- 1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ
- 2. परिभाषा
- 3. फुटकर बिक्री के लिए लाइसेंसों का व्यवस्थापन
- 4. फुटकर बिक्री की दुकानों की संख्या और अवस्थिति के अवधारण की शक्ति
- 5. लाइसेंस की अवधि
- 6. लाइसेंस की स्वीकृति
- 7. लाइसेंस स्वीकृति के लिए आवेदन
- 8. आवेदकों के लिए पात्रता की शर्तें
- 9. कम्पोजिट दुकानों के लाइसेंसधारी के चयन हेतु जिला स्तरीय समिति
- 10. लाइसेंसधारी का चयन
- 11. व्यवस्थापित दुकानों का विवरण
- 12. लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि का भुगतान
- 13. मदिरा एवं बीयर का उठान
- 14. अधिकतम फुटकर मूल्य
- 15. बिक्री के घन्टे और दुकानों की बन्दी
- 16. लाइसेंस की समाप्ति पर अतिशेष स्टॉक का निस्तारण
- 17. लाइसेंस का अभ्यर्पण
- 18. लाइसेंस का निलम्बन, निरस्तीकरण और प्रशमन
- 19. अन्तरिम व्यवस्थापन
- निबन्धन एवं शर्तें
यहाँ नियमावली केवल सुलभ सन्दर्भ हेतु प्रस्तुत की गई है, परन्तु आधिकारिक प्रयोग हेतु सरकारी गजट का ही प्रयोग किया जाये।
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1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ
(1) यह नियमावली उत्तर प्रदेश आबकारी कम्पोजिट दुकान (लाइसेंस व्यवस्थापन) नियमावली, 2025 कही जायेगी।
(2) यह दिनांक 1 अप्रैल, 2025 से प्रवृत्त होगी।
2. परिभाषा
जब तक विषय या संदर्भ से कोई बात प्रतिकूल न हो, इस नियमावली में,-
(क) “अधिनियम” का तात्पर्य समय-समय पर यथासंशोधित संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 से है;
(ख) “अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क” का तात्पर्य अधिकतम फुटकर मूल्य को दस रूपये के अगले गुणक तक पूर्णांकित किये जाने के फलस्वरूप प्राप्त अन्तर की धनराशि से है, जो आसवनी स्तर पर संदेय होगी तथा आसवनी द्वारा थोक आपूर्तिकर्ता से “पूर्व-आसवनी मूल्य” के अतिरिक्त तथा थोक लाइसेंसधारी द्वारा फुटकर लाइसेंसधारी से अधिकतम थोक मूल्य के अतिरिक्त वसूली योग्य होगी;
(ग) “बीयर” का तात्पर्य एल., स्टाउट, पोर्टर तथा माल्ट से बनी सभी अन्य किण्वित मदिरा से है जिसकी अल्कोहलिक तीव्रता 3 प्रतिशत वी/वी से 8 प्रतिशत वी/वी के मध्य हो;
(घ) “कम्पोजिट दुकान” का तात्पर्य उत्तर प्रदेश आबकारी कम्पोजिट दुकान (लाइसेंस व्यवस्थापन) नियमावली, 2025 के अधीन यथा परिभाषित एफ.एल.-5 घ ख में लाइसेंस प्राप्त दुकान से है;
(ङ) “प्रतिफल शुल्क” का तात्पर्य अधिनियम की धारा 30 के अधीन विदेशी मदिरा और वाइन पर राज्य सरकार द्वारा यथा विहित शुल्क से है, जो विदेशी मदिरा/बीयर/वाइन/एल.ए.बी. की आपूर्ति से पूर्व लाइसेंसधारी द्वारा सरकारी कोषागार में जमा की जाएगी;
(च) “दैनिक लाइसेंस फीस” का तात्पर्य सम्पूर्ण आबकारी वर्ष के लिए निर्धारित लाइसेंस फीस के 1/365वें भाग से है;
(छ) “आबकारी आयुक्त” का तात्पर्य अधिनियम की धारा 10(2)(क) के अधीन राज्य सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी से है;
(ज) “आबकारी वर्ष” का तात्पर्य 1 अप्रैल से प्रारम्भ होकर आगामी कलेण्डर वर्ष के 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष से है;
(झ) “परिवार” का तात्पर्य दम्पति (पति या पत्नी) आश्रित पुत्र/पुत्रों, अविवाहित -पुत्री/पुत्रियां और आश्रित माता-पिता से है और वे इसमें सम्मिलित है;
(ञ) “विदेशी मदिरा” का तात्पर्य भारत में आयात की गई स्प्रिट या वाइन या भारत में बनाई गई इस प्रकार परिष्कृत या रंजित स्प्रिट या वाइन, जिसमें कि वह सुगन्ध और रंग में भारत में आयातित मदिरा के सदृश मालूम हो, से है और उसमें माल्ट स्प्रिट, व्हिस्की, रम, ब्राण्डी, जिन, वोदका, वाइन, लिक्युअर्स और कम तीव्रता के मादक पेय सम्मिलित है;
(ट) “प्रपत्र” का तात्पर्य इस नियमावली में संलग्न प्रपत्र से है;
(ठ) “सरकार” का तात्पर्य उत्तर प्रदेश सरकार से है;
(ड) “अधिक्रम” का तात्पर्य ई-लाटरी प्रक्रिया के माध्यम से लाइसेंसधारी के चयन के लिये कम्प्यूटर आधारित यादृच्छिकीकरण प्रक्रिया के माध्यम से दुकान आवंटन के आधार हेतु तात्पर्यित कुल लाइसेंस फीस के अवरोही क्रम से है;
(ढ) “लाइसेंस प्राधिकारी” का तात्पर्य जिला कलेक्टर से है;
(ण) “लाइसेंस फीस” का तात्पर्य अधिनियम की धारा 24-क के अधीन विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं कम तीव्रता के मादक पेय की फुटकर बिक्री के संयुक्त एकान्तिक विशेषाधिकार के लिए लाइसेंस दिये जाने हेतु ऐसे प्रतिफल से है, जो लाइसेंसधारी द्वारा उसको लाइसेंस प्रदान किये जाने के पूर्व ऐसी दरों पर, जैसा कि समय-समय पर राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से आबकारी आयुक्त द्वारा नियत की जायें, भुगतान किया जाय और जिसमें विदेशी मदिरा हेतु लाइसेंस फीस तथा बीयर हेतु लाइसेंस फीस सम्मिलित है;
परन्तु यह कि यदि ऐसी दुकान का व्यवस्थापन/पुर्नव्यवस्थापन आबकारी वर्ष के मध्य सत्र में अवशेष अवधि के लिए किया जाता है, तो दुकान के लिए लाइसेंस फीस की देयताओं का निर्धारण आबकारी वर्ष की शेष अवधि के समानुपातिक किया जायेगा;
(त) कम तीव्रता के मादक पेय- का तात्पर्य कारबोनेट युक्त मादक पेय से है, जिसमें अल्कोहल की तीव्रता 10 प्रतिशत वी/वी तक हो, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ई.एन.ए.) से निर्मित किया गया हो और जो वासक या रंजक द्रब्य या दोनो या अन्य द्रव को मिलाकर परिष्कृत किया गया हो जिससे कि वह विशिष्ट स्वाद वाला हो जाय;
(थ) “न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व” का तात्पर्य आबकारी आयुक्त द्वारा जारी सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों के अनुसार लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा आबकारी वर्ष हेतु यथा नियत न्यूनतम राजस्व से है जिसको लाइसेंसधारी द्वारा मासिक/त्रैमासिक आधार पर, जैसा कि विहित किया जाय, कोषागार में जमा करना अपेक्षित होगा और जिसका समायोजन लाइसेंसधारी द्वारा अपनी दुकान पर फुटकर बिक्री हेतु थोक लाइसेंस से की गयी उठान में सन्निहित राजस्व के सापेक्ष अनुमन्य होगा;
(द) “न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व-बीयर” का तात्पर्य बीयर के संबंध में न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व से है; जिसका समायोजन विदेशी मदिरा-2 ख लाइसेंस से की गयी समस्त उठान में सन्निहित राजस्व के सापेक्ष अनुमन्य होगा;
