Table of Contents

(नोट:- समेकित नियमावली में संशोधनों का समावेश करने में पूर्ण सावधानी बरती गयी है तथापि सन्दर्भ हेतु सरकारी गजट का ही प्रयोग किया जाये)

उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंसों की स्वीकृति) नियमावली, 2020 (द्वितीय संशोधन, 2024 तक यथासंशोधित)

नियम-1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ

[मूल 2020]

(1) यह नियमावली उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंसों की स्वीकृति) नियमावली, 2020 कही जायेगी।

(2) यह गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से प्रवृत्त होगी।

नियम-2. परिभाषायें

[द्वितीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) जब तक विषय या संदर्भ से कोई बात प्रतिकूल न हो, इस नियमावली में:-

(क) “अधिनियम” का तात्पर्य समय-समय पर यथा संशोधित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम 1910 से है;

(ख) “बार” का तात्पर्य इस नियमावली के अधीन किसी ऐसे अधिष्ठान हेतु स्वीकृत विशेषाधिकार से है जहाँ लाइसेंस प्राप्त परिसर में उपभोग के लिए भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेशी मदिरा को खुले या सीलबन्द बोतलों/केन में विक्रय के साथ भोजन परोसा जाता है;

(ग) “सिविल क्लब” का तात्पर्य सामाजिक तथा मनोरंजन के प्रयोजन के लिए अथवा लाभ प्राप्ति के हेतुक के बिना संयुक्त व्ययों पर किसी सामान्य लक्ष्य के संवर्धन के लिए ऐसे व्यक्ति-संगम से है जो समय-समय पर यथा संशोधित भारतीय कम्पनी अधिनियम 1956 या उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 या सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1860 के अधीन सम्यक् रूप से रजिस्ट्रीकृत हो;

(घ) “वाणिज्यिक क्लब” का तात्पर्य लाभ प्राप्त करने के हेतु से किसी वाणिज्यिक लक्ष्य के संवर्द्धन हेतु सामाजिक तथा मनोरंजन के प्रयोजन से किसी ऐसी कम्पनी, फर्म, व्यक्तियों के किसी अन्य संगठन या संगम से है जो समय-समय पर यथासंशोधित भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 या उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 या सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 के अधीन सम्यक रूप से रजिस्ट्रीकृत हो;

(ङ) “आबकारी वर्ष” का तात्पर्य किसी कैलेण्डर वर्ष के 1 अप्रैल से प्रारम्भ होने वाले और 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष से है;

(च) ‘‘परिवार‘‘ का तात्पर्य दम्पत्ति (पति या पत्नी), आश्रित पुत्र, (पुत्रों), अविवाहित पुत्री, (पुत्रियां) और आश्रित माता-पिता से है, और उसमें वे सम्मिलित हैं;

(छ) “विदेशी मदिरा” का तात्पर्य भारत में आयातित बीयर एवं स्प्रिट, वाइन और मदिरा या भारत निर्मित परिष्कृत या रंजित स्प्रिट या मदिरा जो सुगन्ध व रंग में भारत में आयातित मदिरा के सदृश हो, से है, और इसमें माल्ट स्प्रिट, व्हिस्की, रम, ब्रान्डी, जिन, वोदका व लीकर्स सम्मिलित हैं। इसमें भारत या भारत से बाहर निर्मित बीयर, पैक्ड ड्राफ्ट बीयर, पोर्टर, साइडर, ऐल, वाइन और कम तीव्रता के मादक पेय (एल0ए0बी0) भी सम्मिलित हैं;

(ज) “प्रपत्र” का तात्पर्य इस नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र से है;

(झ) “खाद्य” पदार्थ का तात्पर्य किसी प्रसंस्कृत, आंशिक रूप से प्रसंस्कृत, या गैर-प्रसंस्कृत पदार्थ से है जो मानव उपभोग के लिये आशयित हो;

(ञ) “सरकार” का तात्पर्य उत्तर प्रदेश सरकार से है;

(ट) “राजमार्ग” का तात्पर्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा यथा अधिसूचित किसी राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा राज्य राजमार्ग से है;

(ठ) “होटल” का तात्पर्य उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और भारत पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित समस्त पर्यटक बंगलों तथा होटलों से है तथा जिसमें समस्त तारांकित होटल या कोई अन्य होटल भी सम्मिलित है;

(ड) “होटल बार लाइसेंस” का तात्पर्य किसी होटल, जिसमें रुकने या ठहरने वाले विदेशी तथा भारतीय पर्यटकों तथा आगन्तुकों को निर्धारित पाँच स्थानों पर और अतिरिक्त लाइसेंस फीस जमा करने पर, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा अनुमोदन किया जाय, अधिक स्थानों पर उपभोग के लिए मदिरा परोसने हेतु विक्रय किया जाता है, को स्वीकृत विदेशी मदिरा के विक्रय हेतु फुटकर लाइसेंस से है;

(ढ) “आयातक ईकाई” का तात्पर्य ब्राण्ड स्वामी या प्रमुख आयातक या देश में शराब आयात करने के लिए प्राधिकृत किसी व्यक्ति या संस्था से है;

(ण) “व्यक्ति” का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो भारत का नागरिक हो और जो 21 वर्ष की आयु से कम का न हो;

(त) “लाइसेंस” का तात्पर्य इस नियमावली के अधीन स्वीकृत लाइसेंस से है;

(थ) “लाइसेंस प्राधिकारी” का तात्पर्य जिला कलेक्टर से है जो आबकारी आयुक्त के पूर्व अनुमोदन से बार का लाइसेंस स्वीकृत कर सकता है;

(द) “लाइसेंस फीस” का तात्पर्य होटलों, रेस्तराओं, क्लबों, एयरपोर्ट ट्रांजिट लाउंज और माइक्रोब्रेवरीज में उपभोग हेतु विदेशी मदिरा के फुटकर विक्रय के एकान्तिक विशेषाधिकार के लिए लाइसेंस स्वीकृत करने हेतु प्रतिफल स्वरूप नियत वार्षिक धनराशि से है;

(ध) “स्वामी” का तात्पर्य किसी रेस्तरां/होटल के स्वामी से है जिसमें उसका कोई प्रबन्धक या अधिभोगी सम्मिलित हैं;

(न) “वैयक्तिक होम लाइसेंस” का तात्पर्य इस नियमावली के अधीन अपने आवासीय परिसर में भारत निर्मित विदेशी मदिरा और समुद्रपार आयातित मदिरा के, अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, अतिथियों और मित्रों, जिनकी उम्र 21 वर्ष से कम न हो, द्वारा उपभोग हेतु किसी व्यक्ति को विशेषाधिकार स्वीकृत किये जाने से है;

(प) “रेस्तरां” का तात्पर्य ऐसे किसी स्थान या परिसर से है जिसमें जनता को प्रतिफल के बदले खाद्य या पेय पदार्थ का उपभोग करने की अनुज्ञा हो और जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम और भारतीय पर्यटन एवं विकास निगम द्वारा संचालित कैफे, शॉपिंग मॉल, रेस्तरां और साथ ही साथ ऐसे अन्य स्थान, जहाँ खाद्य पदार्थ विक्रीत और उपभुक्त किये जाते हैं, सम्मिलित हैं;

(फ) “प्रतिभूति धनराशि” का तात्पर्य लाइसेंस स्वीकृत किये जाने के 15 दिन के भीतर जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिरवीकृत सावधि जमा रसीद के माध्यम से अथवा ई-संदाय के माध्यम से जमा किये जाने हेतु एक चौथाई लाइसेंस फीस की धनराशि के बराबर की धनराशि से है, जो बार लाइसेंस संचालित किये जाने में लाइसेंसधारी द्वारा कृत किसी व्यतिक्रम की स्थिति में समपहृत किये जाने योग्य है;

(ब) “तारांकित होटल” का तात्पर्य ऐसी सभी श्रेणियों के होटलों से है जो भारत सरकार के पर्यटन विभाग के होटल तथा रेस्तरां स्वीकृत और वर्गीकरण समिति अथवा इस प्रयोजनार्थ भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से प्राधिकृत किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा न्यायानिर्णीत और अनुमोदित हों;

(भ) “परिवहन अनुज्ञा पत्र” का तात्पर्य थोक लाइसेंस यथा विदेशी मदिरा-2, विदेशी मदिरा-2ख, बी0आई0ओ0-1 लाइसेंस जिनके पास कस्टम बाण्ड और स्थान का आवंटन हो, से भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेशी मदिरा का परिवहन करने के लिये जारी किसी अनुज्ञा पत्र से है।

(2) इस नियमावली में प्रयुक्त किन्तु अपरिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम से उनके लिए क्रमशः समनुदेशित हैं।

नियम-3. लाइसेंस

[द्वितीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

(एक) लाइसेंस प्राप्त परिसर में विदेशी मदिरा का उपभोग करने हेतु ग्लासों, पेग्स अथवा सीलबन्द बोतलों/केन में विक्रय करने के लिए न कि उसे लाइसेंस प्राप्त परिसर से बाहर ले जाने के लिए किसी होटल को प्रपत्र वि0म0-6 में लाइसेंस (होटल बार लाइसेंस) स्वीकृत किया जा सकता है;

