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( नोट :- समेकित नियमावली में संशोधनों का समावेश करने में पूर्ण सावधानी बरती गयी है तथापि सन्दर्भ हेतु सरकारी गजट का ही प्रयोग किया जाये)

उत्तर प्रदेश आबकारी (भांग की फुटकर बिक्री के लिये लाइसेंसों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2019

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ

(1) यह नियमावली उत्‍तर प्रदेश आबकारी (भांग की फुटकर बिक्री के लिये लाइसेंसों का व्‍यवस्थापन) नियमावली, 2019 कही जायेगी।

(2) यह गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से प्रवृत्‍त होगी।

2. परिभाषाएं

जब तक विषय या संदर्भ में कोई बात प्रतिकूल न हो इस नियमावली में –

(क) “अधिनियम” का तात्पर्य समय-समय पर यथा संशोधित संयुक्त आबकारी अधिनियम, 1910 से है;

(ख) “वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा” का तात्पर्य आबकारी आयुक्त द्वारा जारी सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों के अनुसार लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथा नियत और लाइसेंसधारी द्वारा फुटकर बिक्री के प्रयोजनार्थ आबकारी वर्ष के दौरान फुटकर विक्रय के प्रयोजन के लिए उसके द्वारा उठाई जाने वाली प्रत्याभूत भांग की मात्रा (किलो ग्राम में) से है। तथापि, यदि आबकारी वर्ष के प्रारम्भ के पश्चात कोई लाइसेंस दिया जाता है, तो आबकारी वर्ष के शेष दिनांक की संख्या के अनुसार समानुपातिक रूप से उनकी न्यूनतम वार्षिक प्रत्याभूत मात्रा को घटा दिया जायेगा;

(ग) “भांग” का तात्पर्य भांग के पौधे (कैनेबिस सेटाइवा) की पत्तियों एवं छोटे-छोटे डन्ठलों से है जो भांग के नाम से जाना जाता है;

(घ) “प्रतिफल फीस” का तात्पर्य अधिनियम की धारा 24 के अधीन भांग की फुटकर बिक्री के एकान्तिक विशेषाधिकार हेतु संपूर्ण आबकारी वर्ष या उसके आंशिक भाग के लिये लाइसेंस प्रदान किये जाने के निमित्त प्रतिफल के उस भाग से है जो लाइसेंसधारी के रूप में चयनित व्यक्ति द्वारा, जैसा कि समय-समय पर राज्य सरकार के परामर्श से आबकारी आयुक्त द्वारा अधिसूचित की जाय, संदेय किया जाय।

परन्तु यह कि यदि व्यवस्थापन मध्य सत्र में होता है, तो प्रतिफल फीस आबकारी वर्ष के अवशेष अवधि के समानुपातिक होगा:

(ड.) “दैनिक लाइसेंस फीस” का तात्पर्य संपूर्ण वर्ष के लिये नियत लाइसेंस फीस के 1/365 वे भाग से है;

(च) “दैनिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा” वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा का 1/365 वो भाग होगी;

(छ) “आबकारी वर्ष” का तात्पर्य 1 अप्रैल से आरम्भ होकर आगामी कैलेंडर वर्ष के 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष से है:

(ज) [xxx]

(झ) “परिवार” का तात्पर्य दम्पत्ति (पति या पत्नी), आश्रित पुत्र पुत्रों), अविवाहित पुत्री (पुत्रियों) और आश्रित माता-पिता से है;

(ञ) “प्रपत्र” का तात्पर्य इस नियमावली के साथ संलग्न प्रपत्र से है;

(ट) “अधिक्रम” का तात्पर्य ई-लाटरी प्रक्रिया के माध्यम से लाइसेंसधारी के चयन के लिये कम्प्यूटर आधारित यादृच्छिकीकरण प्रक्रिया के माध्यम से दुकान आवंटन के आधार हेतु तात्पर्चित लाइसेंस फीस के अवरोही क्रम से है।

(ठ) “व्यक्ति” का तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है जो आवेदन करने के समय इक्कीस वर्ष की आयु से अन्यून, भारत का नागरिक हो,

(ड) “लाइसेंस प्राधिकारी” का तात्पर्य जिला के कलेक्टर से है,

(ढ) “लाइसेंस फीस” का तात्पर्य प्रतिफल फीस के अतिरिक्त, अधिनियम की धारा-24 के अधीन भांग की फुटकर विक्री के एकान्तिक विशेषाधिकार के लिए राज्य सरकार के परामर्श से आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर अधिसूचित संपूर्ण आबकारी वर्ष या उसके आंशिक भाग के लिये लाइसेंस प्रदान किये जाने हेतु उद्ग्रहणीय प्रतिफल फीस से है, जो लाइसेंसधारी द्वारा लाइसेंस प्रदान किये जाने से पूर्व संदेय होगी,

(ण) “प्रतिफल फीस की मासिक किस्त” का तात्पर्य लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा निवत वार्षिक प्रतिफल फीस के 1/12 वें भाग से है, जो प्रत्येक माह संदेय होगी;

(त) “मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा” वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा को 12 समान भाग में विभाजित किया जावेगा। इन गणनाओं के फलस्वरूप प्राप्त मात्रा, मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा समझी जायेगी;

(थ) “पोर्टल” का तात्पर्य विनिर्दिष्ट रूप से सृजति ऐसे इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म से है, जिस पर भांग की फुटकर दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया से सम्बन्धित सूचना विहित प्रपत्र में अपलोड की जायेगी;

(द) “प्रतिभूति धनराशि” का तात्पर्य वार्षिक प्रतिफल फीस तथा लाइसेंस फीस के योग के 1/6वाँ भाग से है, जो जिला आबकारी अधिकारी के पक्ष में गिरवीकृत ई-बैंक गारंटी के रूप में अथवा आबकारी आयुक्त द्वारा विनिर्दिष्ट किसी रूप अथवा रीति से जमा की जायेगी तथा जो राज्य सरकार के समस्त दावों और देयों के अंतिम निपटान के पश्चात वापसी योग्य होगी।