(ध) “न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व-विदेशी मदिरा” का तात्पर्य विदेशी मदिरा के संबंध में न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व से है; जिसका समायोजन विदेशी मदिरा-2 लाइसेंस से की गयी समस्त उठान में सन्निहित राजस्व के सापेक्ष अनुमन्य होगा;
(न) “व्यक्ति” का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो आवेदन करने के समय इक्कीस वर्ष की आयु से अन्यून भारत का नागरिक हो;
(प) “पोर्टल” का तात्पर्य विशेष रूप से निर्मित इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म जिस पर मदिरा निर्माण एवं इसके वितरण की समाप्य अवस्था तक की प्रक्रिया से सम्बन्धित सूचनाओं को विहित प्रारूप में अपलोड किया जायेगा, से है;
(फ) “प्रतिभूति धनराशि” का तात्पर्य कुल लाइसेंस फीस के 10 प्रतिशत के बराबर धनराशि से है, जो जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में ई-बैंक गारन्टी के रूप में अथवा आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित रीति से जमा की जायेगी और जो राज्य सरकार के समस्त दावों और देयों के अन्तिम व्यवस्थापन के पश्चात वापस किये जाने योग्य होगी
(ब) “व्यवस्थापन” का तात्पर्य नवीकरण, ई-लाटरी अथवा ई-टेण्डर अथवा ई-नवीकरण जैसा कि राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाय, के माध्यम से दुकानों के व्यवस्थापन अथवा पुनर्व्यवस्थापन से है, जो समाचार पत्र एवं आबकारी विभाग की वेबसाइट के माध्यम से पूर्व नोटिस एवं संसूचना देकर सप्ताह के किसी दिन में हो सकता है। आगामी वर्ष के लिये दुकानों का व्यवस्थापन विगत वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व किया जा सकता है;
(भ) “ऋणशोधन क्षमता” का तात्पर्य लाइसेंस की स्वीकृति के लिये आवेदन करने हेतु आवेदक के लिये निर्धारित वित्तीय अर्हता के मानदण्ड से है;
(म) “वाइन” का तात्पर्य फूलों, सब्जियों, गैर-स्वापक (गैर-मनः प्रभावी), जड़ी-बूटियों के रस या गूदे, द्राक्षासव या किसी अन्य फल के रस या गूदे के अल्कोहलयुक्त किणवन से प्राप्त उत्पाद से है जो प्राकृतिक हो अथवा दृढ़ीकृत हो, जिसकी अल्कोहलयुक्त अन्तर्वस्तु 24 प्रतिशत (24% वी/वी) से अधिक न हो। वाइन में चीनी, मधु और या/पानी मिश्रित हो सकता है। वाइन का तात्पर्य साइडर, शेरी और पेरी से भी है, जो इसमें सम्मिलित है;
(य) इस नियमावली में अपरिभाषित किन्तु अधिनियम में परिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में क्रमशः उनके लिए समनुदेशित हों।
3. फुटकर बिक्री के लिए लाइसेंसों का व्यवस्थापन
(1) इस नियमावली के उपबन्धों और लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि के भुगतान के अघ्यधीन एक ही परिसर से विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं एल.ए.बी. की फुटकर बिक्री के लिए फुटकर दुकान का लाइसेंस नियम-10 के अनुसार चयनित आवेदक के पक्ष में स्वीकृत कर, दुकान व्यवस्थित की जायेगी।
(2) इस नियमावली के अधीन स्वीकृत लाइसेंस, परिसर के बाहर उपभोग के लिए मुहरबन्द बोतलों में विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं एल.ए.बी. की फुटकर बिक्री के लिये प्रपत्र एफ.एल.-5घख में प्रदान किया जायेगा।
(3) प्रपत्र एफ.एल.-5घख में लाइसेंस प्राप्त ऐसी कम्पोजिट दुकान जो माडल शाप की समस्त आर्हताएं रखती हो तथा लाइसेंस फीस नवसृजित माडल शाप की लाइसेंस फीस के बराबर अथवा उससे अधिक हो तो लाइसेंसधारी के अनुरोध पर कम्पोजिट दुकान के लाइसेंस को माडल शाप के लाइसेंस में, समय-समय पर परिभाषित निबंधन एवं शर्तों के अध्यधीन परिवर्तित किया जा सकता है। माडल शाप लाइसेंस हेतु परिवर्तन के लिये पात्र कम्पोजिट दुकान के लाइसेंस परिवर्तन की प्रक्रिया, आबकारी आयुक्त द्वारा अवधारित की जायेगी तथा ऐसी दुकानों की देयताओं का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा विहित रीति से किया जायेगा।
4. फुटकर बिक्री की दुकानों की संख्या और अवस्थिति के अवधारण की शक्ति
राज्य सरकार या आबकारी आयुक्त द्वारा समय समय पर निर्गत सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों के अधीन लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा कम्पोजिट दुकानों की संख्या एवं अवस्थिति अवधारित की जायेगी। दुकानों की अवस्थिति सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से दुकानों को जियो-टैग एवं जियो-फेन्स किया जायेगा। दुकानों की स्थिति एवं अवस्थिति समय-समय पर यथासंशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या और स्थिति नियमावली, 1968 के उपबन्धों के अनुसार होगी।
परन्तु यह कि राज्य सरकार या आबकारी आयुक्त द्वारा किसी आबकारी वर्ष के दौरान नयी दुकानों का सृजन, जिले के लाइसेंस प्राधिकारी की मांग पर किया जा सकता है।
5. लाइसेंस की अवधि
लाइसेंस की अवधि एक आबकारी वर्ष अथवा उसके आंशिक भाग, जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत किया गया है, होगी, किन्तु अगले आबकारी वर्ष हेतु लाइसेंसधारी का चयन नियम-10 के अनुसार किया जायेगा।
6. लाइसेंस की स्वीकृति
इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंस फीस को अधिमानतः ई-पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से भुगतान करने एवं जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिरवीकृत ई-बैंक गारण्टी अथवा आबकारी आयुक्त द्वारा विहित माध्यम से प्रतिभूति धनराशि जमा करने पर लाइसेंस स्वीकृत किया जायेगा। लाइसेंसधारी से यह अपेक्षा की जायेगी कि वह प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र या आस्ति प्रमाण पत्र की मूल प्रति या उस जिले, जहाँ से उसे लाइसेंस स्वीकृत किया गया हो, के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय में किसी अन्य जिला आबकारी अधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करे।
7. लाइसेंस स्वीकृति के लिए आवेदन
(1) जब कभी किसी नवसृजित अथवा अव्यवस्थित कम्पोजिट दुकान/दुकानों का व्यवस्थापन आवश्यक हो, लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा, उस दुकान/दुकानों का दैनिक समाचार पत्रों, जिनका उस क्षेत्र में परिचालन हो, में व्यापक प्रचार कराया जायेगा और राज्य सरकार द्वारा अवधारित रीति से आवेदन पत्र आमंत्रित किये जायेंगे।