(दो) लाइसेंस प्राप्त परिसर में विदेशी मदिरा का उपभोग करने हेतु ग्लासों, पेग्स अथवा सीलबन्द बोतलों/केन में विक्रय करने के लिए, न कि उसे लाइसेंस प्राप्त परिसर से बाहर ले जाने के लिए किसी रेस्तरां को प्रपत्र वि0म0-7 में लाइसेंस (रेस्तरां बार लाइसेंस) स्वीकृत किया जा सकता है;

(तीन) किसी सिविल क्लब या किसी वाणिज्यिक क्लब के लिए वि0म0-7क में लाइसेंस (क्लब बार लाइसेंस), उनके सदस्यों तथा उनके नियमित अतिथियों को लाइसेंस प्राप्त परिसर में उपभोग करने के लिए न कि उसे लाइसेंस प्राप्त परिसर से बाहर ले जाने के लिए ग्लासों, पेग्स या सीलबन्द बोतलों/केन में विदेशी मदिरा की आपूर्ति करने/उसका उपभोग करने के प्रयोजनार्थ स्वीकृत किया जा सकता है;

(चार) प्रपत्र वि0म0-11 में लाइसेंस (समारोह बार लाइसेंस), लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर मेलों, त्यौहारों में या विशुद्ध रूप से अस्थायी प्रकृति के अन्य विनिर्दिष्ट अवसरों पर उपभोग हेतु ग्लासों या पेग्स में विदेशी मदिरा का विक्रय करने या उसे परोसने हेतु किसी व्यक्ति या किसी अधिष्ठान को स्वीकृत किया जा सकता है किन्तु उसे ऐसे स्थानों पर लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर ले जाने के लिए विक्रीत नहीं किया जायेगा;

(पाँच) प्रपत्र वि0म0-ए0एल0-1 (एयरपोर्ट बार लाइसेंस), सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के अधीन बनायी गयी बैगेज नियमावली, 1978 के अधीन पात्रता की सीमा तक एयरपोर्ट से गुजरने वाले हवाई यात्रियों के उपभोग हेतु आशयित एयरपोर्ट के भीतर ग्लासों, पेग्स अथवा सीलबन्द बोतलों में विदेशी मदिरा का विक्रय करने के लिये स्वीकृत किया जा सकता है;

(छः) प्रपत्र वि0म0-8 में लाइसेंस, लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर विदेशी मदिरा के उपभोग हेतु न कि लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर उसे ले जाने हेतु अपने नियमित अतिथियों को ग्लासों, पेग्स में या सीलबन्द बोतलों में विदेशी मदिरा की आपूर्ति करने/उसे परोसने के प्रयोजनार्थ रेलवे प्रशासन के पर्यवेक्षण और नियंत्रण के अधीन या उसके द्वारा अनुरक्षित विशेष प्रयोजन की रेलगाड़ियों अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित क्रूजों के भोजन कक्षों में विदेशी मदिरा विक्रय करने के लिये किया जा सकता है;

(ज) प्रपत्र वि0म0-पी0एच0-1 में लाइसेंस, पात्र व्यक्तियों को विभिन्न प्रकार की भारत निर्मित विदेशी मदिरा और समुद्रपार आयातित मदिरा को अपने आवासिक परिसर में पारिवारिक सदस्यों, रिश्तेदारों, अतिथियों एवं मित्रों, जो 21 वर्ष की आयु से कम न हों, के उपभोग के लिए राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर यथा विहित मात्रा तक खरीदने, परिवहन करने व रखने हेतु स्वीकृत किया जा सकता है।

नियम-4. ऐसे व्यक्ति, जो लाइसेंस स्वीकृत किये जाने के लिए पात्र नहीं हैं

[द्वितीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

ऐसे व्यक्ति, जो लाइसेंस स्वीकृत किये जाने के लिए पात्र नहीं हैं-निम्नलिखित व्यक्ति, लाइसेंस स्वीकृत किये जाने के लिए पात्र नहीं हैंः-

(क) इक्कीस वर्ष से कम आयु के व्यक्ति;

(ख) ऐसे व्यक्ति, जो अनुन्मोचित दिवालिया है अथवा जो उक्त अधिनियम अथवा स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 (केन्द्रीय अधिनियम 61 सन् 1985) के उपबंधों के अधीन अपराधो के लिये दोषी ठहराये गयें हो, अथवा गैर जमानती अपराधों के लिये दोषी ठहराये गयें हो अथवा आभ्यासिक अपराधी हो;

(ग) ऐसे व्यक्ति जिनका कोई लोक या सरकारी बकाया हो;

(घ) कोई मदिरा बोतल भराई धारक या अल्कोहल के उत्पादक या विनिर्माणकर्ता हो;

(ङ) बार काउंसिल में रजिस्ट्रीकृत कोई अधिवक्ता अथवा कोई कम्पनी सचिव या चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट;

(च) कोई सरकारी सेवक।

नियम-5. बार लाइसेंस के आवेदक की पात्रता

[प्रथम संशोधन 2022 द्वारा प्रतिस्थापित]

(एक) बार लाइसेंस के लिये यह आवश्यक है कि आवेदक:-

(क) भारत का नागरिक हो; या

(ख) कम्पनी अधिनियम, 1956 के अधीन रजिस्ट्रीकृत कोई कम्पनी हो; या

(ग) कम्पनी अधिनियम, 2013 के अधीन स्थापित कोई कम्पनी हो; या

(घ) भागीदारी अधिनियम, 1932 के अधीन रजिस्ट्रीकृत कोई भागीदारी फर्म हो, जिसके भागीदार भारत के निवासी हों; या

(ङ) कोई रजिस्ट्रीकृत एकल स्वामित्व वाली फर्म हो; या

(च) कोई लिमिटेड देयतावाली भागीदारी फर्म हो; या

(छ) सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 के अधीन रजिस्ट्रीकृत कोई सोसाइटी हो; या

(ज) किसी होटल/रेस्तरां का स्वामी/स्वत्वधारी/प्रबन्धक/अधिभोगी/पट्टेदार हो; या

(झ) यदि कोई व्यक्ति हो तो 21 वर्ष से अधिक आयु का हो; या

(ञ) कोई रजिस्ट्रीकृत क्लब हो।

(दो) वैयक्तिक होम लाइसेंस के लिए यह आवश्यक है कि आवेदक:-

(क) भारत का नागरिक हो;

(ख) 21 वर्ष की आयु से अधिक हो;

(ग) प्रस्तावित परिसर, भवन, घर या फ्लैट जहॉ वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहता/रहती हो का/की स्वामी/स्वामिनी होना चाहिए; या

(घ) भवन, घर या फ्लैट जहाँ वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ निवास करता/करती है, के किराये सम्बन्धी सुसंगत दस्तावेज रखता/रखती हो;

(ङ) विगत पाँच वर्षों से आयकरदाता/दात्री हो;

(च) विगत पाँच आयकर निर्धारण वर्षों में से कम से कम तीन कर निर्धारण वर्षों में न्यूनतम 20 प्रतिशत आयकर श्रेणी के अन्तर्गत आयकर का भुगतान किया गया हो।

नियम-6. लाइसेंस स्वीकृत किये जाने के लिये निर्बन्धन

[प्रथम संशोधन 2022 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) कोई बार लाइसेंस स्वीकृत नहीं किया जायेगा:-

(एक) यदि आवेदन पत्र पर सक्षम व्यक्ति का हस्ताक्षर न हो अथवा वह अपूर्ण हो;

(दो) जब तक परिसर में:-

(क) कम से कम 30 व्यक्तियों के बैठने की न्यूनतम क्षमता न हो;

(ख) न्यूनतम 100 वर्ग मीटर का कुर्सी क्षेत्रफल न हो;

(ग) महिलाओं और पुरुषों के लिये पृथक-पृथक वाशबेसिन और वाशरूम जैसे स्वच्छताकारी उपस्कर न हों;

(घ) न्यूनतम 15 वर्गमीटर कुर्सी क्षेत्रफल के भोजन कक्ष में उपभोक्ताओं को अच्छे गुणवत्तापूर्ण भोजन पकाने और परोसने की सुविधा न हो;

(ङ) लाइसेंसप्राप्त परिसर के उपभोग कक्षों और हालों में वातानुकूलन या वातप्रशीतन की सुविधा न हो;

(च) परिसर के 500 मीटर के अन्तर्गत पर्याप्त यान पार्किंग की व्यवस्था (निजी/वैलेट पार्किंग/सार्वजनिक या निजी पार्किंग) न हो;

(छ) सक्षम प्राधिकारी द्वारा अग्निशमन सुरक्षा का विधिमान्य प्रमाणपत्र न हो;

(ज) मदिरा का अलग और पृथककृत बार काउंटर और भण्डारण कक्ष न हो;

(झ) विभिन्न प्रकार और ब्राण्डों की मदिरा के प्रदर्शन के लिये समुचित प्रदर्शन स्थल न हो;