परन्तु यह कि नवीकरण के मामले में, नकद ई-भुगतान अथवा राष्ट्रीय बचत पत्र अथवा बैंक गारंटी अथवा सावधि जमा रसीद के माध्यम से पूर्व में जमा की गई प्रतिभूति तब तक स्वीकार्य होगी, जब तक कि उसे वापस नहीं कर दिया जाता है।

(ध) “ऋणशोधन क्षमता” का तात्पर्य फुटकर लाइसेंस की स्वीकृति के लिये आवेदन करने हेतु आवेदक के लिये निर्धारित वित्तीय अर्हता के मानदण्ड से है जो किसी दुकान के लिए अवधारित लाइसेंस फीस के समतुल्य धनराशि से कम नहीं होगी,

(न) “व्यवस्थापन” का तात्पर्य राज्य सरकार द्वारा ई-नवीकरण, ई-लॉटरी, ई-टेंडर में से यथा विनिर्दिष्ट माध्यम से आवेदक के पक्ष में दुकानों का आवंटन और अन्य औपचारिकताओं के पूरा होने पर पूरे आबकारी वर्ष या उसके एक हिस्से के लिए लाइसेंस प्रदान करने से है। अगले वर्ष के लिए दुकानों का व्यवस्थापन पिछले वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले किया जा सकता है;

(2) इस नियमावली में अपरिभाषित किन्तु अधिनियम में परिभाषित शब्दों और पदों के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में क्रमशः उनके लिए समानुदेशित हों।

3. फुटकर बिक्री के लिए लाइसेंसों का व्यवस्थापन

(क) इस नियमावली के उपबंधों और लाइसेंस फीस तथा प्रतिभूति राशि के भुगतान के अध्यधीन, परिसर के बाहर उपभोग के लिए भांग की खुदरा बिक्री के लिए नियम-10 के अनुसार चयनित आवेदक के पक्ष में लाइसेंस प्रदान करके व्यवस्थापन या पुनर्व्यवस्थापन किया जाएगा।

(ख) परिसर के बाहर उपभोग के लिए भांग की खुदरा बिक्री के लिए इस नियमावली के अधीन दिया गया लाइसेंस, प्रपत्र एच.एम.-1 में होगा।

(ग) भांग की बिक्री खुले अथवा पिसी गोली के रूप में करेगा। लाइसेंसधारी को किसी भी व्यक्ति को 120 ग्राम से अधिक भांग की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।

4. फुटकर दुकानों की संख्या और स्थिति के निर्धारण की शक्ति

दुकानों की संख्या और स्थिति का निर्धारण लाइसेंसिंग प्राधिकारी द्वारा राज्य सरकार या आबकारी आयुक्त द्वारा समय-समय पर जारी सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों के अधीन किया जाएगा। दुकानों की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए दुकानों को जियो-टैग और जियो-फेंस किया जाएगा। दुकानों की स्थिति समय-समय पर यथासंशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या और स्थिति नियमावली, 1968 के उपबंधों के अनुसार होगी।

5. लाइसेंस की अवधि

लाइसेंस की अवधि एक आबकारी वर्ष अथवा उसके भाग, जिसके लिये लाइसेंस स्वीकृत किया गया है, के लिए होगी, किन्तु अगले आबकारी वर्ष हेतु लाइसेंसधारी का चयन इस नियमावली के नियम-10 के अनुसार किया जायेगा।

6.  लाइसेंस की स्वीकृति

इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंस फीस एवं प्रतिभूति धनराशि का समय पर भुगतान करने पर लाइसेंस जारी किया जाएगा। लाइसेंस शुल्क अधिमानतः राज्य सरकार द्वारा विहित ई-भुगतान प्लेटफार्म के माध्यम से जमा किया जाएगा तथा प्रतिभूति धनराशि आबकारी आयुक्त द्वारा विनिर्दिष्ट रूप एवं रीति से जमा की जाएगी।

लाइसेंसधारी के लिए यह आवश्यक होगा कि वह ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र अथवा प्राधिकृत आयकर मूल्यांकक द्वारा निर्गत अस्ति प्रमाण पत्र की मूल प्रति अथवा किसी अन्य जिला आबकारी अधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रति, जहां मूल प्रति उस जिले के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय में जमा की गई हो, जहां से उसे लाइसेंस प्रदान किया गया है, प्रस्तुत करे।

7. अनुज्ञापन स्वीकृति के लिये आवेदन

(क) जब भी किसी नव सृजित या अव्यवस्थापित दुकान/दुकानों का व्यवस्थापन आवश्यक हो, तो लाइसेंस प्राधिकारी उस क्षेत्र में प्रसारित होने वाले दैनिक समाचार पत्रों तथा जिले की वेबसाइट में दुकान/दुकानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा तथा राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट रीति से आवेदन आमंत्रित करेगा।

(ख) कलेक्टर द्वारा जिन दुकानों का लाइसेंस स्वीकृति किया जाना प्रस्तावित है. उनकी सूची, दुकानवार प्रतिफल शुल्क, वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा, लाइसेंस फीस, प्रतिभूति धनराशि सहित कलेक्टर कार्यालय, तहसील कार्यालयों, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय तथा उप आबकारी आयुक्त, प्रभार के कार्यालय में प्रदर्शित की जाएगी। यह सूचना जिले की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जाएगी।

(ग) लाइसेंस प्रदान करने के लिए आवेदन पत्र समाचार पत्रों में दिए गए विज्ञापन में उल्लिखित समय सारिणी के अनुसार विनिर्दिष्ट रीति से प्रस्तुत किए जाएंगे।

प्रत्येक आवेदन के सापेक्ष आवेदक को राज्य सरकार द्वारा अवधारित दर पर गैर प्रतिदेय प्रसंस्करण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करना होगा।

(घ) आवेदन पत्र प्राप्त करने के लिए निर्धारित किया जाने बाला अंतिम दिनांक संबंधित जिले के किसी भी समाचार पत्र और वेबसाइट में प्रकाशित विज्ञापन में विनिर्दिष्ट दिनांक से पूर्व का नहीं होगा।

8. आवेदकों के लिये पात्रता की शर्तें

लाइसेंस के लिए आवेदकों को अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा, अर्थात्-