(2) कम्पोजिट दुकानों, जिनके लाइसेंस की स्वीकृति कलेक्टर द्वारा की जायेगी, की सूची दुकानवार लाइसेंस फीस एवं प्रतिभूति धनराशि सहित कलेक्टर के कार्यालय, तहसील कार्यालय, जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय और उप आबकारी आयुक्त प्रभार के कार्यालय में प्रदर्शित की जायेगी। यह सूचना जिला की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जायेगी।
(3) लाइसेंस की स्वीकृति के लिए आवेदन, समाचार पत्रों में दी गयी विज्ञप्ति में निर्दिष्ट समय-सारिणी के अनुसार विनिर्दिष्ट रीति से जमा किये जायेंगे।
प्रत्येक आवेदन पत्र के सापेक्ष आवेदक द्वारा अप्रतिदेय प्रसंस्करण फीस का भुगतान, राज्य सरकार द्वारा यथाअवधारित दर से ऑनलाइन किया जायेगा।
8. आवेदकों के लिए पात्रता की शर्तें
कम्पोजिट दुकानों के लाइसेंस के लिए आवेदकों को अपनी पात्रता सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी, अर्थात्-
(क) आवेदक को एक व्यक्ति होना चाहिये जो भारत का नागरिक हो।
भागीदार वाली फर्म अथवा कम्पनी, फुटकर लाइसेंस की स्वीकृति के लिये पात्र नहीं होगी। इसी प्रकार थोक विक्रेता अथवा आसवनी/मदिरा निर्माता भी कम्पोजिट दुकान का लाइसेंस धारण करने के लिये पात्र नहीं होंगे।
दुकान के आवंटन के पश्चात् आवेदक की स्थिति में कोई परिवर्तन अनुमन्य न होगा। लाइसेंसधारी की मृत्यु की दशा में लाइसेंसधारी द्वारा दिये गये नामनिर्देशन शपथ पत्र (यदि कोई हो) के अनुसार विधिक वारिसों/परिवार के सदस्यों/निकट सम्बन्धियों, के नाम यदि अन्यथा अपात्र न हों, लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारक बने रहने के लिये नामनिर्देशन शपथ पत्र में वर्णित वरीयता के अनुसार विचारित किये जायेंगे।
परन्तु यह कि मृतक लाइसेंसधारी के नामनिर्देशन शपथ पत्र की अनुपलब्धता की स्थिति में उसका विधिक वारिस यदि अन्यथा पात्र है लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारक बना रह सकता है।
(ख) आवेदन पत्र प्राप्त किये जाने के लिये विहित अवधि के प्रथम दिवस पर आवेदक की आयु इक्कीस वर्ष अथवा उससे अधिक होना चाहिये;
(ग) आवेदक व्यतिक्रमी न हो और उसका नाम काली सूची में न डाला गया हो, या अधिनियम अथवा तदधीन बनाई गयी नियमावली/विनियमावली के उपबन्धों के अधीन आबकारी लाइसेंस धारण करने से विवर्जित न किया गया हो। कोई व्यक्ति, जो किसी आबकारी अपराध के लिए दोषसिद्ध पाया गया हो, लाइसेंस धारण करने से विवर्जित किया जायेगा/रहेगा जब तक कि उसे सक्षम न्यायालय द्वारा पूर्णतः और अन्तिम रूप से दोषमुक्त न कर दिया गया हो;
(घ) आवेदक एक दुकान के लिए मात्र एक आवेदन पत्र प्रस्तुत करने के लिए पात्र होगा। एक दुकान हेतु एक से अधिक आवेदन पाये जाने पर अतिरिक्त आवेदन निरस्त कर दिये जायेंगे;
(ङ) आवेदक निम्नलिखित के प्रमाण स्वरूप पब्लिक नोटरी द्वारा सम्यक् रूप से सत्यापित शपथ-पत्र प्रस्तुत करेगाः-
(एक) यह कि उसके पास समय-समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या एवं स्थिति नियमावली, 1968 के उपबंधों के अनुसार उस स्थान पर दुकान खोलने हेतु उपयुक्त परिसर है अथवा उसने किराए पर उस स्थान पर उपयुक्त परिसर का प्रबन्ध किया है;
(दो) यह कि उसकी दुकान के प्रस्तावित परिसर के निर्माण में किसी विधि अथवा नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है;
(तीन) यह कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है और संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 या स्वापक ओषधि एवं मनःप्रभावी अधिनियम, 1985 के अधीन दण्डनीय किसी अपराध या किसी अन्य संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध के लिए दोषसिद्ध नहीं किया गया है;
(चार) यह कि लाइसेंसधारी के रूप में उसके चयनित हो जाने की दशा में जिला, जहाँ का वह निवासी है, के जिला कलेक्टर या सम्बन्धित जिला के पुलिस अधीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट, सहायक पुलिस आयुक्त की रैंक से अनिम्न अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र यह दर्शाते हुए प्रस्तुत करना होगा कि लाइसेंस जारी होने के पूर्व उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है एवं उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि या आपराधिक अभिलेख नहीं है;
(पाँच) यह कि वह किसी ऐसे व्यक्ति को बिक्रीकर्ता या प्रतिनिधि के रूप में नियोजित नहीं करेगा/करेगी, जिसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि हो या जो किसी संक्रामक रोग से ग्रसित हो या 21 वर्ष से कम आयु का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी, जिला आबकारी अधिकारी से राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर यथाअवधारित फीस के संदाय के उपरान्त प्राधिकृत बिक्रेता/प्राधिकृत प्रतिनिधि का फोटोयुक्त नौकरनामा प्राप्त करेगा/करेगी;
(छः) यह कि उस पर किसी सार्वजनिक देयों या सरकारी देयों का बकाया नहीं है;
(सात) यह कि वह ऋणशोधक्षम है और आवश्यक निधि रखता है या उसने कारोबार के संचालन के लिए आवश्यक निधि का प्रबन्ध कर लिया है, जिसका ब्योरा, यदि अपेक्षित होगा, लाइसेंस प्राधिकारी को उपलब्ध करा देगा;
(आठ) यह कि आवेदक माफिया गतिविधियों, असामाजिक गतिविधियों एवं संगठित आपराधिक गतिविधियों में लिप्त नहीं है। यदि लाइसेंस प्राप्त हो जाने के उपरान्त यह प्रमाणित हो जाता है कि वह माफिया गतिविधियों, असामाजिक गतिविधियों एवं संगठित आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है तो उसे आवंटित किया गया लाइसेंस निरस्त कर दिया जायेगा;
(नौ) यह कि आवेदक बार काउंसिल में रजिस्ट्रीकृत अधिवक्ता नहीं है। यदि लाइसेंस प्राप्त कर लेने के पश्चात वह बार काउंसिल में रजिस्ट्रीकृत अधिवक्ता पाया जाता है तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जायेगा;
(दस) राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार का कर्मचारी भी लाइसेंस स्वीकृति हेतु आवेदन करने के लिये अपात्र होगा।
