपने प्राधिकृत बिक्रीकर्ता / प्रतिनिधि का फोटोयुक्त नौकरनामा प्राप्त करना होगा और इसे अन्वेष अधिकारी द्वारा माँगें जाने पर प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

(छः ) यह कि उस पर कोई लोक देयता या राजकीय देयता का बकाया नही है।

(सात) यह कि वह ऋणशोधनक्षम है और आवश्यक निधि रखता है या उसने कारोबार के संचालन के लिए आवश्‍यक निधि  का प्रबन्ध कर लिया है जिसका ब्यौरा, यदि अपेक्षित होगा तो लाइसेंस प्राधिकारी को उपलब्ध करा दिया जायेगा।

7. लाइसेंस का जारी किया जाना

[अठारहवाँ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]

लाइसेंस, प्रपत्र सी. एल. 2 में होंगे और समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा यथा निर्धारित लाइसेंस फीस का भुगतान, अधिमानतः ई-पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से, और आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पक्ष मे गिरवीकृत प्रतिभूति धनराशि ई-बैंक गारंटी के माध्यम से जमा करने पर जिलावार प्रदान किये जायेंगे।

8. देशी शराब की आपूर्ति

[अठारहवाँ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]

लाइसेंसधारी देशी मदिरा की आपूर्तियों, आबकारी विभाग द्वारा यथा अनुमोदित प्रतिफल शुल्क के भुगतान के प्रमाण के रूप में सुरक्षा कोड लगी विहित धारिता की टेट्रा पैक्स में देशी शराब के लाईसेंस प्राप्त निर्माता आसवनियों से अथवा विशेष दशा में अन्य राज्यों की आसवनियों द्वारा उत्तर प्रदेश में स्थापित देशी मदिरा के बंधित गोदामों अर्थात बी0डब्ल्यू0सी0एल0-1 से, आबकारी शुल्क और ऐसे अन्य उद्ग्रहणों या करों, जो समय-समय पर उदग्रहणीय हो, के अग्रिम रूप से ई -पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से पूर्ण भुगतान के पश्चात् प्राप्‍त करेगा।

9. अनुज्ञापनों की प्रास्थिति

[मूल 2002]

थोक विक्रय के अनुज्ञापन जनपद के मुख्यालय या संबंधित आबकारी निरीक्षक के मुख्यालय पर स्थित आबकारी विभाग के गोदाम में या जिला आबकारी अधिकारी द्वारा अनुमोदित परिसर में खोले जायेगें जो समय-समय पर यथासंशोधित “उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या व स्थिति नियमावली, 1968” के प्राविधानों के अनुसार होगा।

10. देशी शराब का बिक्री हेतु क्षेत्र और पंजिकाओं का रख-रखाव

[ग्यारहवां संशोधन, 2019 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) प्रपत्र दे०श0-2 में थोक बिक्रय का लाइसेंसधारी अपनी लाइसेंस की शर्तों के अधीन रहते हुए देशी शराब का बिक्रय-

(एक) जिले के देशी शराब के फुटकर लाइसेंसधारियों को,

(दो) राज्य सरकार द्वारा विहित प्रक्रिया के अनुसार आबकारी आयुक्त की पूर्वानुमति से अतिरिक्त लाइसेंस फीस जमा करने के पश्चात् अन्य निकटवर्ती जिलों के फुटकर लाइसेंसधारियों को,

(तीन) आबकारी आयुक्त की पूर्वानुमति से उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के थोक लाइसेंसधारियों को, करने का हकदार होगा।

(2) लाइसेंसधारी, पंजिका, पास बुक, स्टाक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों को इलेक्ट्रानिक फारमेट में भी आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित उत्तर प्रदेश आबकारी आनलाइन पोर्टल पर रख-रखाव करेगा और लाइसेंस प्राधिकारी अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा इलेक्ट्रानिक फार्मेट में मांगे जाने वाली समस्त सूचनाओं और विवरणों को विहित समय सीमा के भीतर उपलब्ध करायेगा।