(क) आवेदक एक व्यक्ति होना चाहिए जो भारत का नागरिक हो।

भागीदारी वाली कोई फर्म या कंपनी फुटकर लाइसेंस दिए जाने के लिए पात्र नहीं होगी। इसी प्रकार भांग का थोक पूर्तिकर्ता भी किसी फुटकर दुकान का लाइसेंस धारण करने के लिए पात्र नहीं होगा।

दुकान आवंटन के बाद आवेदक की स्थिति में कोई परिवर्तन अनुमन्य नहीं होगा। लाइसेंसधारी की मृत्यु की दशा में, लाइसेंसधारी द्वारा प्रस्तुत नामनिर्देशन शपथपत्र (यदि कोई हो) में नामनिर्देशिती के रूप में उल्लिखित विधिक वारिसों/परिवार के सदस्यों/निकट संबंधियों के नाम, यदि अन्यथा अपात्र न हों, तो नामनिर्देशन शपथपत्र में उल्लिखित वरीयता क्रम के अनुसार लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारी के रूप में बने रहने के लिए विचारित किए जाएंगे।

परन्तु यह कि मृतक लाइसेंसधारी के किसी नामनिर्देशन शपथपत्र के अभाव में, उसका विधिक वारिस, यदि अन्यथा पात्र हो, लाइसेंस की शेष अवधि के लिए लाइसेंसधारी बना रह सकता है।

(ख) आवेदक की आयु आवेदन प्राप्त करने के लिए नियत अवधि के प्रथम दिन इक्कीस वर्ष से अधिक होनी चाहिए;

(ग) आवेदक व्यतिक्रमी नहीं होना चाहिए या उसका नाम अधिनियम या तद्धीन बनायी गयी नियमावली/विनियमावली के उपबंधों के अधीन काली सूची में नहीं होना चाहिए या आवकारी लाइसेंस धारण करने से विवर्जित नहीं होना चाहिए। कोई भी व्यक्ति जिसे किसी आबकारी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है, उसे लाइसेंस रखने से विवर्जित किया जाएगा जब तक कि उसे किसी सक्षम न्यायालय द्वारा पूरी तरह से और अंतिम रूप से दोष मुक्त नहीं कर दिया जाता है;

(घ) आवेदक को किसी एक दुकान के लिए अपने नाम से केवल एक ही आवेदन करने की अनुमति होगी। यदि किसी आवेदक की एक ही दुकान के लिए एक से अधिक आवेदन पाए जाते हैं तो सभी अतिरिक्त आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे और प्रसंस्करण शुल्क जब्त कर लिया जाएगा।

(ङ) निम्नलिखित की पुष्टि में पब्लिक नोटरी द्वारा सम्यक रूप से अभिप्रमाणित शपथपत्र प्रस्तुत करेगा/करेगी, अर्थातः-

(एक) यह कि समय-समय पर यथा संशोधित उत्तर प्रदेश आबकारी दुकानों की संख्या एवं स्थिति नियमावली, 1968 के उपबंधों के अनुसार उस स्थान पर दुकान खोलने हेतु उपयुक्त परिसर रखता रखती है अथवा किराये पर उस स्थान पर उपयुक्त परिसर का प्रबन्ध कर सकता/सकती है।

(दो) यह कि दुकान के उसके प्रस्तावित परिसर के निर्माण में किसी विधि अथवा नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है।

(तीन) यह कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का नैतिक चरित्र अच्छा है और उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है और संयुक्त प्रान्त आबकारी अधिनियम, 1910 या स्वापक औषधि एवं मनः प्रभावी अधिनियम, 1985 के अधीन दण्डनीय किसी अपराध या किसी अन्य संज्ञेय एवं गैर जमानती अपराध के लिए दोषसिद्ध न किया गया हो।

(चार) यह कि लाइसेंसधारी के रूप में चयनित हो जाने की दशा में जिला, जहाँ का वह निवासी है, के जिला कलेक्टर वा सम्बन्धित जिला के पुलिस अधीक्षक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिश्नरी के पुलिस आयुक्त द्वारा नामनिर्दिष्ट, सहायक पुलिस आयुक्त के रैंक से अनिम्न अधिकारी, द्वारा जारी इस आशय का प्रमाण-पत्र लाइसेंस जारी के पूर्व प्रस्तुत करेगा/करेगी कि उसका एवं उसके परिवार के सदस्यों का चरित्र अच्छा है एवं उनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि या आपराधिक इतिहास नहीं है।

(पाँच) यह कि वह किसी भी ऐसे व्यक्ति को बिक्रीकर्ता या प्रतिनिधि के रूप में नियोजित नहीं करेगा, जिसकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि हो, या जो किसी संक्रामक रोग से पीड़ित हो या 21 वर्ष से कम आयु का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी, समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा अवधारित शुल्क का भुगतान करने के बाद, जिला आबकारी अधिकारी से अपने प्राधिकृत विक्रीकर्ता/प्रतिनिधि की फोटोयुक्त ‘नौकरनामा’ प्राप्त करेगा;

(छः) यह कि उस पर कोई लोक देयता या सरकारी देयता का बकाया नहीं है।

(सात) यह कि ऋण शोधक्षम है और आवश्यक निधि रखता रखती है या उसके कारोबार के संव्यवहार के लिए आवश्यक निधि का प्रबन्ध कर लिया है, जिसका ब्यौरा, यदि अपेक्षित होगा, तो लाइसेंस प्राधिकारी को उपलब्ध करा देगा/देगी।

(आठ) यह कि वह माफिया गतिविधियों, असामाजिक गतिविधियों और संगठित आपराधिक क्रियाकलापों में सक्रिय रूप से अंतग्रस्त नहीं है। यदि लाइसेंस प्राप्त करने के बाद भी यह प्रमाणित हो जाता है कि वह उपर्युक्त क्रियाकलापों में अंतग्रस्त है, तो उसे दिया गया लाइसेंस रद्द कर दिया जाना चाहिए।

(नौ) यह है कि आवेदक बार काउसिंल में रजिस्ट्रीकृत अधिवक्ता नहीं है। यदि लाइसेंस प्राप्त कर लेने पर उसे बार काउसिंल में रजिस्ट्रीकृत अधिवक्ता पाया जाता है तो लाइसेंस रद्द कर दिया जावेगा।

(दस) केन्द्र सरकार या किसी राज्य सरकार का कर्मचारी भी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने के लिए अपात्र होगा।

