- 1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
- 2. परिभाषायें
- 3. विदेशी मदिरा के प्रीमियम फुटकर बिक्री के लिये लाइसेंस
- 4. लाइसेंस स्वीकृत हेतु अपात्र व्यक्ति
- 5. लाइसेंस हेतु आवेदक
- 6. लाइसेंस स्वीकृति पर निर्बन्धन
- 7. लाइसेंस स्वीकृति हेतु आवेदन
- 8. लाइसेंस शुल्क का संदाय
- 9. लाइसेंस जारी किया जाना
- 10. आवेदक के दोष पर लाइसेंस स्वीकृति रद्द किया जाना
- 11. आवेदन अस्वीकृत करने की शक्तियाँ
- 12. लाइसेंस का नवीकरण
- 13. लाइसेंसधारी (लाइसेंसधारियों) की मृत्यु होने पर
- 14. कारोबार के घंटे
- 15. शुष्क दिवस
- 16. वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर अविक्रीत स्टाक का निस्तारण
- 17. लाइसेंस रद्द किये जाने, नवीकृत न किये जाने या अभ्यर्पित किये जाने पर स्टाक का निस्तारण
- 18. केवल शुल्क संदत्त विदेशी मदिरा की बिक्री
- 19. विदेशी मदिरा को अपमिश्रित न करना
- 20. समस्त लाइसेंसधारियों द्वारा लेखा अनुरक्षित किया जाना
- 21. व्यवस्थित दुकानों का विवरण
- 22. लाइसेंस अभ्यर्पण
- 23. अपराधों का प्रशमन
- 24. लाइसेंस निलम्बन या रद्दकरण
- 25. कठिनाईयों का निवारण
- एफ०एल०-4 (ग)
- एफ०एल०-4 (डी)
- (प्रथम संशोधन से लेकर अब तक के संशोधनों की सम्पूर्ण सूची)
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
(1) यह नियमावली उत्तर प्रदेश आबकारी (विदेशी मदिरा के प्रीमियम फुटकर विक्रय के लाइसेंसों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2020 कही जायेगी।
(2) यह गजट में प्रकाशित होने की तिथि से प्रवृत्त होगी।
2. परिभाषायें
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
(1) जब तक विषय या संदर्भ से कोई बात प्रतिकूल न हो, इस नियमावली में:-
(क) “अधिनियम” का तात्पर्य समय-समय पर यथा संशोधित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम 1910 से हैं;
(ख) “आबकारी वर्ष” का तात्पर्य दिनांक 01 अप्रैल से प्रारम्भ होकर कैलेण्डर वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष से हैं;
(ग) “परिवार” का तात्पर्य इसमें सम्मिलित दम्पति (पति-पत्नी), आश्रित पुत्र/पुत्रों, अविवाहित पुत्री/पुत्रियों और आश्रित माता-पिता से है;
(घ) “विदेशी मदिरा” का तात्पर्य निम्नलिखित से है, और जिसमें निम्नलिखित सम्मिलित है-
(एक) समुद्रपार विदेशी मदिरा:-बीयर और स्प्रिट, वाइन्स और लिकरें जिन्हें भारत में मानव उपभोग के आशय से आयात किया गया हो और जिनपर ऐसे आयात के लिये सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 के साथ पठित सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 के अधीन शुल्क संदेय हो;
(दो) भारत निर्मित विदेशी मदिरा (आई.एम. एफ.एल.)- भारत में निर्मित स्प्रिट या मदिरा, और स्वाद या रंग की दृष्टि से भारत में आयातित स्प्रिट या मदिरा के समान परिष्कृत किया गया हो और जिसमें माल्ट स्प्रिट, व्हिस्की, ब्राण्डी, रम, जिन, वोडका व लिकर्स सम्मिलित हो। इसमें भारत में निर्मित बीयर, पैक की हुई ड्राट बीयर, पोर्टर, साइडर, एल, वाइन व कम तीव्रता के मादक पेय (एल.ए.बी.) भी सम्मिलित है;
(ङ) “प्रपत्र” का तात्पर्य इस नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र से है।
(च) “सरकार” का तात्पर्य उत्तर प्रदेश राज्य सरकार से है;
(छ) “व्यक्ति” का तात्पर्य 21 वर्ष से अन्यून व्यक्ति से है, जो भारत का नागरिक हो।
(ज) “लाइसेंस” का तात्पर्य इस नियमावली के अधीन स्वीकृत लाइसेंस से हैं;
(झ) “लाइसेंस प्राधिकारी” का तात्पर्य जिला मजिस्ट्रेट/किसी राज्य जिला के कलेक्टर से हैं;
(ञ) “लाइसेंस फीस” का तात्पर्य प्रीमियम फुटकर विक्रय में विदेशी मदिरा के फुटकर विक्रय के एकान्तिक विशेषाधिकार के लिए लाइसेंस स्वीकृत करने हेतु राज्य सरकार के परामर्श से, आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर किसी आबकारी वर्ष के लिए प्रतिफल फीस के रूप में वसूल की जाने वाली नियत धनराशि से हैः
परन्तु यह कि यदि ऐसा लाइसेंस आबकारी वर्ष प्रारम्भ होने के पश्चात निर्गत किया जाता है, तो वर्ष के बाकी अवधि के लिए लाइसेंस फीस का निर्धारण आबकारी वर्ष के अवशेष बचे त्रैमासों की संख्या के अनुसार किया जायेगा। एक त्रैमास के लिए लाइसेंस फीस का निर्धारण समानुपातिक रूप से किया जायेगा।
(ट) “माल” का तात्पर्य विभिन्न वस्तुओं की बिक्री हेतु बहु लाइसेंस रखने वाली एकल फर्म/कम्पनी के स्वामित्व वाले किसी परिसर में स्थित न्यूनतम 10,000 वर्ग फुट प्लिंथ क्षेत्रफल वाले किसी बड़े भवन अथवा भवनों (क्रेताओं/भ्रमणकर्ताओं हेतु एक ही तल अथवा विभिन्न तलों पर परस्पर मिले हुये मार्गों, सामूहिक पारगमन क्षेत्र और अग्रदीर्घा, प्रांगण, वाहन पार्किंग सुविधा सहित) जिनमें विभिन्न प्रकार की प्रवेश योग्य दुकान/दुकानें हों, से है। इसमें विभिन्न वस्तुओं की फुटकर बिक्री के शॉपिंग/वाणिज्यिक काम्पलेक्स, डिपार्टमेंटल स्टोर्स, सुपर मार्केट या हाइब्रिड हाइपर मार्केट भी सम्मिलित हैं।
(ठ) “प्रतिभूति धनराशि” का तात्पर्य लाइसेंस फीस के दस प्रतिशत के बराबर की धनराशि से है, जो जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिरवीकृत ई-बैंक गारंटी के माध्यम से या आबकारी आयुक्त द्वारा यथा विहित किसी अन्य रीति के माध्यम से जमा की जाएगी, जो राज्य सरकार को सभी दावों और देयों के अंतिम निपटान के पश्चात प्रतिदेय की जाएगी।
परन्तु नवीनीकरण के मामले में नकद या राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) या बैंक गारंटी के माध्यम से पहले जमा की गई प्रतिभूति धनराशि तब तक स्वीकार्य होगी जब तक कि इसे वापस नहीं किया जाता है;
(ड) “आस्वादन कक्ष” का तात्पर्य लाइसेंस परिसर के भीतर एक अलग स्थान, जहाँ क्रेता को वाइन के आस्वादन की सुविधा अनुज्ञेय हो, से है।
(ढ) “परिवहन अनुज्ञा पत्र” का तात्पर्य थोक लाइसेंस यथा एफ.एल.-2, एफ.एल.-2बी, एवं बी.आई.ओ.-1/बी.आई.ओ.-1A से विदेशी मदिरा के परिवहन हेतु जारी अनुज्ञापन से हैं।
(2) इस नियमावली में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित शब्द और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में उनके लिए क्रमशः समनुदेशित हैं।
3. विदेशी मदिरा के प्रीमियम फुटकर बिक्री के लिये लाइसेंस
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
मॉल में सीलबंद बोतलों/पैकेटों में विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री हेतु प्रपत्र वि0म0.-4ग में एक या अधिक लाइसेंस प्रदान किये जा सकते हैं।
राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विनिर्दिष्ट जिलों/क्षेत्रों में एफ.एल.-4ग लाइसेंस में अनुज्ञेय श्रेणी की वाइन एवं एल.ए.बी. की बिक्री हेतु प्रपत्र एफ.एल.-4घ में एक या अधिक लाइसेंस और समस्त एम0आर0पी0 की बीयर प्रदान की जा सकती हैं। लाइसेंस देने से पहले लाइसेंसिंग प्राधिकारी निम्नलिखित शर्तों को सुनिश्चित करेगा:
(एक) यह कि विक्रय हेतु दुकान न्यूनतम 500 वर्ग फुट का कार्पेट क्षेत्र में होगी और दुकानों में ग्राहकों हेतु प्रवेश करने तथा अपनी इच्छानुसार शेल्फ से ब्राण्ड चुनने की सुविधा प्रदान की जायेगी।
(दो) यह कि विक्रय हेतु दुकान अच्छी गुणवत्ता की फ्लोरिंग और सुसज्जित शेल्फ सहित वातानुकूलित होगी जिससे कि विभिन्न प्रकार के ब्राण्ड शेल्फ में व्यवस्थित ढंग से प्रदर्शित किये जा सकें।
(तीन) यह कि विक्रय हेतु दुकान में मदिरा भण्डारण एवं प्रदर्शन हेतु पृथक-पृथक प्रांगण होंगे और
(चार) यह कि दुकान का लाइसेंसधारी केवल उन्हीं श्रेणियों की विदेशी मदिरा, जिसे आबकारी आयुक्त द्वारा यथास्थिति प्राधिकृत किया जाय, की बिक्री सील्ड बोतलों/पैकेटों में व्यक्तियों को करेगा।
(पाँच) यह कि दुकान का लाइसेंसधारी व्यक्तियों को परिसर में उपभोग हेतु मदिरा की बिक्री नहीं करेगा।
(छ:) यह कि दुकान का लाइसेंसधारी किसी अन्य लाइसेंसधारी को मदिरा की बिक्री नहीं करेगा।
(सात) इस संबंध में ऐसी अन्य शर्तें, जिन्हें आबकारी आयुक्त अधिरोपित करना उचित समझें।
(आठ) यह कि दुकान का लाइसेंसधारी क्रेता को वाइन आस्वादन कक्ष की सुविधा प्रदान करेगा।
(नौ) यह कि दुकान का लाइसेंसधारी, मदिरा उपभोग से सम्बन्धित उपसाधन की बिक्री कर सकेगा।
(दस) लाइसेंसधारी को दुकान के अंदर के दृश्य और दुकान के बाहर के दृश्य को कैद करने और संग्रहित करने के लिए दो सी.सी.टी.वी. कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने होंगे।
(ग्यारह) लाइसेंसधारी को मदिरा की दुकान पर डिजिटल भुगतान सुविधा का विकल्प अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।
(बारह) लाइसेंसधारी को पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से शराब की बिक्री करनी होगी।
(तेरह) मॉल के मल्टीप्लेक्स क्षेत्रों में प्रीमियम फुटकर विक्रय अनुमन्य नहीं होगा।
(चौदह) प्रीमियम फुटकर विक्रय का हस्तांतरण अनुमन्य होगा, किन्तु यह नियम-6(ख) के उपबन्धों के अधीन होगा।
(पंद्रह) विकास प्राधिकरणों और औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में स्थित 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले आई.टी./आई.टी.ई.एस. प्रतिष्ठानों में संस्थागत सुविधाओं के अधीन रेस्तरां/कैंटीन के साथ प्रीमियम फुटकर विक्रय की सुविधा अनुमन्य होगी।
4. लाइसेंस स्वीकृत हेतु अपात्र व्यक्ति
निम्नलिखित व्यक्ति लाइसेंस स्वीकृत हेतु पात्र नहीं हैं-
(क) 21 साल से कम आयु के व्यक्ति;
(ख) ऐसे व्यक्ति, जो अनुन्मोचित दिवालिया हैं या जो अधिनियम या स्वापक ओषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (केंद्रीय अधिनियम संख्या 61, सन 1985) के उपबंधों के अधीन अपराधों या गैर-जमानती अपराध में दोषी ठहराये गये हों; या अभ्यासिक अपराधी हों;
(ग) ऐसे व्यक्ति, जो किसी लोक या राजकीय देयता के बकायेदार हैं;
(घ) कोई मदिरा बोतल भराई लाइसेंस धारक या अल्कोहल उत्पादक या निर्माता;
(ङ) विदेशी मदिरा थोक विक्रय लाइसेंस धारक;
(च) बार काउंसिल से पंजीकृत कोई अधिवक्ता या चिकित्सक या कम्पनी सचिव या चार्टर्ड अकाउंटेंट;
(छ) कोई सरकारी कर्मचारी।
5. लाइसेंस हेतु आवेदक
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
लाइसेंस के लिये आवेदन करने हेतु केवल ऐसा व्यक्ति पात्र होगा, जो,
(क) भारत का नागरिक हो
(ख) कम्पनी अधिनियम, 1956 के अधीन पंजीकृत कोई कम्पनी हो;
(ग) कम्पनी अधिनियम, 2013 के अधीन स्थापित कोई कम्पनी हो;
(घ) भागीदारी अधिनियम, 1932 के अधीन पंजीकृत कोई भागीदारी फर्म हो, जिसके भागीदार भारत के नागरिक हों
(ङ) कोई पंजीकृत एक मात्र स्वामित्व वाली फर्म हो;
(च) कोई लिमिटेड लायबिलिटी भागीदारी फर्म हो;
(छ) सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 के अधीन पंजीकृत कोई सोसाइटी हो;
(ज) व्यक्ति होने की दशा में 21 वर्ष की आयु से अधिक का हो।
(2) किसी व्यक्ति, फर्म या कम्पनी को दो से अधिक प्रीमियम फुटकर विक्रय लाइसेंस अर्थात् एफ.एल.-4सी. और एफ.एल.-4डी. स्वीकृत नहीं किया जायेगा।
6. लाइसेंस स्वीकृति पर निर्बन्धन
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
कोई लाइसेंस तब तक स्वीकृत नहीं किया जायेगा, जब तक कि,-
(क) आवेदक के पास माल में न्यूनतम 500 वर्गफुट कार्पेट क्षेत्र की दुकान का कब्जा न हो। यदि प्रस्तावित परिसर का उपयोग, संपत्ति और भवन के स्वामी से भिन्न किसी व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा किया जा रहा हो तो पट्टा या किराया करार पंजीकृत होगा;
(ख) दुकान का परिसर राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग या इसकी सर्विस लेन के बाहरी किनारे से 500 मीटर की दूरी में हो और परिसर राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग से दृश्य्य या सीधे पहुँचाने योग्य हो।
परन्तु किसी भी मॉडलशॉप (एफएल4 ए) या कम्पोजिट शॉप (एफएल5 डीबी) से 200 मीटर की सड़क दूरी के भीतर कोई नया प्रीमियम फुटकर विक्रय लाइसेंस नहीं दिया जायेगा, सिवाय नगर निगम क्षेत्रों और गौतमबुद्धनगर के विकास प्राधिकरण क्षेत्रों के जहां न्यूनतम दूरी 100 मीटर होगी। तथापि यह उपबन्ध पूर्व से विद्यमान प्रीमियम फुटकर विक्रय लाइसेंसों पर लागू नहीं होगा;
(ग) दुकान का परिसर उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या और स्थिति नियमावली 1968 के नियम 5 के उपनियम (4) के उपबन्धों के प्रतिकूल प्रतिबन्धित दूरी के भीतर हो;
(घ) आवेदक के पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के अधीन लाइसेंस न हो।
(ङ) दुकान के परिसर हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अग्नि सुरक्षा का विधिमान्य प्रमाण पत्र न हो।
7. लाइसेंस स्वीकृति हेतु आवेदन
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
(1) लाइसेंस हेतु आवेदन, विहित प्रपत्र में निम्नलिखित दस्तावेजों सहित जिला आबकारी अधिकारी को प्रस्तुत किया जायेगा:-
(क) अप्रतिसंदेय आवेदन शुल्क;
(ख) परिसर के विधिक विधिमान्य कब्जा का प्रमाण: स्वामित्व/पट्टा/ किरायेदारी दस्तावेज आदि;
(ग) प्रस्तावित दुकान को स्पष्ट रूप से दर्शाते हुए प्रस्तावित परिसर की अभिविन्यास योजना;
(घ) प्रतिभूति धनराशि;
(ङ) दो वर्ष के आयकर/वेट/जीएसटी० दस्तावेज;
(च) पैनकार्ड व आधार कार्ड की स्वप्रमाणित छाया प्रतियाँ;
(छ) खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अधीन भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रति;
(ज) सम्बन्धित जिला के पुलिस आयुक्त या उसके द्वारा नाम निर्दिष्ट पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की श्रेणी के अधीनस्थ अधिकारी द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र;