(ञ) जब तक उक्त परिसर राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग अथवा राजमार्ग के सर्विस लेन के बाह्य छोर से 500 मीटर की दूरी के अन्तर्गत हो और उक्त परिसर राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग से सीधे दृश्य हो या उसके पहुँच में हो:

परन्तु यह कि यदि उक्त क्षेत्र 20,000 या उससे कम जनसंख्या वाले नगर निकायों में समाविष्ट हो तो दूरी 220 मीटर होगी;

परन्तु यह और कि नगरपालिका क्षेत्रों के क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत आने वाले लाइसेंस प्राप्त अधिष्ठानों के लिये उक्त निर्बन्धन लागू नहीं होंगे;

(ट) जब तक उक्त परिसर, उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या तथा स्थिति नियमावली, 1968 (यथासंशोधित) के नियम 5(4) के उपबन्धों के प्रतिकूल प्रतिषिद्ध दूरी के अन्तर्गत हो।

(तीन) जब तक आवेदक के पास:-

(क) सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (अधिनियम संख्या 34 सन् 2006) के अधीन सुसंगत लाइसेंस न हो;

(ख) परिसर, यदि पट्टे पर हो, के स्वामी से प्रस्तावित लाइसेंस प्राप्त परिसर के लिये कोई रजिस्ट्रीकृत पट्टाविलेख न हो।

टिप्पणी:-

  1. किसी मॉल या किसी वाणिज्यिक काम्प्लेक्स जिसमें बार स्थित हो, की सामान्य पार्किंग सुविधायें और वाशरूम, ऐसे बार की सुविधाओं के रूप में माने जायेंगे।
  2. लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा नियम-11 के अधीन बार लाइसेंस जारी किये जाने के पूर्व रेस्तरां चालू स्थिति में होना चाहिये।

नियम-7. लाइसेंस स्वीकृत किये जाने के लिए आवेदन

[द्वितीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

(एक) आवेदन पर निम्नलिखित द्वारा हस्ताक्षर किया जायेगा:-

(क) व्यक्ति, यदि वह वैयक्तिक हैसियत से किया जाय;

(ख) प्रत्येक भागीदार, यदि आवेदक भागीदार फर्म हो तो प्रत्येक भागीदार का नाम, माता-पिता का नाम और समुचित पता आवेदन में उल्लिखित किया जायेगा;

(ग) प्रबन्ध निदेशक या प्रबन्ध निदेशक द्वारा प्राधिकृत प्रबन्धक यदि आवेदक कोई कम्पनी हो तो कम्पनी का रजिस्ट्रीकृत नाम और पता और साथ ही साथ निदेशकों, प्रबन्धकों तथा प्रबन्ध अधिकारियों का नाम आवेदन में स्पष्ट रूप में उल्लिखित होना चाहिए;

(घ) सम्यक् रूप से निर्वाचित अध्यक्ष या सचिव, यदि आवेदन किसी क्लब के लिए या उसकी ओर से किया जाय। उक्त आवेदन में क्लब की रजिस्ट्रीकरण संख्या तथा पता और उसके अध्यक्ष तथा सचिव का नाम तथा पता सम्मिलित होगा।

(दो) होटल/रेस्तरां/क्लब बार/एयरपोर्ट बार लाइसेंस:-

लाइसेंस हेतु आवेदन प्रपत्र “क” में आनलाइन किया जायेगा और उसके साथ निम्नलिखित संलग्न होंगे:-

(क) अप्रतिदेय संदेय आवेदन फीस;

(ख) दो नवीनतम पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ;

(ग) पैन कार्ड एवं आधार कार्ड की स्व-प्रमाणित प्रतियाँ;

(घ) पार्किंग स्थान का सबूत;

(ड) प्रस्तावित परिसर की अनुमोदित अभिन्यास योजना की प्रति;

(च) यदि प्रस्तावित परिसर का उपयोग सम्पत्ति और भू-स्वामी से भिन्न व्यक्ति/संस्था द्वारा पट्टा और करार के आधार पर किया जा रहा हो तो ऐसे रजिस्ट्रीकृत करार विलेख/पट्टा/संविदा की प्रतिलिपि;

(छ) निकाल दिया गया;

(ज) रेस्तरां/होटल परिसर में अग्नि सुरक्षा हेतु समुचित प्रबन्ध के लिये सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र;

(झ) खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के अधीन भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा जारी रजिस्ट्रीकरण की प्रतिलिपि;

(ञ) जिला कलेक्टर या सम्बन्धित जिला के पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरी के पुलिस आयुक्त द्वारा नाम निर्दिष्ट एक अधिकारी, जो सहायक पुलिस आयुक्त की पंक्ति से नीचे का न हो, द्वारा जारी चरित्र प्रमाण-पत्र;

(ट) किसी होटल परिसर के भीतर मदिरा परोसने के लिए निर्धारित अतिरिक्त फीस के संदाय पर पाँच स्थानों और अतिरिक्त स्थानों की सूची;

(ठ) आवेदक के क्लब बार लाइसेंस धारक होने की स्थिति में आवेदन के साथ निम्नलिखित संलग्न होंगे:-

(एक) क्लब सदस्यता नियमावली की प्रतिलिपि।

(दो) अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों की सूची।

(तीन) संगम-ज्ञापन।

(चार) संगम अनुच्छेद।

(पाँच) उस स्थान, जहाँ पर क्लब स्थित हो, के जिला कलेक्टर से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र;

(ड) आवेदक के भागीदारी फर्म/कम्पनी या एल.एल.पी. फर्म होने की स्थिति में आवेदन के साथ निम्नलिखित संलग्न होंगे:-

(एक) संगम-ज्ञापन।

(दो) संगम अनुच्छेद।

(तीन) फर्म का रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र।

(चार) निदेशकों/भागीदारों की सूची।

(पाँच) भागीदारी विलेख।

(छः) पैन कार्ड।

(सात) टैन संख्या।

(आठ) भागीदारों/निदेशकों के आधार कार्ड।

(नौ) आवेदन करने हेतु प्राधिकार-पत्र।

(ढ) (एक) सम्बन्धित विकास प्राधिकरण या स्थानीय निकाय द्वारा प्रस्तावित परिसर के भवन के अनुमोदित मानचित्र की अनुप्रमाणित प्रति व विहित पोर्टल से डाउनलोड की गयी स्व-अनुप्रमाणित प्रति अथवा इससे सम्बन्धित कोई अन्य सुसंगत दस्तावेज।

(दो) प्रस्तावित परिसर के भवन का पूर्ण मानचित्र ही सम्बन्धित विकास प्राधिकरण या स्थानीय निकाय द्वारा अनुमोदित किया जाना अपेक्षित होगा। अनुमोदित मानचित्र का परिवर्द्धन करके या उसका अतिक्रमण करके निर्माण किये जाने के सम्बन्ध में सम्बन्धित विकास प्राधिकरण या स्थानीय निकाय के विद्यमान नियमों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी।

(तीन) (क) समारोह हेतु बार लाइसेंस

प्रपत्र “ख” में आनलाइन आवेदन किया जायेगा, जिसके साथ अप्रतिदेय आवेदन फीस संलग्न होगी।

(ख) वैयक्तिक होम लाइसेंस प्रपत्र “ग” में आनलाइन आवेदन सम्बन्धित जिला के जिलाधिकारी, जहाँ आवेदक और उसके परिवार के सदस्य निवास कर रहे हों, को दिया जायेगा, जिसके साथ निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न होंगे:-

(एक) दो नवीनतम पासपोर्ट साइज की फोटो।

(दो) पैन कार्ड व आधार कार्ड की स्व-प्रमाणित प्रति।

(तीन) पते के साक्ष्य हेतु आवेदक व उसके पारिवारिक सदस्यों द्वारा आवासिक प्रयोजन हेतु प्रयुक्त किये जा रहे प्रस्तावित परिसर, भवन, घर या फ्लैट की प्रति।

(चार) प्रस्तावित परिसर, भवन, घर या फ्लैट के स्वामित्व या किराया करार के साक्ष्य की प्रति।

(पाँच) प्रपत्र पी0एच0-2 में परिवार के वयस्क सदस्यों (यदि कोई हो) के इस आशय का शपथ-पत्र कि वे प्रस्तावित परिसर में आवेदक के साथ रहते/रहती हैं और उन्हें आवेदक के पक्ष में वैयक्तिक होम लाइसेंस स्वीकृत किये जाने में कोई आपत्ति नहीं है।

(छः) फार्म पी0एच0-3 में आवेदक/आवेदिका का इस आशय का शपथ-पत्र कि प्रस्तावित परिसर में रहने वाला वह एवं उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है तथा न ही संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम 1910 या स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी अधिनियम 1985 के अधीन परिवार के किसी सदस्य के विरुद्ध कोई मामला विचाराधीन है और न ही कोई आपराधिक मुकदमे में भारत के किसी न्यायालय द्वारा दोषी ठहराये गये हैं। वह किसी अनधिकृत व्यक्ति और अवयस्क को अनुज्ञप्त परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं देगा/देगी एवं न ही अनुज्ञप्त परिसर में निर्धारित सीमा में उत्तर प्रदेश में बिक्री योग्य भारत निर्मित विदेशी मदिरा एवं आयातित मदिरा के सिवाय किसी प्रकार की अवैध/गैर कानूनी मदिरा या मादक पदार्थ नहीं रखेगा/रखेगी।