(3) फुटकर विक्रेता द्वारा सभी शुल्कों, करों और उपकरों को सम्मिलित करते हुए देशी शराब के मूल्य अधिमानतः ई-पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से जमा मूल्य के साथ प्रस्तुत किये गये मांग पत्र के प्राप्त होने पर थोक बिक्रेता लाइसेंसधारी के मांग-पत्रों पर उसके प्राप्त होने का दिनांक, समय अंकित करेगा और मांग-पत्र प्राप्त होने के अड़तालीस घंटों के भीतर देशी शराब की आपूर्ति करने के लिए बाध्य होगा। उपरोक्तानुसार फुटकर लाइसेंसधारी को आपूर्ति करने में विफल रहने की दशा में सम्बन्धित थोक विक्रेता लाइसेंसधारी की प्रतिभूति धनराशि समपहृत किये जाने और उसका लाइसेन्स निरस्त किये जाने योग्य होगा। लाइसेंस निरस्त किये जाने की स्थिति में उसे ब्लैक लिस्ट किया जायेगा तथा उसे अन्य आबकारी लाइसेंसों के धारण किये जाने से विवर्जित किया जायेगा।

(4) आसवनियों या अन्य थोक दुकानों या बी०डब्ल्यू०सी०एल-1 से थोक विक्रय की दुकानों को समस्त आपूर्तियां आबकारी आयुक्त द्वारा इस प्रयोजनार्थ विहित इलेक्ट्रानिक जनित परिवहन पास के माध्यम से की जायेंगी। लाइसेंसधारी द्वारा प्राप्ति और आपूर्ति की सभी प्रविष्टियां इस प्रयोजनार्थ विहित अभिलेखों में अंकित की जायेंगी।

(5) थोक विक्रय दुकान से प्रतिदिन दी गयी निकासी की प्रविष्टिंयां, आबकारी आयुक्त द्वारा विहित पंजिका में अंकित की जायेंगी।

(6) प्रतिदिन के प्रारम्भिक अवशेष का लेखा, प्राप्ति, योग, विक्री तथा दिन के समापन अवशेष का सरांश इलेक्ट्रानिक फार्मेट में आबकारी आयुक्त द्वारा विहित पंजिका में अनुरक्षित किया जायेगा तथा उत्तर प्रदेश आबकारी आन लाईन पोर्टल पर भी अपलोड किया जायेगा।

11. मदिरा की निकासी और परिवहन पास

[ग्यारहवां संशोधन, 2019 द्वारा प्रतिस्थापित]

(एक) थोक बिक्रय की दुकान से देशी शराब प्राप्त करने वाली फुटकर दुकानों की समस्त निकासी की सम्यक प्रविष्टि आबकारी आयुक्त द्वारा विहित फुटकर बिक्रेता के पास बुकों में की जानी चाहिए। पास बुक में की गई प्रविष्टि को थोक लाइसेंसधारी द्वारा या उसके द्वारा अधिकृत बिक्रेता जिनका सम्यक रूप से अनुमोदन जिला आबकारी अधिकारी द्वारा किया गया हो, के द्वारा अंकित व हस्ताक्षरित की जायेगी। थोक लाइसेंसधारी देशी शराब के परिवहन हेतु आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित प्रारूप में तीन प्रतियों में कम्प्यूटर जनित परिवहन पास तैयार करेगा तथा उत्तर प्रदेश आबकारी आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेगा। परिवहन पास की प्रथम प्रति, देशी शराब के क्रेता लाइसेंसधारी को देगा और दूसरी प्रति, सम्बन्धित जिला के जिला आबकारी अधिकारी को नवीनतम चौबीस घण्टे के अन्दर उपलब्ध करायेगा। परिवहन पास की तीसरी प्रति, थोक लाइसेंसधारी अपने अभिलेख हेतु सुरक्षित रखेगा।

(दो) लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा विहित दैनिक दुकानवार रजिस्टर अनुरक्षित करेगा और निर्धारित प्रारूप में मांग-पत्रों और कुल निकासी का सामयिक विवरण जिला आबकारी अधिकारी को प्रेषित करेगा। प्रभार अथवा जोन के अन्य जिलों के फुटकर लाइसेंसधारियों को निकासी देने के मामलों में उपर्युक्त विवरण की प्रति सम्बन्धित जिला के जिला आबकारी अधिकारी को उसी दिन भेजेगा और उसकी रसीद प्राप्त करेगा तथा उसे उत्तर प्रदेश आबकारी आनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। लाइसेंसधारी अभिलेखों में प्रविष्टियों को मिटाने के लिये अधिलेखन तथा सुधारात्मक द्रव्य का प्रयोग नहीं करेगा।

