उत्तर प्रदेश विश्लेषणात्मक श्रेणी और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल प्रसंस्करण तथा बोतल भराई लाइसेंस नियमावली, 2022

1-संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ

(1) यह नियमावली उत्तर प्रदेश विश्लेषणात्मक श्रेणी और एच०पी०एल०सी० श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल प्रसंस्करण तथा बोतल भराई लाइसेंस नियमावली, 2022 कही जायेगी।

(2) यह गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से प्रवृत्त होगी।

2-परिभाषाएं

जब तक विषय या संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस नियमावली में

(क) विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल का तात्पर्य भारतीय मानक विनिर्देश में यथा परिभाषित विश्लेषणात्मक श्रेणी के परिशुद्ध अल्कोहल से है और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल का तात्पर्य एच पी.एल.सी. साल्वेंट विनिर्मित करने के लिए प्रसंस्कृत और परिष्कृत परिशुद्ध अल्कोहल से है;

(ख) लाइसेंसधारी का तात्पर्य इस नियमावली में संलग्न प्रपत्र एफ. एल-50 में लाइसेंसधारक से है;

(ग) लाइसेंस का तात्पर्य विश्लेषणात्मक श्रेणी और एच.पी. एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के प्रसंस्करण और बोतल भराई के लिए प्रपत्र एफ.एल-50 में जारी लाइसेंस से है।

3-लाइसेंस शुल्क

प्रपत्र एफ. एल-50 में लाइसेंस शुल्क, विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल का प्रसंस्करण करने और उसकी बोतल भराई करने हेतु उत्तर प्रदेश में किसी आसवनी से प्राप्त परिशुद्ध अल्कोहल के 5.00 रू0 प्रति बल्क लीटर की दर से वसूल किया जायेगा। उक्त शुल्क की वसूली, आसवनी से परिशुद्ध अल्कोहल जारी किये जाने से पूर्व आसवनी के प्रभारी आबकारी निरीक्षक द्वारा लाइसेंसधारी से की जायेगी और उसे कोषागार में जमा किया जायेगा।

4-बोतल भराई शुल्क

बोतल भराई शुल्क भी लाइसेंसधारी से 11.50 रूपये प्रति लीटर की दर से वसूल किया जायेगा।

5-विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल का प्रसंस्करण किये जाने तथा बोतल भराई किये जाने हेतु लाइसेंस स्वीकृत किया जाना

(1) विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल प्रसंस्करण और बोतल भराई का लाइसेंस एफ.एल-50 प्रपत्र में आबकारी आयुक्त द्वारा निम्‍नलिखित को स्वीकृत किया जा सकता हैः-

(एक) पी.डी.-2 लाइसेंसधारक आसवक, जो केवल औद्योगिक अल्कोहल के साथ-साथ शुद्ध अल्कोहल के विनिर्माण के लिए प्राधिकृत हो।

(दो) कोई कम्पनी या इकाई, जो शुद्ध अल्कोहल प्लांट सहित औद्योगिक आसवनी स्थापित करने के लिए पी.डी-33 लाइसेंसधारक हो, जिसमें न्यूनतम 50 करोड़ रुपये का निवेश हो और न्यूनतम क्षमता 40 कि०ली० प्रतिदिन हो, 25 लाख रूपये की बैंक गारंटी द्वारा समर्थित शपथ पत्र द्वारा आश्वासन और प्रतिबद्धता देने पर कि वह एफ.एल.-50 लाइसेंस स्वीकृति के दिनांक से दो वर्ष के भीतर औद्योगिक आसवनी स्थापित करेगा। यदि इकाई विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर औद्योगिक आसवनी स्थापित करने में विफल रहती है, तो उक्त बैंक गारंटी राज्य सरकार के पक्ष में आबकारी आयुक्त द्वारा जब्त कर ली जाएगी और विश्लेषणात्मक श्रेणी शुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के प्रसंस्करण एवं बोतल भराई के लिए दिया गया लाइसेंस औद्योगिक आसवनी चालू होने तक निलंबित अवस्था में रहेगा।