(सात) जनपद के कलेक्टर/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित जनपद के पुलिस कमिश्नर द्वारा नामित पुलिस अधिकारी द्वारा जारी चरित्र प्रमाण-पत्र की प्रति।

(चार) आवेदक को पब्लिक नोटरी द्वारा सम्यक् रूप से सत्यापित एक शपथ-पत्र प्रस्तुत करना होगा:-

(क) कि वह होटल/रेस्तरां/क्लब का स्वामी या पट्टेदार है अथवा उसके पास समय-समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या और स्थिति नियमावली 1968 (यथासंशोधित) के उपबन्धों के अनुसार परिसर स्वामी का पट्टा विलेख या सहमति पत्र हो;

(ख) कि उसका और उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है और वे संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 अथवा स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 अधीन दण्डनीय किसी अपराध अथवा किसी अन्य संज्ञेय और अजमानतीय अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराये गये हैं;

(ग) कि उसे जिस जिले का वह निवासी हो, उस जिला के जिला कलेक्टर या पुलिस अधीक्षक / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरी के पुलिस आयुक्त द्वारा नामित एक अधिकारी, जो सहायक पुलिस आयुक्त की पंक्ति से नीचे का न हो, द्वारा जारी चरित्र प्रमाण-पत्र यह दर्शाते हुये प्रस्तुत करना होगा कि कि उसका और उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि या आपराधिक अभिलेख नहीं है, आवेदक के भागीदारी फर्म/कम्पनी होने की स्थिति में, फर्म के प्रत्येक भागीदार/कम्पनी के निदेशक या प्रबन्धक या प्रबन्ध अभिकर्ता या प्रबन्ध निदेशक के पास जिस जिले का वह निवासी हो, उस जिले के जिला कलेक्टर या पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरी के पुलिस आयुक्त द्वारा नामित एक अधिकारी जो सहायक पुलिस आयुक्त की पंक्ति से नीचे का न हो, द्वारा जारी चरित्र प्रमाण-पत्र यह दर्शाते हुए हो कि उसका और उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि या आपराधिक रिकार्ड नहीं है;

(घ) कि वह ऐसे विक्रेता या प्रतिनिधि को नियोजित नहीं करेगा जिसकी आपराधिक पृष्ठभूमि हो अथवा जो संक्रामक रोग से ग्रसित हो अथवा जो 21 वर्ष की आयु से कम हो अथवा कोई महिला हो;

(ङ) कि उसके पास कोई लोक या सरकारी बकाया न हो;

(च) कि वह ऋणशोधक्षम हो और उसके पास आवश्यक निधियाँ हों अथवा कारबार संचालित करने के लिए आवश्यक निधियों की व्यवस्था किया हो, जिसका विवरण लाइसेंस प्राधिकारी को अपेक्षित होने पर उपलब्ध कराया जायेगा;

(छ) कि वह न तो कोई मदिरा बोतल भराई लाइसेंस धारक और न ही अल्कोहल उत्पादनकर्ता/विनिर्माणकर्ता हो;

(ज) कि वह बार काउंसिल में रजिस्ट्रीकृत कोई अधिवक्ता या कम्पनी सचिव या चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट न हो। यदि वह लाइसेंस प्राप्त करने के पश्चात उपरोक्त में से किसी रूप में पाया जाता है, तो लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा;

(झ) कि वह सरकारी सेवक नहीं है। सरकारी सेवक पाये जाने की स्थिति में उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा;

(ञ) कि उसके अधिष्ठान का परिसर राष्ट्रीय/राज्य राजमार्ग के बफर परिक्षेत्र/प्रतिषिद्ध परिक्षेत्र के अधिकार क्षेत्र के भीतर न आता हो;

(ट) कि उसके पास यान पार्किंग के लिए समुचित और पर्याप्त स्थान हो और यातायात में व्यवधान उत्पन्न न हो तथा व्यवधान पाये जाने की स्थिति में उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा;

(ठ) कि उसे रेस्तरां/होटल परिसर में अग्निशमन सुरक्षा की समुचित व्यवस्था के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा:

परन्तु यह कि समारोह बार लाइसेंस होने की स्थिति में ऊपर उल्लिखित शपथ-पत्र अपेक्षित नहीं होगा।

नियम-8. जिला स्तरीय बार समिति

[द्वितीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

जिला आबकारी अधिकारी द्वारा जिला स्तरीय बार समिति को सन्दर्भित बार लाइसेंसों के लिए आवेदनों का परीक्षण निम्नलिखित रूप में गठित जिला स्तरीय बार समिति करेगी और वह नियम-7 में निर्धारित प्रतिमानों पर विचार करने के पश्चात आबकारी आयुक्त को संस्तुति देगी:-

क्रमांक अधिकारी का नाम पदनाम
1 सम्बन्धित जिला का जिला कलेक्टर अध्यक्ष
2 सम्बन्धित जिला का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक अथवा सम्बन्धित पुलिस आयुक्तालय के पुलिस आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट सहायक पुलिस आयुक्त की श्रेणी से अनिम्न कोई अधिकारी सदस्य
3 सम्बन्धित मण्डल का उप आबकारी आयुक्त सदस्य

(क) समिति, जैसा कि वह आवश्यक समझे, लाइसेंस स्वीकृत करने की संस्तुति करने के पूर्व परिसर का निरीक्षण कर सकती है;

(ख) समिति को संस्तुति लिखित रूप में अस्वीकृत करने का कारण अभिलिखित करना होगा;

(ग) समिति के विनिश्चय से क्षुब्ध कोई आवेदक मण्डलायुक्त के समक्ष अपील दाखिल कर सकता है:

नियम-9. लाइसेंस स्वीकृत किये जाने की प्रक्रिया

[प्रथम संशोधन 2022 द्वारा प्रतिस्थापित] 

(1) होटल/रेस्तरां/क्लब बार/एयरपोर्ट बार लाइसेंस

(क) किसी लाइसेंस के लिए पात्र और बार लाइसेंस प्राप्त करने के लिए इच्छुक किसी व्यक्ति/फर्म/कम्पनी को विहित फीस सहित विहित प्रपत्र “क” में जिला आबकारी अधिकारी को आनलाइन आवेदन करना होगा।

(ख) जिला आबकारी अधिकारी ऐसी जाँच, जैसा कि वह आवश्यक समझे, करने के पश्चात आवेदक की वास्तविकता को अभिनिश्चित करेगा और आवेदन में प्रस्तुत विवरणों का सत्यापन करेगा तथा बार स्थापित करने के लिए परिसर की उपयुक्तता का भी परीक्षण करेगा और तद्पश्चात् अपनी रिपोर्ट सहित उक्त मामला जिला स्तरीय बार समिति को सन्दर्भित कर देगा।

(ग) जिला स्तरीय बार समिति द्वारा की गई संस्तुति को जिला कलेक्टर द्वारा आवेदक को लाइसेंस स्वीकृत करने के लिए आबकारी आयुक्त को अग्रसारित कर दी जायेगी।

(घ) आबकारी आयुक्त, आवश्यकताओं तथा अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए, जैसा वह उचित समझे, और सरकार के निर्देशों, जैसा कि इस सम्बन्ध में समय-समय पर जारी किये जायें, के अध्यधीन बार लाइसेंस की स्वीकृति प्रदान कर सकता है।

(2) समारोह बार लाइसेंस

(क) समारोह बार लाइसेंस प्राप्त करने हेतु किसी व्यक्ति या अधिष्ठान विहित फीस सहित विहित प्रपत्र “ख” में जिला आबकारी अधिकारी को आनलाइन आवेदन करेगा।

(ख) जिला आबकारी अधिकारी आवेदक की वास्तविकता अभिनिश्चित करने और आवेदन में प्रस्तुत विवरणों का सत्यापन करने तथा परिसर की उपयुक्तता का परीक्षण भी करने के लिये ऐसी जाँच, जैसा कि वह आवश्यक समझे, करने के पश्चात उक्त आवेदन अपनी रिपोर्ट के साथ जिला कलेक्टर को अग्रसारित कर देगा।

(ग) जिला कलेक्टर आवश्यकताओं और कारकों को ध्यान में रखते हुए, जैसा वह उचित समझे, और आबकारी आयुक्त तथा राज्य सरकार के निर्देशों, जैसा कि इस सम्बन्ध में समय-समय पर जारी किये जायें, के अधीन प्रपत्र एफ0एल0-11 में बार लाइसेंस स्वीकृत कर सकता है।

(3) एफ0एल0-8 लाइसेंस

(क) किसी लाइसेंस के लिए पात्र और एफ0एल0-8 लाइसेंस प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति/फर्म/कम्पनी विहित फीस के साथ आबकारी आयुक्त को आवेदन करेगा।