(ग्यारह) [xxx];

(च) [xxx];

(छ) [xxx];

(ज) यह कि आवेदक ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र या किसी प्राधिकृत आयकर मूल्यांकनकर्ता द्वारा जारी अस्ति प्रमाणपत्र का धारक है और उसके ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र / प्राधिकृत आयकर मूल्यांकनकर्ता द्वारा जारी संपत्ति स्वामित्व प्रमाणपत्र का मूल्य जिले में आवेदित दुकान का लाइसेंस प्रदान करने के लिए अवधारित लाइसेंस शुल्क की राशि से कम नहीं होगा;(ज) यह कि आवेदक ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र या किसी प्राधिकृत आयकर मूल्यांकनकर्ता द्वारा जारी अस्ति प्रमाणपत्र का धारक है और उसके ऋणशोधन क्षमता प्रमाण पत्र / प्राधिकृत आयकर मूल्यांकनकर्ता द्वारा जारी संपत्ति स्वामित्व प्रमाणपत्र का मूल्य जिले में आवेदित दुकान का लाइसेंस प्रदान करने के लिए अवधारित लाइसेंस शुल्क की राशि से कम नहीं होगा;

9. लाइसेंस के लिये जिला स्‍तरीय समिति

भांग की फुटकर बिक्री के लाइसेंसधारियों के चयन हेतु एक जिला स्तरीय समिति होगी। समिति में निम्‍नलिखित सदस्‍य होंगे; अर्थात्:-

(एक) जिला का कलेक्टर अध्‍यक्ष
(दो) जिला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक / संबंधित जिला के पुलिस अधीक्षक या सम्बन्धित पुलिस कमिशनरी के पुलिस आयुक्‍त द्वारा नाम निर्दिष्ट एक अधिकारी, जो सहायक पुलिस आयुक्‍त से अनिम्‍न हो, सदस्‍य
(तीन) आबकारी आयुक्‍त द्वारा नाम निर्दिष्ट आबकारी विभाग का एक राजपत्रित अधिकारी सदस्‍य
(चार) जिला का जिला आबकारी अधिकारी सदस्‍य/सचिव

10. लाइसेंसधारी का चयन

(1) (क) किसी दुकान के लिये लाइसेंसधारी का चयन, ई-लाटरी, ई-नवीकरण तथा ई-निविदा की तीन प्रक्रियाओं में से किया जायेगा जो राज्य सरकार द्वारा उस विशिष्ट वर्ष हेतु विनिर्दिष्ट हो।

परन्तु यह कि अधिनियम की धारा-36-क के अधीन किसी लाइसेंसधारी को लाइसेंस के नवीकरण का अधिकार नहीं होगा।

(ख) राज्य सरकार द्वारा किसी वर्ष हेतु नवीकरण विनिर्दिष्ट न किये जाने की स्थिति में लाइसेंसधारियों का दुकानवार चयन, आनलाइन आवेदन आमंत्रित कर राज्य सरकार द्वारा यथा विनिर्दिष्ट ई-लाटरी अथवा एवं ई-निविदा की प्रक्रिया के माध्यम से किया जायेगा। यदि राज्य सरकार द्वारा ई-नवीकरण विनिर्दिष्ट किया जाता है किन्तु लाइसेंसधारी द्वारा नवीकरण का अनुरोध नहीं किया जाता है अथवा लाइसेंसधारी नवीकरण हेतु पात्र नहीं पाया जाता है तो ऐसी स्थिति में भी पूर्वोलिखित ई-लाटरी अथवा एवं ई-निविदा प्रक्रिया अपनायी जायेगी। जिला आबकारी अधिकारी, आनलाइन प्राप्त आवेदनों की संवीक्षा करेगा और समस्त ग्राह्या एवं अग्राह्य आवेदनों की सूची, अग्राह्यता के कारणों को वर्णित करते हुए तैयार करेगा और इस सूची को ई-लाटरी एवं ई-निविदा हेतु इस नियमावली के नियम-9 में यथाउल्लिखित जिला स्तरीय लाइसेंस समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा।

(ग) यदि दुकान का नवीकरण कर दिया गया हो और नवीकरण शुल्क जमा करने के पश्चात यदि किसी लाइसेंस धारी की मृत्यु हो जाती है और उसके किसी विधिक वारिस अथवा नामनिर्देशिती द्वारा उक्त लाइसेंस के संचालन हेतु आवेदन नहीं दिया जाता है अथवा किसौ वारिस / नामनिर्देशिती को इस हेतु पात्र नहीं पाया जाता है तो नवीकरण हेतु जमा धनराशि, प्रासेसिंग फीस को छोड़कर विधिक वारिस को प्रतिदाय कर दिया जायेगा।

(2) ई-लॉटरी की दशा में पात्र आवेदकों में से दुकानवार लाइसेंसधारी का चयन नियम-2 (1) (ट) में यथा परिभाषित प्रत्येक श्रेणी में अधिक्रम के अनुसार देशी मदिरा दुकान, मॉडल शाप, कम्पोजिट दुकान तथा भांग की दुकान की श्रेणियों के अनुक्रम में कम्प्यूटर आधारित यादृच्छिक विन्यास के माध्यम से किया जायेगा।

(3) यदि लाइसेंसधारी का चयन ई-निविदा के माध्यम से किया जाता है तो निविदा/प्रस्ताव आमंत्रित करने की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट की जायेगी।

(4) संपूर्ण राज्य में किसी व्यक्ति को सभी श्रेणी की देशी मदिरा दुकानों, मॉडल शाप, कम्पोजिट दुकानों एवं भांग की दुकानों सहित दो से अधिक दुकानें आवंटित नहीं की जायेंगीः

परन्तु यह कि नवीकरण/नामांतरण के मामलों में पूर्वोक्त निर्बंधन विधिक वारिस/परिवार के सदस्य/निकट संबंधी के पक्ष में लागू नहीं होगा;

परन्तु यह और कि किसी आवेदक के पक्ष में संपूर्ण राज्य में दो या दो से अधिक दुकानों का नवीकरण किया गया हो अथवा पहले से ही व्यवस्थापित हो, वह ई-लाटरी/ई-टेण्डर के माध्यम से दुकानों के अग्रतर आवंटन हेतु पात्र नहीं होगा/होगी।