(झ) सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ऋण शोधन क्षमता प्रमाण पत्र;
(2) आवेदक, पब्लिक नोटरी द्वारा सत्यापित रूप से सत्यापित शपथपत्र प्रस्तुत करेगा कि:
(क) वह परिसर का स्वामी अथवा पट्टेदार है अथवा उसके पास समय समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या और स्थिति नियमावली 1968 के उपबन्धों के अनुसार परिसर के स्वामी का पट्टा विलेख या सहमति पत्र है,
(ख) उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा हो और उसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि न हो तथा संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम 1910 या स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 (अधिनियम संख्या 61 सन 1985) के अधीन दण्डनीय अपराध अथवा किसी अन्य संज्ञेय एवं गैरजमानती अपराध के लिए दोषी न ठहराया गया हो या उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 8 सन 1971) के अधीन निष्कासित न किया गया हो।
(ग) उसे पुलिस आयुक्त या उसके द्वारा नाम निर्दिष्ट पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / उस जिले का पुलिस अधीक्षक, जिसमें वह निवास करता हो, की श्रेणी से अनिम्न किसी अधिकारी द्वारा नाम निर्दिष्ट किसी अधिकारी द्वारा जारी चरित्र प्रमाणपत्र, यह दर्शित करते हुए प्रस्तुत करना होगा कि उसका व उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उसकी कोई आपराधिक पृष्ठ भूमि या आपराधिक रिकार्ड नहीं है। आवेदक के भागीदारी फर्म अथवा कम्पनी होने की स्थिति में फर्म के प्रत्येक भागीदार अथवा कम्पनी के निदेशक या प्रबन्धक या प्रबन्धन अभिकर्ता या प्रबन्ध निदेशक को पुलिस आयुक्त या उसके द्वारा नाम निर्दिष्ट पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उस जिले, जहाँ का वह निवासी हो, के पुलिस अधीक्षक के श्रेणी से अनिम्न किसी अधिकारी द्वारा जारी प्रमाणपत्र, यह दर्शाते हुए धारित करना होगा कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा तथा उसकी कोई आपराधिक पृष्ठ भूमि या आपराधिक अभिलेख नहीं है;
(घ) वह ऐसा कोई विक्रेता या प्रतिनिधि नहीं रखेगा जिसका आपराधिक अभिलेख हो या संक्रामक रोग से ग्रसित हो या इक्कीस वर्ष से कम आयु का हो या महिला हो;
(ङ) उस पर किन्हीं लोक या सरकारी देयों का बकाया नहीं है;
तथापि, अन्य राज्यों के निवासी अदेयता प्रमाणपत्र के स्थान पर 100 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर नोटरी कृत शपथ पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
(च) वह ऋण शोधन सक्षम है और आवश्यक निधि रखता है या उसने कारोबार के संचालन के लिए आवश्यक निधियों का प्रबन्ध कर लिया है, जिसका विवरण, यदि अपेक्षित होगा, लाइसेंस प्राधिकारी को उपलब्ध कराया जायेगा;
(छ) वह न तो किसी मदिरा बोतल भराई का लाइसेंस धारक है और न ही वह एल्कोहल का उत्पादक या निर्माता है और न ही थोक लाइसेंसधारक है;
(ज) वह बार काउंसिल से पंजीकृत अधिवक्ता या चिकित्सक या कम्पनी सचिव या चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट नहीं है। यदि लाइसेंस प्राप्त करने के उपरान्त उपरोक्त में से कोई पाया जाता है, तो लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा;
(झ) वह सरकारी सेवक नहीं है। सरकारी सेवक पाये जाने की दशा में उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा;
(ञ) उसके प्रतिष्ठान का परिसर राष्ट्रीय अथवा राज्य राजमार्ग के बफर जोन/प्रतिबंधित जोन की परिधि में नहीं आता है;
(ट) उसके पास यान पार्किंग का समुचित तथा पर्याप्त स्थान है, जिससे वहाँ पर कोई ट्रैफिक समस्या उत्पन्न नहीं होगी और ऐसा पाये जाने पर उसका लाइसेंस रद्दकर दिया जायेगा;
(ठ) वह अपने परिसर में अग्नि सुरक्षा से सम्बन्धित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा।
8. लाइसेंस शुल्क का संदाय
[तृतीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]
लाइसेंस स्वीकृति की सूचना प्राप्त करने के तीन दिनों के भीतर आवेदक को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विहित लाइसेंस शुल्क जमा करना होगा।
प्रतिभूति धनराशि दस कार्यदिवसों के भीतर सावधि जमा रसीद, बैंक गारण्टी या ई-पेमेन्ट के माध्यम से जमा की जायेगी।
परन्तु यह कि प्रतिभूति धनराशि विहित अवधि के भीतर जमा नहीं की जाती है तो रु. 2000/- प्रति दिवस की दर से शास्ति अधिरोपित की जायेगी।
शास्ति के साथ प्रतिभूति धनराशि को जमा करने के लिए 15 दिवसों की अवधि ही दी जायेगी;
परन्तु, यह और कि यदि आवेदक समयावधि के भीतर लाइसेंस फीस या प्रतिभूति धनराशि जमा करने में विफल रहता है तो उसका लाइसेंस निरस्त हो जायेगा।
9. लाइसेंस जारी किया जाना
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
(1) लाइसेंस प्राधिकारी/स्वयं का समाधान कर लेने के पश्चात् कि लाइसेंस शुल्क तथा प्रतिभूति जमा कर दी गई है, स्वहस्ताक्षर तथा कार्यालय मुहर से लाइसेंस जारी करेगा।
(2) लाइसेंस प्राधिकारी आवेदन पत्र को स्वीकृत अथवा कोई कारण समनुदेशित किये बिना अस्वीकृत कर सकता है और वह लाइसेंस स्वीकृत करने के लिये बाध्य नहीं होगा। यदि कोई आवेदन पत्र अस्वीकृत किया जाता है तो प्रतिभूति धनराशि नब्बे दिनों के भीतर वापस कर दी जायेगी।
(3) किसी एक व्यक्ति, फर्म या कम्पनी को अधिकतम दो लाइसेंस स्वीकृत किया जा सकेगा।
(4) लाइसेंस धारक किसी अन्य थोक लाइसेंस के लिये पात्र नहीं होगा।
10. आवेदक के दोष पर लाइसेंस स्वीकृति रद्द किया जाना
(1) जहाँ कोई व्यक्ति, जिसके पक्ष में लाइसेंस स्वीकृत किया गया हो, इस नियमावली के अधीन यथाविहित लाइसेंस शुल्क या प्रतिभूति धनराशि जमा नहीं करता है या स्वीकृति प्राप्त करने के निर्धारित अवधि के भीतर प्रस्तावित दुकान का वास्तविक कब्जा नहीं प्राप्त करता है, वहाँ लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंस को रद्द कर सकता है और उसके द्वारा जमा लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि को समपहृत कर लेगा।
(2) जहाँ लाइसेंस प्राधिकारी के संज्ञान में यह लाया गया हो-
(क) कि आवेदक इस नियमावली के अधीन उल्लिखित किसी अनर्हता से आच्छादित है;
(ख) कि लाइसेंस स्वीकृति हेतु अनुमोदन आवेदक द्वारा सारभूत तथ्यों को छिपाकर, फर्जी तरीके से प्राप्त की गई है, वहाँ लाइसेंस प्राधिकारी आवेदक को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात् लाइसेंस स्वीकृति हेतु जारी अनुमोदन को रद्द कर देगा और उसके द्वारा संदत्त फीस और प्रतिभूति धनराशि को समपहृत कर लेगा।
11. आवेदन अस्वीकृत करने की शक्तियाँ
इस नियमावली में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुये भी लाइसेंस प्राधिकारी कोई कारण, जो भी हो, को समनुदेशित किये बिना लाइसेंस हेतु किसी आवेदन को अस्वीकृत करने के लिये सक्षम होगा।