(तीन) किसी जिला में एक से अधिक थोक लाइसेंसधारी होने की दशा में राज्य सरकार, किसी एक थोक लाइसेंसधारी से उठान की सीमा नियत कर सकती है।

12. निरीक्षण

[मूल 2002]

कोई आबकारी अधिकारी जो आवकारी निरीक्षक से निम्न श्रेणी का न हो को जब कभी यह थोक विक्रय की दुकान का निरीक्षण करें, लेखों का परीक्षण करने और दशी शराब के स्टाफ की जाच करने के लिए प्रत्येक सुविधा दी जायेगी।

13. अधिकतम फुटकर मूल्य

[मूल 2002]

आबकारी आयुक्त, राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से, देशी शराब की बोतलों के अधिकतम थोक विक्रय मूल्य निर्धारित कर सकते हैं। अनुज्ञापी फुटकर विक्रेताओं से आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित अधिकतम थोक विक्रय मूल्य से अधिक मूल्य प्रभारित नहीं करेगा।

14. अभिलेखों में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों का उत्तरदायित्व

[दशम् संशोधन, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित]

थोक अनुज्ञापी स्वयं या उसके विक्रेता द्वारा इलेक्ट्रानिक माध्यम से लेखों, पंजिकाओं व अभिलेखों में की गई प्रविष्टियों की शुद्धता व प्रमाणिकता के लिये पूर्णतः उत्तरदायी होगा और वह त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों के कारण हुई राजस्व की क्षति की भरपाई के लिये उत्तरदायी होगा।

15. मदिरा का संचय और निषेध

[दशम् संशोधन, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित]

(क) थोक अनुज्ञापी देशी शराब का संचय केवल अनुज्ञापित परिसर में ही करेगा ।

(ख) थोक विक्रय अनुज्ञापी को देशी मदिरा को तनु, ब्लेन्ड या रंजित करने अथवा कोई रंजक, सुगंध या सुरक्षा कोड अपने अनुज्ञापित परिसर में रखने की अनुमति नहीं है।

(ग) लाइसेंस का संचालन अनुज्ञापी द्वारा स्वयं अथवा अपने प्राधिकृत विक्रेता जिसका सम्यक रूप से अनुमोदन जिला आबकारी अधिकारी द्वारा किया गया हो, के माध्यम से किया जायेगा। अनुज्ञापी या उसके प्राधिकृत विक्रेता द्वारा इस नियमावली के उल्लंघन अथवा अनियमितता के लिये उत्तरदायी होगा।

16. निलम्बन, निरस्तीकरण और शास्तियां

[तेरहवाँ संशोधन, 2020 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) लाइसेंस प्राधिकारी, लाइसेंस को निलम्बित या निरस्त कर सकता है और प्रतिभूति धनराशि को समपहृत कर सकता है-

(क) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में देशी शराब की कोई बोतल/टेट्रा पैक या पान पाया जाये जिस पर आबकारी शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है और जिसपर आबकारी विभाग द्वारा सम्यक रूप से अनुमोदित शुल्क के भुगतान के प्रमाण के रूप में सुरक्षा प्रणाली के अन्तर्गत नियमानुसार सुरक्षा कोड नहीं लगा है;

(ख) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में किसी अन्य प्रकार की शराब या मादक ओषधि पायी जाती है जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत नहीं किया गया है,

(ग) यदि लाइसेंसधारी द्वारा आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित अधिकतम थोक विक्रय मूल्य से अधिक मूल्य, देशी शराब के फुटकर विक्रेताओं से लिया जाता है;

(घ) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में अप्राधिकृत रूप से कोई स्प्रिट, रंग, एसेन्स या सुरक्षा कोड निर्माण करने वाले यंत्र आदि पाये जाते है;