(2) इस तरह का लाइसेंस स्वीकृत किये जाने के लिए, आवेदक इस नियमावली में संलग्न प्रपत्र एफ.एल-51 में संबंधित जिला के जिला आबकारी अधिकारी के माध्यम से भवन के विवरण और योजना के साथ आबकारी आयुक्त के समक्ष अक्षांश और देशांतर के विवरण के साथ जिसमे आवेदक इकाई के निर्माण का प्रस्ताव करता है, आवेदन प्रस्तुत करेगा और एक विवरण भी संलग्न करेगा जिसमें संयंत्र और अन्य स्थायी उपकरण का विवरण और आकार दिया गया है। कम्प्यूटर की सहायता से योजना की ड्राइंग तैयार की जाएगी जिसमें उपयोग किये जाने वाले प्रत्येक पात्र, टैंक और रिसीवर की सटीक स्थिति और आयाम दिखाए जायेंगे। इकाई के प्रत्येक भाग की ऊँचाई जैसे भंडारण, रिसीवर और अन्य भागों को कंप्यूटर की सहायता से ड्राइंग पर दिखाया जाएगा। आवेदन अभिहित पोर्टल पर भी अपलोड किया जायेगा।

(3) यदि ऐसी जांच, जो आवश्यक समझी जाय, के पश्चात् आबकारी आयुक्त का समाधान हो जाता है तो वह ऐसी शर्तों, जिन्हें राज्य सरकार अधिरोपित करना उचित समझे, के अध्यधीन विश्लेषणात्मक श्रेणीपरिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल संयंत्र की स्थापना हेतु प्राधिकृत करने के लिये प्रपत्र एफ.एल.-52 में लाइसेंस 1,00,000/- (केवल एक लाख) रूपये के शुल्क के भुगतान पर स्वीकृत कर सकता है।

(4) उक्त लाइसेंस जारी किये जाने के दिनांक से एक वर्ष के लिए विधिमान्य (जब तक कि विशेष रूप से विस्तारित न किया गया हो) होगा, जिसके भीतर उसका लाइसेंस धारक, संयंत्र स्थापना हेतु अपेक्षित भवन, संयंत्र, मशीनरी और अन्य उपकरणों की व्यवस्था करेगा।

(5) लाइसेंसधारी द्वारा दिए गए उचित कारणों से तथा 1,00,000/- (केवल एक लाख) रूपये का भुगतान करने के पश्चात् लाइसेंस की वैधता को एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।

(6) प्रपत्र एफ. एल-50 में लाइसेंस जारी करने से पूर्व, आबकारी आयुक्त द्वारा प्राधिकृत प्राविधिक अधिकारी परिसर आदि का निरीक्षण करेगा और योजना के साथ इसका मिलान करेगा और तदनुसार प्रमाणित करेगा।

(7) प्रपत्र एफ.एल-50 में कोई लाइसेंस तब तक स्वीकृत नहीं किया जायेगा जब तक आवेदक-

(एक) आबकारी आयुक्त का समाधान न कर दे कि विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के प्रसंस्करण और बोतल भराई के संबंध में उपयोग किए जाने वाले प्रस्तावित भवन, पात्र, संयंत्र और उपकरण और इसका भंडारण और निकासी, इस निमित्त बनायी गयी नियमावली के अनुसार हैं और ये आवेदक द्वारा प्रस्तुत योजनाओं के अनुरूप है और अग्रतर यह कि अग्नि दुर्घटना से बचने हेतु उचित सावधानी बरती गयी है।

(दो) 10.00 लाख रु० की प्रतिभूति धनराशि जमा न कर दे, जिसमें से पचहत्तर प्रतिशत सावधि जमा रसीद के रूप में आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश के अभिहित नाम से गिरवी रखी गई हो तथा शेष पचीस प्रतिशत नकद में राजकीय कोषागार में जमा की जायेगी।