(च) यह कि आवेदक ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र या प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा निर्गत सम्पत्ति स्वामित्व प्रमाण-पत्र का धारक हो तथा उसकी ऋणशोधन क्षमता/प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा निर्गत सम्पत्ति स्वामित्व प्रमाण पत्र की मालियत जिला में आवेदित दुकान का लाइसेंस प्रदान करने के लिए अवधारित कुल लाइसेंस शुल्क की धनराशि से कम नहीं होगी।
परन्तु यह कि नवीकरण की स्थिति में गत वर्ष के व्यवस्थापन के दौरान प्रस्तुत किये गये ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र अथवा किसी प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा जारी सम्पत्ति स्वामित्व प्रमाण पत्र, यदि वैध एवं अपेक्षित धनराशि के लिए है, प्रतिग्राह्य होंगे।
9. कम्पोजिट दुकानों के लाइसेंसधारी के चयन हेतु जिला स्तरीय समिति
कम्पोजिट दुकानों के लाइसेंसधारी के चयन हेतु एक जिला स्तरीय समिति होगी। समिति के सदस्य निम्नलिखित होंगे, अर्थात्ः-
| एक | जिला का कलेक्टर | अध्यक्ष |
| दो | सम्बन्धित जिले का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट एक अधिकारी, जो सहायक पुलिस आयुक्त के रैंक से अन्यून हो। | सदस्य |
| तीन | आबकारी आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट आबकारी विभाग का एक राजपत्रित अधिकारी | सदस्य |
| चार | जिले का जिला आबकारी अधिकारी | सदस्य/सचिव |
10. लाइसेंसधारी का चयन
(1)(क) किसी दुकान के लिये लाइसेंसधारी का चयन ई-लाटरी, ई-नवीकरण तथा ई-टेण्डर की तीन प्रक्रियाओं में से किया जायेगा जो उस विशिष्ट वर्ष हेतु राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट हो।
(ख) राज्य सरकार द्वारा किसी विशिष्ट वर्ष हेतु ई-नवीकरण की प्रक्रिया विनिर्दिष्ट न होने की स्थिति में लाइसेंसधारियों का दुकानवार चयन, आनलाइन आवेदन आमंत्रित कर राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट ई-लाटरी अथवा/तथा ई-टेण्डर की प्रक्रिया के माध्यम से किया जायेगा। यदि राज्य सरकार द्वारा ई-नवीकरण विनिर्दिष्ट किया जाता है किन्तु लाइसेंसधारी द्वारा नवीकरण का अनुरोध नहीं किया जाता या लाइसेंसधारी नवीकरण हेतु पात्र नहीं पाया जाता है तो, ऐसी स्थिति में भी पूर्वोल्लिखित ई-लाटरी अथवा/तथा ई-टेण्डर प्रक्रिया अपनायी जायेगी। जिला आबकारी अधिकारी, आनलाइन प्राप्त आवेदनों की संवीक्षा करेगा और ग्राह्य एवं अग्राह्य आवेदनों की सूची, ग्राह्यता एवं अग्राह्यता के कारणों को वर्णित करते हुए तैयार करेगा और इस सूची को ई-लाटरी एवं ई-टेण्डर हेतु नियम-9 में यथा वर्णित जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
(ग) यदि दुकान का नवीकरण कर दिया गया हो और नवीकरण शुल्क जमा करने के पश्चात् यदि किसी लाइसेंसधारी की मृत्यु हो जाती है और उसके किसी विधिक वारिस अथवा नामनिर्देशिती द्वारा उक्त लाइसेंस के संचालन हेतु आवेदन नहीं दिया जाता है अथवा किसी विधिक वारिस/नामनिर्देशिती को इस हेतु पात्र नहीं पाया जाता है तो नवीकरण हेतु जमा धनराशि (प्रोसेसिंग फीस को छोड़कर) विधिक वारिस के पक्ष में प्रतिदाय कर दी जायेगी।
(2) ई-लाॅटरी की स्थिति में पात्र आवेदकों में से दुकानवार लाइसेंसधारी का चयन, नियम 2(1)(ड) में यथा परिभाषित प्रत्येक श्रेणी में अधिक्रम के अनुसार देशी मदिरा, माडल शाप, कम्पोजिट दुकानों तथा भांग की दुकानों के क्रम में कम्प्यूटर आधारित यादृच्छिक विन्यास के माध्यम से किया जायेगा।
(3) यदि लाइसेंसधारी का चयन ई-टेण्डर के माध्यम से किया जाता है तो टेण्डर/ऑफर आमंत्रित करने की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट की जायेगी।
(4) सम्पूर्ण राज्य में किसी व्यक्ति को सभी श्रेणी की देशी मदिरा दुकानों, माडल शाप, कम्पोजिट दुकानों एवं भांग की दुकानों सहित दो से अधिक दुकानें आवंटित नहीं की जायेंगी;
परन्तु यह कि नवीकरण/नामांतरण के मामलों में पूर्वोक्त निर्बन्धन विधिक वारिस/परिवार के सदस्य/निकट संबंधी के पक्ष में लागू नहीं होगा;
परन्तु यह और कि यदि किसी आवेदक के पक्ष में राज्य में दो या दो से अधिक दुकानों का नवीकरण किया गया हो अथवा पहले से ही व्यवस्थापित हो, वह ई-लाटरी/ई-टेण्डर के माध्यम से दुकानों के अग्रतर आवंटन हेतु पात्र नहीं होगा/होगी।
(5) ई-लाटरी अथवा ई-नवीकरण अथवा ई-टेण्डर के माध्यम से लाइसेंसधारी के रूप में चयनित व्यक्ति के लिये लाइसेंस फीस और प्रतिभूति राज्य सरकार द्वारा समय सारिणी एवं रीति के अनुसार जमा करना तथा समस्त अन्य विनिर्दिष्ट औपचारिकताएँ पूरी करना तथा विहित समयावधि के भीतर उपयुक्त दुकान परिसर की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। यदि लाइसेंसधारी के रूप में चयनित व्यक्ति उपर्युक्त का अनुपालन नहीं करता है तो लाइसेंस प्राधिकारी आवंटन/लाइसेंस को निरस्त कर देगा और दुकान के पुर्नव्यवस्थापन हेतु राज्य सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट आवश्यक उपाय करेगा।
(6) यदि किसी विशिष्ट दुकान के लिए यथास्थिति ई-लाटरी, ई-नवीकरण अथवा ई-टेण्डर प्रक्रिया में कोई आवेदन प्राप्त नहीं हो या किसी दुकान के लिए कोई अभ्यर्थी उपयुक्त नहीं पाया जाये तो लाइसेंस प्राधिकारी, दुकान के पुर्नव्यवस्थापन हेतु राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट प्रक्रिया के माध्यम से तत्काल उपाय करेगा।
11. व्यवस्थापित दुकानों का विवरण
जिला आबकारी अधिकारी, दुकान/दुकानों के व्यवस्थापन के पश्चात् आबकारी आयुक्त द्वारा निर्धारित अवधि में व्यवस्थित की गयी दुकान/दुकानों का विवरण आबकारी आयुक्त को भेजेगा और लाइसेंसधारियों के नाम और पते, दुकानों की जियो-टैगिंग, प्रतिभूति धनराशि एवं लाइसेंस फीस के रूप में जमा की गयी राशि का विवरण आबकारी विभाग के विहित पोर्टल पर अपलोड करेगा।
12. लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि का भुगतान
यदि किसी आवेदक को लाइसेंसधारी के रूप में नियम-10 के अनुसार चयनित किया जाता है, तो वह अपने चयन की सूचना की प्राप्ति के तीन कार्य दिवसों के भीतर लाइसेंस फीस की सम्पूर्ण धनराशि अनिवार्यतः जमा करेगा/करेगी। वह प्रतिभूति धनराशि भी राज्य सरकार द्वारा विहित समय सारिणी के अनुसार आबकारी आयुक्त द्वारा विहित रीति से जमा करेगा;
परन्तु नवीकरण की स्थिति में पूर्व में नकद या राष्ट्रीय बचत पत्र (एन.एस.सी.) अथवा बैंक गारंटी अथवा सावधि जमा रसीद के माध्यम से जमा की गयी प्रतिभूति तब तक मान्य होगी, जब तक इसकी वापसी न कर दी जाय;