(5) ई-लाटरी अथवा ई-नवीकरण अथवा ई-टेण्डर के माध्यम से लाइसेंसधारी के रूप में चयनित व्यक्ति के लिये लाइसेंस फीस और प्रतिभूति राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट समय-सारिणी एवं रीति के अनुसार जमा करना तथा समस्त अन्य विनिर्दिष्ट औपचारिकतायें पूरी करना तथा विनिर्दिष्ट समयावधि के भीतर उपयुक्त दुकान परिसर की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। यदि लाइसेन्सधारी के रूप में चयनित व्यक्ति उपर्युक्त का अनुपालन नहीं करता है तो लाइसेंस प्राधिकारी आवंटन लाइसेंस को निरस्त कर देगा और दुकान के पुनर्व्यवस्थापन हेतु राज्य सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट आवश्यक कदम उठायेगा।

(6) यदि किसी विशिष्ट दुकान के लिए यथा स्थिति ई-लाटरी, ई-नवीकरण अथवा ई-निविदा प्रक्रिया में कोई आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हो या किसी दुकान के लिए कोई अभ्यर्थी उपयुक्त नहीं पाया जाये तो लाइसेंस प्राधिकारी दुकान के पुनर्व्यवस्थापन हेतु राज्य सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट प्रक्रिया के माध्यम से तत्काल कदम उठायेगा।

11. व्यवस्थित की गयी दुकानों का विवरण

दुकान/दुकानों के व्यवस्थापन के पश्चात, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी आयुक्त द्वारा विनिर्दिष्ट अवधि में व्यवस्थापित की गई दुकान/दुकानों का विवरण आबकारी आयुक्त को भेजेगा तथा लाइसेंसधारियों के नाम व पता, दुकानों की जियो टैगिंग, दुकानवार वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा, वार्षिक प्रत्याभूत प्रतिफल शुल्क का विवरण, प्रतिभूति राशि तथा जमा की गई लाइसेंस फीस का विवरण आबकारी विभाग के निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करेगा।

12. लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि का भुगतान

यदि कोई आवेदक नियम-10 के अनुसार लाइसेंसधारी के रूप में चयनित होता है, तो उसे चयन की सूचना प्राप्त होने के तीन कार्य दिवसों के भीतर लाइसेंस शुल्क की सम्पूर्ण धनराशि अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। उसे प्रतिभूति धनराशि का पचास प्रतिशत ई-लॉटरी के दिनांक से 10 कार्य दिवस के भीतर, तीस प्रतिशत ई-लॉटरी के दिनांक से 25 कार्य दिवस के भीतर तथा शेष बीस प्रतिशत ई-लॉटरी के दिनांक से 35 कार्य दिवस के भीतर विहित रीति से जमा करना होगा।

परन्तु यह कि यदि विहित अवधि के भीतर प्रतिभूति धनराशि जमा नहीं की जाती है, तो 2000/- रूपये प्रतिदिन की दर से शास्ति अधिरोपित की जायेगी । शास्ति सहित प्रतिभूति धनराशि जमा करने के लिए विहित अवधि के अतिरिक्त केवल 15 अतिरिक्त दिन की अनुमति दी जाएगी।

परन्तु नवीकरण के मामले में, नकद या राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) या सावधि जमा रसीद या बैंक गारंटी के माध्यम से पूर्व में जमा की गई प्रतिभूति राशि वापस किए जाने तक विधिमान्य होगी।

परन्तु यह और कि यदि आवेदक विहित अवधि के भीतर लाइसेंस फीस या प्रतिभूति धनराशि जमा करने में विफल रहता है, तो लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा उसका चयन रद्द कर दिया जाएगा और समस्त जमा धनराशि जब्त कर ली जाएगी।

यदि किसी दुकान का लाइसेंस राज्य सरकार द्वारा किसी वर्ष के लिए नवीकृत करने के लिए विनिर्दिष्ट किया जाता है, तो नवीकरण के लिए लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि में अंतर राज्य सरकार द्वारा यथा विनिर्दिष्ट विहित अवधि के भीतर जमा किया जाएगा।

13. भांग की उठान

इस नियमावली के अधीन लाइसेंसधारी भांग के लागत मूल्य का भुगतान थोक भांग आपूर्तिकर्ता के खाते में आर०टी०जी०एस० के माध्यम से तथा निकासी की मात्रा में सन्निहित प्रतिफल शुल्क ई-चालान के माध्यम से कोषागार में जमा करने के पश्चात् भुगतान के प्रमाण सहित मांग-पत्र प्रपत्र एच0एम0-2 में जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा जिसके पश्चात् जिला आबकारी अधिकारी प्ररूप एच0एम0-3 में निर्गम आदेश निर्गत करेगा। निर्गमन आदेश के आधार पर, लाइसेंसधारी, जिला के बंधित गोदाम से भांग की आपूर्ति प्राप्त करेगा।

14. प्रतिफल फीस की मासिक किस्त का भुगतान और विफलता के परिणाम

(1) लाइसेंसधारी को प्रत्येक माह के 20वें दिन तक या जहाँ वह दिन अवकाश का दिन हो वहाँ अगले कार्यदिवस तक वार्षिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा के सापेक्ष आगणित प्रतिफल फीस की मासिक किश्त जमा करनी होगी। उसके द्वारा सम्बन्धित माह के दौरान उठायी गयी भांग की मात्रा में निहित प्रतिफल शुल्क को इस नियमावली के उपबन्धों के अधीन लाइसेंस फीस की मासिक किस्त में समायोजित किया जायेगा ।

परन्तु मासिक एम०जी०क्यू० का पूर्ण रूप से ससमय उठान न किये जाने की स्थिति में लाइसेंसधारी को, न उठाये गये एम०जी०क्यू० की मात्रा में सन्निहित प्रतिफल शुल्क उसी माह में जमा करना अनिवार्य होगा।

(2) लाइसेंसधारी से अपेक्षा की जायेगी कि वह प्रत्येक माह की 20 तारीख के अगले कार्यदिवस को सायं 5 बजे तक स्वयं पर देय प्रतिफल शुल्क की गणना व सत्यापन हेतु अपने द्वारा उठायी गयी भांग की मात्रा व जमा की गयी प्रतिफल शुल्क का विवरण देते हुये अपना लेखा जिला आबकारी अधिकारी को प्रस्तुत कर दे।