(तीन) विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के प्रसंस्करण और बोतल भराई के लिए स्वीकृत क्षमता पर रु० 10.00 (दस) प्रति किलोलीटर की दर से लाइसेंस शुल्क अग्रिम रूप से उस वर्ष या उसके आंशिक भाग के लिए जिसके लिए लाइसेंस स्वीकृत किया जाना हो, जमा न कर दे।

6-सामान्य शर्ते

निम्‍नलिखित सामान्य शर्ते लाइसेंसधारी/आवेदक के लिए बाध्यकारी होंगी अर्थात्ः-

(1) लाइसेंसधारी संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 और तद्धीन बनायी गयी नियमावली के सुसंगत उपबंधों का पालन करने के लिए बाध्य होगा, जो उसके लाइसेंस और उसके लाइसेंस की सामान्य और विशेष शर्तों पर लागू होती हैं।

(2) लाइसेंसधारी को पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से उचित लाइसेंस / अनुमति/अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

(3) लाइसेंसधारी को 5 वर्षों से गुणवत्तापरक रसायन की बिक्री एवं प्रसंस्करण के लिए जी.एस.टी के अन्तर्गत पंजीकृत होना चाहिए।

(4) लाइसेंसधारी संबंधित जिला मजिस्ट्रेट से कोई बकाया न होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा।

(5) कम्पनी के मामले में आवेदक को कम्पनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन और आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन और भूमि के स्वामित्व के संबंध में अंतरण या पट्टे का दस्तावेज जमा करना होगा।

(6) यदि यह पाया जाता है कि प्रदेश में ई०एन०ए० की कमी के कारण पीने योग्य शराब की कमी हो रही है तो आबकारी आयुक्त राज्य में विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश की आसवनियों से परिशुद्ध अल्कोहल की बिक्री को प्रतिबंधित कर सकता है।

(7) आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना लाइसेंसधारी उस परिसर में परिवर्तन नहीं करेगा जिसमें वह अपने लाइसेंस के अधीन अपना व्यवसाय करता है, जिसे लाइसेंस पर कलेक्टर या उसके द्वारा सम्यक रूप से सशक्त किसी अधिकारी द्वारा लाइसेंस में अंकित किया जायेगा और आबकारी आयुक्त को सूचित किया जायेगा।

(8) यदि लाइसेंसधारी लाइसेंस के अन्तर्गत आने वाले व्यवसाय के संबंध में साझेदारी करना चाहता है, तो वह आबकारी आयुक्त की पूर्व स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ऐसा करेगा और इसके लिए उसके लाइसेंस में उपयुक्त संशोधन किया जाएगा। साझेदारी किये जाने पर साझीदार के साथ-साथ लाइसेंस के मूल धारक पर इस लाइसेंस की शर्ते बाध्यकारी होंगी।

(9) यदि कोई साझेदारी भंग हो जाती है, तो विघटन के तथ्य की सूचना आबकारी आयुक्त को तीन दिनों के भीतर भंग साझेदारी के सभी भागीदारों द्वारा दी जाएगी।

(10) यदि लाइसेंसधारी व्यवसाय करने में असमर्थ हो जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है या वह दिवालिया हो जाता है या फर्म, कम्पनी या व्यक्तियों के अन्य संघ के मामले में, यह समाप्त हो जाता है, तो आबकारी आयुक्त –

(एक) या तो लाइसेंस रद्द कर सकता है, या

(दो) लाइसेंसधारी के विधिक उत्तराधिकारियों, यदि कोई हो, के नाम पर इसे जारी रख सकता है।

(11) यदि लाइसेंसधारी व्यवसाय से बाहर हो जाता है तो वह परिशुद्ध अल्कोहल और विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के स्टाक का निस्तारण इस तरह से करेगा जैसा कि आबकारी आयुक्त द्वारा निर्देशित किया जाये।

(12) लाइसेंसधारी लाइसेंस के अधीन प्राप्त स्प्रिट की किसी मात्रा को उपहार के रूप में या अन्यथा किसी मी मात्रा में नहीं बेचेगा या उसका उपयोग नहीं करेगा अथवा लाइसेंस में उल्लिखित प्रयोजनों से भिन्न प्रयोजनों के लिए इसका उपयोग नहीं करेगा।