परन्तु यह और कि यदि प्रतिभूति धनराशि विहित अवधि के भीतर जमा नहीं की जाती है, तो रु. 2000/- प्रति दिवस की दर से शास्ति अधिरोपित होगी। शास्ति सहित प्रतिभूति धनराशि जमा करने हेतु मात्र 15 दिवस की अवधि अनुमन्य होगी।
परन्तु यह भी कि यदि आवेदक विहित समयावधि के भीतर लाइसेंस फीस या प्रतिभूति धनराशि जमा करने में विफल रहता है, तो लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा उसका चयन निरस्त कर दिया जायेगा और समस्त जमा धनराशियों को समपहृत कर लिया जायेगा।
13. मदिरा एवं बीयर का उठान
(1) लाइसेंसधारी अपने न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व- विदेशी मदिरा का समायोजन सुनिश्चित करने हेतु लागत मूल्य का पूर्ण भुगतान, जिसके अन्तर्गत सभी कर, प्रतिफल शुल्क (अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क सहित) जो समय-समय पर उद्ग्रहित किये जाये, अधिमानतः ई-पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से, करने के पश्चात् जिला के विदेशी मदिरा-2 लाइसेंस प्राप्त किसी थोक अनुज्ञापन से आपूर्ति प्राप्त करेगा। यदि सम्बन्धित जिला में विदेशी मदिरा-2 का लाइसेंस स्वीकृत नहीं है या आपूर्ति बाधित है, तो लाइसेंसधारी, आबकारी आयुक्त की पूर्वानुमति से अन्य जिला/जिलों के विदेशी मदिरा-2 लाइसेंस प्राप्त थोक अनुज्ञापन से आपूर्ति प्राप्त करेगा।
किसी जिला में अपर्याप्त आपूर्ति की स्थिति में, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी आयुक्त से आदेश प्राप्त करेगा।
(2) लाइसेंसधारी अपने न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व- बीयर का समायोजन सुनिश्चित करने हेतु लागत मूल्य का पूर्ण भुगतान, जिसके अन्तर्गत सभी कर, प्रतिफल शुल्क (अतिरिक्त प्रतिफल शुल्क सहित) जो समय-समय पर उद्ग्रहित किये जाये, अधिमानतः ई-पेमेन्ट प्लेटफार्म के माध्यम से, करने के पश्चात् जिला केे विदेशी मदिरा-2बी लाइसेंस प्राप्त किसी थोक लाइसेंसधारी से आपूर्ति प्राप्त करेगा/करेगी। यदि सम्बन्धित जिला में विदेशी मदिरा-2बी का लाइसेंस स्वीकृत नहीं है या आपूर्ति बाधित है, तो लाइसेंसधारी, आबकारी आयुक्त की पूर्वानुमति से अन्य जिला/जिलों के विदेशी मदिरा-2बी लाइसेंस प्राप्त थोक अनुज्ञापन से आपूर्ति प्राप्त करेगा/करेगी।
किसी जिला में अपर्याप्त आपूर्ति की स्थिति में, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी आयुक्त से आदेश प्राप्त करेगा।
(3) लाइसेंसधारी को दुकान हेतु निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व-विदेशी मदिरा तथा न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व-बीयर के राज्य सरकार द्वारा किये गये मासिक/त्रैमासिक प्रभाजन के सापेक्ष राजस्व के समायोजन हेतु समतुल्य मासिक/त्रैमासिक आधार पर (जैसी स्थिति हो) प्रतिमास/त्रैमास हेतु निर्धारित प्रतिफल शुल्क के समतुल्य की विदेशी मदिरा एवं बीयर की उठान क्रमशः विदेशी मदिरा-2 और विदेशी मदिरा-2बी लाइसेंस प्राप्त थोक अनुज्ञापन से लिया जाना बाध्यकारी होगा;
(4)(क) यदि लाइसेंसधारी किसी माह/त्रैमास में दुकान हेतु निर्धारित मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के समतुल्य संबंधित थोक अनुज्ञापन से उठान करने में विफल रहता है, तो उसे सम्बन्धित माह/त्रैमास के बकाया राजस्व के समतुल्य अतिरिक्त प्रतिभूति 10 दिवस के भीतर जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष सावधि जमा रसीद बंधक के रूप में जमा करने का निर्देश दिया जायेगा, जिसका पालन न करने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया जायेगा और दुकान के पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही की जायेगी और बकाया राजस्व की वसूली की प्रक्रिया नियमानुसार आरम्भ की जायेगी। दुकान पर अविक्रीत स्टॉक भी जब्त कर लिया जायेगा।
परन्तु सम्बन्धित माह/त्रैमास के बकाया राजस्व के समतुल्य अतिरिक्त प्रतिभूति समयांतर्गत जमा करने की दशा में, मदिरा उठान में विलम्ब की शास्ति सहित प्रशमन के पश्चात लाइसेंसधारी को गत माह/त्रैमास के बकाया राजस्व और चालू माह के न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के समतुल्य उठान अनुमन्य होगी। अगले माह/त्रैमास हेतु निर्धारित राजस्व के समतुल्य उठान एवं पिछले माह/त्रैमास तक के बकाया राजस्व के समतुल्य उठान लाइसेंसधारी द्वारा किया जा सकेगा।
(ख) अगले माह/त्रैमास के मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व सहित गत माह/त्रैमास में हुई कमी के बराबर मदिरा का उठान किये जाने के पश्चात अन्य कोई बकाया शेष न रहने की स्थिति में जिला आबकारी अधिकारी द्वारा इस प्रकार जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति की सावधि जमा रसीद वापस कर दी जायेगी;
(ग) यदि लाइसेंसधारी वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व एक या एक से अधिक माह के लिए मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के बराबर मदिरा का उठान करने में विफल रहता है, तो उसके द्वारा जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति एवं प्रतिभूति को राजस्व की ऐसी कमी के सापेक्ष समायोजित किया जायेगा और शेष प्रतिभूति वापस कर दी जायेगी।
यदि जमा की गयी अतिरिक्त प्रतिभूति और प्रतिभूति, राजस्व में कमी के सापेक्ष समायोजन के लिए अपर्याप्त हो तो शेष राजस्व की वसूली उसी प्रकार से की जायेगी मानों यह भू-राजस्व का बकाया हो;
(5)(क) कम्पोजिट दुकान के मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व, के यथा निर्धारित अंश को, जिसके समतुल्य लाइसेंसधारी संबंधित थोक अनुज्ञापन से उठान करने में सक्षम न हो, अन्य निर्धारित दुकान/दुकानों को यथा विनिर्दिष्ट रीति से अन्तरण करने की अनुज्ञा प्रदान की जा सकती है।
(ख) अंतरणकर्ता लाइसेंसधारी, अंतरिती (अंतरण प्राप्तकर्ता) लाइसेंसधारी की सहमति से जिला के जिला आबकारी अधिकारी से अनुरोध करेगा। अंतरण की निबन्धनों का विनिश्चय, दोनों अंतरणकर्ता और अंतरिती लाइसेंसधारियों द्वारा पारस्परिक रूप से किया जायेगा।