12. लाइसेंस का नवीकरण
(1) इस नियमावली के अधीन स्वीकृत किया गया कोई लाइसेंस प्रत्येक वर्ष 31 मार्च के पश्चात् समाप्त हो जाएगा।
(2) लाइसेंस का नवीकरण, लाइसेंसधारी की सहमति से ऐसी निबन्धन एवं शर्तो, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा अवधारित किया जायेगा, पर अगले आबकारी वर्ष के लिये किया जा सकता है।
13. लाइसेंसधारी (लाइसेंसधारियों) की मृत्यु होने पर
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
(1) लाइसेंस किसी व्यक्ति द्वारा धारित किया जाता है या संयुक्त रूप से दो या उससे अधिक भागीदारों द्वारा धारित किया जाता है।
(2) लाइसेंसधारी अपने वारिसों /परिवार के सदस्यों/निकट सम्बन्धियों के नाम, आधार संख्या, सम्बन्ध आदि को वरीयता क्रम में प्रथम, द्वितीय, तृतीय आदि का उल्लेख करते हुए लाइसेंस के अंतरण के सम्बन्ध में एक नामनिर्देशन शपथ पत्र एवं प्रथम नामिनी का सहमति शपथ पत्र भी प्रस्तुत कर सकता है। मृत्यु के मामलों में सर्वप्रथम नामनिर्देशन शपथ पत्र के अनुसार प्रस्तुत प्रार्थना पत्रों का संज्ञान लिया जायेगा अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
पूर्वोक्त आशय की पुष्टि में पब्लिक नोटरी द्वारा सम्यक रूप से सत्यापित शपथ पत्र लाइसेंस प्राधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जायेगा।
(एक) यदि किसी लाइसेंसधारी की अगले वर्ष के नवीनीकरण हेतु धनराशि जमा करने के पश्चात् मृत्यु हो जाती है तथा उसके किसी भी विधिक वारिस या नाम निर्देशिति को इसके लिए उपयुक्त नहीं पाया जाता है, तो नवीकरण हेतु जमा की गई धनराशि प्रोसेसिंग फीस को छोड़कर उनके विधिक वारिस को वापस कर दी जायेगी।
(दो) यदि किसी प्रीमियम फुटकर विक्रय लाइसेंसधारी की मृत्यु हो जाती है, जिनके लाइसेंस पूर्व वर्षों से नवीकृत हैं तथा उसके विधिक वारिस या नाम निर्देशिति द्वारा शपथ पत्र नहीं दिया जाता है अथवा वे अनुपयुक्त पाए जाते हैं, तो आवेदन पत्र प्राप्त होने पर, अगले वर्ष के लिए नियत दिनांक तक आवेदन पत्र प्रस्तुत करने पर जीवित लाइसेंसी के पक्ष में दुकान का नवीकरण कर दिया जायेगा। वर्ष के अंत में, पूर्व वर्ष के लिए जमा की गई प्रतिभूति धनराशि वापस कर दी जायेगी।
(तीन) दो जीवित लाइसेंसधारियों वाले प्रीमियम विक्रय का नवीकरण तभी किया जायेगा, जब नवीकरण हेतु दोनों लाइसेंसधारियों के बीच सहमति हो। सहमति न होने की दशा में नवीकरण अनुज्ञेय नहीं होगा।
(3) लाइसेंसधारी या भागीदारों में से किसी एक भागीदार की मृत्यु की दशा में लाइसेंस प्राधिकारी को आवेदन करने पर जीवित व्यक्ति के साथ मृतक के विधिक वारिस (वारिसों) के नाम, पात्रता शर्तों को पूरा करने के अध्यधीन लाइसेंस अंतरित किया जा सकता है।
परन्तु यह कि लाइसेंस नामान्तरण हेतु किये गये आवेदन पर विचार करने के पश्चात् वे अन्यथा उपयुक्त न पाये जायें।
भागीदारों के विधिक उत्तरदायित्वों में कोई भेद नहीं किया जायेगा, जो संयुक्त रूप से तथा पृथक-पृथक उत्तरदायी होंगे।
14. कारोबार के घंटे
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
लाइसेंसधारी अपना कारबार पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 10:00 बजे तक संव्यवहृत करेगा;
तथापि मॉल में संचालित प्रीमियम फुटकर विक्रय की कार्यावधि मॉल के कार्यावधि के समतुल्य होगी तथा हवाई अड्डे के मुख्य भवन में संचालित प्रीमियम फुटकर विक्रय के कार्यावधि हवाई अड्डे के कार्यावधि के समतुल्य होगी।
परन्तु यह कि आबकारी आयुक्त/राज्य सरकार के अनुमोदन से लाइसेंस अवधि के प्रक्रम के दौरान कारोबार के घंटों में परिवर्तन कर सकता है और लाइसेंसधारी को तद्नुसार परिवर्तित समयों का अनुपालन करना होगा।
15. शुष्क दिवस
लाइसेंसप्राप्त परिसर निम्नलिखित शुष्क घोषित दिवसों मे बंद रहेगा और उसमें कोई कारबार नही किया जायेगा-
(क) 26 जनवरी- गणतंत्र दिवस
(ख) 14 अप्रैल- अम्बेडकर जयन्ती
(ग) 15 अगस्त- स्वतंत्रता दिवस
(घ) 02 अक्टूबर- गांधी जयन्ती
(ङ) तीन और दिवसों तक जैसा कि लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बन्दी के लिये अधिसूचित किया जायें,
लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के उपबन्धों के अधीन कानून और व्यवस्था तथा सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रिया-कलाप के कारण दुकान बन्दी के लिये भी आदेश दे सकता है,
परन्तु यह कि लाइसेंसधारी उपरोक्त आधारों पर लाइसेंसप्राप्त परिसर की बन्दी के लिये किसी प्रतिकर, जो भी हो, के लिये हकदार नही होगा।
16. वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर अविक्रीत स्टाक का निस्तारण
वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर शेष तथा अविक्रीत पाये गये विदेशी मदिरा के किसी अतिशेष स्टाक की घोषणा लाइसेंसधारी द्वारा वित्तीय वर्ष की समाप्ति के अगले दिन लाइसेंस प्राधिकारी के समक्ष की जायेगी।
ऐसे स्टाक का निस्तारण, इस सम्बन्ध में आबकारी आयुक्त के निदेश के अनुसार किया जायेगा।
17. लाइसेंस रद्द किये जाने, नवीकृत न किये जाने या अभ्यर्पित किये जाने पर स्टाक का निस्तारण
यदि लाइसेंस अवधि की निरंतरता के दौरान लाइसेंस रद्द या अभ्यर्पित किया जाता है या इसकी समाप्ति पर उसे नवीकृत नही किया जाता है, तो लाइसेंसधारी तत्काल लाइसेंस प्राप्त परिसर में अधिशेष रखे गये विदेशी मदिरा के स्टाक के सम्बन्ध में सूचना, लाइसेंस प्राधिकारी को देगा और अधिशेष स्टाक का निस्तारण केवल आबकारी आयुक्त द्वारा दिये गये निदेशों के अधीन करेगा।
18. केवल शुल्क संदत्त विदेशी मदिरा की बिक्री
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
(1) एफ.एल.4सी लाइसेंसधारी केवल (क) समुद्रपार विदेशी मदिरा ब्राण्डों, (ख) स्काच या इससे उच्च श्रेणी के भारत निर्मित विदेशी मदिरा ब्राण्डों, (ग) ब्राण्डी, जिन और वाइन की समस्त श्रेणियाँ, (घ) राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से आबकारी आयुक्त द्वारा यथा विहित अधिकतम फुटकर मूल्य की वोदका, रम और बीयर के ब्राण्ड और (ङ ) एल.ए.बी. (कम तीव्रता के मादक पेय) के समस्त ब्राण्ड की बिक्री करेगा।
(2) एफ.एल.4डी लाइसेंसधारी केवल,
(क) समस्त श्रेणियों की वाइन,
(ख) समस्त श्रेणियों की एल.ए.बी. (कम तीव्रता के मादक पेय); और
(ग) समस्त श्रेणियों की बीयर; की बिक्री करेगा।
परन्तु यह कि आबकारी आयुक्त द्वारा अनुज्ञा प्राप्त समस्त एस0के0यू0 (स्टॉक कीपिंग यूनिट) में पात्र ब्राण्डों की बिक्री की जा सकती है।
(2) लाइसेंसधारी, विदेशीमदिरा, एफ0एल0 2, एफ0एल0 2बी, बी0आई0ओ0-1/बी0आई0ओ0-1A लाइसेंसधारक या आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत किसी लाइसेंसधारी से प्राप्त करेगा। आयातक इकाइयों में समुद्रपार विदेशी मदिरा के किसी प्रकार के ब्राण्डों की अनुपलब्धता की स्थिति में प्राधिकृत व्यक्तियों द्वारा आबकारी आयुक्त की विशेष अनुज्ञा के अधीन इन ब्राण्डों को उत्तर प्रदेश में समुद्रपार की विदेशी मदिरा का आयात नियमावली, 2003 के उपबन्धों के अधीन अन्य राज्यों या संघराज्य क्षेत्रों में स्थापित कस्टम बाण्डों से प्राप्त किया जा सकता है।