(13) आबकारी आयुक्त की लिखित अनुमति के बिना लाइसेंस प्राप्त परिसर से कोई परिशुद्ध अल्कोहल नही हटाया जायेगा।

(14) लाइसेंसधारी की ओर से मानव उपभोग के लिए स्प्रिट का उपयोग करने का कोई भी प्रयास, उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम 1910 के अधीन अधिरोपित किये जा सकने वाली शास्तियों के अतिरिक्त उसका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

(15) लाइसेंसधारी अपने द्वारा चलाये जा रहे व्यवसाय के लिए निर्धारित रजिस्टरों का रख-रखाव करेगा। लाइसेंसधारी सभी निर्धारित रिटर्न समय पर जमा करेगा और दिन-प्रतिदिन के लेनदेन के खातों को बनाए रखेगा।

(16) लाइसेंसधारी आसवनी से प्राप्त और भंडारण टैंकों में संग्रहीत, निर्माण में प्रयुक्त अल्कोहल और दिन के अंत में अधिशेष मात्रा और विनिर्मित तथा जारी विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के सम्बन्ध में प्रपत्र एफ. एल-53 में अद्यतन लेखा अनुरक्षित करेगा।

(17) लाइसेंसधारी किसी भी समय आबकारी विभाग के किसी अधिकारी द्वारा, जो निरीक्षक के पद से नीचे का न हो, मांगे जाने पर अपने लाइसेंस और लेखाओं को निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करेगा और लाइसेंस, रजिस्टरों, परमिटों या पासों एवं परिशुद्ध अल्कोहल और विश्लेषणात्मक श्रेणीपरिशुद्ध अल्कोहल तथा एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और परिसर का निरीक्षण उक्त अधिकारी को करने देगा।

(18) लाइसेंसधारी एक निरीक्षण पुस्तिका रखेगा जिसके पृष्ठ क्रमागत रूप से अंकित होंगे और मांगे जाने पर उसे आबकारी विभाग के किसी ऐसे अधिकारी को सौंपेगा जो निरीक्षक के पद से नीचे का न हो। लाइसेंसधारी द्वारा उपगत किसी दंड या चेतावनी को उसके लाइसेंस को जब्त या रद्द किए बिना, उक्त पुस्तक में अभिलिखित किया जाएगा।

(19) आबकारी विभाग के अभिहित पोर्टल पर प्रतिदिन एक डिजिटल अभिलेख भी अनुरक्षित किया जायेगा और ऑनलाइन प्रस्तुत किया जायेगा।

(20) आबकारी आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना लाइसेंस को हस्तांतरित या पट्टे पर या बेचा नहीं जाएगा।

(21) लाइसेंसधारी विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एचपी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल को डीलर/अंतिम उपयोगकर्ता को प्रयोगशाला परीक्षण उपयोग, फार्मास्युटिकल उपयोग, विद्यालयों/महाविद्यालयों/संस्थाओं/पैथालॉजी/आर एंड डी केन्द्रों में प्रयोगशाला उपयोग के लिए बिक्रीत करेगा और परिशिष्ट-A में उल्लिखित डीलर/अंतिम उपयोगकर्ता से आवश्यक प्रमाण पत्र/दस्तावेज प्राप्त करेगा और निरीक्षण के समय भी इसे प्रस्तुत करेगा।

(22) विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल का क्रेता लाइ‌सेंसधारी के माध्यम से पोर्टल पर स्वयं अपना पंजीकरण करेगा।

(23) विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल की निकासी प्रपत्र एफ. एल-54 में परिवहन पास के अधीन किया जायेगा।

(24) विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के प्रत्येक ब्रांड और लेबिल का अनुमोदन, आबकारी आयुक्त द्वारा 50,000 रु० (पचास हजार) शुल्क का भुगतान किये जाने पर किया जायेगा।