(3) लाइसेंसधारी द्वारा उठायी गयी भांग की मात्रा में निहित प्रतिफल शुल्क के सम्यक समायोजन के पश्चात् प्रतिफल शुल्क में कोई कमी होने की स्थिति में जिला आबकारी अधिकारी प्रतिफल शुल्क की बाकी अतिशेष धनराशि को लाइसेंसधारी द्वारा जमा प्रतिभूति धनराशि में से समायोजित कर लेगा एवं प्रतिभूति धनराशि में आयी कमी को नकद जमा कराने हेतु लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा लाइसेंसधारी को नोटिस देने के पश्चात् उसे सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुये कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इस कार्यवाही की अधिकतम समय सीमा माह का अन्तिम दिवस होगी। अपेक्षित प्रतिभूति धनराशि की पुनः पूर्ति न करने की दशा में नियत अवधि व्यतीत हो जाने पर प्रश्नगत लाइसेंस, लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया जायेगा। जिला आबकारी अधिकारी तत्काल उस दुकान के पुर्नव्यवस्थापन की कार्यवाही प्रारम्भ करेगा और ऐसा न करने पर उसका व्‍यक्तिगत उत्‍तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा ।

(4) मास के समाप्ति के पश्चात् आगामी माह में भांग की मात्रा उठाकर अथवा प्रतिफल शुल्क जमा प्रतिभूति धनराशि की कर्मी में पूर्ति अनुमन्य नहीं होगी।

15. न्यूनतम मासिक प्रत्याभूत मात्रा से अधिक भांग की उठान

लाइसेंसधारी न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा से अधिक भांग का उठान राज्य सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट प्रतिफल शुल्क एवं लागत मूल्य जमा कर उठान कर सकता है।

16. बिक्री की अवधि और दुकानों की बन्दी

लाइसेंस प्राप्त परिसर 14 अप्रैल (अम्बेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गाँधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बंदी हेतु यथा अधिसूचित तीन और दिवसों के अतिरिक्‍त सभी दिवसों में प्रातः 10 से रात्रि 10 बजे तक बिक्री के लिए खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के उपबन्धों के अधीन कानून और व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रियाकलापों के कारण भी दुकान की बन्दी का आदेश दे सकता है। उपरोक्‍त आधार पर दुकान की बन्दी के लिए कोई प्रतिकर नहीं प्रदान किया जायेगा।

17. लाइसेंस की समाप्ति पर बचे अवषेश स्टाक का निस्तारण

लाइसेंसधारी द्वारा वर्ष में उठायी गयी भॉग की सम्पूर्ण मात्रा की बिक्री उसे उसके लाइसेंस की वैधता अवधि में ही करनी होगी और लाइसेंस की समाप्ति के बाद लाइसेंसधारी को उसे बेचने की अनुमति नहीं होगी। लाइसेंसधारी द्वारा लाइसेंस अवधि की समाप्ति पर भाँग की अवशेष और अविक्रीत मात्रा की घोषणा जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष अगले दिन 12.00 बजे तक की जायेगी और लाइसेंस की समाप्ति के अगले दिवस को 5.00 बजे अपरान्ह तक जिला के संबंधित बंधित गोदाम को वापस करेगा। अवशेष भांग को उप आबकारी आयुक्‍त प्रभार की देख-रेख में जिला आबकारी अधिकारी व स्थानीय उप जिलाधिकारी की संयुक्‍त समिति द्वारा वीडियोग्राफी करते हुये नष्ट कर दिया जायेगा।

18. लाइसेंस का अभ्यर्पण

लाइसेंसधारी अधिनियम की धारा 36 के उपबन्धों के अधीन अपने लाइसेंस का अभ्यर्पण लाइसेंस प्राधिकारी को कम से कम एक मास की लिखित नोटिस देकर कर सकता है। ऐसा आवेदन प्राप्त होने पर लाइसेंस प्राधिकारी उसकी जमा प्रतिभूति से समस्त अवशेष आबकारी देयों की वसूली करने की कार्यवाही करेगा, और आबकारी आयुक्‍त का आदेश प्राप्त कर अतिशेष धनराशि, यदि कोई हो, वापस करेगा। लाइसेंस प्राधिकारी, आबकारी वर्ष की शेष अवधि के लिये दुकान के पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही भी अविलम्ब आरम्भ करेगा।

19. अग्रिम प्रतिभूति निक्षेप का समायोजन या वापस किया जाना

अग्रिम प्रतिभूति निक्षेप, जब तक कि वह समपहृत न कर ली जाये, आबकारी वर्ष के अन्त में आबकारी राजस्व की अदेयता की स्थिति में वापस कर दी जायेगी।

20. दुकानों का अन्तरिम व्यवस्थापन

(1) यदि लाइसेंस इस नियमावली के उपबंधों के अनुसार निलंबित, निरस्त या समर्पित कर दिया जाता है या किसी कारणवश उपनियम (2) के अनुसार दुकान का व्यवस्थापन होना शेष रह जाता है, तो लाइसेंस प्राधिकारी दैनिक लाइसेंस फीस एवं दैनिक प्रतिफल फीस की गणना कर राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट रीति से दैनिक व्यवस्थापन हेतु प्रस्ताव प्राप्त कर सकेंगे तथा उच्चतम प्रस्ताव के आधार पर अधिकतम 14 दिनों की अवधि तक या नियमित व्यवस्थापन के दिनांक तक, जो भी पहले हो, व्यवस्थापन कर सकेंगे।

प्रस्ताव प्राप्त करने की प्रक्रिया ई-निविदा के लिए निविदा प्राप्त करने की प्रक्रिया के समान होगी। यदि लगातार दो बार प्रस्ताव प्राप्त करने के बाद भी विहित दायित्वों के बराबर प्रस्ताव प्राप्त नहीं होता है, तो तीसरे चरण में, लाइसेन्स प्राधिकारी को राजस्व के हित में विहित दायित्वों से कम का प्रस्ताव स्वीकार करने का अधिकार होगा।