(ङ) यदि लाइसेंसधारी द्वारा अभिलेखों में वुटिपूर्ण अथवा कपटपूर्ण प्रविष्टियां की गयी है जिसके परिणामस्वरूप राजस्व की क्षति हुई है;

(च) यदि यह प्रमाण मिलता है कि थोक लाइसेंस को-शिकमी पर रखा गया है या उसे अंतरित किया गया है;

(छ) यदि अधिनियम या नियमों के उपबन्धों के विरूद्ध लाइसेंसधारी के कब्जे में कोई मदिरा या मादक ओषधि पायी जाती है;

(ज) यदि लाइसेंसधारी द्वारा आवेदन के समय प्रस्तुत शपथ-पन्न या आवेदन-पत्र से किये गये प्राख्यान, असत्य, मिथ्या या भ्रामक पाये जाते है;

(झ) यदि यह पाया जाता है कि लाइसेंस फर्जी नाम से प्राप्त किया गया है या लाइसेंसधारी किसी अन्य व्यक्ति के नाम से लाइसेंस धारण किये हुये है;

(त) यदि लाइसेंसधारी मांग की गई तीव्रता, मात्रा, ब्राण्ड व पैकेजिंग के अनुसार, मूल्य, जिसमें शुल्क व अन्य कर व उदग्रहण, जो ई-पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से जमा हो सहित मूल्य के साथ- साथ देशी मदिरा की आपूर्ति हेतु मांग पत्र प्राप्त होने के अड़तालीस घण्टे के भीतर देशी शराब की आपूर्ति करने में विफल रहता है।

(थ) यदि लाइसेंसधारी, लाइसेंस में उल्लिखित किसी शर्त का उल्लंघन करता है।

(द) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में बिना बार कोड / क्यू०आर०कोड का कोई स्टाक पाया जाता है।

(ध) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में मदिरा का जलापमिश्रण या अन्य पदार्थ का मिश्रण / तनुकरण पाया जाता है/ उच्च श्रेणी की मदिरा से निम्न श्रेणी की मदिरा का अपमिश्रण पाया जाता है, तो विधि के अन्य सुसंगत उपबंधों के अधीन कार्यवाही भी की जायेगी।

(2) उप खण्ड (1) में उल्लिखित अनियमितताओं के पाये जाने के मामले में, लाइसेंस प्राधिकारी तत्काल लाइसेंस को निलम्बित कर देगा और लाइसेंस को रद्द किये जाने तथा प्रतिभूति धनराशि को समपहृत करने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। आपत्तियों पर विचार करने और लाइसेंसधारी को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर, यदि चाहे, प्रदान करते हुये लाइसेंस प्राधिकारी उपयुक्त आदेश, जैसा वह ठीक समझे पारित करेगा।

(3) लाइसेंस प्राधिकारी उप नियम (2) की प्रक्रिया का अनुसरण करने के पश्चात् लाइसेंसधारी द्वारा या उसके विक्रेता द्वारा की गयी किसी त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि या अनियमितताओं के द्वारा हुये आबकारी राजस्व की क्षति की प्रतिपूर्ति भी लाइसेंसधारी से वसूल करेगा।

(4) थोक लाइसेंसों पर प्रशमन योग्य उल्लंघन की स्थिति में निम्नानुसार न्यूनतम प्रशमन शुल्क अधिरोपित की जायेगीः-

क्र० सं० उल्‍लंघन का प्रकार प्रथम बार

(रु० में)

द्वितीय बार

(रु० में)

तृतीय बार

(रु० में)