(3) लाइसेंसधारी किसी व्यक्ति को भू-गृहादि के “भीतर” उपभोग के लिये किसी विदेशी मदिरा का विक्रय नही करेगा और कोई विदेशी मदिरा किसी अन्य लाइसेंसधारी को विक्रय नही करेगा।
(4) लाइसेंसधारी केवल आयातित विदेशी मदिरा और भारत निर्मित विदेशी मदिरा के केवल उन्हीं ब्राण्डों की बिक्री करेगा जो आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित धारिताओं की मुहर बंद बोतलों/पैकेटों में उत्तर प्रदेश में बिक्री हेतु रजिस्ट्रीकृत हैं।
(5) लाइसेंसधारी अनुज्ञात थोक विक्रेताओं/बी0आई0ओ0-1/बी0आई0ओ0-1A से क्रय किये गये स्टाक के सिवाय किसी प्रकार की विदेशी मदिरा का संचय या विक्रय लाइसेंस प्राप्त परिसर में नहीं करेगा जिसके क्रय, संचय या विक्रय हेतु वह अधिनियम या तद्धीन बनायी गयी नियमावली, विनियमावली या आदेशों के उपबन्धों के अधीन प्राधिकृत न हो।
परन्तु प्रीमियम फुटकर विक्रय बी0आई0ओ0-1 अथवा बी0आई0ओ0-1ए से क्रय की गई मदिरा पर थोक लाइसेंस मार्जिन राजकोष में जमा किया जायेगा।
(6) लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त परिसर से भिन्न किसी स्थान पर विदेशी मदिरा संचित नहीं करेगा। लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर या उसके निकट अनधिकृत रूप से रखी गयी किसी विदेशी मदिरा के लिए उत्तरदायी होगा।
(7) लाइसेंसधारी सुसंगत नियमावली के अधीन जारी परिवहन पास के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त परिसर के लिए विदेशी मदिरा का परिवहन करेगा।
(8) दुकान में उपलब्ध प्रत्येक विदेशी मदिरा की बोतल पर निर्माता के लेबिल और सुरक्षा कोड के अतिरिक्त ढक्कन पर आबकारी आयुक्त द्वारा विहित लेबिल चस्पा होगा।
(9) वोदका एवं रम अधिकतम खुदरा मूल्य रु0 700 प्रति 750 एम.एल. या इससे अधिक अधिकतम खुदरा मूल्य वाले ब्राण्ड और बीयर के अधिकतम खुदरा मूल्य रु0 140 प्रति 500 एम.एल. या इससे अधिक वाले केन की बिक्री ही अनुमन्य होगी। एफ.एल.-4डी लाइसेंस को छोड़कर, जहाँ समस्त श्रेणी की बियर की बिक्री अनुमन्य होगी।
(10)(क) सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के पश्चात हवाई अड्डों और मेट्रो स्टेशनों/रेलवे स्टेशनों के मुख्य भवन के अंदर भी प्रीमियम फुटकर विक्रय अनुमन्य हाेंगे।
(ख) प्रीमियम रिटेल वेंड दुकानों पर पृथक कक्ष में केवल वाइन टेस्टिंग की सुविधा अनुमन्य होगी और टेस्टिंग कक्ष में विक्रय प्रतिबंधित होगा।
(ग) प्रीमियम रिटेल वेंड दुकानों पर मदिरा सेवन संबंधी उपसाधन, जैसा आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित किये जाय, की बिक्री भी अनुमन्य होगी।
एफएल-4सी प्रीमियम फुटकर विक्रय का मासिक प्रत्याभूत राजस्व, वार्षिक प्रत्याभूत राजस्व का 1/12वाँ भाग होगा। प्रीमियम फुटकर विक्रय का वार्षिक प्रत्याभूत राजस्व तिमाही आधार पर विभाजित किया जाएगा, जो उसी वार्षिक प्रत्याभूत राजस्व का 1/4वाँ भाग होगा।
परन्तु समस्त एफएल 4सी प्रीमियम फुटकर विक्रय के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे राज्य सरकार द्वारा यथा विहित न्यूनतम विनिर्दिष्ट प्रतिशत राशि, जो कि मासिक/त्रैमासिक जैसा भी मामला हो के लिए विहित कुल प्रतिफल शुल्क के बराबर हो, विदेशी मदिरा के रूप में उठाना होगा।
प्रीमियम फुटकर विक्रयों में विदेशी मदिरा, वाइन, बीयर और एल.ए.बी. (कम तीव्रता के मादक पेय) से प्राप्त राजस्व सम्मिलित होगा;
परन्तु एफएल-4डी लाइसेंस के लिए कोई न्यूनतम वार्षिक प्रत्याभूत मात्रा विहित नहीं की गई है।
(घ) यदि एफएल-4सी लाइसेंसधारी किसी माह में कम से कम अपने मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के समतुल्य मदिरा (विदेशी मदिरा, वाइन, बीयर एवं कम तीव्रता के मादक पेय) का उठान करने में विफल रहता है तो उसे सम्बन्धित माह के बकाया राजस्व के समतुल्य 10 दिवस के भीतर अतिरिक्त प्रतिभूति जमा करना होगा, जिसमें विफल रहने पर लाइसेंसिंग प्राधिकारी नियमानुसार निरस्तीकरण की कार्यवाही आरम्भ करेंगे तथा बकाया राजस्व की वसूली की प्रक्रिया भी नियमानुसार आरम्भ की जायेगी। दुकान पर अविक्रीत स्टाक भी जब्त कर लिया जायेगा और राज्य सरकार द्वारा विहित रीति से उसका निपटान किया जायेगा।
परन्तु, सम्बन्धित माह/त्रैमास के बकाया राजस्व के समतुल्य अतिरिक्त प्रतिभूति समयान्तर्गत जमा करने की दशा में अगले माह हेतु निर्धारित राजस्व के समतुल्य निकासी एवं पिछले माह/त्रैमास तक के बकाया राजस्व के समतुल्य निकासी लाइसेंसधारी द्वारा ली जा सकेगी। किसी माह/त्रैमास तक निर्धारित कुल चलित राजस्व के समतुल्य निकासी ले लिये जाने पर पूर्व में जमा अतिरिक्त प्रतिभूति जिला आबकारी अधिकारी द्वारा अन्य कोई बकाया शेष न रहने की स्थिति में अविलम्ब वापस कर दी जायेगी। अगले माह/त्रैमास में पिछले माह/त्रैमास के बकाया राजस्व सहित अपेक्षित राजस्व के समतुल्य उठान न करने पर प्रशमन की कार्यवाही की जायेगी।
19. विदेशी मदिरा को अपमिश्रित न करना
(1) लाइसेंस प्राप्त परिसर में बिक्री के लिये दी गयी अथवा संचित की गयी विदेशी मदिरा घटिया, विकृत, नकली या अपमिश्रित नही होनी चाहिये और लाइसेंसधारी भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेशी मदिरा के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नही करेगा जिससे उसकी गुणवता, तीव्रता, प्रकृति या मात्रा में कोई परिवर्तन आये।
(2) निरीक्षण हेतु सक्षम किसी अधिकारी द्वारा किसी निरीक्षण में यदि यह पाया जाता है कि कोई विदेशी मदिरा उपभोग हेतु अनुपयुक्त, घटिया, अपमिश्रित या नकली है या जिसके सम्बन्ध में यह विश्वास किया जाता है कि इसमें कोई पदार्थ अपमिश्रित किया गया है, जिससे यह किसी प्रक्रिया या रीति से उपभोग हेतु अनुपयुक्त हो जाये, तब निरीक्षणकर्ता अधिकारी उसे विक्रय किये जाने से रोक सकता है और उसे तत्काल समपहृत कर सकता है और अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार आवश्यक अग्रतर कार्यवाही कर सकता है।
20. समस्त लाइसेंसधारियों द्वारा लेखा अनुरक्षित किया जाना
प्रत्येक लाइसेंसधारी को अपने समस्त संव्यवहारों का सही लेखा विहित ‘प्रारूप में अनुरक्षित करना होगा।
21. व्यवस्थित दुकानों का विवरण
लाइसेंसधारियों के दुकानवार ब्यौरा, नाम तथा पता, जमा प्रतिभूति धनराशि/लाइसेंस शुल्क और प्रीमियम फुटकर विक्रयों की जियो अवस्थिति सहित व्यवस्थापित प्रीमियम फुटकर विक्रयों का विवरण जिला आबकारी अधिकारी द्वारा आबकारी आयुक्त को वित्तीय वर्ष के व्यवस्थापन के पन्द्रह दिन के भीतर या 15 अप्रैल तक, जो भी बाद में हो, प्रेषित किया जायेगा।