किसी भी स्थिति में विहित दायित्वों के 80 प्रतिशत से कम के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। किसी दुकान के लिए दो या अधिक बराबर प्रस्ताव प्राप्त होने की स्थिति में सार्वजनिक मैनुअल लॉटरी के माध्यम से व्यवस्था किया जायेगा। ऐसे लाइसेंसधारी को अन्तरिम व्यवस्था की अवधि के लिए गणना के अनुसार प्रतिभूति धनराशि भी जमा करना आवश्यक होगा।

लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा किसी दुकान की ऐसी व्यवस्था दो बार से अधिक की जा सकती है, किन्तु ऐसी स्थिति में आबकारी आयुक्त को सूचित करना अनिवार्य होगा।

(2) इस नियमावली के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंस के निरस्तीकरण या समर्पण की स्थिति में लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा यथाशीघ्र सार्वजनिक विज्ञापन देकर मध्य सत्र में दुकान का नियमित व्यवस्थापन ई-निविदा प्रणाली के माध्यम से किया जायेगा। ई-निविदा प्रणाली के माध्यम से निविदा/आफर आमंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मध्य सत्र में व्यवस्थापित की जाने वाली दुकानों के लिए ई-निविदा प्रक्रिया में एकल निविदा भी स्वीकार की जाएगी।

21. लाइसेंस का निलम्बन, निरस्तीकरण और शास्तियाँ

(1)–लाइसेंस प्राधिकारी, लाइसेंस को निलम्बित या निरस्त कर सकता है:-

(क) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में भांग के अतिरिक्‍त अन्य कोई मादक पदार्थ पाया जाय।

(ख) यदि लाइसेंसधारी द्वारा आवेदन के समय प्रस्तुत शपथ पत्र त्रुटिपूर्ण पाया जाता है और उसमें किया गया कथन असत्य पाया जाता है।

(ग) यदि यह पाया जाता है कि लाइसेंस फर्जी नाम से प्राप्त किया है या लाइसेंसधारी किसी अन्य व्‍यक्ति के नाम में लाइसेंस धारण किये हुये है।

(घ) यदि लाइसेंसधारी प्रतिफल शुल्क की मासिक किस्त या प्रतिभूति धनराशि में कमी की विहित अवधि में जमा करने में विफल रहता है।

(ङ) यदि लाइसेंसधारी अधिनियम में या किसी संज्ञेय और गैर जमानती अपराध में या स्वापक ओषधि एवं मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 या भारतीय दण्ड संहिता की किसी धारा के अधीन अपराध में दोषसिद्ध किया जाता है।

(च) यदि लाइसेंस प्राप्त परिसर में किसी अन्य पदार्थ का अपमिश्रण भांग में करते हुए पाया जाता है, तो विधि के अन्य सुसंगत उपबंधों के अधीन कार्यवाही की जायेगी।

(2) इस नियम के उप नियम (1) में वर्णित स्थिति में लाइसेंस प्राधिकारी तत्काल लाइसेंस को निलम्बित कर देगा और लाइसेंस के निरस्तीकरण और प्रतिभूति के समपहरण के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। लाइसेंसधारी नोटिस की प्राप्ति के 7 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करेगा। तत्पश्चात लाइसेंस प्राधिकारी लाइसेंसधारी को सुने जाने का युक्ति-युक्‍त अवसर प्रदान करने के पश्चात् उपयुक्‍त आदेश पारित करेगा।

(3) लाइसेंस निरस्त किये जाने की दशा में उसके द्वारा जमा की गई लाइसेंस फीस और प्रतिभूति धनराशि सरकार के पक्ष में समपहृत हो जायेगी और लाइसेंसधारी कोई प्रतिकर या वापसी के दावे का हकदार नहीं होगा। ऐसे लाइसेंसधारी को काली सूची में भी डाला जा सकता है तथा उसे अन्य कोई आबकारी लाइसेंस धारण करने से विवर्जित किया जा सकता है।

(4) फुटकर लाइसेंसों पर प्रशमन योग्य उल्लंघन के प्रकरणों में निम्‍नानुसार न्यूनतम प्रशमन शुल्क अधिरोपणीय होगा:

क्र०सं० अनियमितता/

उल्‍लंघन का प्रकार

प्रथम बार

(रू० में )

द्वितीय बार

(रू० में )

तृतीय बार

(रू० में )

1 2 3 4 5
1 निर्धारित समय से पूर्व अथवा पश्चात् दुकान का खुला पाया जाना । 2,500 3,000 5,000
2 अनाधिकृत विक्रेता द्वारा बिक्री करते हुये पाया जाना । 5,000 7,000 10,000
3 स्टाक रजिस्टर माँगने पर न प्रस्तुत करना। 10,000 15,000 20,000
4 स्टाक रजिस्टर अद्यतन न भरा जाना । 10,000 15,000 20,000
5 बिक्री में वृद्धि हेतु ग्राहक को प्रलोभन देना, जुआ अथवा नृत्य का आयोजन करना । 5,000 7,000 10,000
6 ड्यूटी पेड स्टाक को अनधिकृत परिसर / गोदाम में संचित करना । 20,000 25,000 30,000
7 लेखानुसार मात्रा से अधिक ड्यूटी पेड स्टाक का पाया जाना। 25,000 30,000 50,000
8 खुली भांग की बिक्री किया जाना 5,000 10,000 15,000
9 मद्य निषेध, दिवसों / बन्दी के दिनों में भांग की बिक्री किया जाना । 30,000 40,000 50,000
10 बिना अनुमति परिसर में परिवर्तन करना । 20,000 25,000 30,000
11 लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर नियमानुसार साइन बोर्ड में आवश्यक सूचना अंकित न करना अथवा त्रुटिपूर्ण ढंग से अंकित करना । 5,000 10,000 20,000
12 दुकान में सफाई की समुचित व्यवस्था न पाया जाना । 2,000 5,000 10,000
13 अन्य कोई अनियमितता, जो

क्रमांक – 01 से 12 तक पर अंकित न हो ।

2,000 5,000 10,000

 निबन्धन एवं शर्ते

1-नियम-13 के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंसधारी भांग के लागत मूल्य को आर0टी0जी0एस0 द्वारा एवं प्रतिफल फीस अधिमानतः ई- पेमेन्ट के द्वारा जमा करने के पश्चात् भांग का उठान जिला के बंधित भांडागार अथवा प्राधिकृत बंधित भांडागार से करेगा।