1 बिक्री में वृद्धि हेतु फुटकर लाइसेंसधारी को प्रलोभन देना। 10,000 20,000 50,000
2 स्टॉक लेखानुसार न पाया जाना। 20,000 30,000 50,000
3 इण्डेण्ट रजिस्टर उचित ढंग से अनुरक्षित न किया जाना। 10,000 20,000 50,000
4 लाइसेंसप्राप्‍त परिसर के बाहर नियमानुसार निर्धारित बोर्ड न लगा होना। बोर्ड पर आवश्यक सूचनायें अंकित न होना। 10,000 15,000 20,000
5 सी0सी0टी0वी0 की समुचित व्यवस्था न होना अथवा इसका कार्यरत न होना। 10,000 20,000 30,000
6 निर्धारित समयान्‍तर्गत निकासी न दे पाना। 20,000 40,000 50,000
7 निर्धारित न्यूनतम स्टॉक न पाया जाना। 20,000 30,000 50,000
8 लाइसेंस प्रस्तुत न होना। 5,000 10,000 30,000
9 अप्राधिकृत विक्रेता द्वारा लाइसेंस का संचालन किया जाना। 5,000 10,000 20,000
10 साफ-सफाई की उचित व्यवस्था न होना। 5,000 10,000 15,000
11 परिसर का अनुमोदित न होना 10,000 25,000 50,000
12 बिना अनुमति के परिसर का विस्तार करना। 10,000 20,000 30,000
13 फुटकर दुकानवार दी गयी निकासी की ब्राण्डवारधारितावारतीव्रतावार और पैकेजिंगवार मासिक सूचना समय से प्रेषित न किया जाना। 10,000 20,000 50,000
14  यदि स्‍टाक रजिस्‍टर मांगे जाने पर प्रस्‍तुत नहीं किया जाता है। 20,000 25,000 30,000
15  यदि स्‍टाक रजिस्‍टर अपूर्ण पाया जाता है। 10,000 15,000 20,000
16 किसी एक विशेष दुकान हेतु निर्गत मदिरा दूसरी दुकान पर सद्भावी कारणों से पायी जाती है। 25,000 50,000 लाइसेंस निरस्‍तीरण की कार्यवाही
17 अन्‍य कोई अनियमितताजो क्रमांक 01-16 तक पर न अंकित हो। 2,000 5,000 10,000

प्रशमन योग्य अनियमिततायों के मामले में, उप आबकारी आयुक्त तथा उससे उच्च श्रेणी के अधिकरियों को, अनियमितता का प्रशमन करने तथा प्रशमन शुल्क स्वीकृत करने का हक होगा।

17. विखण्डन एवं अपवाद

[मूल 2002]

(1) समय-समय पर यथासंशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी (देशी शराब थोक विकी दुकान का व्यवस्थापन) नियमावली, एतदद्वारा विखण्डित की जाती है।

(2) ऐसे विखण्डन के होते हुये भी उपनियम (1) में निर्दिष्ट नियम के उपबन्धों के अधीन देशी शराब के ऐसे थोक लाइसेंसों के लिये वित्तीय वर्ष 2001-2002 के लिये पहले से निष्पादित व्यवस्थापन विधिमान्य रहेगा और 31 मार्च, 2002 तक लागू रहेगा।

सी.एल. 2

(जिला में देसी मदिरा की थोक बिक्री हेतु लाइसेंस)

[अठारहवाँ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]

निबंधन एवं शर्तें

1. लाइसेंसधारी देसी मदिरा की आपूर्तियों, आबकारी विभाग द्वारा यथा अनुमोदित लागू प्रतिफल शुल्क के भुगतान के प्रमाण के रूप में सुरक्षा कोड लगी विहित धारिता की टेट्रा पैक्स में देसी मदिरा के लाइसेंसप्राप्त विनिर्माता आसवनियों से अथवा विशेष दशा में अन्य प्रदेशों की आसवनियों द्वारा उत्तर प्रदेश में स्थापित देसी मदिरा के बंधित गोदामों अर्थात बी0डब्लू0सी0एल0-1 से आबकारी शुल्क या ऐसे अन्य उद्ग्रहणों या करों, जो समय -समय पर उद्ग्रहणीय हों, के अग्रिम रूप से ई -पेमेंट प्लेटफार्म के माध्यम से पूर्ण भुगतान के पश्चात प्राप्त करेगा।

2. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित देसी मदिरा के विहित अधिकतम थोक विक्रय मूल्य से अधिक मूल्य एवं यथानिधारित अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क के अलावा कोई अन्य धनराशि फुटकर लाइसेंस धारकों से प्रभारित नहीं करेगा।