(ख) जिला आबकारी अधिकारी आवेदक की वास्तविकता अभिनिश्चित करने और आवेदन में उपलब्ध कराये गये विवरणों को सत्यापित करने तथा परिसर की उपयुक्तता का परीक्षण भी करने के लिये ऐसी जाँच, जैसा कि वह आवश्यक समझे, करने के पश्चात उक्त आवेदन अपनी रिपोर्ट के साथ जिला कलेक्टर के माध्यम से आबकारी आयुक्त को अग्रसारित कर देगा।

(ग) आबकारी आयुक्त आवश्यकताओं और अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए, जैसा वह उचित समझे, और सरकार के निर्देशों, जैसा कि इस सम्बन्ध में समय-समय पर जारी किये जायें, के अधीन बार लाइसेंस की स्वीकृति प्रदान कर सकता है।

(4) वैयक्तिक होम लाइसेंस (पी.एच.-1)

लाइसेंस के लिए पात्र और पी.एच.-1  लाइसेंस प्राप्त करने का इच्छुक व्यक्ति जिला कलेक्टर को आनलाइन आवेदन करेगा।

जिला आबकारी अधिकारी आवेदक की वास्तविकता अभिनिश्चित करने एवं आवेदन में उपलब्ध कराये गये विवरणों को सत्यापित करने तथा वैयक्तिक होम लाइसेंस परिसर की उपयुक्तता का परीक्षण भी करने के लिये ऐसी जाँच, जैसा कि वह आवश्यक समझे, करने के पश्चात उक्त आवेदन अपनी आख्या के साथ जिला कलेक्टर को प्रेषित करेगा।

जिला कलेक्टर आवश्यकताओं एवं अन्य कारकों को ध्यान में रखते हुए, जैसा वह उचित समझे, और आबकारी आयुक्त तथा राज्य सरकार के निर्देशों, जैसा कि इस सम्बन्ध में समय-समय पर जारी किये जायें, के अधीन लाइसेंस स्वीकृत कर सकता है।

जिला कलेक्टर के अनुमोदनोंपरान्त आवेदक लाइसेंस फीस आनलाइन जमा करेगा और प्रतिभूति धनराशि की एफ0डी0आर0 प्रति पोर्टल पर अपलोड करेगा। सम्बन्धित जिला का जिला आबकारी अधिकारी अपने कार्यालय में मूल एफ0डी0आर0 जमा होने पर पी.एच.-1 प्रपत्र में वैयक्तिक होम लाइसेंस अपने डिजिटल हस्ताक्षर से जारी करेगा।

लाइसेंसधारी से प्रत्येक छः माह पश्चात् एक घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वह अपने अनुज्ञप्त परिसर में विहित सीमा से अधिक मदिरा का भण्डारण नहीं कर रहा है।

पी.एच.-1 लाइसेंस के परिसर का निरीक्षण केवल आबकारी आयुक्त की अनुमति से किया जायेगा।

नियम-10. लाइसेंस फीस का भुगतान

[मूल 2020]

लाइसेंस स्वीकृत किये जाने की सूचना प्राप्त किये जाने के सात दिन के अन्तर्गत आवेदक को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर विहित लाइसेंस फीस का भुगतान करना होगा । पन्द्रह कार्यदिवस के अन्तर्गत सावधि जमा रसीद या ई-भुगतान के माध्यम से प्रतिभूति धनराशि जमा की जायेगी। तथापि यदि आबकारी वर्ष प्रारंभ होने के पश्चात् कोई लाईसेंस स्वीकृत किया जाता है तो आबकारी वर्ष के बचे हुए त्रैमास की संख्या के लिए त्रैमास को सम्मिलित करते हुए जिसमें लाइसेंस स्वीकृत किया गया है, लाइसेंस फीस प्रभारित किया जायेगा। त्रैमासिक लाइसेंस फीस आबकारी वर्ष के लिए अवधारित वार्षिक लाइसेंस फीस के अनुपात में होगी।

नियम-11. बार लाइसेंस जारी किया जाना

[मूल 2020]

आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित किये जाने पर संबंधित जिला आबकारी अधिकारी स्वयं का समाधान करने के पश्चात कि लाइसेंस फीस और प्रतिभूति जमा कर दी गई है यह सुनिश्चित करने के पश्चात् कि रेस्त्रां चालू स्थिति मे है, अपनी रिपोर्ट क्लेक्टर को प्रस्तुत करेगा जो अपने हस्ताक्षर और कार्यालय मुहर से लाइसेंस जारी करेगा।

नियम-12. आवेदक के दोष पर स्वीकृत लाइसेंस का रद्द किया जाना

[मूल 2020]

(1) जहां कोई व्यक्ति, जिसके पक्ष में लाइसेंस स्वीकृत किया गया हो, लाइसेंस प्राप्ति की निर्धारित अवधि के भीतर इस नियमावली के अधीन यथा विहित लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि जमा नहीं करता है वहाँ लाइसेंस प्राधिकारी की संस्तुति प्राप्त करने पर आबकारी आयुक्त, लाइसेंस स्वीकृति हेतु उसके पक्ष में जारी स्वीकृति को रद्द कर सकता है और उसके द्वारा जमा की गयी आवेदन फीस और प्रसंस्करण फीस समपहृत कर लेगा ।

(2) जहां आबकारी आयुक्त के संज्ञान में यह लाया गया हो:-

(क) कि आवेदक नियमावली के अधीन उल्लिखित किसी अनहर्ता से पीड़ित है;

(ख) कि आवेदक द्वारा सारभूत तथ्यों को छिपाकर लाइसेंस प्रदान किये जाने की स्वीकृति कपटपूर्ण तरीके से प्राप्त की गई है, आबकारी आयुक्त आवेदक को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात लाइसेंस प्रदान किये जाने हेतु जारी स्वीकृति को रद्द कर देगा और उसके द्वारा संदत्त फीस और प्रतिभूति धनराशि को समपहृत कर लेगा;

(ग) कि लाइसेंस की शर्तों और आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर जारी निदेशों का उल्लंघन किया गया है।

नियम-13. आवेदन अस्वीकृत करने की शक्तियां

[मूल 2020]

इस नियमावली में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी आबकारी आयुक्त कोई आवेदन अस्वीकृत करने के लिए सक्षम होगा।

नियम-14. अपीलें और पुनरीक्षण

[मूल 2020]

(1) जिला स्तरीय बार समिति द्वारा कृत कोई विनिश्चय मण्डलायुक्त को अपील योग्य होगा:

परन्तु यह कि इस नियमावली के अधीन कोई अपील तब तक ग्रहण नहीं की जायेगी, जब तक कि उक्त अपील ऐसे विनिश्चय को संसूचित किये जाने के दिनांक से तीस दिन के भीतर क्षुब्ध आवेदक द्वारा नहीं की जाती है।

(2) नियम 9 (एक) (घ) तथा (तीन) (ग) के अधीन आबकारी आयुक्त द्वारा कृत किसी आदेश द्वारा अथवा नियम 14 (एक) के अधीन मण्डलायुक्त द्वारा कृत आदेश द्वारा क्षुब्ध कोई आवेदक, उक्त आदेश पुनरीक्षित किये जाने के लिए राज्य सरकार को आवेदन कर सकता है।

( 3 ) राज्य सरकार या तो स्वप्रेरणा से या किसी क्षुब्ध आवेदक द्वारा आवेदन किये जाने पर ऐसे किन्हीं आदेशों की शुद्धता, विधिमान्यता या उपयुक्तता के सम्बन्ध में अथवा ऐसी कार्यवाहियों की विनियमितता के सम्बन्ध में स्वयं का समाधान करने के प्रयोजनार्थ इस नियम के अधीन किन्हीं कार्यवाहियों में पारित किसी आदेश से सम्बधित अभिलेखों की माँग कर सकती है तथा उनका परीक्षण कर सकती है और यदि किसी मामले में राज्य सरकार को यह प्रतीत हो कि ऐसे आदेश या कार्यवाहियों को पुनर्विचार हेतु उपांतरित, रद्द, पुनरीक्षित या विप्रेषित की जानी चाहिये तो वह तद्नुसार आदेश दे सकती है:

परन्तु यह कि किसी पक्षकार को प्रतिकूल रूप में प्रभावित करने वाला कोई आदेश इस नियम के अधीन तब तक पारित नहीं किया जायेगा जब तक कि उसे प्रत्यावेदन करने का युक्तियुक्त अवसर न दे दिया जाये:

परन्तु यह और कि इस नियम के अधीन कोई आवेदन तब तक ग्रहण नहीं किया जायेगा जब तक कि यह आबकारी आयुक्त के आदेश के दिनांक से तीस दिन के भीतर प्रस्तुत न किया जाये।

नियम-15. लाइसेंस का नवीकरण

[प्रथम संशोधन 2022 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) विद्यमान नियमावली के अधीन स्वीकृत किया गया कोई लाइसेंस प्रत्येक वर्ष 31 मार्च के पश्चात समाप्त हो जायेगा:

परन्तु यह कि यदि उपरोक्त लाइसेंस के संचालन के सम्बन्ध में प्रतिकूल तथ्य प्रकट होते हैं, तब नवीकरण के सम्बन्ध में आबकारी आयुक्त द्वारा कृत विनिश्चय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।