(ग) अंतरणकर्ता लाइसेंसधारी के अनुरोध का अनुमोदन किये जाने पर उसके द्वारा अंतरित किये जाने हेतु करारकृत राजस्व को उसके मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व में से घटा दिया जायेगा और उसके समतुल्य निकासी पूर्ण हुई और अंतरिती (अंतरण प्राप्तकर्ता) लाइसेंसधारी के लेखा में अंतरित मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के रूप में जोड़ दी गयी समझी जायेगी। यह मात्रा अंतरिती (अंतरण प्राप्तकर्ता) लाइसेंसधारी के अपनी दुकान के मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के अतिरिक्त होगी और उसका अपनी दुकान के मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के समतुल्य निकासी लिये जाने का दायित्व प्रभावित नहीं होगा।
परन्तु इस उपबन्ध के अधीन अंतरित कुल कोटा, अंतरणकर्ता लाइसेंसधारी के मासिक/त्रैमासिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व की राज्य सरकार द्वारा संबंधित वर्ष हेतु यथा विनिर्दिष्ट सीमा से अधिक नहीं होगा।
14. अधिकतम फुटकर मूल्य
(1) विदेशी मदिरा, बीयर, वाइन एवं एल.ए.बी. की बोतलों के लेबलों पर राज्य सरकार की अनुमति से आबकारी आयुक्त द्वारा यथा अवधारित अधिकतम फुटकर बिक्री मूल्य उल्लिखित होगा। लाइसेंसधारी बोतलों के लेबलों पर उल्लिखित मूल्य से अधिक मूल्य उपभोक्ताओं से नही प्रभारित करेगा। अधिकतम फुटकर बिक्री मूल्य से अधिक मूल्य प्रभारित किये जाने की दशा में उसके विरुद्ध नियम-18 के अनुसार कार्यवाही की जा सकती है।
(2) प्रत्येक दुकान पर डिजिटल पेमेन्ट की सुविधा होगी।
(3) मदिरा की विक्री पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से की जायेगी।
15. बिक्री के घन्टे और दुकानों की बन्दी
लाइसेंस प्राप्त परिसर, 14 अप्रैल (आंबेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गाॅधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और तीन अन्य दिवस, जैसा लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा अवधारित किया जाय के अतिरिक्त, सभी दिवसों पर प्रातः 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक बिक्री के लिए खुले रहेंगे। लाइसेंस प्राधिकारी विधि-व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रियाकलापों के लिए सुसंगत विधि के उपबन्धों के अधीन दुकान की बन्दी का आदेश दे सकता है। उपर्युक्त आधार पर दुकान की बन्दी के लिए कोई प्रतिकर संदेय नहीं होगा।
परन्तु यह कि विशेष अवसरों पर कतिपय अवधि के लिए बिक्री के घंटों में, जैसा कि राज्य सरकार उचित समझे, परिवर्तन किया जा सकेगा।
16. लाइसेंस की समाप्ति पर अतिशेष स्टॉक का निस्तारण
लाइसेंसधारी लाइसेंस अवधि की समाप्ति पर अगले दिन मध्यान्ह 12 बजे तक विदेशी मदिरा/वाइन/बीयर/ एल.ए.बी. की अविक्रीत पायी गयी मात्रा की ब्राण्डवार, धारितावार, तीव्रतावार एवं पैकेजिंगवार घोषणा जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष करेगा और लाइसेंस की समाप्ति के अगले दिन 5.00 बजे अपरान्ह तक जिला के थोक विक्रेता को वापस कर देगा। अतिशेष स्टाक का पृथक रजिस्टर अनुरक्षित किया जायेगा और अतिशेष स्टाक को जिला आबकारी अधिकारी द्वारा पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। ऐसे स्टाक का निस्तारण राज्य सरकार द्वारा यथा अवधारित रीति से किया जायेगा।
17. लाइसेंस का अभ्यर्पण
लाइसेंसधारी अधिनियम की धारा 36 के उपबन्धों के अधीन अपने लाइसेंस का अभ्यर्पण लाइसेंस प्राधिकारी को कम से कम एक माह की लिखित नोटिस देकर कर सकेगा। ऐसे आवेदन प्राप्त होने पर लाइसेंस प्राधिकारी, उसकी जमा प्रतिभूति से समस्त बकाया आबकारी देयों की वसूली करने की कार्यवाही करेगा और आबकारी आयुक्त का आदेश प्राप्त कर अतिशेष धनराशि प्रतिदाय करेगा। लाइसेंस प्राधिकारी आबकारी वर्ष की शेष अवधि के लिए दुकान के पुनब्र्यवस्थापन की कार्यवाही भी आरम्भ करेगा।
18. लाइसेंस का निलम्बन, निरस्तीकरण और प्रशमन
(1) लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंस को निलम्बित या निरस्त कर सकता है, यदि;
(क) लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई बोतल/केन/ट्रेटा पैक पायी जाती है जिस पर शुल्क का संदाय न किया गया हो और जिस पर आबकारी विभाग द्वारा सम्यक रूप से अनुमोदित शुल्क के संदाय के प्रमाण के रूप में सुरक्षा कोड न लगाया गया हो।
(ख) लाइसेंस प्राप्त परिसर में किसी अन्य प्रकार की मदिरा या मादक द्रब्य (जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत न किया गया हो) पाया जाता है।
(ग) अधिनियम अथवा नियमावली के उपबन्धों के विपरीत लाइसेंसधारी के कब्जे में कोई मदिरा या मादक द्रब्य पाया जाता है।
(घ) लाइसेंसधारी द्वारा आवेदन के समय प्रस्तुत शपथ पत्र त्रुटिपूर्ण पाया जाता है और उसमें दिया गया कथन असत्य पाया जाता है।
(ङ) लाइसेंसधारी अधिनियम के अधीन किसी अपराध में या किसी संज्ञेय और गैर जमानती अपराध में या स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अधीन किसी अपराध में या भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 482 से 489 के अधीन अथवा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की समतुल्य धाराओं के अधीन अपराध में दोष सिद्ध किया गया है।
(च) लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई ऐसी बोतल पायी जाती है जिस पर अधिकतम फुटकर मूल्य अंकित नहीं है।
(छ) यह पाया जाता है कि लाइसेंस फर्जी नाम से प्राप्त किया गया है या लाइसेंसधारी किसी अन्य व्यक्ति की ओर से लाइसेंसधारण किये हुए है।
(ज) लाइसेंस प्राप्त परिसर में कैरामल, रंग, सुगन्ध, श्रिंक स्लीव अथवा बार कोड, लेबल, कैप्सूल, मुहर अथवा अन्य अवैध सामग्री पायी जाती है।
(झ) लाइसेंस प्राप्त परिसर में मदिरा का अपमिश्रण/या किसी अन्य पदार्थ का मिश्रण/तनुकरण, उच्च श्रेणी की मदिरा के साथ निम्न श्रेणी की मदिरा का अपमिश्रण पाया जाता है, तो विधि के अन्य सुसंगत उपबंधों के अधीन भी कार्यवाही की जायेगी।
(2) पूर्वोक्त स्थिति मे, लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंस को तत्काल निलम्बित कर देगा, और लाइसेंस के निरस्तीकरण और जमा प्रतिभूति को समपहृत करने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी करेगा। लाइसेंसधारी को अपना स्पष्टीकरण नोटिस की प्राप्ति के 07 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निदेश दिया जायेगा। तत्पश्चात् लाइसेंस प्राधिकारी, लाइसेंसधारी को सुनवाई का समुचित अवसर देने के पश्चात् उपयुक्त आदेश पारित करेगा।