3. थोक विक्रय लाइसेंसधारी अपने लाइसेंस की शर्तों के उपबंधों के अधीन देसी मदिरा का विक्रय जिला के फुटकर लाइसेंसधारियों को या अन्य जिलों के फुटकर लाइसेंसधारियों को नियम -10 के उप खण्ड (1), (2) और (3) के उपबंधों के अनुसार करेगा।

4. थोक विक्रेता को देसी मदिरा की निकासी, पीडी0-25ए पास के अधीन होगी। ऐसी समस्त निकासियों के कम्प्यूटर जनित पास और अभिलेखों को विहित पंजिका में अनुरक्षित रखा जायेगा।

5. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा विहित पंजिका में फुटकर विक्रेता से प्राप्त समस्त मांग पत्रों की प्रविष्टि करेगा, जिसमें फुटकर लाइसेंसधारी की मांग, मांग-पत्र प्राप्ति का समय और दिनांक एवं आपूर्ति की गयी मात्रा सम्मिलित होगी, और ऐसी सूचनाओं को उत्तर प्रदेश आबकारी ऑनलाइन डाट इन वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा।

6. लाइसेंसधारी या लाइसेंसधारी का प्राधिकृत बिक्रीकर्ता, प्रति दिन देसी मदिरा की निकासी की प्रविष्टि विहित विक्रय पंजिका एवं फुटकर बिक्रीकर्ता की पासबुक में प्रविष्टि की जायेगी तथा जिसे यथानिधारित एम.आई.एस. (मैनेजमेन्ट इनफार्मेशन सिस्टम) के माध्यम से यू पी एक्साइज ऑनलाइन डॉट इन वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा।

7. देसी मदिरा के प्रारम्भिक अवशेष, प्राप्ति, बिक्री तथा बंद होने के अधिशेष का दिन प्रतिदिन का विवरण स्टाक रजिस्टर में प्रतिदिन अनुरक्षित रखा जायेगा।

8. लाइसेंसधारी प्रतिफल शुल्क और अन्य करों आदि को सम्मिलित करते हुये देसी मदिरा की लागत के साथ मांग पत्र की प्राप्ति के 48 घंटे के अन्दर देसी मदिरा की आपूर्ति नियमावली 2002 (यथासंशोधित) के निबंधन एवं शर्तें के नियम -8 के अन्तर्गत देने के लिये बाध्य होगा। लाइसेंसधारी को देसी मदिरा आपूर्ति करने में असफल होने की दशा में उसकी प्रतिभूति निक्षेप जब्त की जा सकेगी तथा लाइसेंस निरस्त होने योग्य होगा।

9. लाइसेंसधारी प्राप्त दैनिक माँग पत्रों का दुकानवार रजिस्टर और मांग पत्रों के सम्बन्ध में की गयी कुल निकासी का विवरण अनुरक्षित करेगा तथा आबकारी विभाग उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर अपलोड किया जायेगा।

10. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा तीन प्रतियों में निर्धारित प्रारुप पर नियम-11 के उपबन्धों के अनुसार परिवहन पास कम्प्यूटर जनित जारी करेगा, जिसमें फुटकर विक्रेता का नाम, निकासी का दिनांक तथा समय, क्रय की गयी मात्रा एवं प्रतिफल शुल्क अंकित होगा।

11. देशी मदिरा का भण्डारण केवल लाइसेंस प्राप्त परिसर में ही किया जायेगा। लाइसेंसधारी बिना अनुमति के परिसर का विस्तार नही करेगा।

12. लाइसेंसधारी, लाइसेंसप्राप्त परिसर में आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड चस्पा देशी मदिरा की टेट्रा पैक्स ही रखेगा व कोई अन्य मादक मदिरा या मादक ओषधि लाइसेंस प्राप्त परिसर में नहीं रखी जायेगी।

13. लाइसेंसधारी अपने कब्जे में कोई अप्राधिकृत मदिरा या मादक ओषधि नहीं रखेगा।

14. थोक विक्रेता को किसी प्रकार की मदिरा की भराई बोतलों में करने, ब्लेन्ड या रंजित करने की अनुमति नहीं है, और वह अपने कब्जे में इस प्रयोजनार्थ कोई उपकरण नहीं रखेगा।