(2) इस नियमावली के अधीन लाइसेंस धारण करने वाला और उसका नवीकरण कराना चाहने वाला कोई व्यक्ति विद्यमान नियमावली के अनुसार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के एक माह पूर्व आवेदन करेगा और उक्त आवेदन के साथ समय-समय पर राज्य सरकार के परामर्श से आबकारी आयुक्त द्वारा यथानिर्धारित इस नियमावली के अधीन संदेय लाइसेंस फीस संलग्न होगी।

(3) लाइसेंसधारी एक विहित शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के अधीन कि लाइसेंस शर्तों या नियमों के उल्लंघन के लिए उसके खिलाफ कोई मामले लंबित नहीं हैं, अपने लाइसेंस के नवीकरण के लिए पात्र होगा।

(4) विहित लाइसेंस शुल्क और सुरक्षा धनराशि में भिन्नता यदि कोई हो, के साथ लाइसेंसधारी द्वारा आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाने पर 31 मार्च से पूर्व प्रपत्र-पी.एच.-1 में लाइसेंस अगले वर्ष के लिए नवीकृत किया जा सकता है।

नियम-16. समस्त लाइसेंसधारियों द्वारा अनुरक्षित किये जाने वाले लेखा

[मूल 2020]

(1) प्रत्येक लाइसेंसधारी को अपने समस्त दैनिक मदिरा संव्यवहरणों का सही सही लेखा / रजिस्टर प्रपत्र एफ0एल0-25 में अनुरक्षित करना होगा। लाइसेंसधारी को जिला आबकारी अधिकारी द्वारा अधिप्रमाणित रजिस्टर का उपयोग सुनिश्चित करना होगा। उक्त रजिस्टर निम्नलिखित चार भागों में विभाजित होंगे:-

भाग- एक-अधिकारियों का उनके निरीक्षण परिणामों को अभिलिखित करने हेतु निरीक्षण करने के लिए।

भाग-दो- लाइसेंसधारी द्वारा समस्त स्टॉक प्राप्तियों को अभिलिखित करने के लिए प्रविष्टियाँ बिना परिवर्तन के उस दिनांक को की जानी चाहिए जिस दिनांक को आपूर्तियाँ की गई हो। प्रत्येक परेषण के लिए अलग पंक्ति बनायी जानी चाहिए और यदि परेषण में विभिन्न प्रकार की मदिरा सम्मिलित हो तो प्रत्येक प्रकार की मदिरा की भी पृथक पंक्ति बनाई जानी चाहिए ।

भाग – तीन दिन भर की कुल विक्रय को अभिलिखित करने के लिए प्रत्येक मद के विक्रय को पृथक-पृथक दर्शाया जाना चाहिए ।

भाग -चार – दिन भर में प्रत्येक प्रकार की कुल मदिरा की प्राप्ति और कुल विक्रय को अभिलिखित करने के लिए मदिरा प्राप्ति की संख्या भाग-दो से प्राप्त की जायेगी और विक्रय संख्या भाग-तीन में दिन भर की दर्शायी गयी दिन भर की बिक्री की प्रविष्टियों के योग से प्राप्त किया जायेगा ।

(2) लेखा रजिस्टर आनलाइन अपलोड किया जायेगा और जब कभी सक्षम निरीक्षणकर्ता प्राधिकारी द्वारा मांगा जायेगा, प्रस्तुत किया जायेगा, लाइसेंसधारी को विक्रय-लेखा आदि प्रस्तुत करना होगा और निरीक्षणकर्ता प्राधिकारी द्वारा अपेक्षा किये जाने पर सामग्री दस्तावेज तथा एफ0एल0-36 पास उपलब्ध कराना होगा ।

(3) उसे ऐसी अन्य विवरणियाँ भी अनुरक्षित करनी होगी जैसा कि आबकारी आयुक्त द्वारा विहित किया जाये।

(4) किसी समारोह बार लाइसेंस धारण करने वाले व्यक्ति को लाइसेंस एफ0एल0 – 11 में विहित प्रपत्र में अपने समस्त दैनिक मदिरा संव्यवहरणों की सही-सही लेखा अनुरिक्षत करना होगा।

नियम-17. किसी लाइसेंसधारी (लाइसेंसधारियों) की मृत्यु होने पर

[मूल 2020]

यदि कोई बार लाइसेंस किसी व्यक्ति द्वारा धारित हो अथवा दो या उससे किसी लाइसेंसधारी अधिक भागीदारों द्वारा संयुक्त रूप से धारित हो तो लाइसेंसधारी या किसी एक भागीदार की (लाइसेंसधारियों) की मृत्यु होने पर मृत्यु होने की स्थिति में आबकारी आयुक्त को किये गये आवेदन के आधार पर लाइसेंस का नामांतरण, पात्रता की शर्तों को पूरा किये जाने के अध्यधीन मृतक के विधिक उत्तराधिकारी (उत्तराधिकारियों) सहित उत्तरजीवी व्यक्तियों के नाम से किया जा सकता है। परन्तु यह कि वे लाइसेंस नामान्तरण हेतु किये गये आवेदन पर विचार किये जाने के पश्चात अन्यथा अपात्र न पाये जायें। संयुक्त रूप से और गम्भीर रूप से उत्तरदायी भागीदारों की विधिक देनदारियों के मध्य कोई विभेद नही किया जायेगा ।

नियम-18. होटल तथा रेस्तरां का क्रय-विक्रय

[मूल 2020]

यदि होटल तथा रेस्तरां का क्रय-विक्रय करने के सम्बन्ध में अथवा उसके प्रबंधन तथा स्वामित्व में आबकारी आयुक्त को कोई आवेदन किया जाता है तो पात्रता शर्तों को पूरा करने के अध्यधीन लाइसेंस नये स्वामी/ प्रबंधक के नाम से नामांतरित किया जा सकता है। केवल प्रविष्टि को अक्षत रखकर नाम परिवर्तन किया जाना लाइसेंस अन्तरण की कोटि में नहीं आयेगा। ऐसे मामलों में आबकारी आयुक्त, दस हजार रूपये का संदाय किये जाने के अध्यधीन व्यापारिक नाम में परिवर्तन करने की अनुज्ञा दे सकता है।

नियम-19. लाइसेंसधारी, किसी व्यक्ति को अपना भागीदार होने या न होने की घोषणा नहीं कर सकता है

[मूल 2020]

आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुज्ञा के बिना कोई लाइसेंसधारी जब तक कारबार की भागीदारी प्रकृति में परिवर्तन नही होता है तब तक किसी अन्य व्यक्ति, जो नियमावली के अधीन अपात्र न हो, को अपने कारबार में भागीदारी के रूप में सम्मिलित नहीं करायेगा अथवा किसी विद्यमान भागीदार को बाहर नहीं करायेगाः

परन्तु यह कि आबकारी आयुक्त, ऐसी जाँच, जिसे वह उचित समझे करने के पश्चात 10 प्रतिशत वार्षिक लाइसेंस फीस का भुगतान किये जाने पर लाइसेंसधारी को उसके अनुरोध पर तब तक किसी व्यक्ति (व्यक्तियों) को भागीदार (भागीदारों) के रूप में सम्मिलित करने अथवा किसी विद्यमान भागीदार (भागीदारों) को बाहर करने की अनुज्ञा प्रदान कर सकता है, जब तक कारबार की भागीदारी प्रकृति में कोई परिवर्तन नहीं होता है :

परन्तु यह और कि जहां भागीदारी में कोई विघटन हो वहाँ उसकी सूचना आबकारी आयुक्त को दी जायेगी।

नियम-20. एक परिसर से दूसरे परिसर के लिए बार लाइसेंस का परिवर्तन किया जाना

[मूल 2020]

आबकारी आयुक्त द्वारा एक अवस्थिति से दूसरी अवस्थिति में लाइसेंस अवधि के दौरान लाइसेंस प्राप्त परिसर में परिवर्तन किए जाने की अनुज्ञा जिला स्तरीय बार समिति की इस संस्तुति के अध्यधीन 10 प्रतिशत वार्षिक लाइसेंस फीस का संदाय किये जाने पर प्रदान की जा सकती है कि नया परिसर नियमावली के अधीन निर्धारित शर्तों के अनुरूप हो ।

नियम-21. बार का जियो टैगिंग किया जाना

[मूल 2020]

बार की अवस्थिति सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से प्रत्येक होटल/रेस्तरां/क्लब जियो टैग किया जायेगा।

नियम-22. नियम का अध्यारोही प्रवाह

[मूल 2020]

यदि उत्तर प्रदेश आबकारी ( बार लाइसेंसों की स्वीकृति) नियमावली 2020 और अधिसूचना संख्या-36 / दो – 619-ख, दिनांक 2 अप्रैल, 1968 द्वारा प्रकाशित उत्तर प्रदेश अधिभार फीस लाइसेंस पद्धति नियमावली, 1968 और अधिसूचना संख्या 9473 / तेरह -2-213 दिनांक 25 मार्च, 1926 द्वारा प्रकाशित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 ( समय – समय पर यथा संशोधित) के अधीन बनायी गयी विकृत स्प्रिंट से भिन्न विदेशी मदिरा फुटकर विक्रय नियमावली और साथ ही साथ अधिसूचना संख्या 6144 – ई / तेरह -637-77 दिनांक 10 नवम्बर, 1980 द्वारा प्रकाशित उत्तर प्रदेश क्लब (विदेशी मदिरा परमिट अधिकार) नियमावली, 1980 के उपबंधों के मध्य कोई विवाद हो तो उत्तर प्रदेश आबकारी (बार लाइसेंसों की स्वीकृति) नियमावली, 2020 अभिभावी होगी ।