7- परिशुद्ध अल्कोहल के लिए मांगपत्र

(1) लाइसेंसधारी द्वारा प्राप्त परिशुद्ध अल्कोहल की आपूर्ति, इस नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र आई-I में मांग पत्र पर की जायेगी। मांग पत्र तीन प्रतियों में पुस्तकों में बंधे मुद्रित रूप में होना चाहिए और क्रमागत रूप से संख्यांकित होना चाहिए। जब कभी कोई लाइसेंसधारी स्प्रिट के लिए मांग करता है तो वह कार्बन पेपर का उपयोग करते हुए तीन प्रतियों में मांग पत्र तैयार करेगा, मांग पत्र की मूल प्रति संबंधित लाइसेंसधारी द्वारा परिशुद्ध अल्कोहल का उत्पादन करने वाली आसवनी को प्रेषित की जायेगी, मांगपत्र की द्वितीय प्रति आबकारी निरीक्षक को भेजी जाएगी और मांगपत्र की तीसरी प्रति को संबंधित इकाई अपने पास रखेगी।

(2) निर्धारित फ्लाई लीफ के साथ मांग-पत्र प्राप्त किये जाने पर आसवनी का प्रभारी अधिकारी मांगपत्र का तब तक सम्मान नहीं करेगा जब तक कि उसने फ्लाई लीफ के प्रत्येक कॉलम में पठनीय एवं स्पष्ट प्रविष्टियां न कर दी हो और आपूर्ति की गयी परिशुद्ध अल्कोहल की मात्रा की प्रविष्टि मांगपत्र पर न कर लिया हो। यदि आसवनी मांगपत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने की स्थिति में न हो, तो वह तदनुसार मांगकर्ता को सूचित करेगा। संसूचना की एक प्रति, इकाई के आबकारी निरीक्षक को भेजी जायेगी।

8- प्रतिभूति जब्त किया जाना

लाइसेंस के निबंधनों और शर्तों का अनुपालन न किये जाने की स्थिति में इस प्रकार जमा की गई प्रतिभूति, सरकार के पक्ष में जब्त की जा सकती है और लाइसेंसधारी को स्पष्टीकरण का अवसर देने के पश्चात विधि के अधीन लाइसेंस को अन्य दंड के अलावा रद्द किया जा सकता है।

शर्तें

1-लाइसेंसधारी सभी भवनों, दीवारों, जल चैनलों और उचित क्रम में संयंत्र के लिए आवश्यक नालियां अनुरक्षित करेगा।

2- परिशुद्ध अल्कोहल, उत्तर प्रदेश में स्थित किसी आसवनी से प्राप्त की जायेगी, यदि राज्य में परिशुद्ध अल्कोहल की कोई कमी पाई जाती है तो आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश की अनुमति से इसे दूसरे राज्य से आयात किया जा सकता है।

3- यदि यह पाया जाता है कि प्रदेश में ई०एन०ए० की कमी के कारण पीने योग्य शराब की कमी हो रही है तो आबकारी आयुक्त राज्य में विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश की आसवनियों से परिशुद्ध अल्कोहल की विक्री को प्रतिबंधित कर सकता है।

4- परिशुद्ध अल्कोहल को आबकारी आयुक्त द्वारा अनुमोदित गेज वैट्स या अन्य पात्र में संग्रहीत किया जायेगा। ऐसे सभी पात्रों की एक विशिष्ट क्रम संख्या होगी और उनकी पूरी क्षमता स्पष्ट रूप से और समझदारी से उन पर अंकित की जायेगी।

5-लाइसेंसधारी, आबकारी आयुक्त के पूर्वानुमोदन के अध्यधीन, परिशुद्ध अल्कोहल के भंडारण के लिए और विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल का उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति और परिवहन के लिए आवश्यक समस्त संयंत्रों तथा उपकरणों, जिनमें प्रवेश/निकास द्वार पर आई.पी. पते के साथ सी.सी.टी.वी. कैमरों को स्थापित किया जाना तथा अनुरक्षित किया जाना सम्मिलित होगा, की आपूर्ति करेगा तथा उन्हें परिनिर्मित करेगा।