15. लाइसेंसधारी, लाइसेंसप्राप्त परिसर में रखी बोतलों पर लेबुल, कैप्सूल सील व सुरक्षा कोड चस्पा से कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा।

16. लाइसेंसप्राप्त परिसर 14 अप्रैल (आंबेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) तथा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिसूचित किसी अन्य दिवस को छोड़कर बिक्रय के लिये प्रातः 08:00 बजे से सायं 08:00 बजे तक खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी/जिलाधिकारी सुसंगत विधियों के अधीन कानून व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन सम्बन्धी क्रिया कलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी के आदेश दे सकता है। उक्त उल्लिखित कारणों से दुकान की बन्दी के लिये कोई क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी।

17. लाइसेंसधारी दुकान के प्रवेश द्वार पर आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित सुस्पष्ट सूचना पट्ट पर लाइसेंसधारी का नाम, लाइसेंस दुकान की स्थिति लाइसेंस की अवधि तथा अन्य सूचना जो लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा निर्दिष्ट की गयी हो, मोटे अक्षरों में अंकित करेगा। साइन बोर्ड में निम्नलिखित सूचना को प्रदर्शित करना होगाः-

“परिसरों के बाहर आस-पास या सार्वजनिक स्थान पर मदिरा पीना वर्जित है। इस संबंध में कोई भी उल्लंघन दण्डनीय होगा।”

18. लाइसेंसधारी निरीक्षणकर्ता प्राधिकारी द्वारा अपेक्षित समस्त संभव सहायता प्रदान करेगा और समस्त दस्तावेज और अभिलेखों को प्रस्तुत करेगा।

19. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर यथा निर्गत ऐसे अन्य सामान्य या विशिष्ट आदेशों का पालन करेगा।

20. लाइसेंसधारी किसी भी ऐसे व्यक्ति को बिक्रीकर्ता के रुप में नियोजित नहीं करेगा जो इक्कीस वर्ष से कम आयु का हो, जो किसी अपराधिक पृष्ठभूमि का हो, जो किसी संक्रामक रोग से ग्रस्त हो या महिला हो। लाइसेंसधारी को जिला आबकारी अधिकारी द्वारा जारी अधिकृत बिक्रीकर्ता/अधिकृत प्रतिनिधि का फोटोयुक्त पहचान पत्र प्राप्त करना तथा निरीक्षणकर्ता अधिकारियों के मांगने पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

21. लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त परिसर के निकासी गेट पर एवं गोदाम के अन्दर सक्रिय सी0सी0टी0वी0 कैमरा लगायेगा, जिसे आई०पी० एड्रेस के माध्यम से आबकारी विभाग के मुख्यालय से देखा जा सके।

22. लाइसेंसधारी को गोदाम के परिसर में अग्नि शमन यंत्र लगाये जाने के अलावा सुरक्षा प्रणाली के लिये आवश्यक व्यवस्था करना भी अनिवार्य होगा।

23. उत्तर प्रदेश की आसवनियों या अन्य राज्यों की उत्तर प्रदेश में स्थापित बी0डब्ल्यू0सी0एल0-1 से देशी मदिरा के परेषण के परिवहन हेतु ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम युक्त वाहनों का ही प्रयोग किया जायेगा।

24. लाइसेंसधारी देशी मदिरा, विदेशी मदिरा, बियर अथवा माडल शाप का कोई फुटकर लाइसेंस धारण नहीं करेगा।

25. दुकानवार, धारिता व तीव्रतावार ब्राण्डवार तथा पैकेजिंगवार पेट/कांच की बोतलों और टेट्रा पैक्स के उठान का विवरण विर्निदिष्ट पोर्टल पर प्रतिदिन अपलोड किया जायेगा।

26. लाइसेंसधारी अपनी बिक्री बढाने के लिए किसी प्रकार का प्रलोभन नहीं देगा।

27. फुटकर लाइसेंसधारियों के मांगपत्र का निस्तारण प्रथम आगत प्रथम पावत (फर्स्ट कम फर्स्ट सर्वड) सिद्धान्त के अनुसार किया जायेगा।

28. लाइसेंसधारी न्यूनतम एक सप्ताह के स्टाक की आवश्यकता के समतुल्य मदिरा का संचय करेगा।