22. लाइसेंस अभ्यर्पण
कोई लाइसेंसधारी, लाइसेंस प्राधिकारी को कम से कम एक माह की लिखित में नोटिस प्रदान करने के पश्चात् अपना लाइसेंस अभ्यर्पित कर सकता है और ऐसी नोटिस प्राप्त होने पर लाइसेंस प्राधिकारी, उसकी जमा प्रतिभूति से समस्त बकाया आबकारी देयों की वसूली करने का उपाय करेगा और अधिशेष धनराशि वापस करेगा।
23. अपराधों का प्रशमन
लाइसेंस प्राधिकारी अधिनियम के अधीन कृत तथा दण्डनीय स्तम्भ 2 में उल्लिखित अपराधों का प्रशमन नीचे अनुसूची के स्तम्भ 3, 4 और 5 में विनिर्दिष्ट धनराशि से कर सकता है।
| क्रमांक | उल्लंघन का प्रकार | प्रथम अपराध के लिए (₹) | द्वितीय अपराध के लिए (₹) | तृतीय अपराध के लिए (₹) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | निर्धारित समय से पूर्व अथवा उसके पश्चात दुकान का खुला पाया जाना। | 2,500 | 3,000 | 5,000 |
| 2 | अनधिकृत विक्रेता द्वारा मदिरा की बिक्री करते हुये पाया जाना। | 5,000 | 7,000 | 10,000 |
| 3 | स्टॉक रजिस्टर माँगने पर न प्रस्तुत करना। | 10,000 | 15,000 | 20,000 |
| 4 | स्टॉक रजिस्टर अद्यतन न भरा पाया जाना। | 10,000 | 15,000 | 20,000 |
| 5 | बोतलों और पौव्वों या उनके लेबिलों, अथवा बार कोड, पिल्फर प्रूफ कैप या सील से छेड़छाड़ करना। | 10,000 | 15,000 | 20,000 |
| 6 | बिक्री बढ़ाने हेतु ग्राहक को प्रलोभन देना, जुआ अथवा नृत्य का आश्रय लेना। | 5,000 | 7,000 | 10,000 |
| 7 | ड्यूटी पेड स्टॉक को किसी अनधिकृत परिसर में संचित करना। | 20,000 | 25,000 | 30,000 |
| 8 | लेखानुसार मात्रा से अधिक ड्यूटी पेड स्टॉक का पाया जाना। | 25,000 | 30,000 | 50,000 |
| 9 | खुली मदिरा की बिक्री करता हुआ पाया जाना। | 5,000 | 10,000 | 15,000 |
| 10 | निषेध/बंदी के दिनों में मदिरा की बिक्री करते हुए पाया जाना। | 30,000 | 40,000 | 50,000 |
| 11 | बिना अनुज्ञा के परिसर में परिवर्तन करना। | 20,000 | 25,000 | 30,000 |
| 12 | परिसर के बाहर एवं अन्दर लगे हुए साइन बोर्ड में नियमानुसार आवश्यक सूचना प्रदर्शित न करना अथवा त्रुटिपूर्ण ढंग से प्रदर्शित करना। | 5,000 | 10,000 | 20,000 |
| 13 | सफाई की समुचित व्यवस्था न होना। | 2,000 | 5,000 | 10,000 |
| 14 | निर्धारित एम.आर.पी. से अधिक पर मदिरा बेचना। | 75,000 | 1,50,000 | लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही |
| 15 | कोई अन्य अनियमितता, जो क्रमांक-01 से 13 तक पर उल्लिखित न हो। | 2,000 | 5,000 | 10,000 |
24. लाइसेंस निलम्बन या रद्दकरण
(1) लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंस को निलम्बित अथवा निरस्त कर सकता है-
(क) यदि लाइसेंस परिसर में कोई ऐसी बोतल पायी जाती है, जिसपर प्रतिफल शुल्क जमा न किया गया हो तथा जिस पर आबकारी विभाग द्वारा सम्यक् रूप अनुमोदित सुरक्षा कोड लगा न पाया जाय ;
(ख) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई अन्य प्रकार की मदिरा अथवा मादक द्रव्य (जिस हेतु लाइसेंस स्वीकृत न किया गया हो) पाया जाता हो अथवा परिसर में कोई अन्य व्यवसाय करना पाया जाता हो;
(ग) यदि अधिनियम अथवा नियमावली के उपबन्धों के विरुद्ध लाइसेंसधारी के कब्जे से कोई मदिरा या मादक द्रव्य पाया जाता हो;
(घ) यदि लाइसेंसधारी द्वारा आवेदन के समय प्रस्तुत शपथ-पत्र त्रुटिपूर्ण पाया जाता हो और उसमें प्रस्तुत कथन असत्य पाये जाते हो;
(ङ) यदि लाइसेंसधारी अधिनियम के अधीन किसी अपराध में या किसी संज्ञेय और गैर जमानती अपराध में या स्वापक ओषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (अधिनियम संख्या 61 सन् 1985) के अधीन दण्डनीय किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो या उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 8 सन् 1971) के अधीन बहिष्कृत किया गया हो;
(च) यदि लाइसेंसप्राप्त परिसर में ऐसी कोई बोतल / कन्टेनर पाया जाता है, जिस पर अधिकतम फुटकर मूल्य मुद्रित न हो;
(छ) यदि यह पाया जाता है कि लाइसेंस फर्जी नाम से प्राप्त किया गया है और लाइसेंसधारी किसी अन्य व्यक्ति की ओर से लाइसेंस धारण किये हुये है :
(ज) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में मदिरा में किसी प्रकार का मिश्रण या तनुकरण या उच्च श्रेणी की शराब के साथ निम्न श्रेणी की शराब का मिश्रण पाया जाता है।
(झ) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई कैरामल, रंग, सुगन्धि या बारकोड / सुरक्षा कोड, लेबिल, ढक्कन, सील या अन्य अवैध सामग्री पायी जाती है;
(2) लाइसेंस प्राधिकारी तत्काल लाइसेंस निलम्बित कर देगा और लाइसेंस के रद्दकरण और प्रतिभूति जमा को समपहृत करने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी करेगा। लाइसेंसधारी अपना स्पष्टीकरण नोटिस प्रांप्ति से सात दिनों में प्रस्तुत करेगा। तत्पश्चात् लाइसेंस प्राधिकारी यदि ऐसा चाहे तो लाइसेंसधारी को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के पश्चात् उपयुक्त आदेश पारित करेगा;
(3) यदि लाइसेंस की किन्ही शर्तों और नियमों के उल्लंघन की दशा में लाइसेंस रद्द किया जाता है तो लाइसेंस फीस और जमा प्रतिभूति धनराशि को सरकार के पक्ष में जब्त कर ली जायेगी और इन नियमों के अधीन लाइसेंस के निलम्बन या रद्दकरण की दशा में लाइसेंसधारी किसी प्रकार के प्रतिकर या वापंसी का हकदार नहीं होगा। ऐसे लाइसेंसधारी को काली सूची में भी डाला जा सकता है तथा उसे आबकारी के किसी अन्य लाइसेंस को धारण करने से विवर्जित किया जा सकता है।
25. कठिनाईयों का निवारण
यदि इनमें से किसी नियम के प्रयोग या निर्वचन के सम्बन्ध में कोई संदेह या विवाद होता है, तो इस पर आबकारी आयुक्त का विनिश्चय अंतिम होगा।
एफ०एल०-4 (ग)
(भूगृहादि के बाहर उपयोग के लिये मुहरबन्द बोतलों/पैकेटों में विदेशी मदिरा के फुटकर विक्रय के लिए “प्रीमियम रिटेल वेण्ड्स” का लाइसेंस)
सामान्य और विशेष शर्तें
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
एक- लाइसेंसधारी, वि0म0-2, वि0म0-2ख, बी0आई0ओ0-1 लाइसेंस धारक अथवा आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत किसी लाइसेंसधारी से विदेशी मदिरा की आपूर्ति, समय-समय पर उदग्रहणीय समस्त करों, प्रतिफल फीस, उपकर आदि को सम्मिलित करते हुए मदिरा के मूल्य का पूर्ण भुगतान करने के पश्चात प्राप्त करेगा। उत्तर प्रदेश में स्थापित आयातक इकाइयों में समुद्रपार विदेशी मदिरा के किसी प्रकार के ब्राण्डों की अनुपलब्धता की स्थिति में प्राधिकृत व्यक्तियों द्वारा आबकारी आयुक्त की विशेष अनुमति के अधीन इन ब्राण्डों को अन्य राज्यों या संघ राज्यों में स्थापित कस्टम बाण्डों से उत्तर प्रदेश में समुद्रपार की विदेशी मदिरा का आयात नियमावली, 2003 के उपबन्धों के अधीन खरीद सकता है।