6-लाइसेंसधारी इकाई के परिसर के भीतर उचित सफाई बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होगा और कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 11 की उप धारा (1) के सभी उपबंधों और तद्धीन जारी किये गये नियमों और आदेशों का पालन करेगा तथा जल और वायु प्रदूषण के संबंध में उपबंध का अनुपालन करेगा, जब तक कि राज्य सरकार द्वारा इन उपबंधों से विशेष रूप से छूट न दी गयी हो।

7-लाइसेंसधारी विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के प्रसंस्करण और बोतल भराई से कचरे और अपशिष्ट के निपटान के लिए प्रभावी व्यवस्था करेगा और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अधीन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 04.08.2016 में निर्धारित ऐसी सभी व्यवस्था करेगा और इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 12 की उप-धारा (2) के उपबंधों के अधीन तथा जल और वायु प्रदूषण के संबंध में संबंधित उपबंधों का अनुपालन करेगा।

8- स्प्रिट को ‘पेसो’ से अनुमोदित एक अलग परिसर में रखा जायेगा। स्प्रिट भण्डार परिसर में केवल एक प्रवेश द्वार होगा। प्रभारी आबकारी अधिकारी की अनुपस्थिति में फाटकों को आबकारी टिकट लॉक से सुरक्षित किया जायेगा।

9- आबकारी आयुक्त के पूर्व अनुमति के बिना स्प्रिट भण्डारण परिसर, टैंक, रिसीवर और संयंत्रों में या उसमें स्थायी स्थिरता के संबंध में कोई परिवर्द्धन या परिवर्तन नहीं किया जाएगा। परिशुद्ध अल्कोहल एवं विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहलऔर एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के रिसीवर और संचय टैंक केवल प्रभारी आबकारी अधिकारी की उपस्थिति में ही खोले और बंद किये जायेंगे।

10- आबकारी आयुक्त द्वारा विधिवत प्राधिकृत व्यक्ति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा परिसर से कोई भी स्प्रिट नहीं ले जाया जायेगा।

11-भंडारण टैंकों से निकालने के लिए आवश्यक स्प्रिट की प्रत्येक मात्रा के लिए प्रभारी आबकारी अधिकारी को लिखित रूप में एक आवेदन दिया जाना चाहिए, जो एक विहित रजिस्टर में दिन-प्रतिदिन जारी की गई मात्रा को अभिलिखित करेगा।

12-लाइसेंसधारी आसवनी से प्राप्त और भंडारण टैंकों में संग्रहीत परिशुद्ध अल्कोहल, प्रसंस्करण और बोतल भराई में उपयोग किये जाने वाले और दिन के अंत में अवशेष स्टाक और विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के प्रसंस्कृत और भरी हुयी बोतलों एवं निकासी का विवरण, प्रपत्र एफ. एल-53 में और आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा यथाविहित रीति से अनुरक्षित रखा जायेगा।

13-लाइसेंस की समाप्ति के दिनांक से कम से कम एक माह पूर्व लाइसेंस के नवीकरण हेतु, लाइसेंसधारी संबंधित जिला के जिला आबकारी अधिकारी के माध्यम से आबकारी आयुक्त को आवेदन करेगा।

14-यदि इकाई में उत्पादित और भंडारित विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के स्टॉक के सत्यापन के पश्चात् प्रत्येक कैलेंडर माह के अंतिम कार्य दिवस पर परिशुद्ध अल्कोहल का भंडारण और प्रसंस्करण तथा बाेेेतलल भराई छीजन 1.0 प्रतिशत से अधिक पाया जाता है तो परिशुद्ध अल्कोहल के ऐसे अधिक छीजन पर भारत निर्मित विदेशी मदिरा की इकोनॉमी श्रेणी की दर से प्रतिफल शुल्क प्रभारित किया जायेगा।