नियम-23. इस नियमावली के प्रारम्भ होने के पूर्व जारी बार लाइसेंसों की प्रास्थिति

[प्रथम संशोधन 2022 द्वारा प्रतिस्थापित]

इस नियमावली के प्रारम्भ होंने के पूर्व जारी बार लाइसेंसों की प्रास्थिति-

(एक) संयुक्त प्रान्त ‘आबकारी अधिनियम, 1910 अथवा तद्धीन बनायी गयी नियमावली के अधीन अथवा इस नियमावली के प्रारम्भ होने के पूर्व किसी सहवर्ती विधि के अधीन वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिए किसी होटल / रेस्तरां या क्लब को विदेशी या भारत निर्मित विदेशी मदिरा का फुटकर विक्रय करने के लिए जारी किया गया कोई बार लाइसेंस तब तक विधि मान्य रहेगा और जारी रहेगा, जब तक कि उत्तर प्रदेश आबकारी ( बार लाइसेंसों की स्वीकृति ) नियमावली- 2020 गजट में प्रकाशित नहीं कर दी जाती है:-

परन्तु यह और कि इन नियमों के शुरू होने से पूर्व विद्यमान सभी बार लाइसेंस नवीकरण के लिए अधिकृत होंगे।

(दो) पूर्ववर्ती नियमावली के अधीन स्वीकृत किये गये समस्त बीयर बार लाइसेंस निम्नलिखित रीति से हुये माने जायंगे;

(क) होटल बीयर बार लाइसेंस एफ0एल0-7बी, प्रपत्र एफ0एल0-6 बार लाइसेंस के रूप में नामांतरित समझा जायेगा;

(ख) रेस्तरां बीयर बार लाइसेंस एफ0एल0-7ख, प्रपत्र एफ0एल0-7 रेस्तरां बार लाइसेंस के रूप में नामांतरित समझा जायेगा।

नियम-24. कारबार की अवधि

[द्वितीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

लाइसेंसधारी पूर्वान्ह 10:00 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक अपना कारबार करेगा : परन्तु यह कि आबकारी -आयुक्त सरकार की स्वीकृति से लाइसेंस अवधि के दौरान कारबार की अवधि में कोई परिवर्तन कर सकता है और लाइसेंसधारी को तद्नुसार ऐसे परिवर्तित समय का अनुपालन करना होगा।

“समारोह बार लाइसेंस की कालावधि आवेदक द्वारा विनिश्चित करते हुये आवेदन पत्र में इसे अंकित किया जायेगा परन्तु यह कालावधि अधिकतम केवल 12 घंटे ही होगी और केवल रात्रि 12 बजे तक ही होगी । “

राज्य में यात्रा के दौरान जिला प्रशासन द्वारा अधिरोपित शर्तों के अध्यधीन एफ. एल. – 8 लाइसेंसों में मदिरा परोसने का समय स्वीकृत किया जायेगाः

परन्तु यह और कि किसी भौगोलिक अवस्थिति के अन्तर्गत किसी श्रेणी के लाइसेंस की मदिरा परोसने और उसका उपभोग करने के समय में वृद्धि, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से आबकारी आयुक्त द्वारा यथा निर्धारित अतिरिक्त वार्षिक लाइसेंस फीस का संदाय किये जाने पर की जा सकती है।

नियम-25. शुष्क दिवस

[मूल 2020]

लाइसेंस प्राप्त परिसर निम्नलिखित दिवसों में बंद रहेगा और कोई कारबार नही किया जायेगा, जिन्हें शुष्क दिवस के रूप में घोषित किया गया है;

(क) 26 जनवरी गणतंत्र दिवस

(ख) 14 अप्रैल, अम्बेडकर जयन्ती

(ग) 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस

(घ) 2 अक्टूबर गांधी जयंती और

(ङ) लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बन्दी के लिए यथा अधिसूचित 03 और दिवस ।

लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के उपबन्धों के अधीन कानून और व्यवस्था अथवा सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रिया-कलापों के कारण भी बार बंद करने के लिये आदेश दे सकता है:

परन्तु यह कि लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त परिसर को बन्द करने के लिये किसी प्रकार के प्रतिकर, जो भी हो, के लिये हकदार नही होगा।

नियम-26. वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर अविक्रीत / अवशिष्ट स्टाक का निस्तारण

[मूल 2020]

वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर अवशिष्ट और अविक्रित पाया गया विदेशी मदिरा के अधिशेष स्टाक की घोषणा लाइसेंसधारी द्वारा वित्तीय वर्ष की समाप्ति के अगले दिन लाइसेंस प्राधिकारी के समक्ष की जायेगी। इस सम्बन्ध में ऐसे स्टाक का निस्तारण, आबकारी आयुक्त के निदेशों के अनुसार किया जायेगा।

नियम-27. लाइसेंस रद्द किये जाने या उसका नवीकरण न किये जाने या उसका अभ्यर्पण किये जाने पर स्टाक का निस्तारण

[मूल 2020]

यदि लाइसेंस अवधि के दौरान लाइसेंस रद्द कर दिया जाता है या उसे अभ्यर्पित कर दिया जाता है या उसकी समाप्ति पर उसका नवीकरण नहीं किया जाता है, तो लाइसेंसधारी को तत्काल लाइसेंस प्राप्त परिसर में अधिशेष में रखे गये विदेशी मदिरा के स्टाक के सम्बन्ध में लाइसेंस प्राधिकारी को सूचित करना होगा और आबकारी आयुक्त द्वारा दिये गये निदेशों के अधीन ही अधिशेष स्टाक का निस्तारण करना होगा।

नियम-28. विशेष फीस अधिरोपित किया जाना

[द्वितीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

राज्य सरकार द्वारा समय समय पर यथाविहित दर पर विदेशी मदिरा के प्रत्येक बोतल के उपभोग पर विशेष फीस उद्ग्रहणीय होगी। लाइसेंस धारक को समस्त फीस अग्रिम में जमा करनी होगी। एफएल0-2, एफ0एल0 – 2ख एवं बी.आई. ओ. – 1 / बी. आई. ओ. – 1क के थोक लाइसेंसधारी द्वारा जारी एफ0एल0 – 36 पासों में संदत विशेष फीस की धनराशि का उल्लेख होगा।

नियम-29. विदेशी मदिरा कतिपय व्यक्तियो को प्रदत्त या बिक्रीत नहीं की जायेगी

[मूल 2020]

निम्नलिखित व्यक्तियों को कोई विदेशी मदिरा बिक्रीत या प्रदत्त नहीं की जायेगी, अर्थात्ः

(क) उन्मत्त व्यक्ति;

(ख) उन्मत्तता की स्थिति में होने या माने जाने वाले व्यक्ति;

(ग) ऐसे व्यक्ति जिनके सम्बन्ध में यह ज्ञात होता है या शंका व्यक्त की जाती है कि वे राजद्रोह, विद्रोह, शान्ति भंग या इसी तरह के लोकशांति और प्रशान्ति के प्रति चुनौती देने वाले अपराध करने में सहभागी हो सकते हैं;

(घ) 21 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति ।

नियम-30. केवल शुल्क संदत्त विदेशी मदिरा का बिक्रय

[द्वितीय संशोधन, 2024 द्वारा प्रतिस्थापित]

(1) लाइसेंसधारी ग्राहकों को केवल लाइसेंस परिसर के भीतर यथास्थिति सीलबन्द बोतलों में या पेग्स में उपभोग करने के लिये न की लाइसेंस परिसर के बाहर ले जाने के लिए केवल शुल्क संदत्त विदेशी मदिरा का विक्रय करेगा।

(2) लाइसेंसधारी विदेशी मदिरा का क्रय, एफ0एल0-2, एफ0एल0 2ख, बी.आई.ओ.-1/बी.आई.ओ.-1क के लाइसेंस धारक से अथवा आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत किसी लाइसेंसधारी से करेगा।

(3) लाइसेंसधारी किसी माइक्रो ब्रिवरी में विनिर्मित ड्राफ्ट बीयर का विक्रय करेगा जिसके लिए यह प्रपत्र एम. बी. 1 में विहितान्य लाइसेंस धारित करता हो।

(4) लाइसेंसधारी लाइसेंस प्राप्त परिसर में अनुज्ञात थोक विक्रेताओं /कस्टम बाण्ड धारक अथवा कस्टम बाण्ड में स्थान का आवंटन रखने वाली बी.आई.ओ.-1/बी.आई.ओ.-1क आयातक इकाई जिससे वह अधिनियम या नियमों, विनियमों या तदधीन कृत आदेशों के उपबंधों के अधीन क्रय करने, स्टॉक करने और विक्रय करने हेतु प्राधिकृत हो, से क्रय किये गये स्टाकों के सिवाय विदेशी मदिरा का स्टाक या विक्रय नहीं करेगा।