दो – विदेशी मदिरा की बोतलों के लेबलों पर 1×1 सेंटीमीटर के दृश्य शब्दों में अधिकतम फुटकर मूल्य मुद्रित किया जायेगा। फुटकर लाइसेंसधारी मुद्रित अधिकतम फुटकर मूल्य से अधिक मूल्य नहीं प्रभारित करेगा।
(क) लाइसेंसधारी को दुकान के अंदर के दृश्य को और दुकान के बाहर के दृश्य को कैद करने और संग्रहीत करने के लिए दो सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने होंगे।
(ख) लाइसेंसधारी को मदिरा की दुकान पर डिजिटल भुगतान की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।
(ग) लाइसेंसधारी को मदिरा की बिक्री पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से करनी होगी।
तीन- लाइसेंस प्राप्त परिसर पर विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय की बिक्री केवल परिसर के बाहर उपयोग के लिए की जायेगी। परिसर में मदिरापान निषिद्ध होगा।
चार- विहित तीव्रता और मानक धारिता की मुहरबन्द बोतलों/कैनों में जिन पर आबकारी आयुक्त द्वारा विहित सुरक्षा कोड और लेबिल चस्पा हो विदेशी मदिरा की बिक्री की जायेगी।
पाँच- लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राधिकारी के द्वारा विहित प्रपत्र और रजिस्टर (एफएल0-025ए) में नियमित और सही-सही दैनिक लेखा अनुरक्षित रखेगा। लाइसेंसधारी विक्रय आदि का भी लेखा प्रस्तुत करेगा और निरीक्षणकर्ता प्राधिकारी की अपेक्षानुसार सामग्री तथा दस्तावेजों की सुविधा प्रदान करेगा तथा उन्हें उपलब्ध करायेगा।
छः- लाइसेंसधारी विदेशी मदिरा का संपूर्ण स्टाक लाइसेंसप्राप्त परिसर में ही संचित करेगा।
सात – लाइसेंसधारी दुकान के प्रवेश द्वार पर आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित प्रारूप/आकार का एक सहज दृश्य साइनबोर्ड लगाएगा, जिसपर लाइसेंसधारी का नाम, पद, दुकान की अवस्थिति, लाइसेंस की अवधि, दुकान खुलने व बन्द होने का समय और लाइसेंसिंग प्राधिकारी द्वारा यथा विहित अन्य सूचनायें भी मोटे अक्षरों में होंगी।
आठ-साइन बोर्ड में निम्नलिखित सूचना भी प्रदर्शित होगी:-
“दुकान के बाहर आस-पास या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना वर्जित है। इस संबंध में कोई भी उल्लंघन दण्डनीय होगा।”
“शराब पीकर गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता है। कृपया शराब पीकर गाड़ी न चलायें।”
नौं- लाइसेंसप्राप्त परिसर में अस्त्र लेकर प्रवेश करना सर्वथा निषिद्ध होगा।
दस- लाइसेंसधारी किसी भी ऐसे व्यक्ति को विक्रेता के रूप में नियोजित नहीं करेगा, जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या जो किसी संक्रामक रोग या छुआ-छूत रोग से ग्रस्त हो या आपराधिक पृष्ठभूमि का हो या महिला हो।
ग्यारह- लाइसेंसधारी परमिट के सिवाय एक बार में राज्य सरकार के अनुमोदन से आबकारी आयुक्त द्वारा यथाविहित मात्रा से अधिक की बिक्री किसी भी क्रेता को नहीं करेगा।
बारह- 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति या वर्ग में किसी सरकारी कर्मी को बिक्री नहीं की जायेगी।
तेरह- लाइसेंसधारी के लिए किसी दशा में बोतलों या उनके लेबुलों, सुरक्षा कोड और पिल्फरप्रूफ मुहरों से बिगाड़ करना (विकृत करना) सर्वथा निषिद्ध है।
चौदह- लाइसेंसधारी अपने लाइसेंसप्राप्त परिसर में कोई भी आसव, कैरामल, रंग, सुगंधि, सुरक्षा कोड, लेबुल, कैप्सूल, मुहर या कोई हानिकारक सामग्री नहीं रखेगा।
पन्द्रह-लाइसेंसधारी द्वारा अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए खरीदारों को प्रलोभन देना या आकर्षित करने का कार्य जैसे द्यूत या नृत्य कार्यक्रम कराना सर्वथा निषिद्ध है।
सोलह-लाइसेंसप्राप्त परिसर, 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गांधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और तीन ऐसे अतिरिक्त दिनों जैसा कि लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बन्दी के लिए अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिए सभी दिवसों में पूर्वाह्न 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के उपबन्धों के अधीन कानून और व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रिया कलापों आदि के कारण से भी दुकान की प्रीमियम फुटकर विक्रय को बन्दी के आदेश दे सकता है। उपरोक्त दिन/दिनों में प्रीमियम फुटकर विक्रय की बन्दी के लिए कोई प्रतिकर देय नहीं होगा।
सत्रह-विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं एल.आर.बी. की बिक्री को छोड़कर जिसके लिए कि लाइसेंस दिया गया है, लाइसेंसधारी को लाइसेंसप्राप्त परिसर में कोई अन्य व्यवसाय चलाने की अनुज्ञा नहीं प्रदान की जायेगी।
अठारह-लाइसेंसधारी लाइसेंस की समाप्ति पर अवशेष स्टाक के निस्तारण के लिए लाइसेंस प्राधिकारी को रिपोर्ट करेगा, जिसे नियम-16 के अनुसार निस्तारित किया जायेगा।
उन्नीस-प्रीमियम फुटकर विक्रय के लाइसेंसप्राप्त परिसर में देशी मदिरा या अन्य किसी पदार्थ का भण्डारण नहीं किया जायेगा।
बीस-लाइसेंसधारी विदेशी मदिरा की बिक्री हेतु डिस्पेंसिंग मशीन स्थापित कर सकता है।
इक्कीस-लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त या लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी सामान्य एवं विशेष अनुदेशों का पालन करेगा।
बाईस- दुकान का लाइसेंसधारी क्रेता को वाइन के लिए आस्वादन कक्ष की सुविधा प्रदान करेगा।
तेईस-दुकान का लाइसेंसधारी मदिरा उपभोग से सम्बन्धित उपसाधन की बिक्री कर सकता है।
चौबीस-लाइसेंसधारी को अपनी दुकान पर मदिरा विक्रय करने के लिये विक्रेताओं की सूची जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। तदनुसार जिला आबकारी अधिकारी को विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करना होगा।
एफ०एल०-4 (डी)
(भूगृहादि के बाहर उपयोग के लिये मुहरबन्द बीयर, वाइन की फुटकर बिक्री के लिए “प्रीमियम रिटेल वेण्ड्स” का लाइसेंस)
सामान्य और विशेष शर्तें
[चतुर्थ संशोधन, 2025 द्वारा प्रतिस्थापित]
एक- लाइसेंसधारी जिला के एफ०एल०-2, एफ०एल०-2ख, बी०आई०ओ०-1 लाइसेंस धारक अथवा आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत किसी लाइसेंसधारी से वाइन, एल०ए०बी० एवं बीयर की आपूर्ति, समय-समय पर उदग्रहणीय समस्त करों, प्रतिफल फीस, उपकर आदि को सम्मिलित करते हुए मदिरा के मूल्य का पूर्ण भुगतान करने के पश्चात प्राप्त करेगा। उत्तर प्रदेश में स्थापित आयातक इकाइयों में समुद्रपार बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय के किसी प्रकार के ब्राण्डों की अनुपलब्धता की स्थिति में प्राधिकृत व्यक्तियों द्वारा आबकारी आयुक्त की विशेष अनुमति के अधीन इन ब्राण्डों को अन्य राज्यों या संघ राज्यों में स्थापित कस्टम बाण्डों से उत्तर प्रदेश में समुद्रपार की बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय का आयात नियमावली, 2003 के उपबन्धों के अधीन खरीद सकता है।