15-लाइसेंसधारी को राज्य सरकार द्वारा विहित दर पर, प्रति लीटर शुल्क का भुगतान, उत्तर प्रदेश में किसी भी आसवनी से प्राप्त करने या अन्य राज्य से विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल के विनिर्माण के लिए आयात किये जाने पर करना होगा।

16- शुल्क की वसूली, आसवनी के प्रभारी आबकारी निरीक्षक द्वारा लाइसेंसधारी के माध्यम से आसवनी से परिशुद्ध अल्कोहल जारी करने से पूर्व की जाएगी और सुसंगत लेखा शीर्षक के अधीन कोषागार में जमा की जाएगी।

17- आबकारी आयुक्त पर्यवेक्षण के लिए आवश्यक आबकारी कार्मिकों की संख्या विनिश्चित करेगा और उसका विनिश्चय लाइसेंसधारी पर बाध्यकारी होगा। लाइसेंसधारी कार्यालय में प्रभारी अधिकारी के लिए कार्यालय फर्नीचर तथा आबकारी कर्मचारिवृंद हेतु लाइसेंस प्राप्त परिसर के आसपास के क्षेत्र में आबकारी आयुक्त की संतुष्टि के अनुसार समुचित कक्ष उपलब्ध कराएगा। लाइसेंसधारी कमरों और उनके उपकरणों को उचित मरम्मत में रखने के लिए वाध्य होगा और उसमें निवास करने वाले किसी अधिकारी को उसके उपयोग या उपभोग में बाधा डालने या नाराज नही करने के लिए बाध्य होगा। आवास की पर्याप्तता के संबंध में कोई प्रश्न उत्पन्न होने की स्थिति में प्रकरण आबकारी आयुक्त को निर्दिष्ट किया जाएगा जिसका विनिश्चय अंतिम और लाइसेंसधारी पर बाध्यकारी होगा।

18-लाइसेंसधारी, प्रभारी आबकारी अधिकारी को एक सूची प्रस्तुत करेगा जिसमें उसके द्वारा नियोजित प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों के नाम और समस्त अन्य कर्मचारियों के नाम समाविष्ट होंगे जिनके कर्तव्यों के लिए उन्हें स्प्रिट भंडार में प्रवेश करना आवश्यक है। वह समय-समय पर सूची में किए जाने वाले किसी भी परिवर्तन के सम्बंध में संंबंधित आबकारी निरीक्षक को तुरंत सूचित करेगा।

19-लाइसेंसधारी द्वारा निम्‍नलिखित रजिस्टर दो प्रतियों में उपलब्ध कराया जायेगा :-

(एक) स्प्रिट की प्राप्ति और उपयोग को प्रदर्शित करने वाले परिशुद्ध अल्कोहल भंडार में संव्यवहार रजिस्टर;

(दो) प्रयुक्त परिशुद्ध अल्कोहल की मात्रा और उत्पादित विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल की कुल मात्रा को प्रदर्शित करने वाली इकाई में संचालन रजिस्टर;

(तीन) समस्त रजिस्टर और प्रपत्र, जो आबकारी आयुक्त विहित कर सकता है, लाइसेंसधारी द्वारा संचालन का पर्यवेक्षण करने के लिए संबंधित आबकारी निरीक्षक को निःशुल्क मुद्रित और आपूर्ति की जाएगी।

(चार) वह दैनिक संव्यवहार लेखाओं को अनुरक्षित करेगा और अपने नाम, पते और मोबाइल नंबर के साथ पक्षकारों को विश्लेषणात्मक श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल की बिक्री करेगा।

20-एक डिजिटल अभिलेख भी अनुरक्षित रखा जायेगा और दैनिक रूप से आबकारी विभाग के अभिहित पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जायेगा।

Rules

Year Hindi Description Files (Hindi)

17-05-2022

उत्तर प्रदेश विश्लेषणात्मक श्रेणी और एच.पी.एल.सी. श्रेणी परिशुद्ध अल्कोहल प्रसंस्करण तथा बोतल भराई लाइसेंस नियमावली, 2022

 

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