(3) लाइसेंसधारी इस नियमावली के अधीन लाइसेंस के निलम्बन या निरस्तीकरण के लिए किसी प्रतिकर या प्रतिदाय के लिए दावा करने का हकदार नहीं होगा।
(4) यदि लाइसेंस निरस्त किया जाता है तो लाइसेंसधारी को काली सूची में भी डाला जा सकता है तथा उसे कोई अन्य आबकारी लाइसेंसधारण करने से विवर्जित किया जा सकता है।
(5) फुटकर लाइसेंसों से सम्बन्धित शमनीय अपराध के प्रकरणों में निम्नानुसार न्यूनतम प्रशमन फीस उदग्रहीत की जायेगी-
| क्रमांक | उल्लंघन का प्रकार | प्रथम बार के लिए
(रू० में) |
द्वितीय बार के लिए
(रू० में) |
तृतीय बार के लिए
(रू० में)
|
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | नियत समय से पूर्व अथवा पश्चात् दुकान का खुला पाया जाना। | 2,500 | 3,000 | 5,000 |
| 2 | अनाधिकृत विक्रेता द्वारा बिक्री करते हुये पाया जाना। | 5,000 | 7,000 | 10,000 |
| 3 | स्टाक रजिस्टर मॉगने पर न प्रस्तुत करना। | 10,000 | 15,000 | 20,000 |
| 4 | स्टाक रजिस्टर अपूर्ण पाया जाना। | 10,000 | 15,000 | 20,000 |
| 5 | बोतलों और क्वार्टरों या उनके लेबलों अथवा बार कोड पिल्फर प्रूफ कैप या सील से बिगाड़ कराना। | 10,000 | 15,000 | 20,000 |
| 6 | बिक्री बढ़ाने के लिए ग्राहक को फुसलाना, बिक्री में वृद्धि हेतु जुआ अथवा नृत्य का आयोजन करना। | 5,000 | 7,000 | 10,000 |
| 7 | ड्यूटी पेड स्टाक को अनधिकृत परिसर/गोदाम में संचित करना। | 20,000 | 25,000 | 30,000 |
| 8 | लेखानुसार मात्रा से अधिक ड्यूटी पेड स्टाक का पाया जाना। | 25,000 | 30,000 | 50,000 |
| 9 | खुली मदिरा की बिक्री करते पाया जाना | 5,000 | 10,000 | 15,000 |
| 10 | मद्य निषेध और बन्दी के दिनों में मदिरा की बिक्री करते हुए पाया जाना। | 30,000 | 40,000 | 50,000 |
| 11 | बिना अनुमति परिसर में कोई परिवर्तन । | 20,000 | 25,000 | लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही |
| 12 | विहित एम०आर०पी० से अधिक दर पर मदिरा की बिक्री करते हुए पाया जाना | 75,000 | 1,50,000 | लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही |
| 13 | परिसर के बाहर स्थापित साइन बोर्ड में आवश्यक सूचना प्रदर्शित न करना अथवा त्रुटिपूर्ण सूचना प्रदर्शित करना | 5,000 | 10,000 | 20,000 |
| 14 | दुकान में सफाई की समुचित व्यवस्था न पाया जाना। | 2,000 | 5,000 | 10,000 |
| 15 | किसी एक विशेष दुकान हेतु निर्गत मदिरा का दूसरी दुकान पर पाया जाना | 25,000 | 50,000 | लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही |
| 16 | मासिक/त्रैमासिक एम.जी.आर.-बीयर एवं एम.जी.आर.-विदेशी मदिरा के समतुल्य उठान में विलम्ब किया जाना। | 50,000 | 50,000 | लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही |
| 17 | अन्य कोई अनियमितता | 2,000 | 5,000 | 10,000 |
19. अन्तरिम व्यवस्थापन
(1) यदि लाइसेंस को इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार निलम्बित, निरस्त या अभ्यर्पित किया जाता है या यदि किसी कारण से दुकान का व्यवस्थापन उपनियम-
(2) के अनुसार कराया जाना शेष हो तब लाइसेंस प्राधिकारी विदेशी मदिरा एवं बीयर की पृथक-पृथक दैनिक लाइसेंस फीस तथा विदेशी मदिरा एवं बीयर का पृथक-पृथक दैनिक न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व को परिकलित करने के पश्चात् राज्य सरकार द्वारा अवधारित रीति से दैनिक व्यवस्थापन आफर प्राप्त करेगा और उच्चतम आफर के आधार पर अधिकतम 14 दिनों के लिये या नियमित व्यवस्थापन के दिनांक तक, जो भी पहले हो, के लिये व्यवस्थापन करेगा। आफर प्राप्त करने की प्रक्रिया ई-टेण्डर हेतु टेण्डर प्राप्त करने की प्रक्रिया के समान होगी। यदि लगातार 2 बार आफर मांगने के पश्चात भी विहित देयताओं के समतुल्य आफर प्राप्त नहीं होता है तब तीसरे चरण में राजस्वहित में विहित देयताओं से कम के आफर स्वीकार किये जाने का अधिकार लाइसेंस प्राधिकारी को होगा। किसी भी स्थिति में विहित देयताओं के 80 प्रतिशत से कम पर आफर स्वीकार नहीं किये जायेंगे। एक दुकान के लिये दो या दो से अधिक समान आफर प्राप्त होने पर सार्वजनिक मैनुअल लाटरी के माध्यम से व्यवस्थापन कराया जायेगा। ऐसे लाइसेंसधारी को दैनिक लाइसेंस फीस की दर के अनुसार अन्तरिम व्यवस्थापन की अवधि के लिए प्रतिभूति धनराशि जमा करना भी अपेक्षित होगा। लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा किसी दुकान का ऐसा व्यवस्थापन दो से अधिक बार किया जा सकता है परन्तु ऐसी स्थिति में आबकारी आयुक्त को सूचित किया जाना अनिवार्य होगा।
(2) इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार किसी लाइसेंस के निरस्तीकरण या अभ्यर्पण के मामले में दुकान का मध्य-सत्र में नियमित व्यवस्थापन लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथाशीघ्र सार्वजनिक विज्ञापन देकर ई-टेण्डर प्रणाली के माध्यम से कराया जायेगा। ई-टेण्डर प्रणाली के माध्यम से टेण्डर/आफर मांगने के लिए राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। मध्य सत्र में व्यवस्थापित की जाने वाली दुकानों के लिए ई-टेण्डर प्रक्रिया में एकल टेण्डर भी स्वीकार किया जायेगा।
निबन्धन एवं शर्तें
1. नियम-13 के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंसधारी मूल्य एवं प्रतिफल शुल्क अधिमानतः ई-पेमेन्ट के द्वारा जमा करने के पश्चात् जिले के विदेशी मदिरा थोक लाइसेंसधारक (एफ.एल.-2/2बी) से विदेशी मदिरा/बीयर/वाइन/कम तीव्रता के मादक पेय की आपूर्ति प्राप्त करेगा। यदि सम्बन्धित जिला में एफ.एल.-2/एफ.एल.-2बी लाइसेंस स्वीकृत नहीं है, तो लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त की पूर्वानुमति से अन्य जिला/जिलों के थोक लाइसेंसधारी (एफ.एल.-2/एफ.एल.-2बी) से विदेशी मदिरा वाइन सहित की आपूर्ति प्राप्त करेगा।
अपर्याप्त आपूर्ति की स्थिति में लाइसेंसधारी जिला आबकारी अधिकारी को सूचित करेगा, जो आबकारी आयुक्त से आदेश प्राप्त करेगा।
2. लाइसेंसधारी के लिए सम्बन्धित मासिक/त्रैमासिक में दुकान के लिए निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व के समतुल्य विदेशी मदिरा/बीयर/वाइन/एल.ए.बी. उठाना अनिवार्य होगा।
3. लाइसेंस अवधि के दौरान दुकान पर उठाये गये समस्त स्टॉक की बिक्री करने का पूर्ण दायित्व लाइसेंसधारी का होगा।