दो – वाइन, एल०ए०बी० एवं बीयर की बोतलों के लेबुलों पर 1×1 सेंटीमीटर के दृश्य शब्दों में अधिकतम फुटकर मूल्य मुद्रित किया जायेगा। फुटकर लाइसेंसधारी मुद्रित अधिकतम फुटकर मूल्य से अधिक मूल्य नहीं प्रभारित करेगा।
(क) लाइसेंसधारी को दुकान के अंदर के दृश्य और दुकान के बाहर के दृश्य को कैद करने और संग्रहीत करने के लिए दो सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने होंगे।
(ख) लाइसेंसधारी को शराब की दुकान पर डिजिटल भुगतान की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।
(ग) लाइसेंसधारी को शराब की बिक्री पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से करनी होगी।
तीन- लाइसेंस प्राप्त परिसर पर विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय (एल.आर.बी.) की बिक्री केवल परिसर के बाहर उपभोग के लिए की जायेगी। परिसर में मदिरापान निषिद्ध होगा।
चार- विहित तीव्रता और मानक धारिता की मुहरबन्द बोतलों/कैनों में जिनपर आबकारी आयुक्त द्वारा विहित सुरक्षा कोड और लेबिल चस्पा हो विदेशी मदिरा की बिक्री की जायेगी।
पाँच- लाइसेंसधारी, लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा विहित प्रपत्र और रजिस्टर (एफ०एल०-25ए) में नियमित और सही-सही दैनिक लेखा अनुरक्षित रखेगा। लाइसेंसधारी विक्रय आदि का भी लेखा प्रस्तुत करेगा और निरीक्षणकर्ता प्राधिकारी की अपेक्षानुसार सामग्री तथा दस्तावेजों की सुविधा प्रदान करेगा तथा उन्हें उपलब्ध करायेगा।
छ:- लाइसेंसधारी, बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय (एल०ए०बी०) का संपूर्ण स्टाक लाइसेंसप्राप्त परिसर में ही संचित करेगा।
सात- लाइसेंसधारी दुकान के प्रवेश द्वार पर आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित प्रारूप/आकार का एक सहज दृश्य साइनबोर्ड लगाएगा, जिसपर लाइसेंसधारी का नाम, पद, दुकान की अवस्थिति, लाइसेंस की अवधि, दुकान खुलने व बन्द होने का समय और लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा विहित अन्य सूचनायें भी मोटे अक्षरों में अंकित होंगी।
आठ- साइन बोर्ड में निम्नलिखित सूचना भी प्रदर्शित होगी:-
“दुकान के बाहर आस-पास या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना वर्जित है। इस संबंध में कोई भी उल्लंघन दण्डनीय होगा।”
“शराब पीकर गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता है। कृपया शराब पीकर गाड़ी न चलायें”
नौ- लाइसेंसप्राप्त परिसर में शस्त्र लेकर प्रवेश करना सर्वथा निषिद्ध होगा।
दस- लाइसेंसधारी किसी भी ऐसे व्यक्ति को विक्रेता के रूप में नियोजित नहीं करेगा, जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या जो किसी संक्रामक रोग या छुआ-छूत रोग से ग्रस्त हो या आपराधिक पृष्ठभूमि का हो या महिला हो।
ग्यारह- लाइसेंसधारी परमिट के सिवाय, एक बार में राज्य सरकार के अनुमोदन से आबकारी आयुक्त द्वारा यथाविहित मात्रा से अधिक की बिक्री किसी भी क्रेता को नहीं करेगा।
बारह- 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति या वर्दी धारित किसी सरकारी कर्मी को बिक्री नहीं की जायेगी।
तेरह- लाइसेंसधारी के लिए किसी दशा में बोतलों या उनके लेबुलों, सुरक्षा कोड और पिल्फरप्रूफ मुहरों से बिगाड़ करना (विकृत करना) सर्वथा निषिद्ध है।
चौदह- लाइसेंसधारी अपने लाइसेंसप्राप्त परिसर में कोई भी (स्प्रिट)आसव, कैरामेल, रंग, सुगन्ध, सुरक्षा कोड, लेबुल, कैप्सूल, मुहर या कोई हानिकारक सामग्री नहीं रखेगा।
पन्द्रह- लाइसेंसधारी द्वारा अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए खरीददारों को प्रलोभन देना या आकर्षित करने का कार्य जैसे नृत्य या द्यूत कार्यक्रम कराना सर्वथा निषिद्ध है।
सोलह- लाइसेंसप्राप्त परिसर, 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गाँधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और तीन ऐसे अतिरिक्त दिनों जैसा कि लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बन्दी के लिए अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिए सभी दिवसों में पूर्वाह्न 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के उपबन्धों के अधीन कानून और व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रिया कलापों आदि के कारण से भी दुकान की प्रीमियम फुटकर विक्रय की बन्दी के आदेश दे सकता है। उपरोक्त दिन/दिनों में प्रीमियम फुटकर विक्रय की बन्दी के लिए कोई प्रतिकर देय नहीं होगा।
सत्रह- बीयर, वाइन एवं (कम तीव्रता के मादक पेय) (एल.ए.बी.) की बिक्री को छोड़कर जिसके लिए कि लाइसेंस दिया गया है, लाइसेंसधारी को लाइसेंसप्राप्त परिसर में कोई अन्य कारोबार करने की अनुज्ञा नहीं प्रदान की जायेगी।
अठारह- लाइसेंसधारी लाइसेंस की समाप्ति पर अवशेष स्टाक के निस्तारण के लिए लाइसेंस प्राधिकारी को रिपोर्ट करेगा, जिसे नियम-16 के अनुसार निस्तारित किया जायेगा।
उन्नीस- प्रीमियम फुटकर विक्रय के लाइसेंसप्राप्त परिसर में देशी मदिरा या अन्य किसी पदार्थ का भण्डारण नहीं किया जायेगा।
बीस- लाइसेंसधारी मदिरा की बिक्री हेतु डिस्पेंसिंग मशीन स्थापित कर सकता है।
इक्कीस- लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त या लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी सामान्य एवं विनिर्दिष्ट अनुदेशों का पालन करेगा।
बाईस- दुकान का लाइसेंसधारी क्रेता को वाइन के लिए आस्वादन कक्ष की सुविधा प्रदान करेगा।
तेईस- दुकान का लाइसेंसधारी मदिरा उपभोग से सम्बन्धित उपसाधन की बिक्री कर सकता है।
चौबीस- लाइसेंसधारी को अपनी दुकान पर मदिरा विक्रय करने के लिये विक्रेताओं की सूची जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। तदनुसार जिला आबकारी अधिकारी को विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करना होगा।
(प्रथम संशोधन से लेकर अब तक के संशोधनों की सम्पूर्ण सूची)
PRV & Premium FL Rules
| Rules | Gazette Date | Effective from | Amendments | Download |
|---|---|---|---|---|
| Premium Retail FL 2025 (4th amendment) | 21/01/2026 | 01/04/2025 | Rule-2, 3, 5, 6, 7, 9, 13, 14, 18, Form F.L.-4(C) and Form F.L. -4(D) | View |
| Premium Retail FL 2024 (3rd amendment) | 09/05/2025 | 01/04/2024 | Rule-2, Rule-6, Rule-8, Rule-13 and Rule-18 | View |
| Premium Retail FL 2022 (2nd amendment) | 28/06/2022 | date of publication in the gazette | Rule-2, Rule-8 and Form FL-4(C) | View |
| Premium Retail FL 2021 (1st amendment) | 31/05/2021 | date of publication in the gazette | Rule-2, Rule-3, Rule-18 and Form FL-4(C) | View |
| Premium Retail FL Rules, 2020 (Original Rules) | 29/05/2020 | date of publication in the gazette | View |