29. लाइसेंसधारी द्वारा विक्रय की जाने वाली मदिरा के मूल्य के भुगतान की व्यवस्था इलेक्ट्रानिक पेमेन्ट प्लेटफार्म यथा डेविट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, भीम, आर०टी०जी०एस०, एन०ई०एफ०टी० एवं अन्य इसी प्रकार के माध्यमों के साथ-साथ नकद रुप में कराई जायेगी।

30. लाइसेंसधारी अभिलेखों के रख -रखाव के लिये कम्प्यूटर आपरेटर को नियोजित करेगा।

31. लाइसेंसधारी, लाइसेंसप्राप्त परिसर का फोटो और अक्षांश व देशांतर, अवस्थिति का चित्रण बिक्रीकर्ताओं के नाम व पता जिला आबकारी अधिकारी द्वारा अनुप्रमाणन के पश्चात् चस्पा करने हेतु उत्तरदायी होगा और आबकारी मुख्यालय को एक सप्ताह के भीतर लाइसेंस की अभिप्रमाणित प्रति प्रस्तुत कराना होगा।

32. लाइसेंसधारी अपने गोदाम परिसर से मदिरा की सील्ड पेटियों का उठान उन पर लगे सुरक्षा कोड की स्कैनिंग करने के पश्चात् सुनिश्चित करेगा।

33. लाइसेंसधारी अपने थोक दुकान पर मदिरा बिक्री के लिए बिक्रीकर्ताओं की सूची आबकारी आयुक्त आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर यथाविहित फीस के संदाय के पश्चात् वह तद्रुसार विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

(प्रथम संशोधन से लेकर अब तक के संशोधनों की सम्‍पूर्ण सूची)

Wholesale CL2 Rules

RulesGazette DateEffective fromAmendmentsDownload
CL Wholesale 2025 (18th amendment)18/12/202501/04/2025Rule 2, 4, 6, 7, 8 and Form CL-2 View
CL Wholesale 2024 (17th amendment22/05/202501/04/2024Rule 4View
CL Wholesale 2023 (16th amendment)04/04/202401/04/2023Rule 2, 4, 6, 7 and Form CL-2View
CL Wholesale 2022 (15th amendment)25/07/2022date of publication in the GazetteRule 2, 4, 5, 7 and Form CL-2View
CL Wholesale 2021 (14th amendment)03/03/2022date of publication in the GazetteRule 2View
CL Wholesale 2020 (13th amendment)20/04/2020date of publication in the GazetteRule 2, 4, 7, 8, 16 and Form CL-2View
CL Wholesale 2019 (12th amendment)01/10/2019date of publication in the GazetteRule 2, 4, 7, 16 and Form CL-2View
CL Wholesale 2019 (11th amendment)27/03/201901/04/2019Rule 2, 4, 6, 7, 8, 10, 11, 16 and Form CL-2View
CL Wholesale 2018 (10th amendment)23/03/201801/04/2018Rule 2, 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 14, 15, 16, Form CL-1C and omission of Form CL-1BView
CL Wholesale 2016 (9th amendment)22/03/2016come into force at once Form CL-1CView
CL Wholesale 2015 (8th amendment) 18/01/2016come into force at onceForm CL-1CView
CL Wholesale 2013 (7th amendment)30/03/2013come into force at onceForm CL-1CView
CL Wholesale 2011 (6th amendment)29/09/2011come into force at onceForm CL-1CView
CL Wholesale 2011 (5th amendment)31/03/2011come into force at onceRule 2, 6, Form CL-1C and Form CL-1BView
CL Wholesale 2009 (4th amendment)11/02/2009come into force at onceRule 2, 3, 4, 6, 7, 8, 10, Form CL-2 substituted by Form CL-1CView
CL Wholesale 2008 (3rd amendment)30/03/2008come into force at onceRule 2, 8, 10 and Form CL-2View
CL Wholesale 2007 (2nd amendment)28/06/2007come into force at onceRule 2, 8 and 10View
CL Wholesale 2006 (1st amendment)27/10/2006come into force at onceRule 6View
CL Wholesale Rules 200226/03/2002date of publication in the GazetteView