(5) लाइसेंसधारी, विदेशी मदिरा को लाइसेंस प्राप्त परिसर से भिन्न किसी अन्य स्थान पर स्टॉक नहीं करेगा। लाइसेंसधारी, लाइसेंस प्राप्त परिसर से बाहर या उसके समीप विदेशी मदिरा को अपाधिकृत रूप से रखे जाने के लिये उत्तरदायी होगा।

(6) लाइसेंसधारी, सुसंगत नियमों के अधीन जारी किये गये परिवहन पासों के माध्यम से लाइसेंस प्राप्त परिसर में विदेशी मदिरा का परिवहन करेगा।

(7) किसी बार में विदेशी मदिरा के प्रत्येक बोतल पर विनिर्माता का लेबल और सुरक्षा कोड के अतिरिक्त उसके ढक्कन पर आबकारी आयुक्त द्वारा विहित लेबल लगा होगा।

नियम-31. विदेशी मदिरा को मिश्रित न किया जाना

[मूल 2020]

(1) लाइसेंस प्राप्त परिसर में बिक्री के लिए प्रस्तावित या उसमें भण्डारित विदेशी मदिरा घटिया, विकृत, नकली या मिलावटी नहीं होगी और लाइसेंसधारी, भारत निर्मित विदेशी मदिरा और विदेशी मदिरा के साथ किसी रूप में छेड़छाड़ नहीं करेगा जिससे कि उसकी गुणवत्ता, तीव्रता, प्रकृति या मात्रा में परिवर्तन न हो सके।

(2) यदि किसी सक्षम निरीक्षण अधिकारी के निरीक्षण में कोई विदेशी मदिरा उपयोग हेतु अनुपयुक्त, घटिया, मिलावटी या नकली पायी जाती है अथवा जिसके सम्बन्ध में यह विश्वास किया जाता है कि कोई पदार्थ मिश्रित किया गया है जिसके कारण वह किसी प्रक्रिया या रीति से उपभोग हेतु अनुपयुक्त हो जाय, तो निरीक्षणकर्ता प्राधिकारी इसे विक्रीत किये जाने से रोक सकता है और उसे तत्काल जब्त कर सकता है और अधिनियम के उपबंधों के अनुसार अग्रतर आवश्यक कार्यवाही कर सकता है।

नियम-32. लाइसेंस प्राप्त परिसर में कतिपय कृत्यों को प्रतिषिद्ध किया जाना

[मूल 2020]

किसी प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत अनुज्ञा पत्र / लाइसेंस के होते हुये भी लाइसेंस प्राप्त परिसर के भीतर जुआ खेलना, नृत्य करना, अव्यवस्था या अश्लीलता सम्बन्धी अन्य कृत्य किया जाना सर्वथा प्रतिषिद्ध होगा ।

नियम-33. लाइसेंस का अभ्यर्पण

[मूल 2020]

लाइसेंसधारी, लाइसेंस प्राधिकारी को कम से कम एक माह की लिखित में नोटिस देकर अपना लाइसेंस अभ्यर्पित कर सकता है और ऐसी नोटिस प्राप्त किये जाने पर लाइसेंस प्राधिकारी, उसकी प्रतिभूति जमा से समस्त अवशिष्ट आबकारी देयों की वसूली करने की कार्यवाही करेगा और आबकारी आयुक्त का आदेश प्राप्त करने के पश्चात् अधिशेष धनराशि का प्रतिदाय करेगा।

नियम-34. अपनाये जाने वाले मानक उपाय

[मूल 2020]

लाइसेंसधारी, केवल मानक उपायों का ही उपयोग करेगा, जैसा कि समय-समय पर आबकारी आयुक्त द्वारा विहित किया जाये। उक्त उपाय बांट एवं माप विभाग द्वारा सम्यक रूप से मुद्रांकित होने चाहिये।

नियम-35. कतिपय व्यक्तियों को आश्रय दिया जाना प्रतिषिद्ध है

[मूल 2020]

ऐसे व्यक्ति, जो किसी अजमानतीय अपराध के लिये दोषसिद्ध ठहराये गये जाने जाते हों या माने जाते हों, जो वेश्या और आभ्यासिक अपराधी हों, को नियोजित नहीं किया जायेगा और न ही उन्हें लाइसेंस प्राप्त परिसर में एकत्रित होने या बने रहने की अनुज्ञा प्रदान की जायेगी, और यदि ऐसे व्यक्ति लाइसेंस प्राप्त परिसर में जाते हैं तो उक्त मामले की सूचना तत्काल लाइसेंसधारी द्वारा निकटतम पुलिस थाना को दी जायेगी ।

नियम-36. बार लाइसेंस से सम्बन्धित प्रशमनीय उल्लंघनों के मामले में नीचे यथा निर्धारित न्यूनतम प्रशमन फीस अधिरोपित किया जायेगा

[मूल 2020]

लाइसेंस प्राधिकारी, नीचे अनुसूची के स्तम्भ 3, 4 और 5 में विनिर्दिष्ट धनराशि के साथ स्तम्भ-2 में उल्लिखित अधिनियम के अधीन कृत तथा दण्डनीय अपराधों का प्रशमन कर सकता हैः-

क्रमांक अतिक्रमण के प्रकार प्रथम बार अपराध के लिए (रु० में) द्वितीय बार अपराध के लिए (रु० में) तृतीय बार अपराध के लिए (रु० में)
1 2 3 4 5
1 निर्धारित समय से पूर्व अथवा
पश्चात् बार का खुला पाया जाना।
2,500 3,000 5,000
2 अप्राधिकृत विक्रेता द्वारा मदिरा परोसते हुये पाया जाना। 5,000 7,000 10,000
3 बिक्री रजिस्टर और लेखा रजिस्टर को मॉगने पर न प्रस्तुत करना । 10,000 15,000 20,000
4 बिक्री एवं लेखा रजिस्टर अपूर्ण पाया जाना। 10,000 15,000 20,000
5 बोतलों और पौव्वों या उनके लेबल या बार कोड, पिल्फर
प्रूफ कैप या सील से बिगाड़
करना।
10,000 15,000 20,000
6 बार में बिक्री की वृद्धि हेतु ग्राहक को प्रलोभन देना, जैसे
नृत्य या जुआ का आयोजन
करना।
5,000 7,000 10,000
7 ड्यूटी पेड स्टाक को अप्राधिकृत परिसर में भण्डार
करना।
20,000 25,000 30,000
8 लेखानुसार मात्रा से अधिक
ड्यूटी पेड स्टाक का पाया
जाना।
25,000 30,000 50,000
9 बार में मद्य निषेध, दिवसों / बन्दी के दिनों में मदिरा की बिक्री करते हुए पाया जाना। 30,000 40,000 50,000
10 बिना अनुमति के बार परिसर में किसी प्रकार का परिवर्तन
करना।
20,000 25,000 30,000
11 बार परिसर के बाहर एवं अन्दर नियमानुसार साइन बोर्ड में आवश्यक सूचना प्रदर्शित न करना अथवा त्रुटिपूर्ण ढंग से प्रदर्शित करना 5,000 10,000 20,000
12 बार में साफ सफाई की समुचित व्यवस्था न पाया जाना। 2,000 5,000 10,000
13 यदि किसी एक लाइसेंसधारी को निर्गत की गयी मदिरा दूसरे बार लाइसेंस के परिसर में पायी जाती है। 25,000 50,000 लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्यवाही
14 बिक्री बढ़ाने की दृष्टि से ग्राहकों को उद्वेलित करने के लिए अवलम्ब लेते हुये पाये जाने पर, जैसे कि पीने की प्रतियोगिता। 25,000 50,000 लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्यवाही
15 अन्य कोई अनियमितता, जो क्रमांक-01 से 14 के अधीन उल्लिखित न हो। 2,000 5,000 10,000

नियम-37. लाइसेंस का निलम्बन एवं निरस्तीकरण

[मूल 2020]

 (1) लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंस का निलम्बन अथवा निरस्तीकरण कर सकता है:-

(क) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई ऐसी बोतल पायी जाती है, जिसका प्रतिफल फीस संदत नहीं किया गया है और जिस पर आबकारी विभाग द्वारा सम्यक रूप से अनुमोदित सुरक्षा कोड लगा नहीं पाया जाता है।

(ख) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर से किसी अन्य प्रकार की मदिरा अथवा मादक औषधि (जिस हेतु लाइसेंस स्वीकृत न किया गया हो) पायी जाती है अथवा किसी अन्य प्रकार का कारबार किया जाता है।

नियम-38. कठिनाईयों का निवारण

[मूल 2020]

यदि आवेदन या इनमें से किसी नियम के निर्वचन के सम्बन्ध में कोई संदेह या विवाद होता है, तो इस पर आबकारी आयुक्त का विनिश्चय अंतिम होगा।

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Uttar Pradesh Excise (Grant of Bar Licenses) Rules, 2020

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