2-नियम-14 के उपबन्धों के अनुसार लाइसेंसधारी को प्रतिफल फीस की मासिक किस्त माह की 20वीं तारीख तक जमा करनी होगी।

3- भांग की बिक्री खुले अथवा पिसी गोली के रुप में करेगा। लाइसेंसधारी को किसी भी व्‍यक्ति को 120 ग्राम से ज्यादा भांग की बिक्री की अनुमति नही होगी।

4- परिसर के बाहर उपभोग के लिए भांग की बिक्री की जायेगी।

5- लाइसेंसधारी यथा विहित प्रपत्र और रजिस्टर में नियमित और सही-सही दैनिक लेखा रखेगा और उसे आबकारी पोर्टल पर भी अपलोड करेगा। जब कभी सक्षम निरीक्षण प्राधिकारी द्वारा मांगा जायेगा, तो उक्‍त लेखा रजिस्टर को प्रस्तुत करेगा।

6- भांग की फुटकर बिक्री को छोड़कर, जिसके लिए कि लाइसेंस दिया गया है, लाइसेंसधारी को लाइसेंस प्राप्त परिसर में कोई अन्य व्यवसाय चलाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

7- लाइसेंस प्राप्त परिसर, 14 अप्रैल (अंबेडकर जयन्ती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (गॉधी जयन्ती), 26 जनवरी (गणतन्त्र दिवस) और लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा बंदी हेतु यथा अधिसूचित तीन और दिवसों के अतिरिक्‍त सभी दिवसों में प्रातः 10 से रात्रि 10 बजे तक बिक्री के लिए खुला रहेगा। लाइसेंस प्राधिकारी सुसंगत विधियों के उपबन्धों के अधीन कानून और व्यवस्था या सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित क्रियाकलापों के कारण भी दुकान की बन्दी का आदेश दे सकता है। उपरोक्‍त आधार पर दुकान की बन्‍दी के लिए कोई प्रतिकर नहीं प्रदान किया जायेगा।

8-लाइसेंसधारी भांग के सम्पूर्ण स्टाक का भण्डारण केवल लाइसेंस प्राप्त परिसर में ही करेगा।

9-लाइसेंसधारी दुकान के प्रवेश द्वार पर आबकारी आयुक्‍त द्वारा अनुमोदित किये गये प्रपत्र साइज में एक सहज दृष्य साइनबोर्ड लगाएगा, जिसके ऊपर लाइसेंसधारी का नाम, दुकान की अवस्थिति, लाइसेंस की अवधि, दुकान खुलने व बंद होने का समय और यथा विहित अन्य सूचनाएं भी मोटे अक्षरों में अंकित की जायेंगी। साईन बोर्ड में निम्‍नलिखित सूचना को भी प्रदर्शित करना होगा:-

“दुकान के बाहर आस-पास या सार्वजनिक स्थान पर भांग का सेवन वर्जित है। इस संबंध में कोई भी उल्लंघन दण्डनीय होगा।

भांग का सेवन करके गाड़ी चलाना जानलेवा हो सकता है।

कृपया भांग का सेवन करके गाड़ी न चलायें।”

10- लाइसेंसधारी किसी भी व्‍यक्ति को बिक्रीकर्ता के रूप में नियोजित नहीं करेगा, जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या किसी संक्रामक रोग से ग्रस्त हो या आपराधिक पृष्ठभूमि का हो या महिला हो। लाइसेंसधारी को जिला आबकारी अधिकारी द्वारा सम्‍यक् रूप से जारी बिक्रीकर्ता का फोटोयुक्‍त पहचान पत्र प्राप्त करना होगा और जब निरीक्षणकर्ता प्राधिकारियों द्वारा मांगा जाये तो, उसे प्रस्तुत करना होगा।

11- किसी ऐसे व्‍यक्ति को बिक्री नहीं की जायेगी जो 21 वर्ष से कम आयु का हो या पदधारी जो वर्दी में हो।

12- लाइसेंसधारी परिसर की समुचित देख-रेख और सफाई के लिए उसकी नालियों आदि का कृमिनाशक पदार्थ से साफ किया जाना सम्मिलित है, उत्‍तरदायी होगा।

13- लाइसेंसधारी/ विक्रेता और उसके परिवार के सिवाय परिसर, जिसमें दुकान स्थित है, का प्रयोग आवास के स्थान के रूप में नहीं किया जायेगा।

14- लाइसेंसधारी द्वारा अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए खरीददारों को प्रलोभन देना या आकर्षित करना सर्वथा निषिद्ध है। द्यूत या नृत्य कार्यक्रम कराना भी सर्वथा निषिद्ध है।

15- लाइसेंसधारी लाइसेंस की समाप्ति पर अतिरिक्‍त शेष स्टाक के निस्तारण के लिए जिला आबकारी अधिकारी को रिपोर्ट करेगा, जिसे नियम-17 के अनुसार निस्तारित किया जायेगा।

16- लाइसेंसधारी आबकारी आयुक्‍त या लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी सामान्य या विनिर्दिष्ट अनुदेशों का पालन करेगा।

17- लाइसेंसधारी अपनी दुकान पर मदिरा बिक्री का कार्य करने के लिये बिक्रीकर्ताओं की सूची जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। जिला आबकारी अधिकारी तद्नुसार विहित प्रपत्र में नौकरनामा जारी करेगा।

Bhang Retail Rules

RulesGazette DateEffective fromAmendments Download
Bhang Retail Rules 2025 (4th amendment)18/01/202506/02/2025Rule 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 20View
Bhang Retail Rules 2024 (3rd amendment)31/01/202501/02/2024Rule 8, 12, 20View
Bhang Retail Rules 2022 (2nd amendment)19/09/2022date of publication in the GazetteRule 2, 6, 8, 9, 10, 12, 20 and form H.M.-1View
Bhang Retail Rules 2020 (1st amendment)20/04/2020date of publication in the GazetteRule 2, 6, 8, 12, 20, 21View
Bhang Retail Rules 201929/01/2020date of publication in the GazetteView