4. विदेशी मदिरा/बीयर/वाइन/कम तीव्रता के मादक पेय की बोतलों/कैनों/पात्रों के लेबल के दाहिनी ओर शीर्ष पर 1×1 सेंटीमीटर स्पष्ट दृश्यमान बोल्ड फॉन्ट में तीव्रता एवं अधिकतम फुटकर मूल्य मुद्रित किया जायेगा। फुटकर लाइसेंसधारी मुद्रित अधिकतम् फुटकर मूल्य से अधिक नहीं वसूल करेगा।
5. लाइसेंस प्राप्त परिसर में बिक्री, परिसर के बाहर उपभोग के लिए की जायेगी। परिसर में मदिरापान/उपभोग नहीं किया जायेगा।
6. प्रतिफल फीस के भुगतान के प्रमाण के रूप में आबकारी विभाग द्वारा अनुमोदित सुरक्षा कोड लगे हुए विहित तीव्रता और मानक क्षमता की मुहरबन्द बोतलों/कैन्स/असेप्टिक ब्रिक पैकों में बिक्री की जायेगी।
7. लाइसेंसधारी, लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा विहित प्रपत्र और रजिस्टर में नियमित और सही दैनिक लेखा रखेगा, और उसे उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग के विहित पोर्टल पर भी एस.एम.एस. भेजेगा/अपलोड करेगा और जब कभी सक्षम निरीक्षण प्राधिकारी द्वारा जब भी अपेक्षित हो उक्त लेखा रजिस्टर को प्रस्तुत करेगा/करेगी। लाइसेंसधारी बिक्री इत्यादि का लेखा भी प्रस्तुत करेगा/करेगी और यथा अपेक्षित सामग्री और दस्तावेजों की सुविधा देगा और उन्हें उपलब्ध करायेगा।
8. विदेशी मदिरा/बीयर/वाइन/एल.ए.बी. की बिक्री को छोड़कर जिसके लिए कि लाइसेंस दिया गया है, लाइसेंसधारी को लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई अन्य व्यवसाय चलाने की अनुमति नहीं होगी।
9. लाइसेंसधारी विदेशी मदिरा/वाइन/बीयर/कम तीव्रता के मादक पेय के सम्पूर्ण स्टॉक का भण्डारण केवल लाइसेंस प्राप्त परिसर में ही करेगा/करेगी। वह ट्रैक एण्ड ट्रेस प्रणाली के अन्तर्गत विहित सुरक्षा कोड के अनुसार बोतलों की स्कैनिंग के लिये दुकान पर यथाविनिर्दिष्ट पी.ओ.एस. (प्वाइंट ऑफ सेल) यंत्र रखेगा और इसी यंत्र के माध्यम से फुटकर बिक्री करेगा।
10. लाइसेंसधारी दुकान के प्रवेश द्वार पर आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित किये गये प्रपत्र साइज में एक सहज दृश्य साइनबोर्ड लगाएगा, जिसके ऊपर लाइसेंसधारी का नाम, पदनाम, दुकान की अवस्थिति, लाइसेंस की अवधि, दुकान खुलने व बंद होने का समय और लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा विहित अन्य सूचनाएँ मोटे अक्षरों में अंकित की जायेंगी। साइनबोर्ड में निम्नलिखित सूचना को भी प्रदर्शित करना होगाः-
“> दुकान के बाहर आस-पास या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना वर्जित है। इस संबंध में कोई भी उल्लंघन दण्डनीय होगा।
> शराब पीकर गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता है। कृपया शराब पीकर गाड़ी न चलायें।”
11. लाइसेंसधारी किसी ऐसे व्यक्ति को विक्रेता के रूप में सेवायोजित नहीं करेगा/करेगी, जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या किसी संक्रामक रोग से ग्रस्त हो या आपराधिक पृष्ठभूमि का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी को सरकार द्वारा समय-समय पर यथाविहित शुल्क के संदाय पर विक्रेताओं हेतु जिला आबकारी अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त नौकरनामा प्राप्त करना होगा और जब निरीक्षणकर्ता प्राधिकारियों द्वारा मांगा जाये तो, उसे प्रस्तुत करना होगा।
12. लाइसेंसधारी किसी भी व्यक्ति को राज्य सरकार द्वारा विहित सीमा से अधिक विदेशी मदिरा/बीयर/वाइन/एल.ए.बी. नहीं बेचेगा जब तक कि इस प्रकार की अनुज्ञा लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा क्रेता को न प्रदान की गयी हो।
13. किसी ऐसे व्यक्ति को बिक्री नहीं की जायेगी जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या पदधारी, जो वर्दी में हो।
14. लाइसेंसधारी द्वारा किसी भी दशा में बोतलों और पात्रों या उनके लेबुलों, सुरक्षा कोड, पिल्फरप्रूफ कैप या मोहरों से बिगाड़ करना, विकृत करना सर्वथा निषिद्ध है।
15. लाइसेंसधारी अपने लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई भी दुग्ध, शर्करा, रंग, सुगंधि, सुरक्षा कोड निर्मित करने वाला यंत्र, लेबुलों, कैप्सूल, मुहर या कोई हानिकारक सामग्री नहीं रखेगा।
16. लाइसेंसधारी/विक्रेता के सिवाय परिसर, जिसमें दुकान स्थित है, का प्रयोग आवास के स्थान के रूप में नहीं किया जायेगा।
17. लाइसेंसधारी द्वारा अपनी बिक्री बढ़ाने के दृष्टिगत ग्राहक को प्रलोभन देने या आकर्षित करने जैसे द्यूत व नृत्य कार्यक्रम का आश्रय लेना कड़ाई से निषिद्ध है।
18. लाइसेंस प्राप्त परिसर, 14 अप्रैल (आंबेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गाँधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और तीन ऐसे अतिरिक्त दिन जैसा कि लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बन्दी के लिए अधिसूचित किया जाय, को छोड़कर बिक्री के लिए सभी दिवसों पर प्रातः 10 से रात्रि 10 बजे तक खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के अधीन कानून-व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रियाकलापों आदि के कारण से भी दुकान की बन्दी का आदेश दे सकता है। उपर्युक्त आधार पर दुकान की बन्दी के लिए कोई प्रतिकर नहीं प्रदान किया जायेगा।
परन्तु यह कि विशेष अवसरों पर कतिपय अवधि के लिए बिक्री के घंटों में, जैसा कि राज्य सरकार उचित समझे, परिवर्तन किया जा सकेगा।
19. लाइसेंसधारी लाइसेंस की समाप्ति पर अवशेष स्टॉक के निस्तारण के लिए जिला आबकारी अधिकारी को रिपोर्ट करेगा/करेगी, जिसे नियम-16 के अनुसार निस्तारित किया जायेगा।
20. लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्त या लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी सामान्य एवं विशेष अनुदेशों का पालन करेगा/करेगी।
21. कम्पोजिट दुकान के परिसर में कोई देशी शराब भंडारित नहीं की जायेगी।
22. लाइसेंसधारी द्वारा दो सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित किया जायेगा, जिसमें दुकान के अन्दर तथा दूसरे सी.सी.टी.वी. कैमरा से दुकान के बाहर का दृश्य कैद किया जा सके।
23. लाइसेंसधारी द्वारा मदिरा की बिक्री पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से की जायेगी।
24. लाइसेंसधारी को मदिरा की दुकान पर डिजिटल भुगतान की सुविधा रखनी होगी।